आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)
Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)
सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)
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साहिब बन्दगी
को एक-डेढ़ चम्मच शहद के साथ चाटें और ऊपर से बकरी का एक गिलास ताजा-ताजा दूध पी लें।
अन्य और सहायक उपचार
▯ सबसे पहले कब्ज को दूर करें। यह पथरी रोग की चिकित्सा का पहला जरूरी हिस्सा है।
▯ सुबह एक बड़े गिलास पानी में डेढ़ चम्मच शहद मिलाकर नित्य सेवन करें।
▯ नित्य सेब का रस पिएँ।
▯ छाछ का सेवन रोज करें।
▯ गाजर, खीरा और चुकन्दर का रस मिलाकर दिन में 2-3 बार पीएँ।
▯ रोज सुबह खाली पेट 55-60 ग्राम प्याज के रस का सेवन करें। करेले के रस का सेवन करें।
▯ 5 ग्राम पत्थर फोड़ी बूटी को पानी में डालकर उबालें और पी लें। यह दवा रोज लेना बहुत ही लाभकारी है।
▯ कुड़े की छाल को अच्छी तरह से पीस लें और फिर उसे दही में डालकर सेवन करें। यह बड़ा लाभकारी प्रयोग है।
▯ सहजन की सब्जी खाएँ।
▯ बेर पत्थर की पिछी में पाषाणभेद का चूर्ण मिलाकर गन्ने के रस के साथ सेवन करें।
▯ जब लगे कि पथरी के छोटे-छोटे कण बन रहे हैं और कभी-कभी पेशाब के रास्ते बाहर आ जाते हैं तो ऐसा करें कि जब भी मूत्र आए तो उसे कुछ देर रोक लें। अब पानी गर्म करके टब में भर दें। इस टब में थोड़ी देर बैठने के बाद इसी में मूत्र करें। यह पथरी के छोटे-छोटे कणों को निकालने का सरह और लाभकारी उपाय है।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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सावधानी बरतें
- ❑ चावल, मटर, टमाटर मत खाएँ।
- ❑ चिकनाई वाले पदार्थों से परहेज रखें।
पाचन शक्ति कमजोर है
अजवायन का कमाल
अजवायन का सेवन करें।
तुलसी का कमाल
22 तुलसी के पत्ते और 6 काली मिर्च लेकर भोजन के बाद चबा-चबाकर खाएँ।
अनार का कमाल
6 ग्राम अनार के दाने, 1 ग्राम धुना हुआ जीरा, 4 मुनके के दाने, सेंधा नमक, नींबू का ढाई ग्राम रस, 7 छोटी इलायची, ढाई ग्राम अदरक का रस-सबको मिलाकर चटनी तैयार कर लें। यह चटनी खाना बड़ी ही लाभकारी है।
अदरक का कमाल
- ❑ नित्य भोजन से ठीक पहले 2 ग्राम अदरक पर सेंधा नमक डालकर खाएँ।
- ❑ आधा किलो अदरक को पानी में उबालने के बाद छीलकर पीस लें। अब इसमें 90 ग्राम पिप्सी हुई हल्दी मिलाकर ऊपर से एक किलो पुराना गुड़ मिला लें। दवा तैयार है। इसे सुरक्षित रख लें। ढाई ग्राम यह दवा रोज सेवन करें।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ शहद में 225 मि. ग्रा. अग्नि रस मिलाकर चाटें।
- ❑ ब्रजासन, योगमुद्रासन, पद्मासन आदि करें।
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साहिब बन्दगी
पाण्डु रोग है
नीम का कमाल
नीम के कोमल-2 पत्ते तोड़ कर ले आएँ। फिर इन पत्तों का रस निकालकर उसमें थोड़ी मिश्री मिलाकर नित्य सेवन करें।
बेल का कमाल
बेल पत्तों का रस निकाल लें। 5-6 ग्राम इस रस में पिप्सी हुई ग्राम-भर काली मिर्च डालकर रोगी को पिलाएँ।
अन्य और सहायक उपचार
□ शहद में नवायस लौह मिलाकर चाटें। यह दवा दिन में 2-3 बार ले सकते हैं।
पायोरिया है
अन्य और सहायक उपचार
□ पालक को रस का नित्य सेवन करें। सुबह खाली पेट ही लें।
□ पिप्सी हुई फिटकरी में थोड़ा नमक मिलाकर सुबह-शाम मसूड़ों पर मलें।
पिप्ती उछल आई है
अजवायन का कमाल
60 ग्राम अजवायन लेकर अच्छी तरह से कूट-पीस लें। फिर इसमें इतना ही गुड़ मिलाकर 5-5 ग्राम की छोटी-छोटी गोलियाँ बनाकर रख लें। दिन में दो बार एक-2 गोली ताजे जल के साथ सेवन करना बड़ा लाभकारी रहता है।
अन्य और सहायक उपचार
□ रोज 6 निबौली (हरी) चबाएँ।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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पित्त की खराबी है
करेले का कमाल
करेले के पत्तों का रस निकालकर ही पिपैँ।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ केले पर घी डालकर खाना लाभकारी है।
- ❑ शहतूत खाएँ।
पित्त ज्वर है
नीम का कमाल
नीम की छाल, धनिया, गिलोय, अंजीर लाल चंदन, पद्माक्ष-सब 3-3 ग्राम लेकर अच्छी तरह कूट-पीस लें। फिर उसे पानी में उबालकर काढ़ा बना लें। यह काढ़ा रोगी को कुछ दिन पिलाएँ।
पीठ में दर्द है
कनेर का कमाल
कनेर के फूलों को एक पाव मीठे तेल में डेढ़ महीने के लिए डाल दें। डेढ़ महीने बाद उसमें जैतून का एक पाव तेल डालें और एक शीशी में उस तेल को डाल दें। इस तेल की मालिश करें।
पुराना कब्ज है
किशमिश का कमाल
28 ग्राम किशमिश, 3 मुनके, 1 अंजीर-तीनों को पौन गिलास पानी में रात के समय भिगो दें। सुबह अच्छी तरह मसलकर छान लें। अब उसमें दो-ढाई चम्मच शहद और एक नींबू का रस और आधा गिलास पानी और मिलाकर पी लें। यह बहुत ही लाभकारी दवा है।
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साहिब बन्दशी
नींबू का कमाल
10 ग्राम नींबू के रस में इतनी ही शक्कर मिलाकर रात के समय कुछ दिन तक सेवन करें।
अन्य सहायक उपचार
- □ इमली के पत्तों के रस का सेवन करें।
- □ अंजीर का सेवन करें।
- □ साबुन को तेल लगाकर गुदा द्वार के अंदर रखें।
- □ पतागोभी के कच्चे पत्ते खाने की आदत डालें।
- □ पीछे पाँच फार्मूलों में बताया गया व्रत रखना।
पुराना ज्वर है
कटेरी का कमाल
कटियाली, सोंठ और गिलोय-सबको पानी में उबाल इनका काढ़ा बनाकर रोगी को हररोज कुछ दिन तक पिलाएँ। लाभकारी है।
भुईआँवला का कमाल
भुईआँवला के पंचाग को पानी में उबालकर जब पानी आधा रह जाए तो छानकर पिलाने से बहुत लाभ होता है।
अतीस का कमाल
अतीस का चूर्ण बनाकर रख लें। 4 ग्राम इस चूर्ण को पानी के साथ सुबह-शाम रोगी को दें।
अजवायन का कमाल
12 ग्राम अजवायन और 3 बड़ी पीपर पौन कप पानी में सुबह-सुबह मिट्टी के बर्तन में भिगो दें। अगली सुबह पीपर और अजवायन को उस पानी के साथ कूट-पीसकर सेवन करें। बड़ा लाभकारी है।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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फिटकरी का कमाल
फूलों हुई फिटकरी को पीसकर चूर्ण कर लें। अब उसमें इतनी मिश्री पीसकर मिला लें कि दवा कड़वी न लगे। ढाई ग्राम यह चूर्ण ढाई-2 घण्टे के अन्तराल में 4 बार कुनकुने पानी सहित लें।
चिरायता का कमाल
पानी में चिरायता और कत्था डालकर कुछ समय के लिए भिगो दें। फिर उसे छानकर रोगी को वो पानी पिला दें।
पित्तपापड़ा का कमाल
12 ग्राम पित्तपापड़ा को 6 काली मिर्च के साथ पीस लें। अब इसे पानी में डालकर उबालें। अब उतारकर गुनगुना करके इसमें सेंधा नमक डालकर रोगी को पिलाएँ। यह बहुत ही लाभकारी दवा है।
इन्द्रयव का कमाल
इन्द्रयव के दो बीजों को गर्म पानी में भिगो दें। भिगोने से पहले यदि आग पर रखकर सेंक लें तो बहुत अच्छा है। कुछ देर भिगोने के बाद यह पानी रोगी को पिला दें।
अन्य और सहायक उपचार
❑ परवल का साग खाएँ।
❑ 1 ग्राम जीरे को पीसकर गुड़ मिला लें और रोगी को खिलाएँ। सुबह-शाम रोगी को यह दवा खिलाएँ। हो सके तो दुपहर में भी खिला दें।
पेट में कीड़े हैं
अंकोल का कमाल
अंकोल की जड़ का रस निकालकर पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पिएँ।
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साहिब बन्दशी
मूसाकर्णी का कमाल
मूसाकर्णी का रस निकालकर सेवन करें।
नीम का कमाल
3-4 बूँद नीम के तेल का सेवन करें।
बायविडंग का कमाल
बायविडंग को पानी में मिलाकर पिएँ।
करेले का कमाल
करेले के पत्तों का रस निकालकर पिएँ।
नींबू का कमाल
नींबू के बीजों का ढाई ग्राम चूर्ण पानी के साथ लें।
अजवायन का कमाल
सुबह खाली पेट 20 ग्राम गुड़ खाएँ। 20 मिनट बाद डेढ़ ग्राम अजवायन-चूर्ण रात को रखे हुए पानी के साथ सेवन करें। यह अत्यन्त लाभकारी प्रयोग है।
अनार का कमाल
ढाई किलो पानी में 65 ग्राम अनार की जड़ की छाल को डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो उतार छानकर ठंडा कर लें। यह पानी पौन घण्टे के अन्तराल में एक कप रोगी को पीने के लिए देते रहें।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ अनार के रस का सेवन करें।
- ❑ पपीते के 12-13 बीजों को अच्छी तरह से कूट-पीसकर थोड़े-से पानी के साथ सेवन करें।
- ❑ तुलसी की पत्तियों का रस पिएँ।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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- ❑ करेले का रस पीएँ।
- ❑ अखरोट का सेवन करें।
पेट में दर्द है
हींग का कमाल
हींग, सेंधा नमक, अजवायन और हरड-सबको पीसकर सेवन करें।
अजवायन का कमाल
अजवायन को पीसकर चूर्ण बना लें। अब इस चूर्ण में पाँचवाँ हिस्सा काला नमक मिलाएँ। ढाई ग्राम यह चूर्ण गर्म पानी के साथ सेवन करें।
अदरक का कमाल
5 ग्राम अदरक का रस, 10 ग्राम नींबू का रस और 5 ग्राम शहद-तीनों को मिलाकर सेवन करें।
आक का कमाल
आक के फूल को पीसकर उसमें जरा-सा सेंधा नमक डालकर सेवन करें।
मीठे सोडे का कमाल
500 मि. ग्रा. मीठे सोडे को गुनगुने पानी के साथ सेवन करें।
जीरे का कमाल
भोजन के बाद चम्मच-भर जीरे को आग पर भूनें। फिर उतारकर पीस लें। अब उसे शहद में मिलाकर चाटें।
अरंड का कमाल
अरंड की लकड़ी को जलाकर उसकी राख चुन लें। एक ग्राम
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साहिब बन्दगी
राख को फॉक थोड़ा पानी पी लें।
नींबू का कमाल
नींबू का बीच से काटकर उसकी एक फॉक पर काली मिर्च, जीरा और काला नमक डालकर चूसें।
अन्य और सहायक उपचार
- □ अनार के दानों पर काली मिर्च और सेंधा नमक डालकर सेवन करें।
- □ धनिया के का शरबत पिएँ।
- □ गर्म पानी वाली बोटल में गर्मागर्म पानी डालकर उससे पेट को संक कराएँ। यह बड़ा ही प्राकृतिक फार्मूला है।
- □ अमृत धारा की दो बूँदों को मिश्री या चीनी पर डालकर खाएँ। यह तो बहुत ही जल्दी और बेहतरीन प्रयोग है।
पेट में मरोड़ है
लौंग का कमाल
लौंग और अनार की जड़ की छाल को पानी में उबालकर छानकर वो पानी रोगी को पिलाएँ। बहुत बढ़िया औषधी है।
प्रदर रोग है
कमल का कमाल
नीले कमल का केसर (कमल के बीच का गूदा), मुलहटी, काला नमक, जीरा-सबको पीसकर चूर्ण बना लें। फिर इस चूर्ण में शहद मिलाकर हदी के साथ खाएँ। बहुत लाभकारी है।
गूलर का कमाल
गूलर के फूलों को पीसकर चूर्ण बना लें। फिर उसमें शहद और
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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थोड़ी मिश्री मिलाकर छोटे बेर के समान गोलीयाँ बनाकर रख लें। रोज एक गोली 8-10 दिन तक खाएँ।
अन्य उपाय
❑ रोज दो केले खाएँ।
❑ कच्चे केले का चूर्ण बनाकर उसमें उतना ही गुड़ मिला लें। दवा तैयार है। 12 ग्राम यह दवा सुबह-शाम सेवन करें।
प्रमेह रोग है
कपूर का कमाल
कपूर, सोंठ, पिप्पली, जायफल, लौंग, कालीमिर्च, बंशलोचन, अनारदाना, पत्रज, तज, इलायची-सबको अच्छी तरह पीस लें। फिर इसमें मिश्री और कांतिसार को मिलाकर चूर्ण तैयार कर किसी शीशी में भरकर रख दें। यह चूर्ण (दो टक) फाँककर बकरी का दूध पी लें। यह दवा अनेक प्रकार के प्रमेह से राहत दिलाने वाली है।
काँगसी का कमाल
काँगसी की 40 ग्राम जड़, 2 इलायची, 6 काली मिर्च-तीनों को कूट-पीसकर सुबह खाली पेट सेवन करें।
फूलबन्ती का कमाल
12 ग्राम फूलबन्ती, 10 ग्राम मिश्री, 5 काली मिर्च-सबको पानी के साथ कूट-पीस कर सेवन करें।
भिण्डी का कमाल
भिण्डी की जड़ को दूध में डालकर उबाल लें। फिर उसमें मिश्री और घी मिलाकर सेवन करें। बहुत लाभकारी है।
काकड़ बेल का कमाल
240 मि. ग्रा. इलायची, काकड़ बेल के 40 ग्राम पत्ते, ढाई ग्राम
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साहिब बन्दगी
मिश्री-तीनों को कूट-पीसकर पानी में डालकर अच्छी तरह मिलाएँ। फिर छानकर पी लें। बहुत लाभकारी है।
अन्य और सहायक उपचार
▣ ढाई चम्मच शहद में इतना ही आँवले का रस मिलाकर रोज सेवन करें।
प्लीहा ( तिल्ली ) वृद्धि है
करेले का कमाल
करेले का रस निकाल उसमें राई और थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर सेवन करें।
नींबू का कमाल
नींबू को काटकर गर्म कर लें। अब उसमें थोड़ा काला नमक मिलाकर चूर्में। भोजन से 15-20 मिनट पहले यह दवा लें।
अन्य और सहायक उपचार
22 मि. ग्रा. कुमार्यासव 25 मि. ग्रा. पानी में मिलाकर भोजन के बाद सेवन करें।
प्रसव नहीं हो रहा है
अमलतास का कमाल
अमलतास की फली की ऊपरी छाल को मिश्री, केसर और गुलाबजल के साथ अच्छी तरह से पीस लें। यह दवा, जिस स्त्री को प्रसव नहीं हो रहा है, देने से प्रसव हो जाता है।
काले तिल का कमाल
सुबह 75 ग्राम काले तिल लेकर अच्छी तरह से कूट-पीस लें।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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अब उन्हीं पानी में भिगो दें। अगली सुबह उस पानी को छानकर पिलाएँ। बहुत लाभकारी है।
फोड़े-फुँसियाँ हैं
फोदड़ का कमाल
फोदड़ को पीसकर फोड़े वाली जगह लगाएँ।
नीम का कमाल
नीम की पत्तियों को पीसकर फोड़े-फुँसी वाली जगह लेप करें।
बवासीर हैं
गोखरू का कमाल
गोखरू, दारुहल्दी, इन्द्रयव, खरेंटी, बड़ के अंकुर, पीपल के नये पत्ते, अधोपुष्पी, सलाई के फूल, गूलर के अंकुर-सब 10-10 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें। रोज इसके 10 ग्राम चूर्ण का काढ़ा बनाकर पिएँ तो बवासीर दूर हो जाए।
नारियल का कमाल
सूखे हुए नारियल की दाढ़ी को जलाकर उसकी राख को छान लें। ढाई ग्राम यह राख दिन में 3-4 बार छाछ के साथ कुछ खाली पेट होने पर लें। जरूरत पड़े तो दूसरे दिन भी ले सकते हैं। बहुत उपयोगी है।
चित्रकमल का कमाल
चित्रकमल, हाऊबेर, सेंधा नमक, सोंठ-इन चारों को 30-30 ग्राम की मात्रा में लें। अब सबको अलग-अलग पीस लें। अब 30 ग्राम हींग को घी में भूनकर कूट-पीस लें। फिर इन सबको बहुत ही बारीकी से पुनः पीसकर मिला लें और किसी बोटल में रख लें। 4-5 ग्राम यह
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साहिब बन्दगी
दवा दिन में दो बार (सुबह-शाम) छाछ के साथ सेवन करें।
सफेद जीरे का कमाल
सफेद जीरे को पीसकर उसका लेप तैयार करके लगाएँ।
लौकी का कमाल
लौकी के पत्तों को पीसकर मस्सों वाली जगह लेप कर दें।
अजवायन का कमाल
2 ग्राम अजवायन को पीसकर उसमें 1 ग्राम सेंधा नमक मिला लें। फिर इसे छाछ में डालकर दिन के खाने के बाद सेवन करें। बड़ा लाभकारी है।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ खट्टे सेब का रस निकालकर मस्सों पर लगाएँ।
- ❑ प्याज का रस मस्सों पर लगाएँ।
- ❑ फूल-गोभी का सेवन करें।
- ❑ काले तिल ऐसे ही चबा-चबाकर खाएँ और ऊपर से शीतल जल पी लें।
- ❑ जैतून के थोड़े-से तेल में नींबू का कपड़े से छाना हुआ थोड़ा-सा रस ग्लीसरीन सीरिज द्वारा कुछ दिन तक रात को सोते समय गुदा में डालें।
- ❑ छाछ में एक ग्राम अजवायन और इससे थोड़ा कम नमक मिलाकर दुपहर के भोजन के बाद नित्य सेवन करें। यह अत्यन्त ही लाभकारी प्रयोग है।
बाँझपन है
केसर का कमाल
नाग केसर, गंगेरन की छाल, खिरौटी और बड़ के अंकुर-सब
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह से कूट-पीस लें। फिर किसी साफ कपड़े से छानकर रख लें। 22 ग्राम इस चूर्ण को 55 ग्राम शहद के साथ सेवन करें। यह बहुत ही लाभकारी दवा है।
तुलसी का कमाल
मासिक धर्म में तुलसी के बीच चबा-चबाकर खाएँ।
फिटकरी का कमाल
रात को सोते समय रूई में फिटकरी लपेटकर पानी में भिगो लें और उसे योनि में रखें। सुबह निकाल लें। यह काम रोज करें। इससे रूई पर एक दूध जैसा द्रव्य चिपक जाता है। जब रूई में वो द्रव्य निकलना बंद हो जाए तो समझ लेना चाहिए कि अब बाँझपन नहीं रहा। अब गर्भ ठहरने की पूरी-पूरी संभावना हो जायेगी।
अजवायन का कमाल
22 ग्राम अजवायन, इतनी ही मिश्री और 100 ग्राम पानी रात के समय मिट्टी के बर्तन में भिगो दें। सुबह अच्छी तरह पीसकर सेवन करें। यह दवा मासिक धर्म शुरू होने पर हफ्ता-भर सेवन करें। दो दिन अधिक भी कर सकते हैं।
अन्य और सहायक उपचार
❑ पके हुए आम की गिरी को भूनकर खाएँ।
बाल गिर रहे हैं
नारियल का कमाल
नारियल के तेल में उससे आधी मात्रा में नींबू का रस मिलाकर बालों की जड़ों में मालिश करनी चाहिए।
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साहिब बन्दगी
आँवले का कमाल
सूखे आँवलों को रात के समय पानी में भिगो दें। सुबह उठकर उस पानी से सिर धोएँ।
बाल गिर रहे हैं
अरबी का रस बालों में लगाएँ।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ अनार के पत्तों को कूट-पीसकर लेप करें।
- ❑ नारियल के तेल को सिर में लगाएँ।
- ❑ चुकन्दर के पत्तों को मेंहदी के साथ पीसकर बालों में लगाएँ।
- ❑ तिल का सेवन करें।
बिस्तर पर बच्चा पेशाब कर देता है
आँवले का कमाल
पिसा काला जीरा, आँवला चूर्ण-दोनों एक-एक ग्राम लेकर उसमें डबल मात्रा में मिश्री पीसकर मिला लें। यह दवा बच्चे को शीतल जल के साथ दें।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ जामुन की गुठली को पीसकर 1 ग्राम की मात्रा में देकर ऊपर से पानी पिला दें।
बाल तोड़ है
गेहूँ का कमाल
गेहूँ के दानों को मुँह में रखकर चबाएँ और फिर फोड़े वाली जगह बाँध दें।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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बालों में रूसी है
तिल का कमाल
तिल के तेल की मालिश करें। इतने में पानी गर्म करने के लिए रख दें। 40 मिनट बाद उस गर्म पानी में कोई कपड़ा या तौलिया भिगोएँ और निचोड़ कर सिर पर लपेट लें। ठंडा हो जाने पर फिर भिगोने के बाद निचोड़कर लपेटें। 6-7 मिनट तक यह काम करके फिर ठंडे जल से सिर धो लें। यह बड़ा लाभकारी प्रयोग है।
बोलने में हकलाहट है
सौंफ का कमाल
6 ग्राम सौंफ को कूट-पीसकर 330 ग्राम जल में डालकर उबालें। जब पानी तीसरा हिस्सा रह जाए तो उतार लें। अब पौन गिलास गाय के दूध में 55 ग्राम मिश्री और ऊपर का सौंफ का पानी मिलाकर पिएँ। रोज़ सोते समय यह दवा लें।
आँवले का कमाल
रोज़ दो-तीन आँवले चबाकर खाएँ।
भांग का नशा है
चावल का कमाल
चावल के पानी में खाने वाला जरा-सा सोडा और शक्कर मिलाकर पिलाएँ।
मधुमेह है
मेथीदाने का कमाल
5 ग्राम मेथीदाने को पीसकर पौन गिलास जल में रात के समय
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साहिब बन्दगी
भिगो दें। सुबह कूट-पीसकर छान लें। यह पानी रोगी को नित्य पिलाएँ।
चने का कमाल
28 ग्राम काले चने रात को पानी में भिगो दें। सुबह खाली पेट ही खाएँ।
जामुन का कमाल
70 ग्राम जामुन-फल को एक बड़े गिलास जितने पानी में डालकर उबालें। 25-30 मिनट तक रहने दें। बाद में उतारकर अच्छी तरह से जामुन को मसल लें और फिर उसे छान लें। इसी को 3-4 हिस्सों में करके दिन में 3-4 बार यानी जितने हिस्से किये हों, उतनी बार लें। यह अत्यंत लाभकारी प्रयोग है।
आँवले का कमाल
ताजे आँवलों का रस निकाल उसमें शहद मिलाकर नित्य पिएँ।
अन्य और सहायक उपचार
- □ आम के रस में जामुन का रस मिलाकर सेवन करें।
- □ टमाटर का सेवन करें।
- □ साग-सब्जियों का अधिक सेवन करें।
- □ करेले का सेवन करें।
- □ सुबह मूली का सेवन करें।
- □ पालक का रस निकालकर उसमें डेढ़ गुणा गाजर का रस मिलाकर नित्य सेवन करें।
सावधानी बरतें
- □ मिठाई और खट्टी चीजें जहर के समान समझें।
- □ चावल भी मत खाएँ।
- □ केले का सेवन मत करें।
- □ दिन के समय मत सोएँ।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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मलेरिया है
नमक का कमाल
5 ग्राम नमक को भूनकर गर्म पानी से लें। दो-तीन दिन यह दवा लें। बहुत ही लाभकारी है।
काली मिर्च का कमाल
काली मिर्च और तुलसी की पत्तियों को मिलाकर सुबह-शाम चबाएँ।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ अमरूद का सेवन करें।
- ❑ 4 काली मिर्च और नीम के पत्ते 55 ग्राम-दोनों को अच्छी तरह कूट-पीस लें। फिर आधा गिलास पानी डालकर मलें और छान लें। यह पानी बड़ा लाभकारी है।
मसूड़ों में पीड़ा है
अडूसे का कमाल
अडूसे के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से कुछे करें।
माथे में पीड़ा है
जौ का कमाल
जौ के आटे को पानी में घोलें और पीड़ा वाली जगह लेप कर दें।
मासिक धर्म में रुकावट है
बथुए का कमाल
डेढ़ चम्मच बथुए के बीजों को पौन गिलास (बड़ा) पानी में
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साहिब बन्दगी
डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो उतारकर उस पानी को छानकर पीएँ।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ नारियल का सेवन करें।
- ❑ बथुए की सब्जी खाएँ।
- ❑ छुहारे का सेवन करें।
मासिक स्त्राव अधिक है
भुईआँवला का कमाल
भुईआँवला की जड़ को चावल के पानी के साथ सेवन करें।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ अनार के छिलकों को सुखाकर कूट-पीस लें। अब छानकर रख लें। चम्मच-भर यह चूर्ण शीतल जल के साथ सुबह-शाम लें।
मिरगी रोग है
अंगूर का कमाल
- ❑ अंगूर का सेवन करें।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ जब भी दौरा आए तो कच्चा लहसुन हाथ से तोड़कर सुँघाएँ।
मुँह आया है
बबूल का कमाल
बबूल की कोपल को पीसकर मलें।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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मुँह में छाले हैं
बाल का कमाल
बाल का 50 ग्राम रस रोज़ पिएँ।
फिटकरी का कमाल
फिटकरी को पानी में घोल कर गराये करें।
काली मिर्च का कमाल
17 काली मिर्च और 32 किशमिश-दोनों को मिलाकर चबाएँ।
मुँह से दुर्गंध आती है
तुलसी का कमाल
तुलसी के पत्ते चबाना लाभकारी होता है।
अदरक का कमाल
गर्म पानी में थोड़ा अदरक का रस मिलाकर कुल्ले करें।
नीम का कमाल
नीम की दातुन करना अतिउत्तम है।
अन्य और सहायक उपचार
❑ जीरा भून कर खाएँ।
❑ हरे धनिये का सेवन करें।
मूत्र बार-बार आता है
कंघी का कमाल
कंघी के चारों प्रकार की जड़ की छाल को ले पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को फाँककर ऊपर से दूध पी लें।