हिन्दू पद-पादशाही (मराठा साम्राज्य एवं हिन्दू पुनरुत्थान इतिहास)
Hindu Pad-Padashahi by Veer Savarkar
विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) द्वारा
पृष्ठ 199, कुल 254 में से
संदर्भ में पढ़ेंउत्तरार्ध सिंहावलोकन १. आदर्श महाराष्ट्र प्रभुत्व के अधीन अखिल भारतीय हिंदू साम्राज्य। "स्वामी हिंदुराज्यकार्यधुरंधरः राज्याभिवृद्धिकर्तेः तुम्हा लोकांचे आज्ञेवगनीं पावले. संपूर्ण हिन्दुस्तान निरुपद्रवी राहे तें, संपूर्ण देशदुर्ग हस्तवश्य करून वारणशीस जाऊन, श्रीविश्वेश्वरस्थापना करितात"॥ ॐ — रामचंद्र पंत अमात्य महाराष्ट्र के इतिहास का सिंहावलोकन हम इस उद्देश्य से कर रहे हैं ताकि विस्तृत वर्णनों के झमेलों में से उन मुख्य २ घटनाओं को पृथक करके ऐसे क्रम से रखें जिससे हम पान-हिन्दू आन्दोलन दृष्टि से वर्तमान महाराष्ट्र के इतिहास का उचित मूल्य आंक सकें और उसकी यथार्थ प्रशंसा भी कर सकें। हमारा ऐसा करने का दूसरा उद्देश्य यह है कि हम इसको इस प्रकार से वर्णन करें जिससे यह प्रकट हो कि महाराष्ट्र का इतिहास भी हिन्दू-राष्ट्रीय इतिहास का ही एक अंग है अथवा ॐ सारे भारत के शासक, अपने राज्य को सुव्यवस्थित रूप से चलाने वाले, राज्य की प्रतिदिवस वृद्धि करने वाले महाराज ! आपकी आशीर्वाद से हमने इस कार्य में सफलता प्राप्त करके सारे भारत में शान्ति स्थापित करदी, सारे किलो पर अपना अधिकार कर लिया, और बनारस में विश्वेश्वर जी की स्थापना की है।