भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

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पहली जनवरी सन् १८६० ई० को वाशिंगटन की मध्यरात्रि में ग्रहों के मध्यम भोगांश ( १६ )

\t\t\t\tसूर्य-सिद्धान्तानुसार\t\t\t\tअर्वाचीन ज्योतिषानुसार ग्रह\t\t\tमूल\t\t\tबीज संस्कृत \tअंश\tकला\tविकला\tअंश\tकला\tविकला\tअंश\tकला\tविकला

सूर्य\t६६\t१८\t२१\t६६\t१८\t२१\t१००\t५\t६ बुध\t१५५\t२\t३०\t१४८\t२५\t३६\t१५१\t२८\t२० शुक्र\t३३६\t५४\t५५\t३३४\t५७\t१८\t३६६\t१३\t३६ मंगल\t१६२\t३६\t५\t१६२\t३६\t५\t१६७\t२६\t३२ गुरु\t१०४\t७\t२२\t१००\t४८\t५६\t१०३\t३५\t१७ शनि\t१२८\t१७\t११\t१३३\t१४\t४६\t१३७\t१०\t१० चन्द्रमा\t६\t४\t६\t६\t४\t६\t१२\t४१\t२३ चन्द्रोच्च\t३२७\t५०\t२४\t३२६\t११\t११\t३२६\t४७\t३५ चन्द्रपात\t३१२\t२६\t५१\t३१०\t५०\t३८\t३१२\t४८\t१०