ब्रह्मचर्य ही जीवन है
Brahmacharya Hi Jeevan Hai
स्वामी शिवानन्द द्वारा
स्रोत: Chatra Hitkari Pustakmala, Daraganj, Prayag (1926) · Kedarnath Gupta, Chatra Hitkari Pustakmala · 1926 (उद्गम)
पृष्ठ 193, कुल 199 में से
संदर्भ में पढ़ेंनवयुवकों को स्वर्गीय सन्देश पहुँचाने वाली
व्यावहारिक कारी पुस्तकमाला
की अनुपम, शिक्षाप्रद पुस्तकें
(१) ईश्वरीय बोध—जगतविख्यात स्वामी विवेकानन्द के गुरु परमहंस श्रीरामकृष्ण के उपदेशों का संग्रह है। एक एक उपदेश अमूल्य हैं। मनुष्यमात्र के लिये बहुत उपयोगी है। मूल्य ॥१॥
(२) सफलता की कुञ्जी—श्रीयुत स्वामी रामतीर्थ पत्र १० के “सीक्रेट आफ सक्सेस” नामक लेख का हिन्दी अनुवाद। क्या आप प्रत्येक कार्य में सफलता चाहते हैं? क्या आप को अपना जीवन सुखमय बनाना है? यदि है तो इस पुस्तक को अवश्य पढ़िये। मूल्य ॥१॥
(३) मनुष्य जीवन की उपयोगिता—यह पुस्तक तिब्बत के प्राचीन पुस्तकालय में पड़ी हुई थी, जिसे एक चीनी पं० ने खोज निकाला था और उसको चीनी भाषा में अनुवादित किया था। प्रस्तुत पुस्तक उस चीनी पुस्तक का रूपान्तर है। यूरोप की प्रत्येक भाषा में इसके अनुवाद हो चुके हैं। इस विचित्र पुस्तक में जीवन की सब समस्याओं और अवस्थाओं पर पूर्ण प्रकाश डाला गया है। काम, क्रोध, लोभ, मोहादि