लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित)
Laghu Siddhanta Kaumudi of Varadaraja with Hindi Commentary
आचार्य वरदराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१६० भैमीव्याख्योपेतायां लघुसिद्धान्तकौमुद्याम्
शब्द = अर्थ स्वच्छन्द = स्वतन्त्र [ अथ व्यावसायिक-शब्दा ] अधमर्ण = ऋणी अयस्कार* = लोहार आपणिक = दुकानदार उत्तमर्ण = ऋणदाता कान्दविक = हलवाई कुम्भकार* = कुम्हार कुविन्द = जुलाहा चर्मकार* = चमार तन्तुवाय = जुलाहा निर्णेजक = धोबी पटकार* = जुलाहा पश्यतोहर* = सुनार मालाकार* = माली रजक = रङ्गरेज रथकार* = बढ़ई सुवर्णकार* = सुनार सूचीकार* = दरजी [ अथ विविध-शब्दा. ] अनुग्रह* = कृपा अपराध = कसूर अब्द = वर्ष अभ्युदय = उन्नति अरघट्ट = रेंहट अर्क* = सूर्य अर्घ* = मूल्य अर्णव = समुद्र असुर* = दैत्य आकर* = खान आखण्डल = इन्द्र आतप = धूप आपण = बाज़ार आभीर* = अहीर
शब्द = अर्थ आय = आमदनी आलय = घर आविष्कार* = ईजाद आश्विन = असोज मास आषाढ = आषाढ मास आसार* = जोर की वर्षा उदन्त = खबर उद्भव = उत्पत्ति उपद्रव* = उपद्रव उपयोग = इस्तेमाल उपाय = तरीका एक = अकेला कन्दर* = गुफा कपर्द = शिव-जटा खलङ्क = धूप कवल = ग्रास कारावास = जेलखाना कार्तिक = कार्तिक कुप्रबन्ध = दुर्व्यवस्था कुबेर* = कुबेर कूप = कूंआ कोलाहल = शोरगुल कोष* = खज़ाना क्रम* = सिलसिला क्षय* = नाश खेद = दुःख गर्व* = अभिमान चन्द्र* = चान्द चैत्र* = चैत मास जय = जीत ज्येष्ठ = जेठ मास तड़ाग = तालाब तार्क्ष्य* = गरुड त्रास = भय
शब्द = अर्थ त्रिदिव = स्वर्ग दाव = वनाग्नि नाक = स्वर्ग नाद = शब्द नाश = नाश निकष* = कसौटी निर्झर* = झरना न्याय = इन्साफ पङ्क = कीचड़ पाखण्ड = ढकोसला पावक = अग्नि पाषाण = पत्थर पौष* = पौष मास प्रणय = प्रेम प्रत्यूष* = प्रातः काल प्रदीप* = मशाल प्रहर* = पहर फाल्गुन = फागुन मास भाद्रपद = भादो मास भूधर* = पर्वत मध्याह्न = दोपहर मयूख = किरण माघ = माघ मास मारुत = वायु मार्गशीर्ष* = अगहन मास मित्र* = सूर्य मुकुर* = दर्पण मृदङ्ग = तबला याम = पहर रय* = वेग रुद्र* = शिव वध = हत्या वसन्त = बसन्त ऋतु विद्यालय = स्कूल