भारतकोश
रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary

सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा

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५६ रसतरङ्गिणी दर्विकायन्त्रम् चषकं दर्विकाकल्पं दीर्घहस्तकसंयुतम् । दर्विकायन्त्रमेतद्धि गन्धशोधनसाधकम् ॥ ३६ ॥ भा.टी.—एक ऐसा प्याला, जिसका आकार करछी की तरह हो बनायें। इसमें करछी की तरह ही एक या डेढ़ हाथ लम्बा बेंत लगा दें। इसे दर्विका- यन्त्र कहते हैं। इसके द्वारा गंधक, रांगा, सीसा आदि का शोधन किया जाता है ॥ ३६ ॥ वक्तव्य—यह यन्त्र एक प्रकार की करछी ही समझना चाहिए। करछी की बेंत छोटी और धातु की होती है जिससे वह शीघ्र ही गरम हो जाती है। अतः लकड़ी का बेंत लगा दिया जाय तो बड़ी सुविधा रहती है। पालिकायन्त्रम् एतदेव हि यन्त्रन्तु नतहस्तकसंयुतम् । पालिकायन्त्रमुद्दिष्टं रसन्त्रविचक्षणैः ॥ ४० ॥ पालिकायन्त्रम्—तैलपात्रात्तैलोद्धारार्थमधुनापि प्रयुज्यमानं “पैला” इति भाषायाम्, तत्प्रयोगश्च रसेंद्रसारसंग्रहे कपर्दभस्मनिर्माणाय ॥ ४० ॥ पालिकायन्त्र