भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

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बेली का अंग अथ बेली का अंग ३६ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ॥ 1 ॥ दादू अमृत रूपी नाम ले, आत्म तत्त्वहि पोषै । सहजैं सहज समाधि में, धरणी जल शोषै ॥ 2 ॥ पसरै तीनों लोक में, लिप्त नहीं धोखे । सो फल लागै सहज में, सुन्दर सब लोके ॥ 3 ॥ दादू बेली आत्मा, सहज फूल फल होइ । सहज सहज सतगुरु कहै, बूझै बिरला कोइ ॥ 4 ॥

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