ईशादि नौ उपनिषद्

ईशादि नौ उपनिषद्
Ishadi Nau Upanishad
ऋषिगण द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariHindipublished548 पृष्ठ
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( ५३० )
| मन्त्रप्रतीकानि | उ० | अ० | मु० | व० | खं० | प्र० | अनु० | मं० | पृष्ठ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तमशनायापिपासे | ऐत० | १ | ... | ... | २ | ... | ... | ५ | ३०७ |
| तस्मादिन्द्रो नाम | ,, | १ | ... | ... | ३ | ... | ... | १४ | ३१७ |
| तस्यैष एव शारीरः | तैत्ति० | ... | ... | २ | ... | ... | ६ | २ | ३८७ |
| तस्माद्वा एतस्मात् | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | १ | ३ | ३७३ |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | २ | २ | ३७६ |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | ३ | २ | ३७८ |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | ४ | २ | ३८१ |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | ५ | २ | ३८४ |
| तत्प्रतिष्ठेत्युपासीत | ,, | ... | ... | ३ | ... | ... | १० | ३ | ४२५ |
| तमीश्वराणां परमं महेश्वरम् | श्वे० | ६ | ... | ... | ... | ... | ... | ७ | ५०८ |
| तद् वेदगुह्योपनिषत्सु गूढम् | ,, | ५ | ... | ... | ... | ... | ... | ६ | ४९४ |
| तदेवाग्निस्तदादित्यः | ,, | ४ | ... | ... | ... | ... | ... | २ | ४७४ |
| ततो यदुत्तरतरं तदरूपम् | ,, | ३ | ... | ... | ... | ... | ... | १० | ४६६ |
| ततः परं ब्रह्मपरं बृहन्तम् | ,, | ३ | ... | ... | ... | ... | ... | ७ | ४६४ |
| तमेकनेमिं त्रिवृतं षोडशान्तम् | ,, | १ | ... | ... | ... | ... | ... | ४ | ४३५ |
| तत्कर्म कृत्वा विनिवर्त्य भूयः | ,, | ६ | ... | ... | ... | ... | ... | ३ | ५०४ |
| तपःप्रभावाद् देवप्रसादाच्च | ,, | ६ | ... | ... | ... | ... | ... | २१ | ५१९ |
| तां योगमिति मन्यन्ते | कठ० | २ | ... | ३ | ... | ... | ... | ११ | १६५ |
| तान् वरिष्ठः प्राणः | प्रश्न० | ... | ... | ... | ... | २ | ... | ३ | १८७ |
| तान् ह स ऋषिः | ,, | ... | ... | ... | ... | १ | ... | २ | १७३ |
| तान् होवाचैतावत् | ,, | ... | ... | ... | ... | ६ | ... | ७ | २२५ |
| ता एता देवताः सृष्टाः | ऐत० | १ | ... | ... | २ | ... | ... | १ | ३०४ |
| ताभ्यः पुरुषमानयत्ताः | ,, | १ | ... | ... | २ | ... | ... | ३ | ३०५ |
| ताभ्यो गामानयत्ताः | ,, | १ | ... | ... | २ | ... | ... | २ | ३०५ |
| तिस्रो रात्रीर्यदवात्सीः | कठ० | १ | ... | १ | ... | ... | ... | ९ | ८२ |