करूँ जगत से न्यार
Karun Jagat Se Nyaar
सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंनोट दिया। मैं बाहर जा रहा था। कहा कि इस पैसे से फल और रोटी खाना । मैं चुप रहा। फिर उसने हामी भराने का प्रयास किया, कहा कि खाओगे न ! मैंने झूठ तो बोलना नहीं था, कहा कि नहीं। पूछा- क्यों? मैंने कहा कि तुम्हारा पैसा हक का नहीं है। वो दुखी हो गया, कहा कि आपने तो आज दिल ही तोड़ दिया। मेरा पैसा तो फौजी से भी मेहनत का है। रात को किसी के घर में घुसकर पैसे निकालना आसान काम नहीं है । कभी पकड़े भी जा सकते हैं; धुनाई होती है। कभी पुलिस से डरकर भागना पड़ता है, कभी छत से छलांग भी लगानी पड़ती है। बड़ा कठिन काम है। पराए घर में जाकर चॉबी ढूँढ़ना, न मिले तो ताला तोड़ना, फिर भागना, यह बड़ा ही कठिन काम है। मैंने कहा कि सुन, आदमी धन कमाता है, बेटी या बेटे की शादी के लिए जोड़ता है। तुम उसे चोरी कर लेते हो । उसका दिल कितना दुखता होगा! कहा कि सही बात है । वो बोला कि मैं आपके बिना रह नहीं पाता हूँ; यदि आप कह रहे हैं तो मैं यह काम छोड़ देता हूँ, पर मुझे कोई और काम नहीं आता है और मेरा खर्चा भी बड़ा है। वो किराए के मकान में रहता था। उसके कपड़े भी धोबी धोता था। फिर उसने लकड़ी फाड़ने का काम शुरू किया। 10-20 रूपये कुण्टल मिल जाते थे । फिर एक दिन कहा कि किराया भी नहीं दे पा रहा हूँ, बच्चों की फीस भी नहीं दे पा रहा हूँ, बड़ा उधार हो गया है, एक दाँव लगाने दो। मैंने कहा कि तू घबरा नहीं। मैंने उसे मकान बनाकर दिया। मैंने कहा कि तू आश्रम में रह जा, मैं तेरी जिम्मेवारी लेता हूँ। तेरी बीबी को राशन बगैरह मैं भिजवा दूँगा। मैंने उसे मकान बनाकर दिया। सारा सामान भिजवाता था, खर्चा भी देता था । मैंने सोचा कि इस बंदे को स्लिप नहीं खाने देना है। कभी-कभी उदास हो जाता था । कभी बाहर जाने को कहता था । मैं नहीं जाने देता था । उसने 5-6 साल आश्रम में सेवा की। आश्रम से एक सूई भी चोरी नहीं होने दी। वो रात को जागता था। चोर रात को ही जागते हैं । उसकी बीबी को कैंसर हो गया। मैंने कहा कि घबरा नहीं । जहाँ-जहाँ ज़रूरत हुई, उसे संभालता आया । उसका शरीर छूट गया तो मैंने उसके बेटे को पढ़ाया। बी. एस. सी. करवाई । उसे मोटरसाइकिल भी लेकर दी । कभी वो कहता है कि अब मुझे आजाद करो, कमाने का मौका दो। मैं कहता हूँ कि तेरे बाप की इच्छा थी कि तू पढ़े। तू घबरा नहीं, यदि फैक्टरी लगवाकर देनी पड़ी तो वो भी लगवा दूँगा ।