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वैदिक शिक्षा पद्धति एवं गुरुकुल व्यवस्था (डॉ. भास्कर मिश्र - राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान)

वैदिक शिक्षा पद्धति एवं गुरुकुल व्यवस्था (डॉ. भास्कर मिश्र - राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान)

Vaidik Shiksha Paddhati and Gurukul System

डॉ. भास्कर मिश्र द्वारा

DevanagariHindipublished353 पृष्ठ

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Digitized by Arya Samaj Foundation Chennai and eGangotri दशम अध्याय उपसंहार हमारे देश में राष्ट्रीयएकता एवं अखण्डता का जितना अधिक महत्वपूर्ण स्थान है उतना ही देश के भीतरी एवं बाहरी शत्रुओं की दृष्टि में देश की एकता और अखण्डता पर आघात करने का प्रयास निरन्तर चल रहा है। मनुष्य भय से निष्क्रिय एवं पलायनवादी बन जाता है। इसीलिए लोगों में भय उत्पन्न करने के लिए कुछ असामाजिक तत्त्व अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए प्रयास करते हैं। इस कार्य के लिए वे हिंसापूर्ण साधनों का प्रयोग करते हैं। ऐसी स्थिति ही आतंकवाद का आधार है। आतंकवाद शब्द का निर्माण आतंक + वाद से हुआ है और इस शब्द का सामान्य अर्थ है— आतंक का सिद्धान्त। 'आतंक' का अर्थ होता है— पीड़ा, डर, आशंका, नीति-त्रास। इस प्रकार आतंकवाद एक ऐसी विचारधारा है जो अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बल प्रयोग में विश्वास रखती है। ऐसा बल प्रयोग विरोधी वर्ग, समुदाय या सम्प्रदाय को भयभीत करने के लिए किया जाता है। आतंकवादी अपने रातनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिये हिंसा से या अवैध रूप से सरकार को गिराने और शासन तंत्र पर अपना अधिकार जमाने का प्रयास भी करते हैं। राष्ट्रीयएकता एवं अखण्डता के लिए आतंकवाद सदैव से एक अभिशाप रहा है। इसका अस्तित्व मात्र हमारे देश में ही व्यास नहीं है, बल्कि इसका अस्तित्व सम्पूर्ण विश्व में विद्यमान है। यह सम्पूर्ण विश्व में भय, तनाव, असुरक्षा की भावना भर देना चाहता है। इससे इसकी नींव में छिपे इरादों को कोई नहीं जानता है। ये आतंकवादी समस्त विश्व में राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए सार्वजनिक हिंसा और हत्याओं का सहारा ले रहे हैं। भौतिक दृष्टि से विकसित देशों में तो आतंकवाद की इस प्रवृत्ति ने विकराल रूप धारण कर लिया है। कुछ आतंकवादियों ने तो मिलकर अन्तर्राष्ट्रीय संगठन बना लिया है। जे०सी० स्मिथ अपनी बहुचर्चित पुस्तक 'लीगल कंट्रोल ऑफ इण्टरनेशनल टेरेरिज्म' में लिखते हैं कि इस समय संसार में जैसा तनावपूर्ण वातावरण बना हुआ है, उसको देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद में और तेजी आयेगी। किसी देश द्वारा अन्य देश में आतंकवादी गुटों को समर्थन देने की घटनायें बढ़ेगी। राजनयिकों की हत्यायें, विमान अपहरण, CC-0. Gurukul Kangri Collection, Haridwar