भारतकोश
लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित)

लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित)

Laghu Siddhanta Kaumudi of Varadaraja with Hindi Commentary

आचार्य वरदराज द्वारा

DevanagariHindipublished633 पृष्ठ

पृष्ठ 205, कुल 633 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 205

१६० भैमीव्याख्योपेतायां लघुसिद्धान्तकौमुद्याम्

शब्द = अर्थ स्वच्छन्द = स्वतन्त्र [ अथ व्यावसायिक-शब्दा ] अधमर्ण = ऋणी अयस्कार* = लोहार आपणिक = दुकानदार उत्तमर्ण = ऋणदाता कान्दविक = हलवाई कुम्भकार* = कुम्हार कुविन्द = जुलाहा चर्मकार* = चमार तन्तुवाय = जुलाहा निर्णेजक = धोबी पटकार* = जुलाहा पश्यतोहर* = सुनार मालाकार* = माली रजक = रङ्गरेज रथकार* = बढ़ई सुवर्णकार* = सुनार सूचीकार* = दरजी [ अथ विविध-शब्दा. ] अनुग्रह* = कृपा अपराध = कसूर अब्द = वर्ष अभ्युदय = उन्नति अरघट्ट = रेंहट अर्क* = सूर्य अर्घ* = मूल्य अर्णव = समुद्र असुर* = दैत्य आकर* = खान आखण्डल = इन्द्र आतप = धूप आपण = बाज़ार आभीर* = अहीर

शब्द = अर्थ आय = आमदनी आलय = घर आविष्कार* = ईजाद आश्विन = असोज मास आषाढ = आषाढ मास आसार* = जोर की वर्षा उदन्त = खबर उद्भव = उत्पत्ति उपद्रव* = उपद्रव उपयोग = इस्तेमाल उपाय = तरीका एक = अकेला कन्दर* = गुफा कपर्द = शिव-जटा खलङ्क = धूप कवल = ग्रास कारावास = जेलखाना कार्तिक = कार्तिक कुप्रबन्ध = दुर्व्यवस्था कुबेर* = कुबेर कूप = कूंआ कोलाहल = शोरगुल कोष* = खज़ाना क्रम* = सिलसिला क्षय* = नाश खेद = दुःख गर्व* = अभिमान चन्द्र* = चान्द चैत्र* = चैत मास जय = जीत ज्येष्ठ = जेठ मास तड़ाग = तालाब तार्क्ष्य* = गरुड त्रास = भय

शब्द = अर्थ त्रिदिव = स्वर्ग दाव = वनाग्नि नाक = स्वर्ग नाद = शब्द नाश = नाश निकष* = कसौटी निर्झर* = झरना न्याय = इन्साफ पङ्क = कीचड़ पाखण्ड = ढकोसला पावक = अग्नि पाषाण = पत्थर पौष* = पौष मास प्रणय = प्रेम प्रत्यूष* = प्रातः काल प्रदीप* = मशाल प्रहर* = पहर फाल्गुन = फागुन मास भाद्रपद = भादो मास भूधर* = पर्वत मध्याह्न = दोपहर मयूख = किरण माघ = माघ मास मारुत = वायु मार्गशीर्ष* = अगहन मास मित्र* = सूर्य मुकुर* = दर्पण मृदङ्ग = तबला याम = पहर रय* = वेग रुद्र* = शिव वध = हत्या वसन्त = बसन्त ऋतु विद्यालय = स्कूल