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सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

पृष्ठ 335, कुल 838 में से

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३१२ सूर्य-सिद्धान्त ३२°११' = १६३१', इसलिए इसके ३२°११' के उदय होने का समय = १६३१ असु । इसलिए सायन कर्क राशि के उदयासु १६३१ हैं जो सायन मिथुन के भी उदयासु हैं। इसी प्रकार यह सिद्ध हो सकता है कि सायन सिंह राशि के उदयासु सायन वृष राशि के उदयासुओं के और सायन कन्या राशि के उदयासु सायन मेष राशि के उदयासुओं के समान हैं। अब यह जानना है कि सायन कर्क राशि के उदयासु किसी अन्य स्थान में, मान लो प्रयाग में, क्या होंगे । चित्र ६१ यह चित्र ६०वें चित्र के ही समान है अन्तर केवल यह है कि उसमें व का ६०° से कम है और यहाँ व का १२०° के समान है । चित्र से यह प्रकट है कि व का जो १२०° के समान है प्रयाग में उतने ही समय में उदय होगा जितने समय में व पू उदय होता है। परन्तु व का का विषुवांश व पू च के समान है जिसमें पू च चरांश क्षितिज के नीचे है। इसलिए

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