रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)
Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary
सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें· ७४ रसतुरङ्गिणी साथ पूर्वकालीन पारद व्यापार की बहुलता तथा कुशलता भी प्रकट होती है। विष, वह्नि तथा मलदोषों को नैसर्गिक माना जाता है। खान से निकलते समय पारद में नाग, वंग धातुओं के योग के अतिरिक्त अन्य धातु (सुरमा आदि) की अशुद्धि पायी जाती है। जिससे पारद में उस धातु के विषैले प्रभाव उपस्थित होते हैं जिनसे मूर्च्छा उपद्रव होता है। इस विषय को फार्माकालोजी थेरापुडिक्स एण्ड मेटेरियामेडिका में इस प्रकार लिखा है (Other metals especially lead arsenic and antimony may be present)। अतः पारद में अन्य धातुओं के कारण मलिनता (मलदोष) या अशुद्धि संभव होती है और स्वाभाविक रूप से पायी जाती है। वह्निदोष (दाहकता) तात्का- लिक पारद-विष-प्रभाव को देखने से यह बात स्पष्ट हो जाती है कि पारद के यौगिक रसकर्पूर, दालचिकना, मुग्धरा, ग्रेपाऊडर कोष्ठ में जाकर भयंकर प्रभाव करते हैं जिससे शरीर में पित्त (अग्नि) का प्रकोप होकर वमन, विरे- चन, शूल, रक्तातिसार, मूर्च्छा आदि उपद्रव उत्पन्न होकर अन्त में मृत्यु तक हो जाती है। अतः यह भी पारदीय स्वाभाविक दोष है। घोष की मेटेरिया मेडिका में भी इसी बात को पुष्ट किया है “Acute Toxication acute poisoning is not common mercurial, especially the mercuris salts produce severe gestro enterites with vomiting pains purging and bloody stool of collapes and even death।” विषदोष पारद खान से निकलते समय खान की अनेक विषैली और उड़नशील संखिया आदि खनिजों को अपने में मिला देता है। इससे युक्त पारद पातन-क्रिया करने पर भी शीघ्र शुद्ध नहीं होता है। अतः यह विष- दोष भी पारद का एक मुख्यतया महादोष है। इस दोष के कारण ही पारद यौगिक मृत्यु के कारण बनते हैं। चाञ्चल्यदोष-चपलता द्रवता इसके पर्यायवाचक शब्द हैं। चापल्यदोष के सम्बन्ध में नवीन विचार है कि वह दोष पारद में चपलधातु (जिसे कोई- कोई विस्मिथ कहते हैं) के मिलाने से उत्पन्न होता है। व्यापार के लिए अन्य धातुओं की भाँति कभी-कभी पारद में उसके द्रवणांक ( melting point ) को न्यून करने के लिए चपल मिलाया जाता है। जिससे पारद शीघ्र ही अत्यन्त मंद अग्नि पर पिघल जाता है। चपल धातुमिश्रित पारद प्रायः स्टीरियो टाइपिंग (Stereo Typing) के व्यापार में लगाया जाता है। इस व्यापार