सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
DevanagariHindipublished838 पृष्ठ
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७३२ सूर्य-सिद्धान्त कि ग्रीष्म ऋतु में सूर्य की किरणें लम्ब रूप में खड़ी आती हैं इसलिए उनकी प्रखरता अधिक होती है और हेमन्त ऋतु में सूर्य के नीचे होने के कारण किरणें टेढ़ी आती हैं इसलिए उनकी प्रखरता कम पड़ जाती है। यह बात प्रतिदिन देखी जाती है। मध्याह्न में सूर्य ऊँचा होता है इसलिए इसकी किरणें प्रायः खड़ी रहती हैं और गरमी भी बढ़ जाती है। परन्तु प्रातःकाल और सायंकाल इसकी किरणें बहुत तिरछी रहती हैं इसलिये उतनी गरमी नहीं रहती । यही दशा सारे भूपृष्ठ पर एक वर्ष की अवधि में होती है। विषुवत्रेखा के आस पास के देशों में सूर्य साल भर तक प्रायः सिर पर देख पड़ता है इसलिये इसकी किरणें लम्बरूप से खड़ी आती हैं और बड़ी तीव्र होती ख चित्र १२३ ग क