भारतकोश
ऋभु गीता (शिव रहस्य - निदिध्यासन व अद्वैत बोध)

ऋभु गीता (शिव रहस्य - निदिध्यासन व अद्वैत बोध)

Ribhu Gita of Shiva Rahasya Hindi

महर्षि ऋभु / महर्षि निदाघ द्वारा

स्रोत: Ribhu Gita Sanskrit Shlokas with Commentary (उद्गम)

DevanagariHindipublished249 पृष्ठ

पृष्ठ 242, कुल 249 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 242

दृग्दृश्यभूतयोरत्र जीवात्मप्रत्यगात्मनोः ।
विवेकेन परं सौख्यं निदाघ व्रज संततं ॥ ३.९० ॥

॥ इति श्री गुरुज्ञानवासिष्ठे तत्त्वनारायणे ज्ञानकांडस्य प्रथमपादे पंचमोऽध्यायः
एवं श्री ऋभुगीता तृतीयोऽध्यायः समाप्तः ॥

ऋभु गीता (शिव रहस्य - निदिध्यासन व अद्वैत बोध) · पृष्ठ 242, कुल 249 में से · BharatKosha