अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
२४. आसुरी माया से उत्पन्न वनस्पति का वर्णन १-४ २५. यक्ष्मा नाशक अग्नि की स्तुति १-४ २६. इंद्र, मरुत् व पर्जन्य देव की स्तुति १-४ २७. शत्रु सेना को पराजित और अपनी सेना को आगे बढ़ाने के लिए इंद्र पत्नी की स्तुति १-४ २८. अग्नि देव की स्तुति १-४ २९. ब्रह्मणस्पति देव की स्तुति १-६ ३०. विश्वे देव, आदित्य एवं वसु की स्तुति १-४ ३१. इंद्र, यम आदि चार देवों के लिए मंत्रों की आहुति १-४ देव कुबेर से स्वर्ण व रजत आदि धन देने का आग्रह ४ ३२. पृथ्वी और आकाश को नमन १-४ ३३. रोग विनाशक जल देव की स्तुति १-४ ३४. मधु लता का वर्णन १-५ ३५. हिरण्य का वर्णन १-४ दूसरा कांड सूक्त विषय मंत्र १. ब्रह्म और आत्मा का वर्णन १-५ २. ब्रह्म के रूप में सूर्य की आराधना १-५ ३. स्राव विरोधी ओषधि का वर्णन १-६ ४. जंगिड़ वृक्ष से निर्मित जंगिड़ मणि का वर्णन १-६ ५. इंद्र की स्तुति १-७ ६. अग्नि देव की स्तुति १-५ ७. पाप का विनाश करने वाली मणि का गुणगान १-५ ८. यक्ष्मा और कुष्ठ रोगों से मुक्त करने वाले तारे १-५ ९. वनस्पतियों से निर्मित मणि का वर्णन १-५ १०. द्यावा और पृथ्वी का विभिन्न रोगों में कल्याणकारी होना १-८ ११. तिलक वृक्ष से निर्मित मणि १-५ १२. द्यावा, पृथ्वी और अंतरिक्ष के अधिपति देव क्रमशः अग्नि, वायु और सूर्य का वर्णन १-८ १३. अग्नि, बृहस्पति और विश्वे देव का गुणगान १-५ १४. अग्नि, भूतपति तथा इंद्र की स्तुति १-६ ebook converter DEMO Watermarks*
१५. प्राणों को बल प्रदान करना १-६ १६. प्राण और अपान से मृत्यु से रक्षा के लिए प्रार्थना १-५ द्यावा और पृथ्वी की स्तुति २ १७. अग्नि की ओज के रूप में स्तुति १-७ १८. अग्नि देव से शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना १-५ १९. अग्नि देव की स्तुति १-५ २०. वायु देव की स्तुति १-५ २१. सूर्य देव की स्तुति १-५ २२. चंद्र देव की स्तुति १-५ २३. जल देव की स्तुति १-५ २४. राक्षसों के स्वामी से अनुरोध १-८ २५. रोग को पराजित करने वाली जड़ी पृश्निपर्णी का वर्णन १-५ २६. सविता देवता की प्रशंसा १-५ २७. ग्वारपाठा नामक जड़ी का वर्णन १-७ २८. अग्नि देव की स्तुति १-५ २९. अग्नि, सूर्य और इंद्र की स्तुति १-७ ३०. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-५ ३१. मही देवता द्वारा कीटाणुओं का नाश १-५ ३२. सूर्य की किरणों द्वारा कीटाणुओं का नाश १-६ ३३. यक्ष्मा रोग का विनाश १-७ ३४. विश्वकर्मा की स्तुति १-५ ३५. विश्वकर्मा की स्तुति १-५ ३६. अग्नि, सोम व वरुण की स्तुति १-८ तीसरा कांड सूक्त विषय मंत्र १. अग्नि, मरुत् व इंद्र देव की स्तुति १-६ २. अग्नि, इंद्र और मरुत् से शत्रुओं का विनाश करने का अनुरोध १-६ ३. अग्नि की स्तुति १-६ ४. इंद्र देव से राजा, राज्य पुनः प्राप्त होना १-७ ५. ओषधियों की सार रूप पर्णमणि का वर्णन १-८ ebook converter DEMO Watermarks*
६. अश्वत्थ मणि की स्तुति १-८ ७. हिरण के सिर में सींग की रोग निवारक ओषधि का वर्णन १-७ ८. मित्र आदि देवों से आयु को दीर्घ करने का अनुरोध १-६ सविता, त्वष्टा, इंद्र आदि देवों की स्तुति २ सोम, सविता आदि देवताओं का आह्वान ३ ९. पशुओं से सुरक्षा के लिए देवों से प्रार्थना १-६ १०. एकाष्टका उषा की स्तुति १-१३ ११. इंद्र और अग्नि देव से यक्ष्मा रोग से मुक्ति की प्रार्थना १-८ १२. शाला, वास्तोष्पति का वर्णन १-९ इंद्र और बृहस्पति से शाला के निर्माण का निवेदन ४ १३. सिंधु और जल का वर्णन १-७ १४. गायों का वंश बढ़ाने के लिए स्तुति १-६ १५. व्यापार से लाभ की कामना के लिए इंद्र व अग्नि देव की स्तुति १-८ १६. अग्नि, इंद्र, मित्र, वरुण आदि की प्रशंसा १-७ १७. खेती बढ़ाने के लिए इंद्र, सूर्य, वायु आदि देवों की प्रशंसा १-९ १८. पाठा जड़ीबूटी का वर्णन १-६ १९. पुरोहित द्वारा राजा की जय की कामना १-८ २०. अग्नि की स्तुति १-१० २१. अग्नि की स्तुति १-१० २२. इंद्र, वरुण आदि से बल की प्रार्थना १-६ २३. पुत्र प्राप्ति की कामना १-६ २४. वनस्पति की प्रशंसा १-७ २५. काम देव की प्रशंसा १-६ मित्र वरुण की स्तुति ६ २६. गंधर्वों की स्तुति १-६ २७. दिशाओं की स्तुति १-६ २८. जुड़वां बच्चों को जन्म देने वाली गाय का वर्णन १-६ २९. सफेद पैरों वाली भेड़ की महत्ता का वर्णन १-८ ३०. सौमनस्य कर्म की विशेषताएं १-७ ३१. अश्विनीकुमारों, इंद्र, वायु आदि की स्तुति १-११ ebook converter DEMO Watermarks*
सूक्त विषय मंत्र
चौथा कांड सूक्त विषय मंत्र १. बृहस्पति आदि देवों की स्तुति १-७ २. प्रजापति की प्रशंसा १-८ ३. बाघ, चोरमनुष्य और भेड़िए से बचाव की कामना १-७ ४. वनस्पति व जड़ीबूटियों का वर्णन १-८ ५. स्वप्न के देव की प्रशंसा १-७ ६. तक्षक की उत्पत्ति का वर्णन १-८ विष का वर्णन ३ ७. विषहारी वारण वृक्ष का वर्णन १-७ विषमूलक जड़ीबूटी का वर्णन १-६ ८. जल का वर्णन १-७ ९. अंजन मणि की महिमा का वर्णन १-१० १०. शंख मणि का वर्णन १-७ ११. इंद्र के रूप में अनड्वान अर्थात् बैल का वर्णन १-१२ १२. रोहिणी वनस्पति का वर्णन १-७ १३. वायु और इंद्र की स्तुति १-७ १४. यज्ञ की महिमा १-९ १५. वर्षा देव की स्तुति १-१६ १६. वरुण देव की प्रशंसा १-९ १७. सहदेवी व अपामार्ग वनस्पति का वर्णन १-८ १८. सहदेवी व अपामार्ग जड़ी का वर्णन १-८ १९. सहदेवी व अपामार्ग ओषधि का वर्णन १-८ २०. सदा पुष्पा नाम की जड़ीबूटी का वर्णन १-९ २१. गायों की महिमा का वर्णन १-७ २२. इंद्र व क्षत्रिय राजा की स्तुति १-७ २३. अग्नि देव की स्तुति १-७ २४. इंद्र देव की स्तुति १-७ २५. वायु और सविता देव की स्तुति १-७ २६. द्यावा पृथ्वी की स्तुति १-७ २७. मरुत् की स्तुति १-७ २८. भव और शर्व की स्तुति १-७ २९. मित्र और वरुण देव की प्रशंसा १-७ ३०. ब्रह्मवादिनी पुत्री वाक् का वर्णन १-८ ebook converter DEMO Watermarks*
३१. क्रोध के अभिमानी देव मन्यु का वर्णन १-७ ३२. मन्यु की स्तुति १-७ ३३. अग्नि देव की स्तुति १-८ ३४. ब्रह्मोदन की स्तुति १-८ ३५. प्राणियों के निर्माणकर्ता देवों का वर्णन १-७ ३६. सत्य एवं ओज वाले अग्नि देव की स्तुति १-१० ३७. विभिन्न जड़ीबूटियों का वर्णन १-१२ ३८. अप्सराओं द्वारा अक्षशलाका की स्तुति १-७ ३९. अग्नि, वायु, सूर्य आदि की प्रशंसा १-१० ४०. जातवेद अग्नि की स्तुति १-८ पांचवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. वरुण की स्तुति १-९ २. इंद्र की महिमा का वर्णन १-९ ३. अग्नि देव की प्रशंसा १-११ भारती, सरस्वती और पृथ्वी की स्तुति ७ इंद्र की स्तुति ८ ४. कुष्ठ ओषधि का वर्णन १-१० ५. लाख ओषधि का वर्णन १-९ ६. ब्रह्म की स्तुति १-१४ सूर्य की स्तुति ४ अग्नि की स्तुति ११ ७. अराति की स्तुति १-१० ८. अग्नि देव से यज्ञ में सभी देवों को लाने का आग्रह १-९ इंद्र को यज्ञ में आने का निमंत्रण २ अन्य देवों से यज्ञ में आने का आग्रह ३ इंद्र से शत्रुओं को मारने का आग्रह ९ ९. पृथ्वी, स्वर्ग और आकाश से प्रार्थना १-८ १०. पत्थर से बने घर की स्तुति १-८ चंद्रमा, वायु, सूर्य, अंतरिक्ष और पृथ्वी की स्तुति ८ ११. वरुण देव की स्तुति १-११ १२. अग्नि की स्तुति १-११ १३. सर्पविषनाशन वर्णन १-११
१४. ओषधि से प्रार्थना १-१३ १५. मधुला ओषधि का वर्णन १-११ १६. लवण को संतानोत्पत्ति के लिए उत्साहित करना १-११ १७. ब्रह्मजाया का वर्णन १-१८ १८. ब्राह्मण की गाय का वर्णन १-१५ १९. ब्राह्मणों के साथ बुरे व्यवहार के फल का वर्णन १-१५ २०. दुंदुभि की महिमा का वर्णन १-१२ २१. दुंदुभि की महिमा का वर्णन १-१२ २२. देह को नष्ट कर देने वाले ज्वर का वर्णन १-१४ २३. इंद्र की स्तुति १-१३ २४. सविता, अग्नि, द्यावा और पृथ्वी, वरुण, मित्र, वायु देव, चंद्रमा आदि की स्तुति १-१७ २५. अग्नि, वरुण, मित्र आदि की स्तुति १-१३ २६. अग्नि, सविता देव, इंद्र व अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१२ २७. अग्नि सभी देवों में श्रेष्ठ १-१२ २८. उषा देवी, आदित्य आदि का वर्णन १-१४ २९. जातवेद अग्नि देव की स्तुति १-१५ ३०. यम, आयु और अग्नि से प्रार्थना १-१७ ३१. कृत्या का प्रतिहरण १-१२ छठा कांड सूक्त विषय मंत्र १. सविता देव की स्तुति १-३ २. इंद्र के लिए सोमरस का प्रबंध १-३ ३. इंद्र और पूषा देव की स्तुति १-३ ४. त्वष्टा की स्तुति १-३ अदिति की स्तुति २ अश्विनीकुमारों की स्तुति ३ ५. अग्नि और इंद्र की स्तुति १-३ ६. ब्रह्मणस्पति व सोम की प्रशंसा १-३ ७. सोम से कल्याण की याचना १-३ ८. कामात्मा का वर्णन १-३ ९. कामात्मा का वर्णन १-३ ebook converter DEMO Watermarks*
१०. अग्नि और वायु की स्तुति १-३ ११. पुंसवन कर्म का वर्णन १-३ १२. विष निवारण वर्णन १-३ १३. मृत्यु की स्तुति १-३ १४. श्लेष्मा रोग का निवारण १-३ १५. वनस्पतियों में उत्तम पलाश वृक्ष का वर्णन १-३ १६. खाई जाने वाली सरसों का वर्णन १-४ १७. नारी के गर्भ में स्थित रहने की कामना १-४ १८. ईर्ष्या विनाशन १-३ १९. देवों से शुद्धि के लिए प्रार्थना १-३ २०. प्रबल पित्त ज्वर से छुटकारे की कामना १-३ २१. धनवती ओषधियों का वर्णन १-३ २२. आदित्य, रश्मि व मरुत् की स्तुति १-३ २३. जल की प्रशंसा १-३ २४. जल का वर्णन १-३ २५. मन्युविनाशन १-३ २६. पाप्मा की स्तुति १-३ २७. यम की पूजा अर्चना १-३ २८. यम की प्रशंसा १-३ २९. यम की स्तुति १-३ ३०. जौ सौभाग्य सूचक शमी का वर्णन १-३ ३१. गौ अर्थात् सूर्य की किरणों का वर्णन १-३ ३२. अग्नि की स्तुति १-३ ३३. इंद्र की स्तुति १-३ ३४. अग्नि की स्तुति १-५ ३५. वैश्वानर अग्नि की स्तुति १-३ ३६. वैश्वानर अग्नि की आराधना १-३ ३७. इंद्र की स्तुति १-३ ३८. तेजस्वरूपा देवी की स्तुति १-४ ३९. इंद्र की स्तुति १-३ ४०. द्यावा, पृथ्वी व इंद्र की आराधना १-३ ४१. प्राण के अधिष्ठाता देव एवं दिव्यगुणों की प्रशंसा १-३ ४२. पुरुष के लिए उपदेश १-३ ४३. क्रोध को शांत करना १-३ ४४. गाय के सींग द्वारा विषाण रोग का इलाज १-३ ebook converter DEMO Watermarks*
४५. दुःस्वप्न का विनाश १-३ ४६. दुःस्वप्न का विनाश १-३ ४७. अग्नि की स्तुति १-३ ४८. सवन नामक यज्ञ का उल्लेख १-३ ४९. अग्नि की स्तुति १-३ ५०. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-३ ५१. वरुण देव की स्तुति १-३ ५२. सूर्य देव की स्तुति १-३ ५३. पृथ्वी आदि की स्तुति १-३ ५४. इंद्र, अग्नि और सोम की स्तुति १-३ ५५. छह ऋतुओं के अधिष्ठाता देवों की प्रशंसा १-३ ५६. विश्वे देव और रुद्र की स्तुति १-३ ५७. रोग की ओषधि का वर्णन १-३ ५८. इंद्र, सविता, अग्नि, सोम आदि की प्रशंसा १-३ ५९. सहदेवी नामक ओषधि का वर्णन १-३ ६०. अर्यमा देव की स्तुति १-३ ६१. जल के अधिष्ठाता देव की स्तुति १-३ ६२. वैश्वानर अग्नि की स्तुति १-३ ६३. अनिष्टकारिणी देवी निर्ऋति का वर्णन १-४ ६४. सोमनस्य के इच्छुक जनों को उपदेश १-३ ६५. इंद्र की स्तुति १-३ ६६. इंद्र की स्तुति १-३ ६७. इंद्र की स्तुति १-३ ६८. सविता देव व माता अदिति की प्रशंसा १-३ ६९. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-३ ७०. प्रेम बंधन का वर्णन १-३ ७१. अग्नि की प्रशंसा १-३ ७२. अर्क मणि का वर्णन १-३ ७३. वरुण देव की स्तुति १-३ ७४. ब्रह्मणस्पति देव की स्तुति १-३ ७५. इंद्र की स्तुति १-३ ७६. सायंतन अग्नि की स्तुति १-४ ७७. जातवेद अग्नि की प्रशंसा १-३ ७८. अग्नि देव की प्रशंसा १-३ ७९. अंतरिक्ष के पालनकर्ता अग्नि की प्रशंसा १-३ ebook converter DEMO Watermarks*
८०. अग्नि की स्तुति १-३ ८१. अग्नि की स्तुति १-३ ८२. इंद्र की प्रशंसा १-३ ८३. सूर्य द्वारा गंडमालाओं की चिकित्सा १-४ ८४. निर्ऋति का वर्णन १-४ ८५. वरण मणि द्वारा राजयक्ष्मा रोग का निवारण १-३ ८६. इंद्र की स्तुति १-३ ८७. अच्छे राजा की कामना १-३ ८८. अच्छे राज्य के लिए वरुण, बृहस्पति और सूर्य की प्रशंसा १-३ ८९. वरुण, सरस्वती, आदि की पतिपत्नी मिलन के लिए प्रशंसा १-३ ९०. रुद्र देव की प्रशंसा १-३ ९१. यक्ष्मा रोग का विनाश १-३ ९२. वेगवान अश्व की प्रशंसा १-३ ९३. यम आदि की प्रशंसा १-३ ९४. सरस्वती देवी की आराधना १-३ ९५. कूठ वनस्पति का वर्णन १-३ ९६. वनस्पतियों के देव राजा सोम की प्रशंसा १-३ ९७. मेधावी मित्र और वरुण का वर्णन १-३ ९८. इंद्र की स्तुति १-४ ९९. इंद्र की स्तुति १-३ १००. इड़ा, सरस्वती और भारती द्वारा विष विनाशक ओषधि प्रदान करना १-३ १०१. पुरुष को गर्भाधान करने में समर्थ होने का आशीर्वाद १-३ १०२. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-३ १०३. बृहस्पति देव की आराधना १-२ १०४. इंद्र और अग्नि की प्रशंसा १-३ १०५. खांसी रोग से मुक्ति की कामना १-३ १०६. अग्निशाला की स्तुति १-३ १०७. विश्वजित देव की स्तुति १-४ १०८. मेधा देवी और अग्नि की आराधना १-५ १०९. पिप्पली ओषधि का वर्णन १-३ ११०. अग्नि देव की स्तुति १-३ १११. अग्नि की स्तुति १-४ ebook converter DEMO Watermarks*
११२. अग्नि की स्तुति १-३ ११३. पूषा देव की स्तुति १-३ ११४. अग्नि और अदिति पुत्र देवों की प्रशंसा १-३ ११५. विश्वे देव की स्तुति १-३ पाप से छुटकारे का आग्रह २ ११६. विवस्वान की स्तुति १-३ क्रोध शांत हो ३ ११७. अग्नि की स्तुति १-३ ऋण की वापसी २ ११८. उग्रंपश्या एवं उग्रजिता अप्सराओं की स्तुति १-३ पाप ऋण से मुक्ति की कामना २ ११९. वैश्वानर अग्नि की स्तुति १-३ लौकिक और दैविक ऋणों रूप फंदों को ढीला करना २ १२०. अग्नि की स्तुति १-३ पृथ्वी, अदिति, अंतरिक्ष तथा आकाश का वर्णन २ स्वर्ग में अपने माता, पिता तथा पुत्रों से मिलना ३ १२१. बंधन के देवता निर्ऋति की स्तुति १-४ बंधनों से मुक्ति की कामना २ १२२. विश्वकर्मा की स्तुति १-५ अग्नि की स्तुति ४ इंद्र से अभिलाषा पूरी करने की कामना ५ १२३. स्वर्ग में विराजमान देवों की स्तुति १-५ पितरों का वर्णन ३ यज्ञ करना और दान देना ४ सोम से स्वर्ग में स्थित रहने की प्रार्थना ५ १२४. अग्नि की स्तुति १-३ जल वृक्ष का फल ही है २ १२५. वनस्पति की स्तुति १-३ वृक्ष से प्राप्त रस का वर्णन २ दिव्य गुणों से युक्त रथों की तुलना ३ १२६. दुंदुभि की स्तुति १-३ दुंदुभि से बल को बढ़ाने के लिए प्रार्थना २ इंद्र की प्रशंसा ३ १२७. विसर्प व्याधि ओषधि का वर्णन १-३ पीपुद्र नाम की ओषधि का वर्णन २ १२८. शंकधूम और चंद्रमा की स्तुति १-४ १२९. भग देव की प्रशंसा १-३ १३०. माष नाम की जड़ीबूटी का वर्णन १-४ ebook converter DEMO Watermarks*
मरुद्गण और अग्नि देव की स्तुति ४ १३१. संकल्प की देवी आकूति की प्रशंसा १-३ १३२. देवों द्वारा कामदेव व उस की पत्नी आधि को जल में डुबोया जाना १-५ मित्र और वरुण देवों द्वारा कामदेव व उस की पत्नी आधि को जल में डुबोया जाना ५ १३३. शत्रु को मारने के लिए बांधी जाने वाली मेखला का वर्णन १-५ शत्रु के विनाश हेतु यमराज से प्रार्थना ३ १३४. वज्र का वर्णन व स्तुति १-३ १३५. वज्र का वर्णन व स्तुति १-३ शत्रु का विनाश ३ १३६. कालमाची नामक जड़ीबूटी का वर्णन व स्तुति १-३ केशों को उत्पन्न करना और दृढ़ बनाना २ १३७. वनस्पति की प्रशंसा १-३ केशों का बढ़ना ३ १३८. शक्तिहीन करने वाली जड़ीबूटी १-५ वीर्यवाहिनी नाड़ियों का नाश ४ १३९. शंखपुष्पी जड़ीबूटी का वर्णन १-५ १४०. ब्रह्मणस्पति देव और जातवेद अग्नि की स्तुति १-३ १४१. वायु, त्वष्टा, रुद्र देव आदि की गायों की वृद्धि और चिकित्सा के लिए स्तुति १-३ गायों की असीमित वृद्धि के लिए अश्विनीकुमारों की प्रशंसा ३ १४२. जौ नामक अन्न की प्रशंसा १-३ जौ को खाने और ले जाने वाले विनाश रहित हों ३ सातवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. प्रजापति द्वारा संसार के लोगों को अपने अपने कर्म करने की प्रेरणा देना १-२ २. प्रजापति की स्तुति १ ३. प्रजापति की स्तुति १ ४. वायु देव की स्तुति १ ५. यज्ञ रूप प्रजापति की प्रशंसा १-५ ६. पृथ्वी एवं देवमाता का वर्णन १-२ ebook converter DEMO Watermarks*
७. अदिति की स्तुति १-२ ८. अदिति के पुत्रों अर्थात देवों का वर्णन १ ९. बृहस्पति की स्तुति १ १०. सब के पोषक सूर्य देव की स्तुति १-४ ११. सरस्वती की स्तुति १ १२. पर्जन्य देव की स्तुति १ १३. प्रजापति की दोनों पुत्रियों, सभा तथा सभासदों की स्तुति १-४ १४. द्वेष करने वाले पुरुषों के तेज का विनाश १-२ १५. सविता देव की स्तुति १-४ १६. सब के प्रेरक सविता देव की स्तुति १ १७. बृहस्पति एवं सविता देव की स्तुति १ १८. धाता देव की स्तुति १-४ सविता व प्रजापति की स्तुति ४ १९. धाता की प्रशंसा १-२ २०. प्रजापति और धाता की स्तुति १ २१. अनुमति नामक देवी की प्रशंसा १-६ सुख प्राप्त करने का अनुग्रह ३ सुप्रणीति देवी से यज्ञ पूर्ण करने का आग्रह ४ २२. पुरातन सूर्य की प्रशंसा १ २३. सत्कर्म की प्रेरणा देने के लिए सूर्य देव की स्तुति १-२ २४. दुःस्वप्न विनाश की कामना १ २५. सविता व प्रजापति देव की आराधना १ २६. विष्णु और वरुण की प्रशंसा १-२ २७. विष्णु के वीरतापूर्ण कर्मों का वर्णन १-८ २८. इडा की स्तुति १ २९. काम में आने वाले उपकरणों की प्रशंसा १ ३०. अग्नि और विष्णु की स्तुति १-२ ३१. देवों से यज्ञ के यूपों को रंगने की कामना १ ३२. धनवान एवं शौर्य संपन्न इंद्र की प्रशंसा १ ३३. अग्नि देव की स्तुति १ ३४. मरुत् आदि देवगणों से सुखसमृद्धि की कामना १ ३५. अग्नि देव व अदीना देवमाता की प्रशंसा १ ३६. अग्नि से शत्रुओं के विनाश की कामना १-३ विद्वेष करने वाली स्त्री २ संतान रहित नारी ३ ebook converter DEMO Watermarks*
३७. पत्नी तथा पति का परस्पर अनुरक्त होना १ ३८. मंत्र से युक्त वस्त्र १ ३९. सौवर्चा नामक जड़ी का वर्णन १-५ पति वशीकरण २ शंखपुष्पी ३ ४०. सारस्वत देव की प्रशंसा १ ४१. सरस्वन् देवी की स्तुति १-२ ४२. सूर्य और इंद्र की स्तुति १-२ ४३. अमीवा नामक रोग के लिए सोम एवं रुद्र देव की प्रार्थना १-२ ४४. वाणियों के रूप १ ४५. इंद्र और विष्णु की आराधना १ ४६. सक्तुमंथ नामक जड़ीबूटी का वर्णन १ ४७. ईर्ष्या को शांत करने के लिए आग्रह १ ४८. सिनीवाली की प्रशंसा १-३ ४९. कुहू की प्रशंसा १-२ ५०. शोभित व शोभन स्तुति वाली पूर्णिमा का आह्वान १-२ ५१. सुख के लिए देव पत्नियों की स्तुति १-२ ५२. अग्नि की स्तुति १-९ जुआरियों का वध १ जुआरियों को जीतने के लिए इंद्र से प्रार्थना ४ इंद्र की प्रशंसा ७ विजय के लिए पासों की पूजा ९ ५३. शत्रु से रक्षा के लिए बृहस्पति व इंद्र की प्रशंसा १ ५४. आपस में सौमनस्य के लिए अश्विनीकुमारों की आराधना १-२ ५५. बृहस्पति, अग्नि और अश्विनी कुमारों की स्तुति १-७ प्राण और अपान वायु २ आयु की कामना ३ स्वर्ग में आरोहण ७ ५६. इंद्र से सुख की कामना १ ५७. ऋग्वेद और सामवेद का पूजन १-२ ५८. मधु नामक जड़ीबूटी का वर्णन १-८ सर्प का विष निकालना २ शर्कोटक सर्प के टुकड़े ५ परपीडादायक बिच्छू ६ विषनाशक जड़ीबूटी ७ ५९. सरस्वती की स्तुति १-२ ebook converter DEMO Watermarks*
६०. सोमरस की प्रार्थना १-२ सोमरस पीने के लिए इंद्र और वरुण का आह्वान २ ६१. निंदा करने वाले शत्रु का विनाश १ ६२. घरों की स्तुति १-७ घरों में सौमनस्य ३ घर धनधान्य से परिपूर्ण हों ४ घरों में गाएं, बकरियां व भेड़ें हों ५ ६३. तप के लिए अग्नि देव की स्तुति १-२ ६४. प्रजा को वश में करने की कामना १ ६५. अग्नि की स्तुति १ ६६. अभिमंत्रित जल द्वारा कौवे के पंखों की चोट से रक्षा १-२ मृत्यु देवता की आराधना २ ६७. अपामार्ग की स्तुति १-३ पाप का निवारण ३ ६८. वेदाध्ययन का फल १ ६९. इंद्रियों की शक्ति की कामना १ ७०. सरस्वती देवी की प्रशंसा १-२ ७१. सरस्वती देवी की प्रशंसा १ ७२. सुख की कामना १ ७३. निर्ऋति देवी की स्तुति १-५ अजिर और अधिराज ३ ७४. अग्नि की स्तुति १ ७५. इंद्र के लिए हवि का पकाया जाना १-२ हवि के लिए इंद्र का आह्वान २ ७६. दूध के रूप में हवि १ ७७. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-११ गोशाला ४ सविता देव व उषा ६ गाय का आह्वान ७ अग्नि की स्तुति ९ अग्नि की स्तुति १० धर्मदुघा धेनु ११ ७८. गंडमालाओं का वर्णन १-४ क्रोध का विनाश ३ जातवेद अग्नि ४ ७९. गायों की स्तुति १-२ गोशाला ३ ebook converter DEMO Watermarks*
८०. मंत्र और ओषधि के प्रयोग १-४ क्षय रोग का वर्णन ४ ८१. क्षय रोग १-२ सोमरस ३ ८२. मरुतों की स्तुति १-३ ८३. अग्नि की स्तुति १-२ ८४. अमावस्या का वर्णन और स्तुति १-४ अन्न और धन ३ ८५. पूर्णमासी की स्तुति १-४ पूर्णमास यज्ञ २ प्रजापति की प्रशंसा ३ ८६. सूर्य और चंद्र का वर्णन १-६ सोम ३ चंद्रकलाओं का वर्णन ४ ८७. अग्नि की स्तुति १-६ ८८. वरुण की स्तुति १-४ ८९. अग्नि व इंद्र की स्तुति १-३ इंद्र की प्रशंसा २ ९०. गरुड़ का आह्वान १ ९१. इंद्र का आह्वान १ ९२. अग्नि रूप इंद्र की प्रशंसा १ ९३. सर्पविष का विनाश १ ९४. अग्नि की स्तुति १-४ जल की स्तुति ३ ९५. अग्नि व इंद्र की स्तुति १-३ ९६. धन के स्वामी इंद्र की प्रशंसा १ ९७. इंद्र की प्रशंसा १ ९८. इंद्र की स्तुति १ ९९. सोमरस १ १००. उच्छोचन व प्रशोचन नामक मृत्यु देव १-३ १०१. शत्रु और भेड़िया १ १०२. अग्नि की स्तुति १-८ इंद्र की आराधना २ यज्ञ ५ मार्ग को जानने वाला देव ७ १०३. इंद्र की स्तुति १ १०४. यज्ञ वेदी १ ebook converter DEMO Watermarks*
१०५. बुरे स्वप्न का विनाश १ १०६. स्वप्न में खाया अन्न दिन में दिखाई न देना १ १०७. धरती, आकाश अंतरिक्ष और मृत्यु को नमस्कार १ १०८. राजा का आह्वान १ १०९. बृहस्पति देव की स्तुति १ ११०. ब्रह्मचारी का वर्णन १ १११. अग्नि की स्तुति १ ११२. सूर्य की स्तुति १ ११३. अग्नि देव की स्तुति १-२ ११४. अग्नि की स्तुति १-७ जुए की देवियां ३ गंधर्व ६ ११५. अग्नि और इंद्र की प्रशंसा १-३ ११६. वृषभ की प्रशंसा १ ११७. द्यावा पृथ्वी की स्तुति १-२ पाप से छुटकारा ३ ११८. वाणापर्ण्य जड़ीबूटी का वर्णन १-२ ११९. अग्नि की स्तुति १-२ मानसिक व्याधि २ १२०. सविता देव की स्तुति १-४ दरिद्रता २ अग्नि देव की प्रशंसा ३ पुण्य और पापकारिणी लक्ष्मियां ४ १२१. उष्णि्क ज्वर से संबंधित देव की प्रशंसा १-२ १२२. इंद्र की स्तुति १ १२३. सोम व वरुण की स्तुति १ आठवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. मृत्यु देव की स्तुति १-२१ पाप देवता के बंधनों से उद्धार ३ मृत्यु से छुटकारा ६ अंधकार से प्रकाश की ओर ८ वाडव आदि अग्नियों द्वारा रक्षा ११ मृत्यु से छीनने वाले इंद्र, धाता एवं सविता १५ ebook converter DEMO Watermarks*
अदिति पुत्र देव मृत्यु से छुड़ाएं १६ द्यौ देवता एवं पृथ्वी १७ बाहरी और आंतरिक रोगों का विनाश २१ २. आयु की कामना १-२८ निंदा से मुक्ति ३ पुरुष की चिकित्सा ५ ग्वारपाठा नामक जड़ीबूटी ६ भव और शर्व की स्तुति ७ रुद्र आदि देव ९ अग्नि से प्राणों की याचना १३ सविता देव की प्रशंसा १७ बालक की रक्षा २० शांति २६ ३. अग्नि देव की स्तुति १-२६ ४. इंद्र और सोम की स्तुति १-२५ सोम देव द्वारा पापी राक्षस का वध १३ मरुतों की प्रशंसा १८ ५. तिलक वृक्ष से निर्मित मणि का वर्णन १-२२ कृत्या राक्षसी से बचाव ७ तिलक वृक्ष की स्तुति ११ मणि की महिमा १३ इंद्र का वर्णन १७ ६. दुर्नाम और सुनाम नामक रोगों और उनके निवारण का वर्णन १-२६ पीली सरसों रूपी ओषधि ६ ककुंभ पिशाचों का नाश ११ गर्भ की रक्षा १८ ७. आयुष्य ओषधियों का वर्णन १-२८ वृक्षों का गर्भ पीपल २० ८. इंद्र की स्तुति १-२४ पीपल और खैर के वृक्ष ३ इंद्र से शत्रु वध का आग्रह ६ सूर्य की प्रशंसा ७ मृत्युदूतों से शत्रुवध का आग्रह ११ अग्नि का वर्णन २३ ९. विराट के दोनों वत्सों का वर्णन १-२६ विराट का वर्णन ११ सूर्य, चंद्र एवं अग्नि का वर्णन १३ छः मास १७ सात होम १८ ebook converter DEMO Watermarks*
१०. (१) विराट् का वर्णन १-१३ १०. (२) विराट् का वर्णन १-१० १०. (३) विराट् का वर्णन १-८ १०. (४) विराट् का वर्णन १-१६ १०. (५) विराट् का वर्णन १-१६ १०. (६) विराट् का वर्णन १-४ नौवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. मधुकशा गौ की स्तुति व वर्णन १-२४ सोमरस १३ अग्नि की स्तुति १५ अश्विनीकुमारों की स्तुति १७ २. वृषभ रूपी काम की स्तुति १-२५ काम देव से दरिद्रता दूर करने की प्रार्थना ४ काम देव की स्तुति १० अग्नि, इंद्र और सोम १३ काम देव की स्तुति २५ ३. शालाओं का वर्णन १-३१ शाला की पूर्व दिशा को नमस्कार २५ ४. शक्तिशाली ऋषभ का वर्णन १-२४ जड़ीबूटियों के रस का परिचय ५ बैल का दान १८ ५. अज का वर्णन १-३८ अज ही अग्नि है और अज ही ज्योति है ७ अग्नि की प्रशंसा १७ पंचौदन ३१ ६. अतिथि सत्कार का वर्णन १-१७ ७. अतिथि सत्कार का वर्णन १-१३ ८. अतिथि सत्कार का वर्णन १-९ ९. अतिथि सत्कार का वर्णन १-१० १०. अतिथि सत्कार का वर्णन १-१० ११. अतिथि सत्कार का वर्णन १-१४ १२. गो महिमा वर्णन १-२६ १३. सर्वशीर्षामय दूरीकरण तथा सभी ebook converter DEMO Watermarks*
ㅤㅤㅤरोगों का दूरीकरणㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-२२ १४.ㅤसूर्य की स्तुतिㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-२२ ㅤㅤㅤपाँच अरों वाला पहियाㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ११ ㅤㅤㅤबारह आकृतियांㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१२ ㅤㅤㅤबारह अरों वाला पहियाㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१३ १५.ㅤगायत्र का वर्णनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-२८ ㅤㅤㅤगायत्र यज्ञ की तीन समिधाएंㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३ ㅤㅤㅤभूमि की पूजाㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ२० ㅤㅤㅤमित्र और वरुण का रूपㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ२३ ㅤㅤㅤतीन ज्योतियांㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ२६ ㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤदसवां कांड सूक्तㅤविषयㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤमंत्र १.ㅤㅤकृत्या का परित्यागㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-३२ २.ㅤㅤमनुष्य के शरीर का निर्माणㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-३३ ㅤㅤㅤदेवों की नगरी का वर्णनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३१ ३.ㅤㅤवरणमणि का वर्णनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-२५ ㅤㅤㅤसमस्त रोगों की ओषधिㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३ ㅤㅤㅤसोमपीथ और मधुपर्क यज्ञㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ२१ ४.ㅤㅤदेवों के रथों का वर्णनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-२६ ㅤㅤㅤश्वेत पद द्वारा सर्पों का विनाशㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३ ㅤㅤㅤइंद्र की प्रशंसाㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१७ ५.ㅤㅤजल की स्तुति तथा वर्णनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-५० ㅤㅤㅤसप्तऋषियों का अनुवर्तनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३९ ㅤㅤㅤदिव्यजनों और अग्नि देव से प्रार्थनाㅤㅤㅤㅤ४६ ६.ㅤㅤवनस्पतिफला मणि का वर्णनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-३५ ㅤㅤㅤअग्नि का आह्वानㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३५ ७.ㅤㅤअंगों की महत्ता का बखानㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-४४ ㅤㅤㅤवह जगदाधार कौन हैㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ४ ㅤㅤㅤश्रेष्ठ परमात्मा को नमस्कारㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३६ ८.ㅤㅤब्रह्म की स्तुतिㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-४४ ㅤㅤㅤबारह अरे तथा तीन नेमियांㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ४ ㅤㅤㅤपरमात्मा संसार के मध्य स्थित हैㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१५ ㅤㅤㅤआत्म तत्त्व एक हैㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ२५ ९.ㅤㅤशतौदना गो का वर्णन व स्तुतिㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-२७ १०.ㅤवशा गौ का वर्णन व स्तुतिㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-३४ ebook converter DEMO Watermarks*
ग्यारहवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. अग्नि देव की स्तुति १-३७ ब्रह्मौदनासव यज्ञ २० सोमरूपी ब्रह्मौदन २६ २. भव और शर्व की स्तुति १-३१ पशुपति को नमस्कार ६ अतिशय बलशाली रुद्र की स्तुति १० रुद्र के आयुध २२ ३. बृहस्पति का भोजन १-३१ ओदन की महिमा जानने वाला प्रसिद्ध गुरु २३ ४. ओदन का खाया जाना १-६ ५. ओदन की स्थिति १-१८ ६. प्राण के लिए नमस्कार १-२६ प्राण अर्थात सूर्य देव ३ ७. ब्रह्मचारी की महिमा का वर्णन १-२६ ब्रह्मचारी की पहली समिधा ४ ब्रह्मचारी पहली भिक्षा ९ ८. अग्नि, वनस्पति, जड़ीबूटी और फसलों की स्तुति १-२३ सभी देवों की स्तुति २ इंद्र तथा मातलि की प्रशंसा २३ ९. हवन से बचा भात १-२७ यज्ञ शेष की प्रशंसा ११ नौ खंडों वाली पृथ्वी १४ १०. सृष्टि की रचना १-३४ प्रलय काल के महासागर में तप और कर्म ६ इंद्र, अग्नि, सोम, त्वष्टा की उत्पत्ति ८ ज्ञानेंद्रियां तथा कर्मेंद्रियां १३ परमेश्वर और माया १७ ११. अर्बुदि सर्प की स्तुति १-२६ १२. युद्ध के लिए तैयार होने की प्रेरणा १-२७ जातवेद अग्नि और आदित्य की स्तुति ४ श्वेत चरणों वाली गाय ६ ब्रह्मणस्पति देव से विजय प्रदान करने का अनुरोध ९ ebook converter DEMO Watermarks*