भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

पृष्ठ 251, कुल 838 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 251

२२८ सूर्य-सिद्धान्त उन्मण्डल,(six o'clock line) उस वृत्त को कहते हैं जो पूर्व पश्चिम बिन्दुओं और उत्तरी दक्षिणी आकाशीय ध्रुवों से होकर जाता है। यही निरक्षदेश पर क्षितिज होता है । विषुवन्मण्डल (celestial equator) उस वृत्त को कहते हैं जो पूर्व पश्चिम बिन्दुओं से होकर जाता है और उत्तरी दक्षिणी आकाशीय ध्रुवों से समान अन्तर पर होता है । चित्र ४७ चित्र ४७ का विवरण— श...दर्शक का स्थान धा...दक्षिणी आकाशीय ध्रुव उ...उत्तर विन्दु ख...खस्वस्तिक पू...पूर्ण विन्दु उ पू द प...क्षितिज वृत्त द...दक्षिण विन्दु ध पू धा प...उन्मण्डल प...पश्चिम विन्दु प ख पू...सममण्डल ध...उत्तरी प्रकाशीय ध्रुव प व पू...विषवन्मण्डल वा विषुवद्वृत्त व...यामोत्तर वृत्त और विषुवद्वृत्त का सामान्य विन्दु उ ध ख व द धा...यामोत्तर वृत्त