भारतकोश
रामायण मीमांसा (स्वामी करपात्री जी महाराज - रामायण दार्शनिक महाग्रन्थ एवं सम्पूर्ण चरित्र-मीमांसा)

रामायण मीमांसा (स्वामी करपात्री जी महाराज - रामायण दार्शनिक महाग्रन्थ एवं सम्पूर्ण चरित्र-मीमांसा)

Ramayana Mimamsa of Swami Karpatri Maharaj

धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा

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. In 'ल', there is the loop and the right vertical bar. In (२) "नील...", after the right vertical bar of 'ल', there is 'र': "नीलरक्तायै". Wait, no, the ten kalas of Agni in Tantra are:

  1. Dhūmrārcis (धूम्रार्चिः / धूम्रार्च्यै)
  2. Ūṣmā (ऊष्मा) or Nilā / Raktā? Usually: धूम्रार्चिः, ऊष्मा, ज्वलिनी, ज्वालिनी, विस्फुलिङ्गिनी, सुश्रीः, सुरूपा, कपिला, हव्यवाहा, कव्यवाहा. Or: धूम्रा, ऊष्मा, ज्वलिनी, ज्वालिनी, विस्फुलिङ्गिनी, सुश्री, सुरूपा, कपिला, हव्यवाहिनी, कव्यवाहिनी. Wait, what are they here? Here they are: (१) धूम्रार्च्यै (२) नीलरक्तायै / नीलारक्तायै (wait, look at (२): ॐ रं नीलारक्तायै or नीलरक्तायै) (३) कपिलायै (४) विस्फुलिङ्गिन्यै (५) ज्वालायै (६) निष्पत्तिकार्यै (७) हव्यवाहिन्यै (८) कव्यवाहिन्यै (९) रोद्र्यै (