शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary
शार्ङ्गधराचार्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)
298 शार्ङ्गधरसंहिता
कुटजावलेह 142 | पञ्चकोल चूर्ण 117 | महाखांडव चूर्ण 123 कुटजाष्टकावलेह 143 | त्रिगन्ध चातुर्जात चूर्ण 118 | नारायण चूर्ण 123 मसूर घृत 147 | कट्फलादि चूर्ण 120 | हपुषादि चूर्ण 124 बब्बूलारिष्ट 170 | बृहत्कट्फलादि चूर्ण 120 | पञ्चसम चूर्ण 124 लोकनाथ रस 192 | दाडिमाष्टक चूर्ण 121 | लवणत्रितयादि चूर्ण 124 हेमगर्भपोट्टली रस 195 | लवंगादि चूर्ण 122 | हिंग्वादि चूर्ण 126 वमन 221-224 | जातीफलादि चूर्ण 122 | यवानीखांडव चूर्ण 126 ( आमातिसार रोग ) | चित्रकादि चूर्ण 125 | लवणभास्कर चूर्ण 127 शुण्ठी पुटपाक 89 | हिंग्वादि चूर्ण 126 | चित्रकादि चूर्ण 125 वत्सकादि क्वाथ 95 | यवानीखांडव चूर्ण 126 | बाहुशाल गुड़ 130 शुण्ठ्यादि चूर्ण 120 | तालीसादि चूर्ण 127 | गुड़ के चार योग 132 हरीतक्यादि चूर्ण 121 | सितोपलादि चूर्ण 127 | वृद्धदारुक मोदक 132 ( त्रिदोषज अतिसार ) | व्योषादि बटी 132 | सूरण पिण्डी 132 आनन्दभैरव रस 196 | चन्द्रप्रभा बटी 133 | सूरण बटक 132 ( रक्तज अतिसार ) | योगराज गुग्गुलु 135 | मण्डूर बटक 133 जम्ब्वादि पत्र-स्वरस 86 | अगस्त्यहरीतकी अवलेह 142 | चन्द्रप्रभा बटी 133 मुस्तकादि प्रमथ्या 104 | कुटजावलेह 142 | कांकायन बटी 134 बदरीमूल कल्क 114 | पिप्पल्यादि घृत 146 | योगराज गुग्गुलु 135 वमन 221-224 | कुमार्यासव 167 | त्रिफला गुग्गुलु 137 9. अपस्मार रोग | लोहासव 168 | कूष्माण्डावलेह 141 द्वितीय रसोन कल्क 113 | रोहीतकारिष्ट 171 | अगस्त्यहरीतकी अवलेह 142 योगराज गुग्गुलु 135 | दशमूलारिष्ट 171 | कुटजावलेह 142 त्रिफला घृत 150 | लोकनाथ रस 192 | कुटजाष्टकावलेह 143 लाक्षादि तैल 152 | मृगांकपोट्टली रस 194 | चाङ्गेरी घृत 146 चन्दनादि तैल 161 | हेमगर्भपोट्टली रस 195 | महापञ्चतिक्त घृत 148 कुमार्यासव 167 | वमन 221-224 | कासीसादि तैल 157 वमन 221-224 | विरेचन 225-229 | उशीरासव 167 विरेचन नस्य 245 | विरेचन नस्य 245 | पिप्पल्यासव 168 10. अम्लपित्त रोग | ( हल्लास = जी मिचलाना ) | लोहासव 168 कुटजावलेह 142 | गुडूच्यादिगण क्वाथ 91 | देवदार्वादि अरिष्ट 169 वसन्तकुसुमाकर रस 198 | 12. अर्बुद ( कैंसर ) रोग | रोहीतकारिष्ट 171 निरूहण वस्ति 237 | चन्द्रप्रभा बटी 133 | दशमूलारिष्ट 171 11. अरोचक रोग | काञ्चनार गुग्गुलु 137 | लोकनाथ रस 192 आर्द्रक-स्वरस 86 | खदिरारिष्ट 170 | अभयादि मोदक 227 गुडूच्यादिगण क्वाथ 91 | वमन 221-224 | पूर्व स्वेदनीय रोगी 216 निदिग्धिकादि क्वाथ 94 | अपचीनाशक लेप ( 2 ) | विरेचन योग्य रोगी 226 वर्द्धमानपिप्पली कल्क 112 | रक्त निर्हरण 272 | ( रक्तार्श = खूनी बवासीर ) आमलकादि चूर्ण 117 | 13. अर्श ( बवासीर ) रोग | अपामार्गबीज कल्क 113 त्र्यूषण चूर्ण 117 | मरिच्यादि चूर्ण 124 | तिल कल्क 114 | | महापञ्चतिक्त घृत 148
चन्द्रप्रभा बटी 133 | उदर्द-चिकित्सा 87 | बाहुशाल गुड़ 130
रोगपरक-सूची 299 14. अश्मरी ( पथरी ) रोग | 20. उदर्द रोग | ( वातोदर रोग ) चन्द्रप्रभा बटी 133 | उदर्द-चिकित्सा 87 | बाहुशाल गुड़ 130 गोक्षुरादि गुग्गुलु 137 | सिद्धार्थकादि लेप 259 | 22. उदावर्त रोग कुमार्यासव 167 | 21. उदर रोग | योगराज गुग्गुलु 135 विडंगारिष्ट 169 | अभयादि मोदक 227 | षड्बिन्दु घृत 149 त्रिविक्रम रस 201 | विरेचन 225-229 | कुमार्यासव 167 पूर्वस्वेदनीय रोगी 216 | निरूह वस्ति 237 | नाराच रस 198 अभयादि मोदक 227 | पुनर्नवादि क्वाथ 96 | निरूहूण वस्ति 237 निरूहण वस्ति 237 | चव्यादि क्वाथ 100 | माधुतैलिक वस्ति 240 15. आनाह ( अफरा ) रोग | पुनर्नवादि क्वाथ 100 | 23. उपदंश रोग निरूहण वस्ति 237 | वर्धमानपिप्पली कल्क 112 | पटोलादि क्वाथ 101, 102 चन्द्रप्रभा बटी 133 | पञ्चकोल चूर्ण 117 | लघुमञ्जिष्ठादि क्वाथ 102 हिंग्वादि चूर्ण 126 | मरिचादि चूर्ण 121 | पञ्चवल्कल क्वाथ 103 यवानीखांडव चूर्ण 126 | महाखांडव चूर्ण 123 | कासीसादि घृत 149 चांगैरी घृत 146 | नारायण चूर्ण 123 | उपदंशहर लेप 267 16. आमरोग | हपुषादि चूर्ण 124 | रक्त निर्हरण 272 चित्रकादि चूर्ण 125 | पञ्चसम चूर्ण 124 | 24. उन्माद रोग व्योषादि बटी 132 | नारायण चूर्ण 123 | ब्राह्मी आदि का स्वरस 87 गुड़ के चार योग 132 | लवणत्रितयादि चूर्ण 124 | कूष्माण्ड-स्वरस 87 विरेचन 225-229 | तुम्बुर्वादि चूर्ण 125 | द्वितीय रसोन कल्क 113 17. आमवात रोग | लवणभास्कर चूर्ण 127 | पानीयकल्याणक घृत 148 बाहुशाल गुड़ 130 | चित्रकादि चूर्ण 125 | लाक्षादि तैल 152 शुण्ठी पुटपाक 89 | योगराज गुग्गुलु 135 | चन्दनादि तैल 161 धान्यपञ्चक क्वाथ 95 | कैशोर गुग्गुलु 136 | वमन 221-224 रास्नापञ्चक क्वाथ 97 | त्रिफला मोदक 137 | विरेचन 225-229 रास्नासप्तक क्वाथ 97 | षड्बिन्दु घृत 149 | ( भूतोन्मादरोग ) सप्तमुष्टिक यूष 104 | कुमार्यासव 167 | पानीयकल्याणक घृत 148 उष्णोदक-विधि 105 | पिप्पल्यासव 168 | लाक्षादि तैल 152 शुण्ठ्यादि कल्क 113 | लोहासव 168 | बालग्रहनाशक धूपन 254 पञ्चसम चूर्ण 124 | रोहीतकारिष्ट 171 | 25. उरोग्रह रोग अजमोदादि चूर्ण 125 | महावहि रस 203 | वर्धमानपिप्पली कल्क 112 लवणभास्कर चूर्ण 127 | विरेचन 225-229 | हिंग्वादि चूर्ण 126 18. आर्तवरोग | निरूहण वस्ति 237 | योगराज गुग्गुलु 135 चन्द्रप्रभा बटी 133 | ( प्लीहोदर रोग ) | च्यवनप्राशावलेह 140 योगराज गुग्गुलु 135 | पथ्यादि क्वाथ 100, 102 | 26. उरोघात रोग दशमूलारिष्ट 171 | चन्द्रप्रभा बटी 133 | लाक्षा कल्क 114 19. इन्द्रियध्वंस रोग | खदिरारिष्ट 170 | कूष्माण्डावलेह 141 नारायण तैल 153 | लोकनाथ रस 192 |
300 शार्ङ्गधरसंहिता 27. उष्णोपद्रव ( लू लगाना ) रोग बृंहण नस्य 247 कामदेव घृत 147 उष्णोपद्रव-चिकित्सा 87 नीलोत्पल वर्ति 285 शतावरी तैल 156 28. ऊर्ध्वजत्रु रोग कुसुमिका वर्ति 285 दशमूलारिष्ट 171 प्रतिमर्श नस्य 248 ( निद्रारोग ) 32. कासरोग अरुंषिकाहर लेप 259 नीलोत्पल वर्ति 285 वासक स्वरस 86 29. कफज रोग तुत्थादि रसक्रिया 285 आर्द्रक स्वरस 86 वासक-स्वरस 86 30. कर्णरोग वासा पुटपाक 88 कण्टकारी पुटपाक 88 मयूर घृत 151 कण्टकारी पुटपाक 88 वरुणादि क्वाथ 101 क्षार तैल 160 बिभीतक पुटपाक 88 सप्तमुष्टिक यूष 104 विरेचन 225–229 निदिग्धिकादि क्वाथ 94 उष्णोदक पान 105 विरेचन नस्य 245 पुनर्नवादि क्वाथ 96, 100, 101 यवमण्ड 107 स्वर्जिका तैल 270 वासादि क्वाथ 96 लाजमण्ड 107 कर्णकीटहर योग 271 वासादि क्वाथ 97, 102 वर्द्धमानपिप्पली कल्क 112 ( कर्णनाड़ी रोग ) क्षुद्रादि क्वाथ 94, 97 निम्बपत्र कल्क 112 शाम्बूक तैल 270 दशमूल क्वाथ 93 आमलकादि चूर्ण 117 ( कर्णनाद रोग ) उष्णोदकपान 105 त्रिफला चूर्ण 117 बृंहण नस्य 247 पञ्चमूलपक्व-क्षीर 105 त्र्यूषण चूर्ण 117 यष्टीमधुक तैल 158 वर्धमानपिप्पली कल्क 112 त्रिग्रन्थ चातुर्जात चूर्ण 118 क्षार तैल 160 सुदर्शन चूर्ण 119 कट्फलादि चूर्ण 120 ( कर्णपाक रोग ) त्रिफला चूर्ण 117 तृतीय कट्फलादि लेह 120 कर्णपूरण-विधि 269 कट्फलादि चूर्ण 120 जातीफलादि चूर्ण 122 कर्णरोगहर योग 269 बृहत् कट्फलादि चूर्ण 120 नाराच चूर्ण 124 आम्रादि तैल 271 दाडिमाष्टक चूर्ण 121 चित्रकादि चूर्ण 125 ( बधिरता योग ) बृहद्दाडिमाष्टक चूर्ण 122 अजमोदादि चूर्ण 125 बिल्व तैल 160 लवंगादि चूर्ण 122 मण्डूर बटक 133 क्षार तैल 160 जातीफलादि चूर्ण 122 योगराज गुग्गुलु 135 ( कर्णस्राव तथा दाह रोग ) मरिचादि चूर्ण 121 चांगेरी घृत 146 स्वर्जिका योग 271 नारायण चूर्ण 123 प्रसारिणी तैल 155 कर्णस्रावहर योग 270 लवणत्रितयादि चूर्ण 124 मृगांकपोट्टली रस 194 31. कामला रोग हिंग्वादि चूर्ण 126 हेमगर्भपोट्टली रस 195 वासक स्वरस 86 तालीसादि चूर्ण 127 मन्थानभैरव रस 205 त्रिफलादि स्वरस 86 सितोपलादि चूर्ण 127 लोह रसायन 208 अलम्बुषादि स्वरस 86 लवणभास्कर चूर्ण 127 तैलपान के योग्य व्यक्ति 212 फलत्रिकादि क्वाथ 96 मरिचादि गुटिका 131 वमन 221–224 सुदर्शन चूर्ण 119 व्योषादि बटी 132 विरेचन नस्य 245 हपुषादि चूर्ण 124 सूरण बटक 132 गण्डूष प्रयोग 256 मण्डूर बटक 133 पिप्पली मोदक 133 ( तन्द्रा-उँघाई रोग ) चन्द्रप्रभा बटी 133 चन्द्रप्रभा बटी 133 विरेचन नस्य 245 कुटजावलेह 142 योगराज गुग्गुलु 135
text रोगपरक-सूची 301
कैशोर गुग्गुलु 136 महापञ्चतिक्त घृत 148 ( श्वेतकुष्ठ रोग ) कण्टकारी अवलेह 140 कासीसादि घृत 149 उदयादित्य रस 202 च्यवनप्राशावलेह 140 षड्बिन्दु घृत 149 ( सिध्मकुष्ठ रोग ) कूष्माण्डावलेह 141 पञ्चतिक्त घृत 152 मरिचादि तैल 157 अगस्त्यहरीतकी अवलेह 142 वज्री तैल 160 सिध्महर लेप 262 पानीयकल्याणक घृत 148 उशीरासव 167 34. कृमि रोग लाक्षादि तैल 152 लोहासव 168 त्रिफलादि क्वाथ 96 लोहासव 168 खदिरारिष्ट 170 निम्बपत्र कल्क 112 खदिरारिष्ट 170 बब्बूलारिष्ट 170 त्रिवृतादि कल्क 114 बब्बूलारिष्ट 170 दशमूलारिष्ट 171 मरिचादि चूर्ण 121 द्राक्षारिष्ट 171 महातालेश्वर रस 201 मुसल्यादि चूर्ण 129 दशमूलारिष्ट 171 कुष्ठकुठार रस 201 कांकायन बटी 134 लोकनाथ रस 192 स्वर्णक्षीरी रस 203 गौराद्य घृत 150 लघुलोकनाथ रस 194 कनकसुन्र रस 205 पञ्चतिक्त घृत 152 मृगांकपोट्टली रस 194 वमन 221-224 उशीरासव 167 हेमगर्भपोट्टली रस 195 विरेचन 225-229 कुमार्यासव 167 दूसरा हेमगर्भपोट्टली रस 195 विरेचन नस्य 245 खदिरारिष्ट 170 स्वयमग्नि रस 199 अभयादि मोदक 227 विरेचन 225-229 लोह रसायन 208 रक्त निर्हरण 272 तैलपान 212 अभयादि मोदक 227 ( दद्रु रोग ) माधुतैलिक वस्ति 240 वमन 221-224 कासीसादि घृत 149 अवपीड नस्य 246 धूमपान 252 देवदार्वादि अरिष्ट 169 35. क्षयरोग 33. कुष्ठरोग उदयादित्य रस 202 वासकस्वरस 86 लघुमञ्जिष्ठादि क्वाथ 102 पामादद्रूविचर्चिकाहर लेप 262 वासा पुटपाक 88 बृहन्मञ्जिष्ठादि क्वाथ 102 ( पामा रोग ) धान्यकादि हिम 110 त्रिफला चूर्ण 117 कासीसादि घृत 149 वर्धमानपिप्पली कल्क 112 त्र्यूषण चूर्ण 117 अर्क तैल 157 लाक्षा कल्क 114 नारायण चूर्ण 123 मरिचादि तैल 157 जीवनीयगण चूर्ण 118 हपुषादि चूर्ण 124 पामादद्रूविचर्चिकाहर लेप 262 अष्टवर्ग चूर्ण 118 लवणभास्कर चूर्ण 127 ( पुण्डरीककुष्ठ रोग ) कट्फलादि चूर्ण 120 पञ्चनिम्ब चूर्ण 128 मरिचादि तैल 157 बृहत्कट्फलादि चूर्ण 120 चित्रकादि चूर्ण 125 ( मण्डलकुष्ठ रोग ) कपित्थाष्टक चूर्ण 121 मण्डूर-बटक 133 सर्वेश्वर रस 202 दाडिमाष्टक चूर्ण 121 चन्द्रप्रभा बटी 133 ( रक्तव्यंग रोग ) लवंगादिचूर्ण 122 योगराज गुग्गुलु 135 मरिचादि तैल 157 जातीफलादि चूर्ण 122 कैशोर गुग्गुलु 136 ( श्वित्रकुष्ठ रोग ) यवानीखाण्डव चूर्ण 126 त्रिफला मोदक 137 पटोलादि क्वाथ 92, 94, 95, 101, 102 तालीसादि चूर्ण 127 काञ्चनार गुग्गुलु 137 मरिचादि तैल 157 सितोपलादि चूर्ण 127 अमृता घृत 148 श्वित्रहर लेप 261, 262 लवणभास्कर चूर्ण 127
302 शार्ङ्गधरसंहिता बाहुशाल गुड़ 130 | पानीयकल्याणक घृत 148 | विरेचन 225-229 सूरण बटक 132 | लाक्षादि तैल 152 | 40. गुदभ्रंश-काँच निकलना रोग योगराज गुग्गुलु 135 | मरिचादि तैल 157 | चांगेरी घृत 146 च्यवनप्राशावलेह 140 | भृङ्गराज तैल 159 | लोह रसायन 208 कूष्माण्डावलेह 141 | लोहासव 168 | 41. गुल्म रोग अगस्त्यहरीतकी अवलेह 142 | पामा-दद्रू-विचर्चिकाहर लेप 262 | दशमूल क्वाथ 93, 98 पानीयकल्याणक घृत 148 | (विदारी रोग) | अभयादि क्वाथ 93 नारायण तैल 153 | वमन 221-224 | वरुणादि क्वाथ 101 शतावरी तैल 156 | रक्त निर्हरण 272 | त्र्यूषण चूर्ण 117 चन्दनादि तैल 161 | (विस्फोट रोग) | मरिचादि चूर्ण 121 कुमार्यासव 167 | कासीसादि घृत 149 | कपित्थाष्टक चूर्ण 121 पिप्पल्यासव 168 | गौराद्य घृत 150 | दाडिमाष्टक चूर्ण 121 बब्बूलारिष्ट 170 | विरेचन 225-229 | लवंगादि चूर्ण 122 द्राक्षारिष्ट 171 | दशाङ्ग लेप 258 | महाखाण्डव चूर्ण 123 दशमूलारिष्ट 171 | लाङ्गल्यादि लेप 258 | नारायण चूर्ण 123 लोकनाथ रस 192 | (व्यंग रोग) | हपुषादि चूर्ण 124 मृगांकपोट्टली रस 194 | रक्तचन्दनादि-लेप 259 | लवणत्रितयादि चूर्ण 124 हेमगर्भपोट्टली रस 195 | मातुलुंगादि लेप 259 | तुम्बुर्वादि चूर्ण 125 द्वितीय हेमगर्भपोट्टली रस 195 | वटपत्रादि लेप 259 | चित्रकादि चूर्ण 125 राजमृगांक रस 199 | (युवानपिडिका रोग) | बाहुशाल गुड़ 130 स्वयम्ग्नि रस 199 | लोध्रादि लेप 259 | सञ्जीवनी बटी 132 लोह रसायन 208 | वटपत्रादि लेप 259 | कांसायन बटी 134 अभयादि मोदक 227 | 37. गंडमाला रोग | योगराज गुग्गुलु 135 (उरःक्षत रोग) | अलम्बुषादि स्वरस 86 | कैशोर गुग्गुलु 136 वासादि क्वाथ 96, 97, 102 | काञ्चनार क्वाथ 103 | त्रिफला गुग्गुलु 137 लवंगादि चूर्ण 122 | वरुणादि क्वाथ 101 | त्रिफला मोदक 137 च्यवनप्राशावलेह 140 | काञ्चनार गुग्गुलु 137 | काञ्चनार गुग्गुलु 137 कूष्माण्डावलेह 141 | महापञ्चतिक्त घृत 148 | महापञ्चतिक्त घृत 148 कामदेव घृत 147 | वचा तैल 161 | षड्बिन्दु घृत 149 द्राक्षारिष्ट 171 | निर्गुण्डी लांगली तैल 162 | पिप्पल्यासव 168 36. क्षुद्र रोग | विडंगारिष्ट 169 | लोहासव 168 महापञ्चतिक्त घृत 148 | सिद्धार्थकादि लेप 259 | खदिरारिष्ट 170 रक्त निर्हरण 272 | 38. गंडापची रोग | रोहीतकारिष्ट 171 (कच्छू रोग) | अलम्बुषादि स्वरस 86 | दशमूलारिष्ट 171 अर्क तैल 157 | काञ्चनार गुग्गुलु 137 | लोकनाथ रस 192 मरिचादि तैल 157 | वमन 221-224 | विद्याधर रस 204 जात्यादि तैल 159 | रक्त निर्हरण 272 | विरेचन 225-229 (कण्डू-खुजली रोग) | 39. गुदरोग | अभयादि मोदक 227 चन्द्रप्रभा बटी 133 | लवणत्रितयादि चूर्ण 124 | माधुतैलिक वस्ति 240
रोगपरक-सूची ३०३ | (कफज गुल्म रोग) | | हेमगर्भपोट्टली रस | १९५ | क्षुद्रादि क्वाथ | ९४ | | हिंग्वादि चूर्ण | १२६ | दूसरा हेमगर्भपोट्टली रस | १९५ | कट्फलादि क्वाथ | ९१, ९४ | | लवणभास्कर चूर्ण | १२७ | हंसपोट्टली रस | २०१ | निदिग्धिकादि क्वाथ | ९४ | | ४२. ग्रन्थि रोग | | ग्रहणीवज्रकपाट रस | २०६ | ह्रीबेरादि क्वाथ | ९६ | | काञ्चनार गुग्गुलु | १३७ | लोह रसायन | २०८ | वासादि क्वाथ | ९६, १०२ | | खदिरारिष्ट | १७० | (आमज संग्रहणी रोग) | | षडङ्ग-पानीय | १०५ | | विरेचन | २२५-२२९ | गुडूच्यादि क्वाथ | ९१, ९५, ९६ | उष्णोदक-विधि | १०५ | | रक्त निर्हरण | २७२ | (वातज ग्रहणी रोग) | | अष्टगुण मण्ड | १०७ | | ४३. ग्रहणी रोग | | शालपर्ण्यादि क्वाथ | ९१, ९६ | लाजमण्ड | १०७ | | आम्रादि यवागू | १०४ | पिप्पल्यादि चूर्ण | १२२ | आम्रादि फाण्ट | १०८ | | तिल कल्क | ११४ | सूरण बटक | १३२ | धान्यकादि हिम | ११० | | शुण्ठी कल्क | ११५ | (कफज ग्रहणी रोग) | | वर्धमानपिप्पली कल्क | ११२ | | लघुगङ्गाधर चूर्ण | १२१ | सूरण बटक | १३२ | आमलकादि चूर्ण | ११७ | | वृद्धगङ्गाधर चूर्ण | १२१ | ४४. छर्दि-वमन रोग | | जीवनीयगण चूर्ण | ११८ | | मरिचादि चूर्ण | १२१ | बीजपूरादि पुटपाक | ८८ | सुदर्शन चूर्ण | ११९ | | कपित्थाष्टक चूर्ण | १२१ | गुडूच्यादि क्वाथ | ९१, ९५, ९६ | त्रिफलापिप्पली चूर्ण | १२० | | दाडिमाष्टक चूर्ण | १२१ | आम्रादि फाण्ट | १०८ | कट्फलादि चूर्ण | १२० | | लवङ्गादि चूर्ण | १२२ | मरिचादि हिम | ११० | दाडिमाष्टक चूर्ण | १२१ | | जातीफलादि चूर्ण | १२२ | निम्बपत्र कल्क | ११२ | नारायण चूर्ण | १२३ | | नारायण चूर्ण | १२३ | कट्फलादि चूर्ण | १२० | यवानीखाण्डव चूर्ण | १२६ | | चित्रकादि चूर्ण | १२५ | बृहत् कट्फलादि चूर्ण | १२० | तालीसादि चूर्ण | १२७ | | हिंग्वादि चूर्ण | १२६ | महाखाण्डव चूर्ण | १२३ | सितोपलादि चूर्ण | १२७ | | यवानीखाण्डव चूर्ण | १२६ | यवानीखाण्डव चूर्ण | १२६ | कूष्माण्डावलेह | १४१ | | तालीसादि चूर्ण | १२७ | तालीसादि चूर्ण | १२७ | अगस्त्यहरीतकी अवलेह | १४२ | | लवणभास्कर चूर्ण | १२७ | कूष्माण्डावलेह | १४१ | पानीयकल्याणक घृत | १४८ | | बाहुशाल गुड़ | १३० | दशमूलारिष्ट | १७१ | महापञ्चतिक्त घृत | १४८ | | कांकायन बटी | १३४ | लोकनाथ रस | १९२ | अङ्गारक तैल | १५३ | | योगराज गुग्गुलु | १३५ | विरेचन | २२५-२२९ | नारायण तैल | १५३ | | अगस्त्यहरीतकी अवलेह | १४२ | (पित्तज छर्दि रोग) | | चन्दनादि तैल | १६१ | | कुटजावलेह | १४२ | पर्पटादि क्वाथ | ९१ | कुटजारिष्ट | १६९ | | चांगेरी घृत | १४६ | (त्रिदोषज छर्दि रोग) | | ज्वरांकुश रस | १९१ | | मसूर घृत | १४७ | बिल्वत्वक् क्वाथ | ९७ | ज्वरारि रस | १९१ | | पिप्पल्यासव | १६८ | गुडूच्यादि क्वाथ | ९१, ९५, ९६ | ज्वरघ्नी गुटिका | १९२ | | लोहासव | १६८ | मसूरसक्तु मन्थ | १०९ | लोकनाथ रस | १९२ | | देवदार्वादि अरिष्ट | १६९ | एलादि चूर्ण | १२८ | कनकसुन्दर रस | २०५ | | रोहीतकारिष्ट | १७१ | ४५. ज्वर रोग | | वमन | २२१-२२४ | | दशमूलारिष्ट | १७१ | वासक स्वरस | ८६ | बालग्रहनाशक धूपन | २५४ | | लोकनाथ रस | १९२ | वासा पुटपाक | ८८ | (नवज्वर रोग) | | | मृगांकपोट्टली रस | १९४ | गुडूच्यादिगण क्वाथ | ९१ | कट्फल्यादि क्वाथ | ९२, ९३ |
304 | शार्ङ्गधरसंहिता पटोलादिगण क्वाथ ९२ | पिप्पल्यादि क्वाथ ९३ | ( तृतीयक ज्वर रोग ) धान्यनागर क्वाथ ९५ | सप्तमुष्टिक यूष १०४ | गुडूच्यादि क्वाथ ९१, ९५, ९६ ( वातज ज्वर रोग ) | सञ्जीवनी बटी १३२ | पानीयकल्याणक घृत १४८ गुडूच्यादि क्वाथ ९१, ९५, ९६ | सूचिकाभरण रस १९७ | ( ज्वरातिसार रोग ) शालपर्ण्यादि क्वाथ ९१, ९६ | जलबन्धु रस १९७ | बृहद्गुडूच्यादि क्वाथ ९५ काश्मर्यादि क्वाथ ९१ | पञ्चवक्त्र रस १९७ | नागरादि क्वाथ ९५, ९८ लोकनाथ रस १९२ | उन्मत्त रस १९८ | ४६. तृष्णा रोग ( पित्तज ज्वर रोग ) | सन्निपाताञ्जन १९८ | गुडूच्यादिगण क्वाथ ९१ कट्फलादि क्वाथ ९४ | अवपीड नस्य २४६ | षडंग-पानीय १०५ पर्पटादि क्वाथ ९१ | विरेचन नस्य २४५ | लाजमण्ड १०७ द्राक्षादि क्वाथ ९१ | प्रबोधाञ्जन २८६ | बृहत् मधूकपुष्पादि फाण्ट १०८ पटोलादिगण क्वाथ ९२ | ( जीर्णज्वर रोग ) | आम्रादि फाण्ट १०८ लोकनाथ रस १९२ | गुडूच्यादि क्वाथ ९१, ९५, ९६ | यवसक्तु मन्थ १०९ ( कफज ज्वर रोग ) | पञ्चमूलपक्व-क्षीर १०५ | मरिचादि हिम ११० बीजपूरादि क्वाथ ९२ | अमृता हिम ११० | धान्यक हिम ११० भूनिम्बादि क्वाथ ९२ | विरेचन २२५-२२९ | धान्यकादि हिम ११० पटोलादिगण क्वाथ ९२ | ( विषमज्वर रोग ) | जीवनीयगण चूर्ण ११८ पञ्चमूलपक्व-क्षीर १०५ | तुलसी आदि का स्वरस ८६ | आमलक्यादि गुटिका १३१ क्षीरपाक-विधि १०५ | क्षुद्रादि क्वाथ ९४ | च्यवनप्राशावलेह १४० लोकनाथ रस १९२ | मुस्तादि क्वाथ ९४ | कूष्माण्डावलेह १४१ ( वातपित्तज्वर रोग ) | पटोलादि क्वाथ ९२, ९४, ९५, १०१, १०२ | निरूहण का प्रयोग २३८ पञ्चभद्र क्वाथ ९२ | रसोन कल्क ११२ | प्रतिमर्श नस्य २४७-२४८ बृहत् मधूकपुष्पादि फाण्ट १०८ | त्रिफलापिप्पली चूर्ण १२० | मधु गण्डूष २५६ नीलोत्पलादि हिम ११० | ( धातुगत ज्वर रोग ) | ४७. दाह रोग ( वातकफज्वर रोग ) | पिप्पली-मोदक १३३ | गुडूच्यादिगण क्वाथ ९१ क्षुद्रादि क्वाथ ९४ | पिप्पल्यादि घृत १४६ | हरीतक्यादि क्वाथ ९८ शालपर्ण्यादि क्वाथ ९१, ९६ | महापञ्चतिक्त घृत १४८ | न्यग्रोधादि क्वाथ ९९ आरग्वधादि क्वाथ ९२ | लाक्षादि तैल १५२ | बृहत् मधूकपुष्पादि फाण्ट १०८ पिप्पल्यादि क्वाथ ९३ | ज्वरारि रस १९१ | यवसक्तु मन्थ १०९ हिंग्वादि चूर्ण १२६ | ज्वरांकुश रस १९१ | ( अन्तर्दाह रोग ) ( पित्तकफज्वर रोग ) | अभयादि मोदक २२७ | धान्यक हिम ११० अमृताष्टक क्वाथ ९२ | निरूहण का प्रयोग २३८ | धान्यकादि हिम ११० पटोलादिगण क्वाथ ९२ | अवपीड नस्य २४६ | जीवनीयगण चूर्ण ११८ वासादि क्वाथ ९६, १०२ | ( शीतज्वर रोग ) | ( हस्तपादांगदाह रोग ) ( सन्निपातज ज्वर रोग ) | क्षुद्रादि क्वाथ ९४ | सितोपलादि चूर्ण १२७ क्षुद्रादि क्वाथ ९४ | शीतारि रस १९१ | ( उरोदाह रोग ) अभयादि क्वाथ ९३ | ( एकाहिक ज्वर रोग ) | कामदेव घृत १४७ शालपर्ण्यादि क्वाथ ९१, ९६ | पटोलादि क्वाथ ९२, ९४, १०१, १०२ | अभयादि मोदक २२७ पटोलादिगण क्वाथ ९२ | मधु गण्डूष २५६
रोगपरक-सूची ३०५
| रक्त निर्हरण | २७२ | ( प्रतिश्याय रोग ) | पिण्डी के योग | २८० | |
| ४८. द्विजिव्हक रोग | आर्द्रक स्वरस | ८६ | विडालक योग | २८० | |
| वमन | २२१-२२४ | विभीतक पुटपाक | ८८ | ( पित्तज अभिष्यन्द रोग ) | |
| ४९. धातुक्षय रोग | जातीफलादि चूर्ण | १२२ | आश्योतन योग | २७९ | |
| पिप्पली मोदक | १३३ | बाहुशाल गुड़ | १३० | पिण्डी के योग | २८० |
| ( शुक्रक्षय, ओजःक्षय रोग ) | व्योषादि बटी | १३२ | ( कफज अभिष्यन्द रोग ) | ||
| कामदेव घृत | १४७ | पानीयकल्याणक घृत | १४८ | शिरोवस्ति विधि | २६८ |
| ( नष्टशुक्र रोग ) | लाक्षादि तैल | १५२ | पिण्डी के योग | २८० | |
| नारायण तैल | १५३ | विरेचन नस्य | २४५ | ( रक्ताभिष्यन्द रोग ) | |
| दशमूलारिष्ट | १७१ | ( नासा-रक्तस्राव रोग ) | रक्त निर्हरण | २७२ | |
| ५०. नासा रोग | लोकनाथ रस | १९२ | नेत्रसिञ्चन | २८८ | |
| मयूर घृत | १५१ | रक्त निर्हरण | २७२ | आश्योतन योग | २७९ |
| विरेचन | २२५-२२९ | ५१. नेत्र रोग | पिण्डी के योग | २८० | |
| विरेचन नस्य | २४५ | मंजिष्ठादि क्वाथ | १०२ | ( अश्रुरोग ) | |
| बृंहण नस्य | २४७ | अमृतादि क्वाथ | १०१, १०३ | दार्व्यादि रसक्रिया | २८६ |
| ( नासार्शो रोग ) | त्रिफला चूर्ण | ११७ | ( अंजननामिका रोग ) | ||
| गृहधूम तैल | १६० | चन्द्रप्रभा बटी | १३३ | चूर्णाञ्जन (लेखन) | २८७ |
| ( क्षवथु-छींक रोग ) | योगराज गुग्गुलु | १३५ | ( अन्धत्व रोग ) | ||
| कुष्ठादि तैल | १६० | कैशोर गुग्गुलु | १३६ | कतक रसक्रिया | २८६ |
| ( नासादाह रोग ) | त्रिफला घृत | १५० | ( अर्जुन रोग ) | ||
| रक्त निर्हरण | २७२ | मयूर घृत | १५१ | चूर्णाञ्जन (रोपण) | २८७ |
| ( नासापाक रोग ) | अभयादि मोदक | २२७ | कुसुमिका वर्ति | २८५ | |
| वमन | २२१-२२४ | विरेचन नस्य | २४५ | ( अर्म रोग ) | |
| रक्त निर्हरण | २७२ | बृंहण नस्य | २४७ | तुत्थादि रसक्रिया | २८५ |
| ( पीनस रोग ) | नेत्ररोगहर लेप (1-2) | २६२ | चूर्णाञ्जन (लेखन) | २८७ | |
| निदिग्धिकादि क्वाथ | ९४ | तर्पण-विधि | २८१ | ( नेत्रकण्डू रोग ) | |
| वासादि क्वाथ | ९६, ९७, १०२ | चन्द्रोदया वर्ति | २८४ | वटक्षीर रसाञ्जन | २८५ |
| त्र्यूषण चूर्ण | ११७ | चूर्णाञ्जन | २८७ | समुद्रफेनादि वर्ति | २८४ |
| दाडिमाष्टक चूर्ण | १२१ | प्रत्यञ्जन-विधि | २८८ | चूर्णाञ्जन (लेखन) | २८७ |
| लवंगादि चूर्ण | १२२ | नयानामृताञ्जन | २८८ | ( काच रोग ) | |
| बाहुशाल गुड़ | १३० | नेत्रप्रसादन | २८८ | तुत्थादि रसक्रिया | २८५ |
| व्योषादि बटी | १३२ | नेत्रसिञ्चन | २८८ | चूर्णाञ्जन (लेखन) | २८७ |
| अगस्त्यहरीतकी अवलेह | १४२ | ( नेत्राधिमन्थ रोग ) | गुडूची रसक्रिया | २८६ | |
| पाठादि तैल | १६० | रक्त निर्हरण | २७२ | ( क्लेद रोग ) | |
| विरेचन नस्य | २४५ | शिरो वस्ति की विधि | २६८ | पुनर्नवा रसाञ्जन | २८६ |
| ( पूतिनासा रोग ) | ( वातज अभिष्यन्द रोग ) | ( तिमिर रोग ) | |||
| व्याघ्री तैल | १६० | आश्योतन योग | २७९ | चन्द्रोदया वर्ति | २८४ |
| रक्त निर्हरण | २७२ | पिण्डिका-विधान | २८० | तुत्थादि रसक्रिया | २८५ |
306 | शार्ङ्गधरसंहिता गुडूची रसक्रिया 286 | बब्बूल रसक्रिया 286 | 55. पित्तज रोग ( नेत्रदाह रोग ) | 52. परिकर्तिका रोग | वासक स्वरस 86 दार्व्यादि रसक्रिया 286 | नारायण चूर्ण 123 | पर्पटादि क्वाथ 91 ( नक्तान्ध्य रोग ) | 53. परिणामशूल रोग | विलेपी प्रयोग 106 पथ्यादि क्वाथ 100, 102 | विष्णुक्रान्ता कल्क 113 | यवमंड 107 रसाञ्जन वर्ति 285 | 54. पाण्डुरोग | लाजमंड 107 पुनर्नवा रसाञ्जन 286 | पुनर्नवादि क्वाथ 96, 100, 101 | बृहत् मधूकपुष्पादि फाण्ट 108 लेखनाञ्जन 287 | वर्धमानपिप्पली कल्क 112 | निम्बपत्र कल्क 112 ( पटल रोग ) | नारायण चूर्ण 123 | त्रिफलां चूर्ण 117 पथ्यादि क्वाथ 100, 102 | हपुषादि चूर्ण 124 | सितोपलादि चूर्ण 127 ( पक्ष्म रोग ) | हिंग्वादि चूर्ण 126 | योगराज गुग्गुलु 135 दार्व्यादि रसक्रिया 286 | यवानीखाण्डव चूर्ण 126 | च्यवनप्राशावलेह 140 बब्बूल रसक्रिया 286 | तालीसादि चूर्ण 127 | लाक्षादि तैल 152 ( नेत्रपुष्प रोग ) | चित्रकादि चूर्ण 125 | वसन्तकुसुमाकर रस 198 वटक्षीर रसाञ्जन 285 | बाहुशाल गुड़ 130 | पानीयकल्याणक घृत 148 पुनर्नवा रसाञ्जन 286 | मण्डूर बटक 133 | वमन 221-224 चूर्णाञ्जन (लेखन) 287 | पिप्पली मोदक 133 | विरेचन 225-229 ( भ्रू-रोग ) | चन्द्रप्रभा बटी 133 | बृंहण नस्य 247 त्रिफला मोदक 137 | योगराज गुग्गुलु 135 | स्नैहिक गण्डूष 255 ( नेत्ररक्त रोग ) | कैशोर गुग्गुलु 136 | ( विड्भंग रोग ) दार्व्यादि रसक्रिया 286 | कुटजावलेह 142 | नारायण चूर्ण 123 ( लिङ्गनाश रोग ) | कामदेव घृत 147 | मसूर घृत 147 गुडूची रसक्रिया 286 | पानीयकल्याणक घृत 148 | ( शरीरदुर्गन्ध रोग ) ( वर्म रोग ) | महापंचतिक्त घृत 148 | लाक्षादि तैल 152 तुत्थादि रसक्रिया 285 | शतावरी तैल 156 | दुर्गन्धिनाशक योग 268 ( नेत्रवात रोग ) | उशीरासव 167 | 56. प्रदर रोग सेचन-विधि 278 | पिप्पल्यासव 168 | दार्व्यादि क्वाथ 99 नयनामृताञ्जन 288 | लोहासव 168 | गोक्षुरादि गुग्गुलु 137 ( शुक्र रोग ) | खदिरारिष्ट 170 | महापंचतिक्त घृत 148 पथ्यादि क्वाथ 100, 102 | रोहीतकारिष्ट 171 | ( रक्तप्रदर रोग ) समुद्रफेनादि वर्ति 284 | दशमूलारिष्ट 171 | तण्डुलीय कल्क 114 दन्त वर्ति 285 | लोह रसायन 208 | शतावरी तैल 156 तुत्थादि रसक्रिया 285 | विरेचन 225-229 | निरूहण वस्ति 237 ( नेत्रशोथ रोग ) | अभयादि मोदक 227 | 57. प्रमेह रोग पिण्डी के योग 280 | ( हलीमक रोग ) | अमृता-स्वरस 86 ( नेत्रस्राव रोग ) | हपुषादि चूर्ण 124 | त्रिफलादि स्वरस 86 दार्व्याद्रि रसक्रिया 286 | चन्द्रप्रभा बटी 133 | वटसटादि क्वाथ 99 गुडूची रसक्रिया 286 | कामदेव घृत 147 | न्यग्रोधादि क्वाथ 99
रोगपरक-सूची 307
त्रिफला चूर्ण 117 | हिंग्वादि चूर्ण 126 | दशमूलारिष्ट 171 त्र्यूषण चूर्ण 117 | यवानीखाण्डव चूर्ण 126 | कनकसुन्दर रस 205 लवंगादि चूर्ण 122 | तालीसादि चूर्ण 127 | पूर्व स्वेदनीय रोगी 216 बाहुशाल गुड़ 130 | लवणभास्कर चूर्ण 127 | विरेचन 225-229 सूरण बटक 132 | सूरण बटक 132 | अभयादि मोदक 227 मण्डूर बटक 133 | मण्डूर बटक 132 | .62. भग्न रोग चन्द्रप्रभा बटी 133 | त्रिफला मोदक 137 | न्यग्रोधादि क्वाथ 99 योगराज गुग्गुलु 135 | पिप्पल्यादि घृत 146 | 63. भुज रोग कैशोर गुग्गुलु 136 | शतावरी तैल 156 | विरेचन नस्य 245 गोक्षुरादि गुग्गुलु 137 | लोहासव 168 | बृंहण नस्य 247 पानीयकल्याणक घृत 148 | रोहीतकारिष्ट 171 | रक्त निर्हरण 272 शतावरी तैल 156 | विद्याधर रस 204 | 64. भ्रम रोग उशीरासव 167 | वमन 221-224 | बृहत् मधूकपुष्पादि फाण्ट 108 कुमार्यासव 167 | विरेचन 225-229 | लघुमधूकपुष्पादि फाण्ट 108 विडंगारिष्ट 169 | अभयादि मोदक 227 | कूष्माण्डावलेह 141 देवदार्वादि अरिष्ट 169 | माधुतैलिक वस्ति 240 | वमन 221-224 बब्बूलारिष्ट 170 | रक्त निर्हरण 272 | अभयादि मोदक 227 दशमूलारिष्ट 171 | 60. बाल रोग | 65. मद रोग वसन्तकुसुमाकर रस 198 | धातक्यादि क्वाथ 96 | कूष्माण्ड स्वरस 87 मेहबद्ध रस 203 | कट्फलादि चूर्ण 120 | बृहन्मधूकपुष्पादि फाण्ट 108 वमन 221-224 | कण्टकारी अवलेह 140 | लघुमधूकपुष्पादि फाण्ट 108 विरेचन 225-229 | (बालग्रह रोग) | 66. मदात्यय रोग अभयादि मोदक 227 | चन्दनादि तैल 161 | खर्जूरादि मन्थ 109 निरूहण वस्ति 237 | बालग्रहनाशन धूपन 254 | 67. मनोविकार रोग (प्रमेहपिडिका रोग) | अग्निदाह विधि 275 | अवपीड नस्य 246 कैशोर गुग्गुलु 136 | 61 भगन्दर रोग | 68. मुख रोग मातुलुंगादि लेप 259 | खदिरादि क्वाथ 101 | महाखाण्डव चूर्ण 123 रक्त निर्हरण 272 | नारायण चूर्ण 123 | इरिमेदादि तैल 159 58. प्रवाहिका रोग | लवणभास्कर चूर्ण 127 | क्षार तैल 160 लघुगङ्गाधर चूर्ण 121 | चित्रकादि चूर्ण 125 | वमन 221-224 वृद्धगङ्गाधर चूर्ण 121 | सूरण बटक 132 | विरेचन 225-229 कुटजावलेह 142 | चन्द्रप्रभा बटी 133 | गण्डूष 255 कुटजाष्टकावलेह 143 | योगराज गुग्गुलु 135 | रक्त निर्हरण 272 चाङ्गेरी घृत 146 | त्रिफला गुग्गुलु 137 | (गल रोग) मसूर घृत 147 | काञ्चनार गुग्गुलु 137 | त्र्यूषण चूर्ण 117 59. प्लीह-तिल्ली रोग | पिप्पल्यादि घृत 146 | कपित्थाष्टक चूर्ण 121 मरिचादि चूर्ण 121 | कासीसादि घृत 149 | लवंगादि चूर्ण 122 हपुषादि चूर्ण 124 | लोहासव 168 | महाखाण्डव चूर्ण 123 लवणत्रितयादि चूर्ण 124 | विडंगारिष्ट 169 | यवानीखाण्डव चूर्ण 126
308 शार्ङ्गधरसंहिता त्रिफला मोदक 137 │ चन्द्रप्रभा बटी 133 │ त्र्यूषण चूर्ण 117 मयूर घृत 151 │ गोक्षुरादि गुग्गुलु 137 │ योगराज गुग्गुलु 135 द्राक्षारिष्ट 171 │ च्यवनप्राशावलेह 140 │ वमन 221-224 अवपीड नस्य 246 │ चांगेरी घृत 146 │ माधुतैलिक वस्ति 240 विरेचन नस्य 245 │ कामदेव घृत 147 │ 74. यकृत् रोग ( गलगंड रोग ) │ पानीयकल्याणक घृत 148 │ लवणत्रितयादि चूर्ण 124 अभयादि मोदक 227 │ कुमार्यासव 167 │ हिंग्वादि चूर्ण 126 सिद्धार्थकादि लेप 259 │ देवदार्वादि अरिष्ट 169 │ रक्त निर्हरण 272 गलगंड लेप 266 │ दशमूलारिष्ट 171 │ अग्निदाह विधि 275 ( गलग्रह रोग ) │ लोह रसायन 208 │ 75. योनि रोग दाडिमाष्टक चूर्ण, 121 │ अभयादि मोदक 227 │ न्यग्रोधादि क्वाथ 99 नारायण चूर्ण 123 │ निरूहण वस्ति 237 │ फल घृत 151 हिंग्वादि चूर्ण 126 │ 70. मूत्राघात रोग │ दूसरा फल घृत 152 ( गलशुण्डी रोग ) │ वीरतर्वादि क्वाथ 98 │ विरेचन 225-229 वमन 221-224 │ चन्द्रप्रभा बटी 133 │ भगसंकोचक लेप 267 ( जिह्वा रोग ) │ गोक्षुरादि गुग्गुलु 137 │ योनिद्रावक लेप 268 यवानीखाण्डव चूर्ण 126 │ 71. मूर्च्छा रोग │ ( वन्ध्यायोनि रोग ) त्रिफला मोदक 137 │ बृहत् मधूकपुष्पादि फाण्ट 108 │ रास्नासप्तक क्वाथ 97 फल घृत 151 │ लघुमधूकपुष्पादि फाण्ट 108 │ जीवनीयगण चूर्ण 118 ( उपजिह्वक रोग ) │ आम्रादि फाण्ट 108 │ शतावरी तैल 156 नीलिकादि तैल 158 │ योगराज गुग्गुलु 135 │ 76. रक्तरोग ( सुप्तजिह्वा रोग ) │ निरूहण वस्ति 237 │ ह्रीबेरादि क्वाथ 96 सितोपलादि चूर्ण 127 │ 72. मेढ्र रोग │ सितोपलादि चूर्ण 127 ( तालु रोग ) │ रास्नासप्तक क्वाथ 97 │ कुटजावलेह 142 त्रिफला मोदक 137 │ एरण्ड क्वाथ 98 │ ( रक्तक्षय रोग ) ( दन्त रोग ) │ ( मेहन-ग्रन्थि रोग ) │ यवमण्ड 107 पथ्यादि क्वाथ 100 │ चन्द्रप्रभा बटी 133 │ लाक्षा कल्क 114 चन्द्रप्रभा बटी 133 │ विरेचन 225-229 │ चांगेरी घृत 146 नारायण तैल 153 │ लिंगवृद्धिकर लेप 267 │ पञ्चतिक्त घृत 152 इरिमेदादि तैल 159 │ 73. मेदो रोग │ 77. रक्तपित्त रोग बृंहण नस्य 247 │ न्यग्रोधादि क्वाथ 99 │ वासक स्वरस 86 स्नैहिक गण्डूष 255 │ बिल्वादि क्वाथ 100 │ वासा पुटपाक 88 मधु गण्डूष 256 │ त्रिफला क्वाथ 100 │ गुडूच्यादि क्वाथ 95, 96 प्रतिसारण और कवल 256 │ शाखोटर्क क्वाथ 101 │ वासादि क्वाथ 96, 97, 102 69. मूत्रकृच्छ्र रोग │ वरुणादि क्वाथ 101 │ त्रिफलादि क्वाथ 96, 98 हरीतक्यादि क्वाथ 98 │ लघुमञ्जिष्ठादि क्वाथ 102 │ यवमण्ड 107 गोक्षुरादि क्वाथ 99 │ बृहन्मञ्जिष्ठादि क्वाथ 102 │ बृहत् मधूकपुष्पादि फाण्ट 108 हिंग्वादि चूर्ण 126 │ उष्णोदक-विधि 105 │ यवसक्तु मन्थ 109
रोगपरक-सूची 309 | आम्रादि हिम | 110 | प्रसारिणी तैल | 155 | मयूर घृत | 147 | | धान्यकादि हिम | 110 | माषादि तैल | 155 | विरेचन नस्य | 245 | | जीवनीयगण चूर्ण | 118 | देवदार्वादि अरिष्ट | 169 | (अष्ठीलिका रोग) | | | कूष्माण्डावलेह | 141 | दशमूलारिष्ट | 171 | हिंग्वादि चूर्ण | 126 | | कुटजावलेह | 142 | हेमगर्भपोट्टली रस | 195 | (आध्मान रोग) | | | कामदेव घृत | 147 | दूसरा हेमगर्भपोट्टली रस | 195 | रास्नापञ्चक क्वाथ | 97 | | महापञ्चतिक्त घृत | 148 | स्वच्छन्दभैरव रस | 200 | रास्नासप्तक क्वाथ | 97 | | शतावरी तैल | 156 | वातनाशन रस | 205 | महाखाण्डव चूर्ण | 123 | | चन्दनादि तैल | 161 | लोह रसायन | 208 | नारायण चूर्ण | 123 | | उशीरासव | 167 | स्नेहसेवन | 212 | हपुषादि चूर्ण | 124 | | कुमार्यासव | 167 | घृत-पान | 212 | पंचसम चूर्ण | 124 | | लोकनाथ रस | 192 | तैल-पान | 212 | नाराच चूर्ण | 124 | | मधु गण्डूष | 256 | वसा-पान | 213 | लवणत्रितयादि चूर्ण | 124 | | रक्तचन्दनादि लेप | 259 | मज्जा-पान | 213 | तुम्बुर्वादिचूर्ण | 125 | | रक्त निर्हरण | 272 | वमन | 221-224 | तालीसादि चूर्ण | 127 | | 78. लूता रोग | | विरेचन | 225-229 | षड्बिन्दु घृत | 149 | | कासीसादि घृत | 149 | अनुवासन | 230-231 | शतावरी तैल | 156 | | गौराद्य घृत | 150 | निरूहण | 237 | नाराच रस | 198 | | 79. वातरोग | | बृंहण नस्य | 247 | इच्छाभेदी रस | 198 | | वीरतर्वाद्वि क्वाथ | 98 | स्नैहिक गण्डूष | 255 | विरेचन | 225-229 | | गोक्षुरादि क्वाथ | 99 | रक्त निर्हरण | 272 | अभयादि मोदक | 227 | | सप्तमुष्टिक यूष | 104 | आर्द्रक स्वरस | 86 | (उरुग्रह रोग) | | | आम्रादि यवागू | 104 | सूरणावलेह | 142 | रास्नापञ्चक क्वाथ | 97 | | वर्धमानपिप्पली कल्क | 112 | महावह्नि रस | 203 | रास्नासप्तक क्वाथ | 97 | | रसोन कल्क | 112 | (अपतन्त्रक रोग) | | रसोन कल्क | 112 | | जीवनीयगण चूर्ण | 118 | मधुकसारादि नस्य | 247 | द्वितीय रसोन कल्क | 113 | | कट्फलादि चूर्ण | 120 | रसोन कल्क | 112 | पिप्पल्यादि कल्क | 113 | | बृहत्कट्फलादि चूर्ण | 120 | (अपबाहुक रोग) | | त्रिफला मोदक | 137 | | तृतीय कट्फलादि चूर्ण | 120 | अपबाहुक लेप | 267 | विडंगारिष्ट | 169 | | जातीफलादि चूर्ण | 122 | (अंगपीड़ा रोग) | | (कटिग्रह रोग) | | | नारायण चूर्ण | 123 | रक्त निर्हरण | 272 | रास्ना पञ्चक क्वाथ | 97 | | अजमोदादि चूर्ण | 125 | (अंगशोष रोग) | | एरण्डादि क्वाथ | 98 | | योगराज गुग्गुलु | 135 | नारायण तैल | 153 | अजमोदादि चूर्ण | 125 | | गोक्षुरादि गुग्गुलु | 137 | (अर्दित-मुख का लकवा रोग) | | लाक्षादि तैल | 152 | | च्यवनप्राशावलेह | 140 | निदिग्धिकादि क्वाथ | 94 | (कम्प रोग) | | | चांगेरी घृत | 146 | लघुमञ्जिष्ठादि क्वाथ | 102 | वारुणी तैल | 154 | | लाक्षादि तैल | 152 | बृहन्मञ्जिष्ठादि क्वाथ | 102 | (कृशता रोग) | | | नारायण तैल | 153 | द्वितीय रसोन कल्क | 113 | कुटजावलेह | 142 | | बलादि तैल | 154 | | | कामदेव घृत | 147 |
310 शार्ङ्गधरसंहिता पिप्पल्यासव 168 | विरेचन नस्य 245 | निरूहण वस्ति 237 दशमूलारिष्ट 171 | बृंहण नस्य 247 | रक्त निर्हरण 272 लोकनाथ रस 192 | ( विड्ग्रह रोग ) | 81. विद्रधि-बड़ाफोड़ा रोग मृगांकपोट्ली रस 194 | हरीतक्यादि क्वाथ 98 | विडंगारिष्ट 169 ( कोष्ठगत वातरोग ) | लवणपञ्चक चूर्ण 118 | विरेचन 225-229 बीजपूर स्वरस 86 | लवणत्रितयादि चूर्ण 124 | रक्त निर्हरण 272 ( गृध्रसी रोग ) | यवानीखांडव चूर्ण 126 | ( मध्यविद्रुधि रोग ) दशमूल क्वाथ 93, 98 | लवणभास्कर चूर्ण 127 | पुनर्नवादि क्वाथ 96, 100 गृध्रसीनाशक क्वाथ 97 | चन्द्रप्रभा बटी 133 | वरुणादिगण क्वाथ 101 रास्नापञ्चक क्वाथ 97 | नाराच रस 198 | ( आभ्यन्तरविद्रुधि रोग ) महानिम्ब कल्क 112 | इच्छाभेदी रस 198 | वरुणादिगण क्वाथ 101 द्वितीय रसोन कल्क 113 | ( विश्वाची रोग ) | ( वातविद्रुधि रोग ) अजमोदादि चूर्ण 125 | अजमोदादि चूर्ण 125 | वातविद्रुधिहर लेप 266 नारायण तैल 153 | अपबाहुक आदि के लेप 267 | ( पित्तविद्रुधि रोग ) शतावरी तैल 156 | ( गात्रस्फुरण रोग ) | पित्तविद्रुधिहर लेप 266 अपबाहुक आदि के लेप 267 | लाक्षादि तैल 152 | ( कफविद्रुधि रोग ) ( तूनी रोग ) | ( हनुस्तम्भ रोग ) | कफविद्रुधिहर लेप 266 अजमोदादि चूर्ण 125 | विडंगारिष्ट 169 | ( आगन्तुज विद्रुधि रोग ) ( प्रतूनी रोग ) | विरेचन नस्य 245 | आगन्तुज विद्रुधिहर लेप 266 अजमोदादि चूर्ण 125 | 80. वातरक्त रोग | 82. विषरोग ( दंडाप्तानक रोग ) | पटोलादि क्वाथ 92, 94, 95, 102 | न्यग्रोधादि क्वाथ 99 शतावरी तैल 156 | अमृतादि क्वाथ 101, 103 | त्रिगन्ध चतुर्जात चूर्ण 118 ( निद्रानाश रोग ) | लघुमञ्जिष्ठादि क्वाथ 102 | नारायण चूर्ण 123 लोकनाथ रस 192 | बृहन्मञ्जिष्ठादि क्वाथ 102 | गौराद्य घृत 150 ( पक्षाघात रोग ) | वर्धमानपिप्पली कल्क 112 | शतावरी तैल 156 लघुमंजिष्ठादि क्वाथ 102 | योगराज गुग्गुलु 135 | सुवर्ण भस्म 173-175 बृहन्मंजिष्ठादि क्वाथ 102 | कैशोर गुग्गुलु 136 | कनकसुन्दर रस 205 माषादि नस्य 248 | गोक्षुरादि गुग्गुलु 137 | स्नेह-सेवन 213 ( प्रत्यष्ठीला रोग ) | च्यवनप्राशावलेह 140 | वमन 221-224 विडंगारिष्ट 169 | कामदेव घृत 147 | विरेचन 225-229 ( प्रसुप्ति रोग ) | पानीयकल्याणक घृत 148 | स्नैहिक गण्डूष 255 लघुमंजिष्ठादि क्वाथ 102 | अमृता घृत 148 | दशांग लेप 258 बृहन्मञ्जिष्ठादि क्वाथ 102 | महापञ्चतिक्त घृत 148 | रक्त निर्हरण 272 सर्वेश्वर रस 202 | कासीसादि घृत 149 | ( कीटविष रोग ) स्वर्णक्षीरी रस 203 | शतावरी तैल 156 | लांगल्यादि लेप 258 ( बद्ध विट्क रोग ) | पिण्ड तैल 157 | ( मूषकविष रोग ) नाराच चूर्ण 124 | लोकनाथ रस 192 | योगराज गुग्गुलु 135 ( मन्यास्तम्भ रोग ) | कुष्ठकुठार रस 201 | ( सर्पविष रोग ) मयूर घृत 151 | लौह रसायन 208 | सञ्जीवनी बटी 132
रोगपरक-सूची 311 सूचिकाभरण रस 197 धूमपान-विधि 252 ( शिरःस्फोट रोग ) सर्पविपनाशक अञ्जन 288 ( दुष्टव्रण रोग ) कासीसादि घृत 149 83. विसंज्ञ-मूर्च्छा रोग दशांग लेप 258 89. शुक्ररोग प्रधमन नस्य 246 शोधन-रोपण लेप 266 रास्नासप्तक क्वाथ 97 विरेचन नस्य 245 87. शर्कराश्मरी-पथरी रोग चन्द्रप्रभा बटी 133 84. विसर्प रोग वीरतर्वादिक क्वाथ 98 योगराज गुग्गुलु 135 पानीयकल्याणक घृत 148 एलादि क्वाथ 99 गोक्षुरादि गुग्गुलु 137 महापञ्चतिक्त घृत 148 दशमूलारिष्ट 171 च्यवनप्राशावलेह 140 कासीसादि घृत 149 88. शिरोरोग बलादि तैल 154 गौराद्य घृत 150 त्रिफला मोदक 137 कुमार्यासव 167 पञ्चतिक्त घृत 152 मयूर घृत 151 स्नेह-सेवन 213 कनकसुन्दर रस 205 विरेचन 225-229 90. शूक रोग वमन 221-224 विरेचन नस्य 245 कासीसादि घृत 149 दशांग लेप 258 बृंहण नस्य 247 91. शूल रोग रक्त निर्हरण 272 रक्तचन्दनादि लेप 259 निदिग्धिकादि क्वाथ 94 वातविसर्पहर लेप 263 रक्त निर्हरण 272 पुनर्नवादि क्वाथ 100 पित्तविसर्पहर लेप 263 ( अकालपलित रोग ) दशमूल क्वाथ 93, 98 कफविसर्पहर लेप 263 निम्बबीज तैल 158 कट्फलादिचूर्ण 120 85. विसूचिका-हैजा रोग नीलिकादि तैल 158 बृहत्कट्फलादि चूर्ण 120 महाखांडव चूर्ण 123 भृंगराज तैल 159 पञ्चसम चूर्ण 124 संजीवनी बटी 132 अभ्रक भस्म 181 तुम्ब्रुवादि चूर्ण 125 अजीर्णकटक रस 204 लोह रसायन 208 यवानीखाण्डव चूर्ण 126 विरेचन 225-229 अभयादि मोदक 227 लवणभास्कर चूर्ण 127 अग्निदाह-विधि 275 बृंहण नस्य 247 चन्द्रप्रभा वटी 133 86. व्रण-फोड़ा रोग प्रतिमर्श नस्य 248 कांकायन वटी 134 गाङ्गेरुकी-स्वरस 87 पलितनाशक लेप 260 षड्बिन्दु घृत 149 न्यग्रोधादि क्वाथ 99 ( अर्धशिरो रोग ) दशमूलारिष्ट 171 पञ्चवल्कल क्वाथ 103 पथ्यादि क्वाथ 100 लोकनाथ रस 192 निम्बपत्र कल्क 112 ( अर्धावभेदक रोग ) नाराच रस 198 कैशोर गुग्गुलु 136 बृंहण नस्य 247 स्वच्छन्दभैरव रस 200 काञ्चनार गुग्गुलु 137 आधाशीशी पर लेप 264 गजकेसरी रस 204 कासीसादि घृत 149 सभी शिरोरोगों पर लेप 264 विरेचन 225-229 जात्यादि घृत 149 ( शिरोग्रह रोग ) निरूहण वस्ति 237 गौराद्य घृत 150 नारायण तैल 153 ( अंगशूल रोग ) त्रिफलादि तैल 158 ( दारुण रोग ) शतावरी तैल 156 जात्यादि तैल 159 नीलिकादि तैल 158 ( आमशूल रोग ) स्नेह-सेवन 213 ( सूर्यावर्त रोग ) धान्यपञ्चक क्वाथ 95 विरेचन 225-229 बृंहण नस्य 247 ह्रीबेरादि क्वाथ 96 अभयादि मोदक 227 क्षीरपाक-विधि 105
312 शार्ङ्गधरसंहिता (उदरशूल रोग) त्रिफलादि क्वाथ ९८ कुटजावलेह १४२ उदरशूलहर लेप २६६ नारायण चूर्ण १२३ कासीसादि घृत १४९ (कटिशूल रोग) (पृष्ठशूल रोग) षड्बिन्दु घृत १४९ सुदर्शन चूर्ण ११९ सुदर्शन चूर्ण ११९ उशीरासव १६७ लवणत्रितयादि चूर्ण १२४ (वस्तिशूल रोग) लोहासव १६८ चन्द्रप्रभा बटी १३३ बीजपूर स्वरस ८६ रोहीतकारिष्ट १७१ पानीयकल्याणक घृत १४८ हिंग्वादि चूर्ण १२६ विरेचन २२५-२२९ (कफज शूल रोग) (योनिशूल रोग) विरेचन नस्य २४५ एरण्डादि क्वाथ ९८ हिंग्वादि चूर्ण १२६ शोथनाशक लेप २५८ (कर्णशूल रोग) फल घृत १५१ दशांग लेप २५८ पथ्यादि क्वाथ १००, १०२ शतावरी तैल १५६ रक्त निर्हरण २७२ हिंग्वादि तैल १२६ (रक्तशूल रोग) (वृषणशोथ रोग) कर्णरोगहर योग २६९ वत्सकादि क्वाथ ९५ फलत्रिक क्वाथ ९९, १०० कर्णशूल में दीपिका तैल २७० (वातज शूल रोग) ९३. शोष रोग श्योनाक तैल २७० नागरादि क्वाथ ९५, ९८ जीवनीयगण चूर्ण ११८- (गुदशूल रोग) (शिरःशूल रोग) अष्टवर्ग चूर्ण ११८ हिंग्वादि चूर्ण १२६ वरुणादि क्वाथ १०१ कूष्माण्डावलेह १४१ (जानुशूल रोग) पथ्यादि क्वाथ १००, १०२ (मुखशोष रोग) सुदर्शन चूर्ण ११९ शतावरी तैल १५६ आमलक्यादि गुटिका १३१ (त्रिकशूल रोग) विरेचन नस्य २४५ बृंहण नस्य २४७ सुदर्शन चूर्ण ११९ (हृदयशूल रोग) प्रतिमर्श नस्य २४८ (नाभिशूल रोग) बीजपूर स्वरस ८६ (व्यवायशोष रोग) योगराज गुग्गुलु १३५ मृगशृंग पुटपाक ८९ च्यवनप्राशावलेह १४० (नेत्रशूल रोग) एरण्डादि क्वाथ ९८ (व्यायामशोष रोग) नेत्रशूलनाशक योग २७९ हिंग्वादि चूर्ण १२६ वसा पान २१३ (पक्तिशूल रोग) ९२. शोथरोग ९४. श्लीपद-फीलपाँव रोग कुमार्यासव १६७ पुनर्नवादि क्वाथ १०० रास्नापञ्चक क्वाथ ९७ त्रिनेत्र रस २०४ पञ्चवल्कल क्वाथ १०३ रास्नासप्तक क्वाथ ९७ (पार्श्वशूल रोग) त्रिफला चूर्ण ११७ शाखोटक क्वाथ १०१ बीजपूर स्वरस ८६ हपुषादि चूर्ण १२४ लघुमंजिष्ठादि क्वाथ १०२ एरण्डादि क्वाथ ९८ अजमोदादि चूर्ण १२५ बृहन्मंजिष्ठादि क्वाथ १०२ पञ्चमूलपक्वक्षीर १०५ चित्रकादि चूर्ण १२५ सूरण बटक १३२ सुदर्शन चूर्ण ११९ लवणभास्कर चूर्ण १२७ वमन २२१-२२४ सितोपलादि चूर्ण १२७ सूरण बटक १३२ श्लीपदहर लेप २६७ कामदेव घृत १४७ त्रिफला मोदक १३७ रक्त निर्हरण २७२ नारायण तैल १५३ योगराज गुग्गुलु १३५ ९५. श्वास-दमा रोग (पित्तशूल रोग) कैशोर गुग्गुल १३६ आर्द्रक स्वरस ८६ शतावरी स्वरस ८६ त्रिफला गुग्गुलु १३७ बिभीतक पुटपाक ८८
रोगपरक-सूची | 313
| स्तम्भ १ | स्तम्भ २ | स्तम्भ ३ |
|---|---|---|
| निदिग्धिकादि क्वाथ — 94 | लाक्षादि तैल — 152 | कामदेव घृत — 147 |
| पुनर्नवादि क्वाथ — 96, 100 | लोहासव — 168 | विरेचन नस्य — 245 |
| वासादि क्वाथ — 96 | खदिरारिष्ट — 170 | 100. हिक्का रोग |
| क्षुद्रादि क्वाथ — 97 | बब्बूलारिष्ट — 170 | रेणुकादि क्वाथ — 97 |
| दशमूल क्वाथ — 93 | द्राक्षारिष्ट — 171 | लवंगादि चूर्ण — 122 |
| वासादि क्वाथ — 102 | दशमूलारिष्ट — 171 | लवणत्रितयादि चूर्ण — 124 |
| उष्णोदक विधि — 105 | लोकनाथ रस — 192 | हिंग्वादि चूर्ण — 126 |
| पञ्चमूलपक्व-क्षीर — 105 | मृगांकपोट्टली रस — 194 | सूरण बटक — 132 |
| वर्धमानपिप्पली कल्क — 112 | हेमगर्भपोट्टली रस — 195 | कण्टकारी अवलेह — 140 |
| सुदर्शन चूर्ण — 119 | दूसरा हेमगर्भपोट्टली रस — 195 | अगस्तहरीतकी अवलेह — 142 |
| कट्फलादि चूर्ण — 120 | लोह रसायन — 208 | लोकनाथ रस — 192 |
| बृहत्कट्फलादि चूर्ण — 120 | वमन — 221-224 | 101. हृद्रोग |
| तृतीय कट्फलादि चूर्ण — 120 | (तमक रोग) | एरण्डादि क्वाथ — 98 |
| पिप्पल्यादि चूर्ण — 122 | लवंगादि चूर्ण — 122 | दशमूल क्वाथ — 93, 98 |
| लवंगादि चूर्ण — 122 | 96. सूतिका रोग | सुदर्शन चूर्ण — 119 |
| जातीफलादि चूर्ण — 122 | देवदार्वादि क्वाथ — 94 | लवंगादि चूर्ण — 122 |
| नाराच चूर्ण — 124 | बलादि तैल — 154 | महाखाण्डव चूर्ण — 123 |
| लवणत्रितयादि चूर्ण — 124 | 97. सोम रोग | नारायण चूर्ण — 123 |
| शुण्ठ्यादि चूर्ण — 126 | सोमरोग-चिकित्सा — 87 | लवणत्रितयादि चूर्ण — 124 |
| हिंग्वादि चूर्ण — 126 | 98. स्तन रोग | चित्रकादि चूर्ण — 125 |
| तालीसादि चूर्ण — 127 | रक्त निर्हरण — 272 | शुण्ठ्यादि चूर्ण — 126 |
| सितोपलादि चूर्ण — 127 | (स्तन्य रोग) | यवानीखाण्डव चूर्ण — 126 |
| लवणभास्कर चूर्ण — 127 | वमन — 221-224 | लवणभास्कर चूर्ण — 127 |
| व्योषादि बटी — 132 | (स्तन्यनाश रोग) | कांसायन बटी — 134 |
| सूरण-पिण्डी — 132 | जीवनीयगण चूर्ण — 118 | च्यवनप्राशावलेह — 140 |
| पिप्पली-मोदक — 133 | 99. स्वरभंग रोग | महापञ्चतिक्त घृत — 148 |
| चन्द्रप्रभा बटी — 133 | बिभीतक पुटपाक — 88 | लोहासव — 168 |
| योगराज गुग्गुलु — 135 | वासादि क्वाथ — 96, 102 | खदिरारिष्ट — 170 |
| कण्टकारी अवलेह — 140 | कट्फलादि चूर्ण — 120 | रोहीतकारिष्ट — 171 |
| च्यवनप्राशावलेह — 140 | दाडिमाष्टक चूर्ण — 121 | वमन — 221-224 |
| कूष्माण्डावलेह — 141 | व्योषादि बटी — 132 | विरेचन — 225-229 |
| अगस्त्यहरीतकी अवलेह — 142 | च्यवनप्राशावलेह — 140 | निरूहण वस्ति — 237 |
कतिपय रोगों के प्रमुख कार्य
स्तम्भ १
१. अरतिनाशक बृहत् मधूकपुष्पादि फाण्ट — १०८ लघुमधूकपुष्पादि फाण्ट — १०८
२. आयुर्वर्धक चन्दनादि तैल — १६१
३. कान्तिकारक कैशोर गुग्गुलु — १३६
४. केशनाशन कारवीरादि तैल — १६१ रोमनाशक लेप (१-२) — २६१
५. केशश्यामीकरण लेप पलितनाशक लेप (१-५) — २६०-२६१
६. केशोत्पादक यष्टीमधुक तैल — १५८ नीलिकादि तैल — १५८ इन्द्रलुप्तहर लेप — २६० केशवर्धक लेप — २६० रोमोत्पादक लेप — २६० इन्द्रलुप्तहर लेप — २६० रोमसंजनन लेप — २६०
७. गर्भकारक योगराज गुग्गुलु — १३५ कामदेव घृत — १४७ त्रिफला घृत — १५० फल घृत — १५१ लाक्षादि तैल — १५२ नारायण तैल — १५३ बलादि तैल — १५४ दशमूलारिष्ट — १७१
स्तम्भ २
८. तर्पणकारक आम्रादि यवागू — १०४ विलेपी-विधि — १०६ लवंगादि चूर्ण — १२२
९. त्रिदोषनाशक अष्टगुण मण्ड — १०७ अभयादि कल्क — ११४ सुदर्शन चूर्ण — ११९ लवंगादि चूर्ण — १२२ चन्द्रप्रभा बटी — १३३ त्रिफला मोदक — १३७
१०. दीपन धान्यपञ्चक क्वाथ — ९५ धान्यनागर क्वाथ — ९५ गुडूच्यादि क्वाथ — ९१, ९५ उष्णोदक-विधि — १०५ मण्ड-निर्माण-विधि — १०६ यवमण्ड — १०७ शुण्ठ्यादि कल्क — ११३ आमलकादि चूर्ण — ११७ त्रिफला चूर्ण — ११७ त्र्यूषण चूर्ण — ११७ पञ्चकोल चूर्ण — ११७ लवणपञ्चक चूर्ण — ११८ दाडिमाष्टक चूर्ण — १२१ लवणभास्कर चूर्ण — १२७ ग्रहणीकपाट रस — २०६ माधुतैलिक वस्ति — २४०
११. पाचन धान्यपञ्चक क्वाथ — ९५ धान्यनागर क्वाथ — ९५ ह्रीबेरादि क्वाथ — ९६ गुडूच्यादि क्वाथ — ९१, ९५ मण्ड-निर्माण-विधि — १०६ अभयादि कल्क — ११४ आमलकादि चूर्ण — ११७ पञ्चकोल चूर्ण — ११७ तालीसादि चूर्ण — १२७ लवणभास्कर चूर्ण — १२७
स्तम्भ ३
१२. पुष्टिकारक अष्टगुण मण्ड — १०७ चन्दनादि तैल — १६१ प्रतिमर्श नस्य — २४८
१३. बलवर्धक यवागू — १०४ लवंगादि चूर्ण — १२२ चन्द्रप्रभा बटी — १३३ कूष्माण्डावलेह — १४१ अगस्त्यहरीतकी अवलेह — १४२ कामदेव घृत — १४७ चन्दनादि तैल — १६१ कुमार्यासव — १६७ द्राक्षारिष्ट — १७१ दशमूलारिष्ट — १७१ मृगांकपोट्टली रस — १९४ लोह रसायन — २०८ माधुतैलिक वस्ति — २४० बृंहण नस्य — २४७ प्रतिमर्श नस्य — २४८
कतिपय रोगों के प्रमुख कार्य ३१५ 14. बुद्धिवर्धक | अगस्त्यहरीतकी अवलेह 142 | कूष्माण्डावलेह 141 सूरण बटक 132 | कामदेव घृत 147 | फल घृत 151 च्यवनप्राशावलेह 140 | अभयादि मोदक 227 | शतावरी तैल 156 नारायण तैल 153 | सुवर्ण भस्म 173-175 | कुमार्यासव 167 स्वर्णभस्म 173-175 | 19. वर्णकारक | लोह रसायन 208 घृतपान के योग्य व्यक्ति 212 | त्रिग्रन्थ चतुर्जात चूर्ण 118 | माधुतैलिक वस्ति 240 15. बृंहण | च्यवनप्राशावलेह 140 | 23. व्रणरोपण विलेपी 106 | अगस्त्यहरीतकी अवलेह 142 | कासीसादि घृत 149 जीवनीयगण चूर्ण 118 | कामदेव घृत 147 | 24. शुक्रवर्धक कूष्माण्डावलेह 141 | कासीसादि घृत 149 | आकारकरभादि चूर्ण 129 कुमार्यासव 167 | कुमार्यासव 167 | मुसल्यादि चूर्ण 129 16. मलभेदक | लोह रसायन 208 | कामदेव घृत 147 आमलकादि चूर्ण 117 | माधुतैलिक वस्ति 240 | दशमूलारिष्ट 171 त्रिफला चूर्ण 117 | सिद्धार्थकादि लेप 259 | 25. शोधनकारक नाराच चूर्ण 124 | रक्त निर्हरण 272 | सप्तमुष्टिक यूष 104 17. मलरोधक | 20. वशीकरण | उष्णोदक विधि 105 गुडूच्यादि क्वाथ 91, 95 | चन्दनादि तैल 161 | अष्टगुण मण्ड 107 न्यग्रोधादि क्वाथ 99 | वशीकरण लेप 268 | धान्यकादि हिम 110 यवागू 104 | 21. वाजीकरण | कासीसादि घृत 149 हरीतक्यादि चूर्ण 121 | शतावर्यादि चूर्ण 128 | द्राक्षारिष्ट 171 लघुगंगाधर चूर्ण 121 | माषादि मोदक 138 | 26. सर्वरोगनाशक दाडिमाष्टक चूर्ण 121 | च्यवनप्राशावलेह 140 | सुदर्शन चूर्ण 119 18. रसायन | मदनकामदेव रस 207 | चन्द्रप्रभा बंटी 133 त्रिफला चूर्ण 117 | कन्दर्पसुन्दर रस 208 | कैशोर गुग्गुलु 136 पञ्चनिम्ब चूर्ण 128 | 22. वीर्यवर्धक | 27. हृद्य योग बाहुशाल गुड़ 130 | जीवनीयगण चूर्ण 118 | विलेपी 106 सूरण बटक 132 | लवंगादि चूर्ण 122 | मरिचादि चूर्ण 121 चन्द्रप्रभा बटी 133 | सूरण बटक 132 | खर्जूरादि मन्थ 109 च्यवनप्राशावलेह 140 | चन्द्रप्रभा बटी 133 | कामदेव घृत 147 CC-0. JK Sanskrit Academy, Jammmu. Digitized by S3 Foundation USA
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