सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 81, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ेंषड्वंगं विचार : ७३
(३) चन्द्र होरा में सम राशि में शुभ ग्रह-मृदु स्वभाव, कीतिमान्, सुखी, सब का
च्यारा, वुद्धिमान्, मधुर वाणी, सौभाग्य युक्त ।
चन्द्र होरा सम राशि में पापग्रह-पुर्वोक्त महा उद्यम बल धन तेज से हीन ।
(४) चन्द्रहोरा विषम राशि में पाप ग्रह-पूर्वोक्त शुभ फल मध्यम ।
इनमें बहुत ग्रह होने से बहुत फल ।
इनमें थोड़ा ग्रह होने से थोड़ा फल ।
(५) चन्द्र होरा में चन्द्र -अति सुन्दर और प्रिय पुत्र हो ।
चन्द्र होरा में बुध-स्वंत्र विख्यात, स्त्री पतिव्रता, शुभाचार युक्त ।
चन्द्र होरा में गुरु-धन रहित, तेजस्वी, अनिदनीय ।
चन्द्र होरा में शुक्र-भोगने योग्य स्त्री मिले ।
चन्द्र होरा में क्षीण चन्द्र-शुक्र के समान फल ।
चन्द्र होरा में मंगल-मृतस्त्री ओर नराधम हो ।
चन्द्र होरा में सूयं-अति दुःखी, गुह्य स्थान की पीड़ा से पीड़ित ।
चन्द्र होरा में शनि-दासी का पति हो ( दासी से विवाह करे ) ।
(६) चन्द्र होरा में शुभ ग्रह हो तो-शुभ फल होता है, स्त्रियों का सनेही, स्त्रियों
को प्रसन्न रखने वाला ।
चन्द्र होरा में पाप ग्रह हो तो-शुभ फल नहीं होता ।
(७) चन्द्र होरा में विषम राशि-वाग्मी ,दाता, चारु शरीर, दयालु, लम्पट, स्त्री
अकृति वाला ।
चन्द्र होरा में सम राशि-बोलने में दक्ष, आलसी, सती स्त्री में रत ।
र द्रेष्काण फल विचारना
द्रेष्काण के विशेष नाम
१-आय॒ध द्रेष्काण-मेष का पहला, तीसरा । मिथुन का दूसरा तीसरा । सिंह का
पहिला दूसरा और तीसरा, धन का तीसरा, कुम्भ के तीनों । मीन का पहिला और
दूसरा द्रेष्काण ।
२-सपं द्रेष्काण-वृष का दूसरा । ककं का दूसरा और तीसरा, वृश्चिक का पहिला
और दूसरा, मोन का तीसरा द्रेष्काण ।
३-निगड़ ( वेड़ी ) द्रेष्काण-मकर का पहिला द्रेष्काण ।
४-पक्षी द्रेष्काण-मिथन का दसरा, सिंह का पहिला, कन्या के तीनों, तुला का
पहिला दूसरा, धन का पहिला, मकर का पहिला । ७
इनमें सिद्ध द्रेष्काण--सिह का पहिला, तुला का दूसरा, कुंभ का पहिला । प
४--चतुष्पद द्रेष्काण--मेष का पहिला दूसरा, वृष के तीनों, मिथुन का पहिला
ककं का पहिला, सिंह का पहिका ओर तीसय, तुला का तीसरा, वृश्चिक का तीसरा,
मकर के तीनों द्रेष्काण 1