भारतकोश
तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary

आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा

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अध्याय - २ औपपादिकचरमोत्तमदेहासंख्येयवर्षायुषोऽनपवर्त्यायुषः ॥५३॥ [ औपपादिक ] उपपाद जन्मवाले देव और नारकी, [ चरम उत्तम देहाः ] चरम उत्तम देह वाले अर्थात् उसी भव में मोक्ष जाने वाले तथा [ असंख्येयवर्ष आयुषः ] असंख्यात वर्ष आयु वाले भोगभूमि के जीवों की [ आयुषः अनपवर्ति ] आयु अपवर्तन रहित होती है। The lifetime of beings born in special beds, those with final, superior bodies and those of innumerable years, cannot be cut short. ॥ इति तत्त्वार्थाधिगमे मोक्षशास्त्रे द्वितीयोऽध्यायः॥ 35