भारतकोश
रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary

सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा

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२४ पञ्चदशस्तरङ्गः ३६६ कारक होने से यहाँ पर लिखा गया है । इसकी निर्माणविधि निम्नप्रकार से दी गयी है । सुवर्णलवणस्य निर्माणप्रकारः विशोधितं पावकभागमानं स्वर्णं तु सत्काचशरावसंस्थम् । सुराप्रदीपे विनिधाय चाथ मन्दानलेनेह पचेद्रसज्ञः ॥ ३५ ॥ शनैः शनैः संततमल्पमल्पं तुर्यांशसोराम्लकमिश्रितन्तु । क्षिपेद्विशुद्धं लवणाम्लमाराद्यावत्सुवर्णं द्रवतामुपैति ॥ ३६ ॥ द्रुतं सुवर्णन्तु विलोक्य शुद्धं दिग्भागिकं सिन्धुभवं क्षिपेच्च । नारङ्गरङ्गन्तु जले विशुष्के सुवर्णपूर्वं लवणं हरेद्वै ॥ ३७ ॥ ततः सुवर्णलवणं काचकुप्यां निधापयेत् । अथ निर्दिष्टकार्येषु जले सन्द्राव्य योजयेत् ॥ ३८ ॥ अथ नवीनपरिभाषानिर्दिष्टस्यसुवर्ण लवणस्य निर्माणप्रकारः—विशोधित- मिति तृतीयशोधनप्रकारेण । पावकोऽग्निः 'त्रयोऽग्नय' इति स्मरणात् । पावक- भागमानं त्रिभागम्, तुर्यांशं चतुर्थांशं लवणाम्लापेक्षया, दिशो दश, ततश्च दशभागिकं लवणं सैन्धवाख्यम्, तच्च अत्यन्तनिर्मलं ग्राह्यम्, नारङ्गरङ्गं रक्त- पीतवर्णम् । जले द्रावणप्रकारोऽनुपदमेवोक्तः ॥ ३५–३८ ॥ भा.टी.—शुद्धस्वर्ण चूर्ण तीन भाग मात्रा में लेकर एक अच्छे दृढ़ कांच के प्याले में रखें और कांच के पात्र को त्रिपादिका पर रखकर उसके नीचे सुराप्रदीप की मन्द-मन्द अग्नि दें और पात्र में लवणद्राव में चतुर्थांश भाग सोरकद्राव ( Nitric acid ) मिश्रित करके थोड़ा-थोड़ा करके डालते जाँय । इस तरह सोरकद्राव डालने से पात्रगत स्वर्ण शीघ्र ही इसमें घुल जाता है । जब स्वर्ण अच्छी तरह सोरकद्राव में घुल जाय तो इसमें दस भाग सैंधानमक का चूर्ण डाल दें और जलीयांश सूखने तक पकायें तो नारंगी के वर्ण (लाल- पीला) का स्वर्ण लवण ( Goldchloride ) प्राप्त होगा । इस प्रकार प्राप्त स्वर्ण लवण को पात्र में से निकाल एक कांच की शीशी में रख लें और आव- श्यकतानुसार जल में मिला कर काम में लावें ॥ ३५–३८ ॥ • वक्तव्य—यह स्वर्ण लवण आजकल ऐलोपैथी-चिकित्सा में बहुत ही उपयोगी माना जाता है । इसी के द्वारा आजकल अनेक सूचीवेध ( Injection ) तय्यार किये गये हैं । आयुर्वेद में भी यह सारस्वतारिष्ट अदि योगों में मिलाने में बहुत सुविधाजनक है । अन्य किसी भी द्रव रूप औषधि में यदि स्वर्ण देना

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