भारतकोश
गोभिल गृह्यसूत्रम् (सामवेद कौथुम-राणायनीय शाखा - मुकुन्द शर्मा सटीक)

गोभिल गृह्यसूत्रम् (सामवेद कौथुम-राणायनीय शाखा - मुकुन्द शर्मा सटीक)

Gobhila Grihyasutram of Samaveda with Commentary

महर्षि गोभिल (टीकाकार: पण्डित मुकुन्द शर्मा) द्वारा

DevanagariHindipublished332 पृष्ठ

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hyphen! And before that: कर्त्तरि क्तान्तम् or कर्तृ क्तान्तम्? Look at कर्तृ: र् on तृ? No, it's कर्तृ (or कर्त्तरि). Wait, र् तृ न् म् -> कर्तृक्तान्तम्? Wait, is there a ? No. Look at: कर्तृ - wait, does it say कर्तृ? Yes, with र् on and under it: कर्तृ! Wait, and then क्तान्तम्? It is क्तान्तम् without the loop? It looks like कान्तम् with a small or क्तान्तम्. Wait, in line 26: ( १ ) अत्रोपसत्तिर्नाम पादोपसङ्ग्रहणम् । उपसन्न इति कर्तृक्तान्तम् । सीदतेर्गत्य- Line 27: र्थत्वात् "गत्यर्थाकर्मके" ( पा० ३।४।७२ ) त्यादिना क्तः ।

Footnote (२): Line 28: ( २ ) वस्तुतस्त्वध्यापनं वेदस्य पुरःस्वयमधीत्य पश्चादन्तेवासिना सह पठने वदि- Line 29: