भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

पृष्ठ 271, कुल 504 में से

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दया निर्वैरता का अंग www.dadooram.org अथ दया निर्वैरता का अंग २९ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ॥ 1 ॥ सारमत आपा मेटै हरि भजै, तन मन तजै विकार । निर्वैरी सब जीव सौं, दादू यहु मत सार ॥ 2 ॥ दादू निर्वैरी निज आत्मा, साधन का मत सार । दादू दूजा राम बिन, बैरी मंझ विकार ॥ 3 ॥

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