भारतकोश
लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित)

लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित)

Laghu Siddhanta Kaumudi of Varadaraja with Hindi Commentary

आचार्य वरदराज द्वारा

DevanagariHindipublished633 पृष्ठ

पृष्ठ 342, कुल 633 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 342

अजन्त-नपुंसकलिङ्ग-प्रकरणम् ३२७ शब्द—अर्थ | शब्द—अर्थ | शब्द—अर्थ चरण = पैर (पुं० भी) | नेत्र* = आंख | रामठ = हीङ्ग चरित = चालचलन | नैपुण्य = निपुणता | रूप्य* = चान्दी चाञ्चल्य = चञ्चलता | पङ्कज = कमल | लक्षण = भेददर्शक चातुर्य* = निपुणता | पत्र* = पत्ता | ललाट = माथा चामीकर* = सुवर्ण | पाण्डित्य = विद्वत्ता | ललाम = प्रधान, सुन्दर चिबुक = ठोड़्डी | पानीय = पानी | लवङ्ग = लौंग चिह्न = निशान | पार्थक्य = जुदाई | लवण = नमक चौर्य* = चोरी | पुष्प* = फूल | लवित्र* = दरांती जठर* = पेट | पैशुन्य = चुगलखोरी | लशुन = लहसुन जल = पानी | फल = फल | लाङ्गल = हल जाड्य = मूर्खता | बाल्य = लड़कपन | लाङ्गूल = पूंछ जातिफल = जयफल | बीज = कारण | लाघव = हलकापन जाम्बूनद = सोना | भक्त = भात, सेवक | लालन = लाड करना टङ्कण = सुहागा | भय = डर | लालित्य = सौन्दर्य तत्त्व = यथार्थ रूप | भाल = मस्तक | लेख्य = दस्तावेज़ तथ्य = सत्य | भुवन = लोक | वक्त्र* = मुख तन्त्र* = शास्त्र | भोजन = खुराक | वङ्ग = रांगा, कली ताम्बूल = पान | मन्दिर* = घर | वचन = कथन तारुण्य = जवानी | मार्दव = कोमलता | वज्र* = इन्द्र का अस्त्र तिमिर* = अन्धकार | मित्र* = मित्र | वन = जंगल तुत्थ = नीला थोथा | मुख = मुंह | वसन = वस्त्र तृण = तिनका | मूल्य = दाम, कीमत | वाक्य = वाक्य तैल = तेल | मौन = चुप्पी | वाङ्मय = शास्त्र तोक = सन्तान | यन्त्र* = कल वा औज़ार | वाद्य = बाजा तोय = पानी | यवस = घास, तृण | वार्त्त = तन्दुरुस्ती दाक्षिण्य = चतुरता | युद्ध = लड़ाई | वार्धक्य = बुढ़ापा दास्य = दासता | योजन = चार कोस | वासर* = दिन (पुं० भी) दुर्भिक्ष* = अकाल | यौतक = दहेज | वाहन = सवारी दुःख = दुःख | यौतुक = दहेज | वितुन्नक = धनियां देवमन्दिर* = देवालय | यौवत = युवति-समूह | विवर* = छिद्र, बिल दैव = भाग्य | यौवन = जवानी | विश्वभेषज = सोंठ द्वार* = दरवाज़ा | रजत = चान्दी | विष* = जहर धन = धन | रत्न = मणि | वीर्य* = बल, पराक्रम नयन = आंख | रहस्य = गोप्य | वृत्त = चरित्र नवनीत = माखन | राज्य = राज

लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित) · पृष्ठ 342, कुल 633 में से · BharatKosha