सुभाषितरत्नभाण्डागार (पण्डित काशीनाथ शर्मा संग्रह)
Subhashita Ratna Bhandagara
पण्डित काशीनाथ शर्मा (सम्पादक: नारायण राम आचार्य) द्वारा
स्रोत: Subhashita Ratna Bhandagara (10,000+ Classic Sanskrit Epigrams & Maxims - Nirnaya Sagar Press) (उद्गम)
पृष्ठ 450, कुल 516 में से
संदर्भ में पढ़ेंमस्थाननिर्देशमनुक्रमकोशः १९
कलकणितगमे (काव्या.२.१०) २०८।२२
कलङ्कदाशो गगना २२२।१
कलभ तवान्तिक २२१।००
कलमा पाकविन (भोज ७४,२४) १९।६
कलमाग्रनिर्ग (शा प ४०/१) ८५।६ = = ८८।२७
कलयति कुव (सा द १० ७०) २००।१८
कलयति मम चेत २८८।२२
कलय वलय वम्मि ३००।१४
कलया तुषार (शिशु ० ३४) ३००। २
कलशे निजहेतुद २६५।२८८
कलहान्तानि (पच ४ ७२) १८१।५४५
कलाविनाथानय २०१।१२०
कलानिधिरय रवे ३०१।८८
कलारल गीत पग १७७।९७९
कलाववत सेव कला ८१।३
कलासीमा का १००।२१२
कलास्तास्ता सम्य २१०।३२
कलिकालसियं याव १९४।७१
कलितमम्बरमाक ३००।८९
कलुष च तवा (सा द १० ८२) १०४।९०
कल्पक्षोणिदहोड १११।२५५
कल्पतरुका मदोग्धी (कुव १२५) १०३।७१
कल्पद्रुम कल्पितमे ८७।२४
कल्पद्रुमो न जा (शा प १२४२) १०१।५
कल्पद्रुमोऽपि (शा प ९८७) २३७।३१
कल्पयति येन (हि २ ६५) १७०।००१
कल्पस्थायि न जीवि (सु ५२१) ७०।२९
कल्पान्तक्रूरकेलि कतु ८१।०७
कल्पान्तवाससखो १५६।१४९
कल्पान्ते क्रोवन्तस् (शा प ९७) ८।१११
कल्पान्ते शमित (सूक्ति २ २४) ५।५४
कल्याणं व क्रियासु ८।१११
कल्याण वो विधत्ता ३।३३
कल्याणं न किम (शा प.११८४) २२०।४
कल्याणं भगवत्कथा ३४।५४
कल्याणं भवता १११।२६३
कल्याणवाक्त्वमि २०२।३१
कल्याणाङ्कुरचानुक्त ३०७।५९
कल्याणाना निधान (हनु १ २) २१।८८
कल्याणोल्लाससीमा क २१।८९
कल्योत्थानपरा नि ३५०।१२
कल्लोलक्षित (प्र राघव २.३५) २०२।१९९
कल्लोलवेल्लितदृषत्प २१६।१९
कल्लोलमञ्चलदुगाव २१५।१७
कल्लोल व्यगन प ८ १२५।०२
कवय कालिदासा मा ५४०५- १२
कवय कि न (भोज) १०७।००६
कवय परितुष्यन्ति (शा प १०७) ८८।५
कवयति पण्डितराजे ३५।१३
कवयो वद कुत्र २०९।६३
कवि करोति कव्या ३२।१६
कवि करोति पद्यानि ८२।१३
कवि पिना पोषयति ३२।१७
कवित्वगानप्रि (नैषध ७ ६७) २६५।२१६
कविभिर्नपसेवासु (शा प १५१) ३०।२
कविर्गुणहरति श्लाघ्या ३०।१२
कविरमर कविरुच (शा प १७८) ३४।६
कविवाक्यामृतती (शा प ४६९) ३२।१९
कविहृदयोचनसूया १७१।७८४
कवीना महता सूक्ते (सु १८८) ४०।२४
कवीना मानस नोमि (भोज १२) ३२।६
कवीना सतापो (प्रदीप) १०६।१५१
कवीनामगलहूर्षा (सूक्ति ० ७४) ३७।६२
कवीन्द्र नोमि वा (शा प ७२) ३६।४८
कवीन्द्राणामास (कुव ४३) १२२।१०२
कवीश्वराणा वचसा ३५।८०
कवेरभिप्रायमगन्द (सु २५८) ३२।३५
कश्चिच्छला (शिशु १८ ६४) १३०।९४
कश्चित्कम्यचिदव (ह स १७, १६८।६०८
कश्चित्तरति (मा १० ४९७) २४३।६३३
कश्चि पान्यस्नुषा १८८।७२
कश्चिदास्रवर्ण छि (र २ ६३) ३८०।४१०
कश्चिद्द्विपस्तङ्ग (रघु ७ ७७) ३६०।२०
कश्चिञ्चव पञ्चवमा २२६।२१
कश्चिन्मूर्च्छामि (शिशु १८ ७८) १३०।८८
कषायेरुपवांस्थ कृता ४४।४
कष्टं च खलु मूर्खत्व (चा ना २ ८) ९६।२
कष्ट जीवति गणिका ३५०।५
कष्टा वृत्ति परा (चा ना ५९) १५२।३९०
कस्तूरिका हरिण २४४।१०८
कस्तूरिका तुणभु २०५ ६०
कस्तूरिकामृगनाम (कुव १२६) ५८।१६४
कस्तूरी जायते कस्मा १९६।१
कस्तूरीतिलक ललाट (सु २७) २५१।१८४
कस्तूरीतिलकं ललाट १८३।५५
कस्तूरीतिलकन्ति भा १०१।४५
कस्तूरीतिलक (शा प ३३९४) २५८।४३
कस्तूरीयान्ति भाले १०१।४६
कस्तूरी सितिमानमा १३७।७३
कस्तूरीयमदौ योद्धु (कुव ७०) १०२।३३
कस्त्वं कुष्णमवेहि २३१।५०
कस्त्वं ब्रद्यक्षप्रवे (सूक्ति ० ८३) २०।६८
कस्त्व भद्र खले (कविना २०) ६१।२७०
कस्त्वं भो क (शा प १०४६) २/२।१७१
कम्त्व भो कधिर २८७।८९
कस्त्व लोहितलोच (सु ७६३) २२१।३०
कस्त्व शूली मृगय (शा प ९५) ५।४५
कस्मान्नोऽह किमपि ३६९।७३
कस्मात्त्व दुर्बलासी १९५।५३
कस्मादिन्दुरसौ विनो ५३।२६६
कस्मिञ्छेते मुरारि १९८।३९
कस्मिन्वसन्ति वद १९७।२९
कस्मिन्स्वपिति कमा २००।३४
कस्मै कि कथनीयं कस्य ३६३।६
कस्मै चिन्कपटाय कैट ६३।३३
कस्मै यच्छति स २०४।१११
कस्मै हन्त फलाय (रसगगाधर) २४९।१०२
कस्यचित्किमपि नो १७१।८०८
कस्यचिन्समद (शिशु २० १०) ३१४।१३
कस्य तृष न क्षपय (भोज ७३) २१९।३
कस्य मरो दुरवि (शा प ५५६) १९६।१३
कस्यारयाय (प्र राघव ६ ४४) २९२।२८
कस्यादेशात्क्षपयति ५१।२३१
कस्यापि कोऽप्य १७६।९५८
कस्याचिद्वाचि कश्चि ३४।६८
कस्याश्चिन्मुग्व (शिशु ८ ५६) ३३१।११३
कस्यैयं तरणि प्रपा ३३९।१२२
कहमस्सि गुहावक्ति १८७।२७
काश्चित्कत्तपशत ३७४।२०१
कावित्नुच्छद्यति ९४।१११
काक कृष्ण पि (नीति १३) २२५।१२०
काक पक्षबलेन भू २३१।५०
काक पक्षिक्षु चा १५८।२१२
काक पञ्चवने रति ८४।२१
काक आह्वयते काकान् ७३।१४
काकतालीययोगेन १५२।१२
काकतालीयवत्त्रासं (हि प्र ३६) ८३।१४
काक स्व फल (सूक्ति १७ ४) २२८।२१८
काकस्य गात्रं यदि (नीति र ८) २२८।१०
काका कि कि न (भोज १९२) २२७।१८४
का कान्ता कालिया २००।४०