सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 352, कुल 418 में से
संदर्भ में पढ़ें३३६ : ज्योतिष-शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
झोषो, वाचाल, अघर्मी, पर निद, वीर, पिता का वैरी, विशेष उम्भी, आलस्थ
में छीन, अभिमानी (जा० पारि०) 1
बालपने में पिता को कष्ट, भाग्यहीन, घमं भ्रष्ट तथा म्लेच्छ से भाग्य वृद्धि
(जा० सं०) ।
१०-इशम भाव सें ग्रहों का फल
१-दशम में सूर्यं का फल
गुण युक्त, सुखी, अभिमानी, कोमळ चीजों में रुचि रखने वाला, नृत्य गीत में प्रेम,
अत्यन्त पूज्य, राजा होता है । इसके अतिरिक्त काल में रोग भोगने वाला होता है (मान०) ।
पुत्र, बाहन, स्तुति, ज्ञान, घन, बल, कोति प्राप्त, राजा हो (फल०) ।
घनाढ्य नामवर । नोच का सूर्य हो तो पिता से सुख न मिले (खान०) ।
श्रेष्ठ बुद्धि, श्रेष्ठ वाहन, निश्चय घन युक्त, राज कृपा, पुत्र और सोख्य युक्त,
साधु का उपकार कर्ता, मणियुक्त आमूषण वाला (जा० wo) ।
बन्धुहीन, कुकर्मी, शील रहित, चंचल स्त्री वाला, तेजहीन और खजाना रहित हो
(ल० चं०) । सुखी और घनवान् (qo जा०) ।
पिता का घन और झोल प्राप्त, विद्या, यश युक्त, राजा के समान (जा० पारि०) ।
१९ वर्ष में वियोग करता ë (हिल्लाज) ।
शूर वीर, वाहन, बुद्धि बल घन पुत्र इनसे युक्त, असह्य, प्रगल्म और कार्य का
सिद्ध करने वाला, पिता से घन प्राप्त (जा० सं०) ।
२-दशम में चंद्र का फल
धन सम्पन्न, पुत्र, स्त्री युक्त । शत्रु क्षेत्री या पाप गृही हो--छास रोग, दुव॑ंलांग,
घनो, माता तथा कर्म से हीन (मान०) ।
सत कमं करे, सत गुणी, लोगों का प्रिय (फल) ।
पिता तथा कुटुम्ब का सेवक, घनी, विद्वान्, द्यांत प्रकृति (खान०) ।
राजा से धन प्राप्त करे, यशस्वी, सुंदर रूप, ओर बल, संतोषी, बडी लक्ष्मी गोर शीळवती स्त्रो वाळा (जा० wo) ।
बहुत भाग्य युक्त, बड़ा धनी, मनस्वी, मनोहर, राजाओं में पूज्य (ल० चं०) । समस्त कायं की इतकायंता पावे, धमं, घन, बुद्धि, बल इनसे युक्त (qo जा०) 1
घन धान्य, वस्त्र, मूषण से युक्त, स्त्रियों का विलासी, कळा जानने वाला
(जा० पारि०) 1 ४३ वर्ष में घन देता है (हिल्लाज) ।
„ सुघमं स्थित और दास भाव करता है। सिद्धि आरंभ वाला, पवित्र और कर्म में तत्पर, शूर वीर, घनाढय, धर्मवान्, विवाद कर्ता, माता से घन प्राप्त (जा० सं०)। ३-दशम में मंगल का फल
इंद्रियों का दमन कर्ता, खजाने से रहित, अपने कुळ की जय करने वाला, स्त्री