सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
DevanagariHindipublished838 पृष्ठ
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विप्रश्नाधिकार ४१६
स्थान हैं। द, दा स्थानों से सूर्य के स बिन्दु तक दो स्पर्शरेखाएं द स और दा स खींचो। द स्थान का द्रष्टा यह ध्यान से देखता है कि शुक्र शु किस समय सूर्य बिम्ब के सामने पहुँच कर उसको भीतर से स्पर्श करता है। इसी प्रकार दा स्थान का द्रष्टा शुक्र और सूर्यबिम्ब के भीतरी स्पर्श का समय ध्यान से देख लेता है। इन दोनों