भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

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मध्यमाधिकार १३' है। (२२) इस कल्प के संधियों सहित ६ मनु बीत गये हैं और सातवें मनु वैवस्वत के २७ महायुग बीत गये हैं, तथा (२३) अठाईसवें महायुग का सत्ययुग बीत गया है; इसलिए काल गणना के लिए इतनी संख्याओं को एकत्र कर लेना चाहिये ॥ २१-२३॥ विज्ञान भाष्य—आयु का परिमाण सौ वर्ष का माना गया है। मनुष्य की परम आयु सौ सौर वर्षों की होती है, देवता की आयु सौ दिव्य वर्षों की होती है और एक दिव्य वर्ष ३६० सौर वर्षों का होता है। इसी तरह ब्रह्मा की आयु सौ ब्राह्म वर्षों की समझनी चाहिये । एक ब्राह्म वर्ष ३६० ब्राह्म दिनों का और एक ब्राह्म दिन (अहोरात्र) दो कल्प अथवा २००० महायुगों का होता है। इस गणना से ब्रह्मा के ५० वर्ष बीत गये हैं, इक्यावनवें वर्ष का पहला दिन (कल्प) आरंभ हो गया है जिसके संधियों सहित ६ मनु, २७ महायुग और २८वें महायुग का सत्ययुग बीत गया है। यहाँ यह स्मरण रखना चाहिये कि यह बात सत्ययुग के अंत में कही जा रही है; जैसा कि दूसरे श्लोक के 'अल्पावशिष्टेतु कृते'* इत्यादि से प्रकट है। इस गणना से वर्तमान कल्प के आरम्भ से २८ वें महायुग के सत्ययुग के अन्त तक का समय यों निकलता है :— सौर वर्षों में कल्प की आदि संध्या = १७,२८,००० ६ मन्वन्तर = ६ x ३०,६७,२०,००० = १,८४,०३,२०,००० ६ मन्वन्तरों की ६ संध्याएँ = ६ x १७,२८,००० = १,०३,६८,००० सातवें मन्वन्तर के २७ महायुग = = २७ x ४३,२०,००० = ११,६६,४०,००० २८वें महायुग का सत्ययुग = १७,२८,०००

∴ कल्प के आरम्भ से वर्तमान महायुग के सत्ययुग के अन्त तक का समय = १,९७,०७,८४,००० इस समय १६७६ वि० में कलियुग के ५०२३ वर्ष बीते हैं; इसलिए यदि कल्प के आरम्भ से अब तक का समय जानना हो तो ऊपर सत्ययुग के अन्त तक के सौर वर्षों में त्रेता के १२,९६,००० सौर वर्ष, द्वापर के ८,६४,००० सौर वर्ष तथा कलियुग के ५०२३ वर्ष और जोड़ देने चाहिये । इस प्रकार कल्प के आरम्भ से अब तक का समय हुआ १, ९७, २६, ४६, ०२३ सौर वर्ष। संकल्प के मंत्र में समय की गणना इसी प्रकार की गई है जिसका समय संबन्धी भाग यह है :—

*देखिये १६वें श्लोक का विज्ञान भाष्य