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छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography

कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा

DevanagariHindipublished793 पृष्ठ

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समय देखकर शत्रु पर आक्रमण करें और उन दोनों को मुक्त करके राजधानी में ले आयें। " शम्भूमहाराज पूजा के लिए गर्भगृह में प्रवेश करने ही वाले थे कि उनके कानों में आवाज आयी- 'शम्भू ! थोड़ा रुकिए।' महाराज ने गर्दन घुमाकर देखा तो वहाँ शम्भूमहाराज से बड़ी किन्तु बहनों में सबसे छोटी, सबसे प्रिय बहन अम्बिकाबाई कोने में खड़ी थीं। उन्हें वहाँ देखकर राजा को आश्चर्य हुआ। क्योंकि इतने सवेरे अम्बिकाबाई को उठने की कभी आदत ही नहीं थी। शम्भूराजा कुछ पूछें उसमे पहले ही वे बोल पड़ीं - "शम्भू भैया, कर्नाटक की ओर का जिंजी इलाका अपने राज्य की दृष्टि से सोने की खान है।" "बिलकुल दीदी।" "राजा साहब! प्रश्न यह है कि वहाँ की लगान का सारा पैसा अपने खजाने तक पहुँच पाता है कि नहीं?" अम्बिकाबाई ने सीधा उत्तर माँगा। "न पहुँचने जैसा क्या हुआ? रघुनाथपन्त हणमन्ते जैसा खरा व्यक्ति वहाँ का सर्वेसर्वा है। ऐसा श्रेष्ठ, अनुभवी और ईमानदार आदमी तो अब मिलना भी मुश्किल है। दीदी, आपको मालूम है कि रघुनाथपन्त को किसने नियुक्त किया था? हमारे दादाजी शहाजीराजा भोसले ने। तब से यानी पिछले तीस वर्षों से हमाग दक्षिणी इलाका वे ही सँभाल रहे हैं और वह भी बिना किसी शिकायत के। रघुनाथपन्त के इतने गौरव से अम्बिकाबाई लज्जित हो गयीं। फिर भी उनके गौर ललाट पर खिंच आयी शिकन उनके बड़े कुंकुम के टीके के पीछे छिप न सकी। शम्भूराजा ने ही उनसे पूछा, "दीदी, आपको आज हुआ क्या है? आज सवेरे-सवेरे आपने यह विषय छेड़ दिया।" "सच कहूँ संभाजी राजा, आज आप भले ही रायगढ़ के राजा बन गये हों पर हो तो हमारे प्रिय छोटे भाई ही। पिताजी के पीछे छोटे भाई की चिन्ता करना उसका ध्यान रखना बड़ी बहन का कर्तव्य है। आपका जन्म सिद्ध उत्तराधिकार होने पर यहाँ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने गद्दारी की है।" राजा ने हँसते हुए कहा, "दीदी, विद्रोह की वह आग अब बुझ चुकी है।" "देखिए राजा साहब, आपको अच्छा लगे या बुरा, विश्वास हो या न हो; यही रघुनाथपन्त सोयराबाई के साथ गुप्त पत्राचार करते रहे हैं। चाहे तो पूछताछ कर लीजिए। हमें क्या? हमने तो सचेत करने का काम किया है।" "इतनी नागज क्यों हो रही हो, दीदी?" "हमारा रिश्ता खून का है इसीलिए कलेजा जलता है। इसीलिए सचेत कर रही हूँ कि यदि अपने राज्य का सबसे समृद्ध इलाका विरोधी के हाथ में सौंपा गया तो धोखा होगा। शिवाजी महाराज की बेटी होने के नाते से माँ जगदम्बा ने इतनी सम्भाजी १२३