ईशादि नौ उपनिषद्

ईशादि नौ उपनिषद्
Ishadi Nau Upanishad
ऋषिगण द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariHindipublished548 पृष्ठ
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( ५३१ )
| मन्त्रप्रतीकानि | उ० | अ० | मु० | व० | खं० | प्र० | अनु० | मं० | पृष्ठ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तिस्रो मात्रा मृत्युमत्यः | प्रश्न० | ... | ... | ... | ... | ५ | ... | ६ | २१८ |
| तिलेषु तैलं दधनीव सर्पिः | श्वे० | १ | ... | ... | ... | ... | ... | १५ | ४४६ |
| तेऽग्निमब्रुवञ्जातवेदः | केन० | ... | ... | ... | ३ | ... | ... | ३ | ६० |
| तेजो ह वा उदानः | प्रश्न० | ... | ... | ... | ... | ३ | ... | ९ | २०० |
| ते तमर्चन्तः | ,, | ... | ... | ... | ... | ६ | ... | ८ | २२६ |
| तेषामसौ विरजः | ,, | ... | ... | ... | ... | १ | ... | १६ | १८५ |
| ते ये शतम् | तैत्ति० | ... | ... | २ | ... | ... | ८ | ३ | ३९५ |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | ८ | ४ | ३९६ |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | ८ | ५ | ३९६ |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | ८ | ६ | ३९७ |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | ८ | ७ | ३९८ |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | ८ | ८ | ३९८ |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | ८ | ९ | ३९९ |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | ८ | १० | ३९९ |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | ८ | ११ | ४०० |
| ,, ,, | ,, | ... | ... | २ | ... | ... | ८ | १२ | ४०० |
| ते ध्यानयोगानुगता अपश्यन् | श्वे० | १ | ... | ... | ... | ... | ... | ३ | ४३४ |
| तं दुर्दर्शं गूढम् | कठ० | १ | ... | २ | ... | ... | ... | १२ | १०९ |
| त्वं स्त्री त्वं पुमानसि | श्वे० | ४ | ... | ... | ... | ... | ... | ३ | ४७४ |
| दिव्यो ह्यमूर्तः पुरुषः | मुण्डक० | ... | २ | ... | १ | ... | ... | २ | २४९ |
| दूरमेते विपरीते | कठ० | १ | ... | २ | ... | ... | ... | ४ | १०१ |
| देवैरत्रापि विचिकित्सितम् | ,, | १ | ... | १ | ... | ... | ... | २१ | ९१ |
| ,, ,, | ,, | १ | ... | १ | ... | ... | ... | २२ | ९१ |
| देवानामति वह्नितमः | प्रश्न० | ... | ... | ... | ... | २ | ... | ८ | १९० |
| द्वा सुपर्णा सयुजा | मुण्डक० | ... | ३ | ... | १ | ... | ... | १ | २६५ |