ऋभु गीता (शिव रहस्य - निदिध्यासन व अद्वैत बोध)

ऋभु गीता (शिव रहस्य - निदिध्यासन व अद्वैत बोध)
Ribhu Gita of Shiva Rahasya Hindi
महर्षि ऋभु / महर्षि निदाघ द्वारा
स्रोत: Ribhu Gita Sanskrit Shlokas with Commentary (उद्गम)
DevanagariHindipublished249 पृष्ठ
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दृग्दृश्यभूतयोरत्र जीवात्मप्रत्यगात्मनोः ।
विवेकेन परं सौख्यं निदाघ व्रज संततं ॥ ३.९० ॥
॥ इति श्री गुरुज्ञानवासिष्ठे तत्त्वनारायणे ज्ञानकांडस्य प्रथमपादे पंचमोऽध्यायः
एवं श्री ऋभुगीता तृतीयोऽध्यायः समाप्तः ॥