ईशादि नौ उपनिषद्

ईशादि नौ उपनिषद्
Ishadi Nau Upanishad
ऋषिगण द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariHindipublished548 पृष्ठ
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( ५३३ )
| मन्त्रप्रतीकानि | उ० | अ० | मु० | व० | खं० | प्र० | अनु० | मं० | पृष्ठ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नान्तःप्रज्ञम् | माण्डू० | ... | ... | ... | ... | ... | ... | ७ | २९० |
| नित्यो नित्यानाम् | कठ० | २ | ... | २ | ... | ... | ... | १३ | १५५ |
| ,, ,, | श्वे० | ६ | ... | ... | ... | ... | ... | १३ | ५१२ |
| निष्कलं निष्क्रियम् | ,, | ६ | ... | ... | ... | ... | ... | १९ | ५१८ |
| नीलः पतङ्गो हरितः | ,, | ४ | ... | ... | ... | ... | ... | ४ | ४७५ |
| नीहारधूमाकानिलानलानाम् | ,, | २ | ... | ... | ... | ... | ... | ११ | ४५४ |
| नैव वाचा न मनसा | कठ० | २ | ... | ३ | ... | ... | ... | १२ | १६५ |
| नैषा तर्केण मतिः | ,, | १ | ... | २ | ... | ... | ... | ९ | १०६ |
| नैनमूर्ध्वं न तिर्यञ्चम् | श्वे० | ४ | ... | ... | ... | ... | ... | १९ | ४८७ |
| नैव स्त्री न पुमानेष | ,, | ५ | ... | ... | ... | ... | ... | १० | ४९८ |
| पराचः कामाननुयन्ति | कठ० | २ | ... | १ | ... | ... | ... | २ | १३६ |
| पराञ्चि खानि व्यतृणत् | ,, | २ | ... | १ | ... | ... | ... | १ | १३५ |
| पञ्चपादं पितरम् | प्रश्न० | ... | ... | ... | ... | १ | ... | ११ | १८१ |
| परमेवाक्षरम् | ,, | ... | ... | ... | ... | ४ | ... | १० | २१२ |
| परीक्ष्य लोकान् | मुण्डक० | ... | १ | ... | २ | ... | ... | १२ | २४६ |
| पञ्चस्रोतोऽम्बुम् | श्वे० | १ | ... | ... | ... | ... | ... | ५ | ४३७ |
| पायूपस्थेऽपानम् | प्रश्न० | ... | ... | ... | ... | ३ | ... | ५ | १९६ |
| पीतोदका जग्धतृणाः | कठ० | १ | ... | १ | ... | ... | ... | ३ | ७७ |
| पुरमेकादशद्वारम् | ,, | २ | ... | २ | ... | ... | ... | १ | १४६ |
| पुरुष एवेदं विश्वम् | मुण्डक० | ... | २ | ... | १ | ... | ... | १० | २५६ |
| पुरुषे ह वा अयम् | ऐत० | २ | ... | ... | १ | ... | ... | १ | ३१८ |
| पुरुष एवेदं सर्वम् | श्वे० | ३ | ... | ... | ... | ... | ... | १५ | ४६८ |
| पूषन्नेकर्षे यम सूर्य | ईश० | ... | ... | ... | ... | ... | ... | १६ | ४२ |
| पृथिवी च पृथिवीमात्रा | प्रश्न० | ... | ... | ... | ... | ४ | ... | ८ | २०९ |
| पृथिव्यन्तरिक्षम् | तैत्ति० | ... | ... | १ | ... | ... | ७ | १ | ३५४ |