सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 159, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ेंगोचर विचार : १५१
२०-२७ पेर नाश ` २१-२३ सिर आनन्द
२४-२५ नेत्र कुशल
२६-२७ पीठ मरणभय
विचार--जिस नक्षत्र पर जन्म का चन्द्र हो उससे गोचर के ग्रह के नक्षत्र तक गिनना जो संख्या आवे उसका फल यहाँ दिया है जैसे जन्म नक्षत्र के चन्र से सूर्य का नक्षत्र गोचर में पाँचवां है तो वह सिर में प्रभाव करेगा जिसका फल उन्नति है । इस प्रकार किसी समय गोचर ग्रह की स्थिति पर से विचार हो सकता है । यदि उस समय
अष्टक वर्ग की गणना से इसमें अधिक शुभ रेखा है तो शुभता का प्रभाव अधिक
बढ़ेगा । इस प्रकार से गोचर का दैनिक फल भी निकाल सकते हैं। गोचर फल पर विचार
जन्म लग्न, आधान लग्न फल एवं चंद्र राशि फल में बहुत कुछ समता दिखती है
इससे राशि कुंडली से ही गोचर फल का विचार बताया है । जन्म राशि ( जन्म चंद्र
की राशि ) को प्रथम स्थान मान कर शेष १२ स्थान को १२ भाव]मानकर फल विचा-
रना पड़ता है ।
चन्द्र प्रति २। दिन में बदलता रहता है । शीघ्रगामी है उसे छोड़कर शेष ग्रहों को
वर्तमान कोई अच्छे पंचाङ्ग से देखकर गोचर की कई कुंडलियाँ बना लेनी चाहिये ।
चंद्र छोड़ कर जब-जब कोई ग्रह बदलता है उस समय की एक-एक कुंडली प्रत्येक समय
की वना लेनी चाहिये । जेसे जब सूये बदला उसकी एक कुंडली बना लो आगे कोई
एक भी ग्रह वदले उसी समय की एक नवीन कुंडली वना लो । इस प्रकार वर्ष भर की
गोचर कुंडलियाँ बन जायगी उन कुंडलियों में समय भी लिख लो । फिर जन्म राशि से
प्रत्येक ग्रहों का फल आगे दिये हुए फल के अनुसार विचार लो ।
इसमें विशेष वात यह भी देखनी पड़ेगी कि जन्म काल के ग्रह से कौन से प्रकार
का दृष्टि योग आदि होता है। जन्म कुंडली के स्थान से अब विशेष ग्रह कोन से स्थान
में भ्रमण कर रहा है । जन्म कुंडली की ग्रह स्थिति से वर्तमान गोचर कुंडली का
लम कर देखना होगा कि जन्म का ग्रह अब गोचर में अच्छी या बुरी केसी स्थिति . में है।
जो ग्रह जन्म पत्नी में उत्तम स्थान में पड़ा हो वह गोचर में शुभ स्थान में आते ही
शुभ फल देगा । जो ग्रह जन्म में विगड़ा हो वह यदि गोचर में अच्छा भी होगा तो
भी शुभ फल नहीं देगा ।
जन्मराशि से गोचर फल विचारते समय इस वात का ध्यान रहे कि चन्द्र उस
राशि में कितने अंश कला विकला से जन्म में है। गोचर फल विचारते समय इस
प्रकार जन्म चन्द्र के अंश से इतर ग्रहों के अंश आदि के विचार से वह ग्रह किस भाव
में है और कौन-कौन ग्रहों की योग दृष्टि उस पर है पूरी परिस्थिति पर विचार कर
फल का निर्णय: करना पड़ेगा ।
जिस समय यह जानने की इच्छा हो कि किसी राशिवाले को अमुक समय अच्छा