भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished280 पृष्ठ

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१४८ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, चतुर्थ वर्ष फल खण्ड

(३) तृतीय मास प्रवेश का

(इष्ट-पंदित) अंतर-०“-६”-२-७७८१५१२ समीप का कुछ बड़ा अंक

गति=५७-३६=०-०१७७२८८ २.७७८१५१२=२ घ० ६ प०

शेष=२-७६०४२२४

(३) चतुथं मास प्रवेश का

(इष्ट सूर्य-पंक्ति) अंतर २७-१४-०-३३३ ५८१३ शेप के समीप का कुछ बड़ा बंक

गति ५७-३ =०-०२१८९५६ ०:३२१७३४२=२८घ. ३६१.

शेष =०-३२१६८५८

(४) पंचम मास प्रवेश का ८

. (सूर्य इष्ट-पंवित)- ६-९-०"९८९२७६१ शेष के समीप का कुछ बड़ा अंक

गति-५७-५८-०"०२१६४१९ ०"९६८५९१५-६घ० २७१०

| दोष-०'९६७६३४२

(५) षष्ठ मास प्रवेश का - र

(इष्ट सूर्य-पंकिति)=२९-२६=०३०९३११८ शेष के समीप का कुछ बड़ा अंक

. गति=५७-४४०:०१६७२४६ ०.२९२६६६४-३०घ० २३प०

४; शेष=०"२९२५८७२

(६) सप्तम मास प्रवेश का. : * -

(इष्ट सूर्य-पंक्ति)-२५-२३-०"३७०७६०३ शेष के समीप का कुछ बड़ा अंक

गति-५८-ढ ३८० ००९३८९९ ०३६१५१०७-२६घ० ६प०

शेष--०"३६१२७०४

(७) अष्टम मास प्रवेश का

(पंक्ति-सूर्यं इष्ट) १४- ५८०.६२९४८४५८ शेष के समीप का

गति ५९-५४--०"०००७२४४ कुछ बडा अंक

झेष=०.६२८७२१४ ०६२८९३२१

अ रघ. प.

१४-६

नवम, दशम, एकादश एवं द्वादश मास प्रवेश में सूर्य की गति ६० से अधिक होने

से यह सारिणी काम नहं देगी ।

यदि भाज्य मंतर से भाजक गति अल्प हो तो उसकी दूसरी रीति है। जव

भाजक गति, अंतर से छोटा हो तो अंतर भाज्य में से भाजक गति को घटा देना ।

जितने बार घट सके उतने दिन होंगे और शेष के सारिणी अंक में भाजक का सारिणी

अंक घटाने पर जो मंक प्राप्त हो सारिणी में उस शेष के समीप का जो उससे कुछ

बड़ा अंक सारिणी में मिले उसे लेना ओर उससे जो घड़ी पल प्राप्त हो वह लेना ।