भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

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पाताधिकार ७१७ इसलिए १५ मई को ६ बजकर ७ मिनट ४३ सेकंड पर व्यतीपात का मध्यकाल होगा । परन्तु यह गणना ग्रीनविच के टाइम से की गई है जो भारतवर्ष के रेलवे टाइम से ५ घंटा ३० मिनट पीछे है। इसलिए भारतवर्ष के रेलवे टाइम के अनुसार १५ मई की रात को ११ बजकर ३७ मिनट ४३ सेकंड पर व्यतीपात काल का मध्य होगा । अब स्थित्यर्ध-काल जानकर इससे घटाया जाय तो व्यतीपात काल का प्रारंभ काल आ जायगा और जोड़ा जाय तो अंतकाल आवेगा। यह १४वें श्लोक के अनुसार सुगमतापूर्वक हो सकता है इसलिए उदाहरण देने की आवश्यकता नहीं जान पड़ती । इस प्रकार पाताधिकार नामक ११वें अध्याय का विज्ञान भाष्य समाप्त हुआ ।