भारतकोश
गीतावली (गोस्वामी तुलसीदास - गीताप्रेस सम्पूर्ण ७ काण्ड सान्वय सटीक)

गीतावली (गोस्वामी तुलसीदास - गीताप्रेस सम्पूर्ण ७ काण्ड सान्वय सटीक)

Gitavali of Goswami Tulsidas with Gita Press Commentary

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा

DevanagariHindipublished454 पृष्ठ

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पृष्ठ 129

१२३ बालकाण्ड मनभाता हुआ देख साथकी सहेलियाँ भी गीत गाती तुलसीदासके प्रभुका चित्त चुराकर राजभवनको चली गयीं ॥ ४ ॥ रंगभूमिमें [ ७३ ] रंगभूमि आए दसरथके किसोर हैं। पेखनो सो पेखन चले हैं पुर-नर-नारि, बारे-बूढ़े, अंध-पंगु करत निहोर हैं ॥ १ ॥ नील पीत नीरज कनक मरकत घन दामिनि-बरन तनु, रूपके निचोर हैं। सहज सलोने, राम-लषन ललित नाम, जैसे सुने तैसेई कुंवर सिरमौर हैं ॥ २ ॥ चरन-सरोज, चारु जंघा जानु ऊरु कटि, कंधर बिसाल, बाहु बड़े बरजोर हैं। नीकेकैं निषंग कसे, करकमलनि लसै बान-बिसिखासन मनोहर कठोर हैं ॥ ३ ॥ काननि कनकफूल, उपवीत अनुकूल, पियरे दुकूल बिलसत आछे छोर हैं। राजिव नयन, बिधुबदन, टिपारे सिर, नख-सिख अंगनि ठगौरी ठौर ठौर हैं ॥ ४ ॥ सभा-सरवर लोक-कोकनद-कोकगन प्रमुदित मन देखि दिनमनि भोर हैं। अबुध असैले मन-मैले महिपाल भये, कछुक उलूक कछु कुमुद चकोर हैं ॥ ५ ॥