शृंगार शतक
Shringar Shatak
भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा
स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)
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नहीं रहते। कहा है:—Beauty is a witch, against whose charms faith melteth into blood. Much Ado, ii. 1.
अर्थात् खूबसूरती वह जादूगरनी है, जिसके जादूसे ईमानका खून हो जाता है। महात्मा गोथेने भी एक जगह कहा है—Beauty is everywhere a right welcome guest.
अर्थात् खूबसूरती हर कहीं लायक और दिलावेज्ज मिहमान है, अथवा सौन्दर्य्यका एक योग्य अतिथिकी तरह सर्वत्र स्वागत होता है, सौन्दर्य्यका सर्वत्र बोलबाला है—खूबसूरतीकी खातिर कहाँ नहीं होती? खूबसूरतीका नशा शराबसे भी ज्व-दंस्त है। शराबके तो पीनेसे नशा आता और आदमी मतबाला होता है; पर सुन्दरी मृगनयनीसे आँखें मिलते ही नशा चढ़ आता है। परमात्माने इनकी आँखोंमें एक अजोब नशा भर दिया है। महाकवि अकबरने बहुत ही ठीक कहा है:—
करते वो निगाहोंसे, अगर बादाफ़रोशी । होता न गुजर, जानिबे-मैखाना किसी का ॥
अगर वे अपनी मद्दपूर्ण आँखोंसे मदिरा बेचतीं यानी अपनी मदभरी चितवन लोगों पर डालतीं, तो कोई भी शराबकी दूकान की तरफ न जाता। शराबका काम उनको आँखोंसे ही हो जाता—उनसे बार नज़र होते ही नशा चढ़ आता।
हमारे एक हिन्दू कविने भी ऐसी ही बात कही है और बड़ी ही मज़ेदारीसे कही है:—