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बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)

Brihat Parashara Hora Shastra of Maharshi Parasara with Commentary

महर्षि पराशर (टीकाकार: पं. गणेशदत्त पाठक / सीताराम झा) द्वारा

DevanagariHindipublished800 पृष्ठ

७८४ बृहत्पाराशरहोराशास्त्रम् ।

वृश्चिकांश में मकर दशा वर्ष ४

में अन्तर्दशा

सिंमिवृमेमीकुं
मा११
दि१७२१२३२७२७१७
५८२६३०४३४११९१२२६५८
३७३०४११८५१२३२३३०३७

वृश्चिकांश में धन दशा वर्ष १०

में अन्तर्दशा

| |

अन्तरदशादिचक्रम् । ७८५


धनु अंश में तुला दशा वर्ष १६

में अन्तर्दशा

तुवृमेवृमिसिंकं
मा
दि२११३१३२११८
३६१२१२३६२४३६२४

धनु अंश में वृश्चिक दशा वर्ष ७

में अन्तर्दशा

वृमेवृमिसिंकंतु
मा
दि२६१२२६१३१६१९१६१३
२४२४१२४८२१४८१२

धनु अंश में धन दशा वर्ष १०

में अंतर्दशा

मेवृमिसिंकंतुवृ
मा१०१०
दि१२२४२०१२

मकरांश में मकर दशा वर्ष ४

में अंतर्दशा

कुंमीवृतुकंसिंमि
मा११
दि१९२८२८२४
४५५४१४१५२८४५४२२८
५३५३४२१८३५१४४३२११४

मकरांश में कुम्भ दशा वर्ष ४

में अन्तर्दशा

कुंमीवृतुकंसिंमि
मा१९२८२५२४
दि११
४५२४३५२८४९४२२८४५
५३४२१८३२१४४३२११४५३

मकरांश में मीन दशा वर्ष १०

में अन्तर्दशा

मीवृतुकंसिंमिकुं
मा१०
दि२६१७२११९२११९१९
३१२८३८१०२४४५१०२४२४
४६१४४९३५४३५३३५४३४३

मकरांश में वृश्चिक दशा वर्ष ७

में अन्तर्दशा

वृतुकंसिंमिकुंमी
मा
दि२७२४२६२२२८२६२८२८२६
३१२०४९३५१४४९३५३५२८
४६१०३०१७२५१८१८१४

मकरांश में तुला दशा वर्ष १६

में अन्तर्दशा

तुकंसिंमिकुंमीवृ
मा१११११०
दि१३१०२४
१४५२४९५२३८२१
५६३२१५५६३२३२४९११

७८६ वृहत्पाराशरहोराशास्त्रम् ।

मकरांश में कन्या दशा वर्ष ९

में अन्तर्दशा

कंसिंमिकुंमीवृतु
मा११११
दि१३२०१०१३२१२६
२८३५२८२८१०४५५२
३२३४१८३२१४१४३५२५५६

मकरांश में कर्क दशा वर्ष २१

में अन्तर्दशा

सिंमिकुंमीवृतु
मा११११११
दि२४२०२५२५१९२२१३२०
४५४२२८४५४५२४३५२८
५३३११४५३५३४३१७३२१४

मकरांश में सिंह दशा वर्ष ५

में अन्तर्दशा

सिंमिकुंमीवृतुकं
मा११
दि१५१०२४२४२८१०२४
५२३५४२४२४५१४४९३५४२
५६१८२१२१५३२५१८२१

मकरांश में मिथुन दशा वर्ष ९

में अन्तर्दशा

मिकुंमीवृतुकंसिं
मा११११
दि१३२१२६११२०१०
२८२८१०४९५२२८३५
३२१४१४३५२५५६३२१४१८

कुम्भांश में वृष दशा वर्ष १६

में अन्तर्दशा

वृमेमीकुंमेवृमि
मा११११
दि२४
२१४७५८३५३५५८४७२१३४
४२३३२५२५३३४१४२

कुम्भांश में मेष दशा वर्ष ७

में अन्तर्दशा

मेमीकुंमेवृमिवृ
मा१०१०
दि
३१३६२६२६३६३१४७१८४७
४८५२४५४५५२४८१०

कुम्भांश में मीन दशा वर्ष १०

में अन्तर्दशा

मीकुंमेवृमिवृमे
मा१०१११११०
दि११२३२३१३
४४२९२९४४३६५८३६
३८३८४२१३४२३३५२

कुम्भांश में कुंभ दशा वर्ष ४

में अन्तर्दशा

कुंमेवृमिवृमेमी
मा
दि२३२३
२३२३२९२६३५३५२६२९
४२४२३८४५२५४०१५४०३८

७८७ अन्तरदशादिक्रमम् । कुम्भांश में मकर दशा वर्ष ४ में अन्तर्दशा

मेवृमिवृमेमीकुं
मा
दि२३१७१७२३
२३२९२६३५३५२६२९२३
५२३८४५२५२५४५३८५५
कुम्भांश में धन दशा वर्ष १०
में अन्तर्दशा
मेवृमिवृमेमीकुं
:---:---:---:---:---:---:---:---:---:---
मा१०१११११०
दि१३१३२३२३
४४३६५८२१५८३६४४२९२९
३३४२३३५२३८३८
कुम्भांश में मेष दशा वर्ष १७
में अन्तर्दशा
मेवृमिवृमेमीकुं
:---:---:---:---:---:---:---:---:---:---
मा१०१०
दि
३१४७१६४७३१३६२६२६३६
४८१०४८५२४५४५५२
कुम्भांश में वृष दशा वर्ष १६
में अन्तर्दशा
वृमिवृमेमीकुंमे
:---:---:---:---:---:---:---:---:---:---
मा११११
दि२४
२१३४२१४७५८३५३५५८४७
४१४२४१३३२५२५३३
कुम्भांश में मिथुन दशा वर्ष ९
में अन्तर्दशा
मिवृमेमीकुंमेवृ
:---:---:---:---:---:---:---:---:---:---
मा११
दि२१२४२४
१९३४१५२१२११५३४
३२३४१०४२४०४०४२१०४२
मीनांश में कर्क दशा वर्ष १२
में अन्तर्दशा
सिंतुवृकुंमी
:---:---:---:---:---:---:---:---:---:---
मा१०११११
दि१६१९११२६१५२१२१
३९३०२०३७३७
४७४७४२५६११४१४१११
मीनांश में सिंह दशा वर्ष ५
में अन्तर्दशा
सिंतुवृकुंमी
:---:---:---:---:---:---:---:---:---:---
मा११
दि१४२६२९२३२३२९१९
१९२२५३३०१८४३४३३२
२०४२१५१५
मीनांश में कन्या दशा वर्ष ४
में अन्तर्दशा
तुवृकुंमीसिं
:---:---:---:---:---:---:---:---:---:---
मा११
दि२३१६१६११
४७४३४४४१४१४४२२
११२६१५४०५१५१४०४६२०

७८८ वृहत्पाराशरहोराशास्त्रम् । मीनांश में तुला दशा वर्ष १६ | मीनांश में वृश्चिक दशा वर्ष ७ में अन्तर्दशा | में अन्तर्दशा

तुवृकुंमीसिंकं
मा१११०१०१०११
दि२११८२७२७२६
३७५०४६५४५४४६३०५३
४११४२६२६४०
वृकुंमीमंसिंतु
मा
दि२५२३२७२७२३१५२६२३
१२१२२०३०४३
५९२४३३३३२४५६४२१५

मीनांश में धन दशा वर्ष १० | मीनांश में मकर दशा वर्ष ४ में अन्तर्दशा | में अन्तर्दशा

कुंमीसिंकंतुवृ
मा१०
दि२८१७१७२८२९१६
३६२६२६३६१८४४४६
१६३०३०१६११४०
मंकुंमीसिंकंतुवृ
मा
दि१७२१२३२७२७
५८५८२६३७४३४१५४१२
३७३७३०४११५५१२६३३

मीनांश में कुंभ दशा वर्ष ४ | मीनांश में मीन दशा वर्ष १० में अन्तर्दशा | में अन्तर्दशा

कुंमीसिंकंतुवृ
मा
दि१७२१२३२७२७१७
५८२६३७४३४१५४१२२६
३७३०४११५५१२६२३३०
मीसिंकंतुवृकुं
मा१०
दि२८२९१६२३२८१७
३६१८४४४६३६२६
१६११४०२४१६३०

इति श्री वृहत्पाराशरहोराशास्त्रं ज्योतिषाचार्य श्री गणेशदत्त पाठक कृत सटीकं सोदाहरणं समाप्तम्। हर प्रकार की पुस्तक मिलने का पता- सावित्री ठाकुर प्रकाशन रथयात्रा, वाराणसी।