अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
१०५. बुरे स्वप्न का विनाश १ १०६. स्वप्न में खाया अन्न दिन में दिखाई न देना १ १०७. धरती, आकाश अंतरिक्ष और मृत्यु को नमस्कार १ १०८. राजा का आह्वान १ १०९. बृहस्पति देव की स्तुति १ ११०. ब्रह्मचारी का वर्णन १ १११. अग्नि की स्तुति १ ११२. सूर्य की स्तुति १ ११३. अग्नि देव की स्तुति १-२ ११४. अग्नि की स्तुति १-७ जुए की देवियां ३ गंधर्व ६ ११५. अग्नि और इंद्र की प्रशंसा १-३ ११६. वृषभ की प्रशंसा १ ११७. द्यावा पृथ्वी की स्तुति १-२ पाप से छुटकारा ३ ११८. वाणापर्ण्य जड़ीबूटी का वर्णन १-२ ११९. अग्नि की स्तुति १-२ मानसिक व्याधि २ १२०. सविता देव की स्तुति १-४ दरिद्रता २ अग्नि देव की प्रशंसा ३ पुण्य और पापकारिणी लक्ष्मियां ४ १२१. उष्णि्क ज्वर से संबंधित देव की प्रशंसा १-२ १२२. इंद्र की स्तुति १ १२३. सोम व वरुण की स्तुति १ आठवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. मृत्यु देव की स्तुति १-२१ पाप देवता के बंधनों से उद्धार ३ मृत्यु से छुटकारा ६ अंधकार से प्रकाश की ओर ८ वाडव आदि अग्नियों द्वारा रक्षा ११ मृत्यु से छीनने वाले इंद्र, धाता एवं सविता १५ ebook converter DEMO Watermarks*
अदिति पुत्र देव मृत्यु से छुड़ाएं १६ द्यौ देवता एवं पृथ्वी १७ बाहरी और आंतरिक रोगों का विनाश २१ २. आयु की कामना १-२८ निंदा से मुक्ति ३ पुरुष की चिकित्सा ५ ग्वारपाठा नामक जड़ीबूटी ६ भव और शर्व की स्तुति ७ रुद्र आदि देव ९ अग्नि से प्राणों की याचना १३ सविता देव की प्रशंसा १७ बालक की रक्षा २० शांति २६ ३. अग्नि देव की स्तुति १-२६ ४. इंद्र और सोम की स्तुति १-२५ सोम देव द्वारा पापी राक्षस का वध १३ मरुतों की प्रशंसा १८ ५. तिलक वृक्ष से निर्मित मणि का वर्णन १-२२ कृत्या राक्षसी से बचाव ७ तिलक वृक्ष की स्तुति ११ मणि की महिमा १३ इंद्र का वर्णन १७ ६. दुर्नाम और सुनाम नामक रोगों और उनके निवारण का वर्णन १-२६ पीली सरसों रूपी ओषधि ६ ककुंभ पिशाचों का नाश ११ गर्भ की रक्षा १८ ७. आयुष्य ओषधियों का वर्णन १-२८ वृक्षों का गर्भ पीपल २० ८. इंद्र की स्तुति १-२४ पीपल और खैर के वृक्ष ३ इंद्र से शत्रु वध का आग्रह ६ सूर्य की प्रशंसा ७ मृत्युदूतों से शत्रुवध का आग्रह ११ अग्नि का वर्णन २३ ९. विराट के दोनों वत्सों का वर्णन १-२६ विराट का वर्णन ११ सूर्य, चंद्र एवं अग्नि का वर्णन १३ छः मास १७ सात होम १८ ebook converter DEMO Watermarks*
१०. (१) विराट् का वर्णन १-१३ १०. (२) विराट् का वर्णन १-१० १०. (३) विराट् का वर्णन १-८ १०. (४) विराट् का वर्णन १-१६ १०. (५) विराट् का वर्णन १-१६ १०. (६) विराट् का वर्णन १-४ नौवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. मधुकशा गौ की स्तुति व वर्णन १-२४ सोमरस १३ अग्नि की स्तुति १५ अश्विनीकुमारों की स्तुति १७ २. वृषभ रूपी काम की स्तुति १-२५ काम देव से दरिद्रता दूर करने की प्रार्थना ४ काम देव की स्तुति १० अग्नि, इंद्र और सोम १३ काम देव की स्तुति २५ ३. शालाओं का वर्णन १-३१ शाला की पूर्व दिशा को नमस्कार २५ ४. शक्तिशाली ऋषभ का वर्णन १-२४ जड़ीबूटियों के रस का परिचय ५ बैल का दान १८ ५. अज का वर्णन १-३८ अज ही अग्नि है और अज ही ज्योति है ७ अग्नि की प्रशंसा १७ पंचौदन ३१ ६. अतिथि सत्कार का वर्णन १-१७ ७. अतिथि सत्कार का वर्णन १-१३ ८. अतिथि सत्कार का वर्णन १-९ ९. अतिथि सत्कार का वर्णन १-१० १०. अतिथि सत्कार का वर्णन १-१० ११. अतिथि सत्कार का वर्णन १-१४ १२. गो महिमा वर्णन १-२६ १३. सर्वशीर्षामय दूरीकरण तथा सभी ebook converter DEMO Watermarks*
ㅤㅤㅤरोगों का दूरीकरणㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-२२ १४.ㅤसूर्य की स्तुतिㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-२२ ㅤㅤㅤपाँच अरों वाला पहियाㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ११ ㅤㅤㅤबारह आकृतियांㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१२ ㅤㅤㅤबारह अरों वाला पहियाㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१३ १५.ㅤगायत्र का वर्णनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-२८ ㅤㅤㅤगायत्र यज्ञ की तीन समिधाएंㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३ ㅤㅤㅤभूमि की पूजाㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ२० ㅤㅤㅤमित्र और वरुण का रूपㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ२३ ㅤㅤㅤतीन ज्योतियांㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ२६ ㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤदसवां कांड सूक्तㅤविषयㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤमंत्र १.ㅤㅤकृत्या का परित्यागㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-३२ २.ㅤㅤमनुष्य के शरीर का निर्माणㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-३३ ㅤㅤㅤदेवों की नगरी का वर्णनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३१ ३.ㅤㅤवरणमणि का वर्णनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-२५ ㅤㅤㅤसमस्त रोगों की ओषधिㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३ ㅤㅤㅤसोमपीथ और मधुपर्क यज्ञㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ२१ ४.ㅤㅤदेवों के रथों का वर्णनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-२६ ㅤㅤㅤश्वेत पद द्वारा सर्पों का विनाशㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३ ㅤㅤㅤइंद्र की प्रशंसाㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१७ ५.ㅤㅤजल की स्तुति तथा वर्णनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-५० ㅤㅤㅤसप्तऋषियों का अनुवर्तनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३९ ㅤㅤㅤदिव्यजनों और अग्नि देव से प्रार्थनाㅤㅤㅤㅤ४६ ६.ㅤㅤवनस्पतिफला मणि का वर्णनㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-३५ ㅤㅤㅤअग्नि का आह्वानㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३५ ७.ㅤㅤअंगों की महत्ता का बखानㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-४४ ㅤㅤㅤवह जगदाधार कौन हैㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ४ ㅤㅤㅤश्रेष्ठ परमात्मा को नमस्कारㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ३६ ८.ㅤㅤब्रह्म की स्तुतिㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-४४ ㅤㅤㅤबारह अरे तथा तीन नेमियांㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ४ ㅤㅤㅤपरमात्मा संसार के मध्य स्थित हैㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१५ ㅤㅤㅤआत्म तत्त्व एक हैㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ२५ ९.ㅤㅤशतौदना गो का वर्णन व स्तुतिㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-२७ १०.ㅤवशा गौ का वर्णन व स्तुतिㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤㅤ१-३४ ebook converter DEMO Watermarks*
ग्यारहवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. अग्नि देव की स्तुति १-३७ ब्रह्मौदनासव यज्ञ २० सोमरूपी ब्रह्मौदन २६ २. भव और शर्व की स्तुति १-३१ पशुपति को नमस्कार ६ अतिशय बलशाली रुद्र की स्तुति १० रुद्र के आयुध २२ ३. बृहस्पति का भोजन १-३१ ओदन की महिमा जानने वाला प्रसिद्ध गुरु २३ ४. ओदन का खाया जाना १-६ ५. ओदन की स्थिति १-१८ ६. प्राण के लिए नमस्कार १-२६ प्राण अर्थात सूर्य देव ३ ७. ब्रह्मचारी की महिमा का वर्णन १-२६ ब्रह्मचारी की पहली समिधा ४ ब्रह्मचारी पहली भिक्षा ९ ८. अग्नि, वनस्पति, जड़ीबूटी और फसलों की स्तुति १-२३ सभी देवों की स्तुति २ इंद्र तथा मातलि की प्रशंसा २३ ९. हवन से बचा भात १-२७ यज्ञ शेष की प्रशंसा ११ नौ खंडों वाली पृथ्वी १४ १०. सृष्टि की रचना १-३४ प्रलय काल के महासागर में तप और कर्म ६ इंद्र, अग्नि, सोम, त्वष्टा की उत्पत्ति ८ ज्ञानेंद्रियां तथा कर्मेंद्रियां १३ परमेश्वर और माया १७ ११. अर्बुदि सर्प की स्तुति १-२६ १२. युद्ध के लिए तैयार होने की प्रेरणा १-२७ जातवेद अग्नि और आदित्य की स्तुति ४ श्वेत चरणों वाली गाय ६ ब्रह्मणस्पति देव से विजय प्रदान करने का अनुरोध ९ ebook converter DEMO Watermarks*
बारहवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. पृथ्वी की स्तुति व वर्णन १-६३ धरातल की विशेषता २ पृथ्वी का निर्माण १० २. कुंताप अग्नि को दूर करना १-५५ शव भक्षक अग्नि १२ गार्हपत्य अग्नि की स्तुति १८ ३. अग्नि की स्तुति १-६० ओदन का प्रभाव ३ पृथ्वी की स्तुति १२ वनस्पति की प्रशंसा १८ ४. गोदान का वर्णन १-५३ वशा गौ का वर्णन ३ नारद की स्तुति ४५ ५. ब्रह्मगवी का वर्णन १-६ ६. ब्रह्मगवी का वर्णन १-५ ७. ब्रह्मगवी का वर्णन १-१६ ८. ब्रह्मगवी का वर्णन १-११ ९. ब्रह्मगवी का वर्णन १-८ १०. ब्रह्मगवी का वर्णन १-१५ ११. ब्रह्मगवी का वर्णन १-१२ तेरहवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. सूर्य देव की स्तुति १-६० अग्नि की स्तुति १५ वाचस्पति की प्रशंसा १७ यज्ञ की वृद्धि ६० २. सूर्य देव की स्तुति १-४६ रोहित देव का वर्णन और प्रशंसा ४१ ३. रोहित देव की स्तुति १-२६ ४. सूर्य की स्तुति १-१३ ५. एक वृत्त अर्थात् ब्रह्म के ज्ञाता १-७ ebook converter DEMO Watermarks*
६. ब्रह्म के ज्ञाता का वर्णन १-७ ७. ब्रह्म के ज्ञाता का वर्णन १-१७ ८. इंद्र की स्तुति १-६ ९. ब्रह्म वर्चस प्रदान करने की कामना १-५ चौदहवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. सोम की स्तुति १-६४ अश्विनीकुमारों की प्रशंसा १४ इंद्र की प्रशंसा १८ चंद्र का वर्णन २४ गायों की स्तुति ३२ बृहस्पति, इंद्र और सविता देव की प्रशंसा ६२ २. अग्नि देव की स्तुति १-७५ सरस्वती की प्रशंसा १५ स्त्री के लिए सुखकारी उपदेश २६ वंशवृद्धि ३१ बृहस्पति देव का वर्णन ५३ पति और पत्नी का प्रेम ६४ सविता देव से दीर्घजीवन की कामना ७५ पंद्रहवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. समूहों का हित करने वाले समूह पति का वर्णन १-८ २. व्रात्य का वर्णन १-२८ शरीर रूपी रथ का वर्णन ७ ३. व्रात्य का वर्णन १-११ आसंदी और बैठने की चौकी २ ऋग्वेद के मंत्र और यजुर्वेद के मंत्र आसंदी बुनने के तंतु ६ ४. व्रात्य का वर्णन १-१८ ऋतुओं के रक्षक ४ ५. भव अर्थात् महादेव का वर्णन १-१६ रुद्र ध्रुव दिशा के रक्षक १२ ebook converter DEMO Watermarks*
६. व्रात्य का वर्णन १-२६ पृथ्वी, अग्नि, वनस्पति और ओषधियां २ साम, यजु, और ब्रह्म ८ ७. व्रात्य का वर्णन १-५ ८. व्रात्य का वर्णन १-३ ९. व्रात्य का वर्णन १-३ १०. ज्ञानी व्रात्य का वर्णन १-११ ब्रह्मबल और क्षात्रबल ४ आकाश और पृथ्वी ६ ११. व्रात्य की स्तुति और वर्णन १-११ १२. व्रात्य की स्तुति और वर्णन १-११ विद्वान व्रतधारी की आज्ञा से हवन ४ १३. व्रात्य की स्तुति और वर्णन १-१४ व्रात्य अतिथि के रूप में ५ १४. व्रात्य की स्तुति तथा वर्णन १-२४ १५. व्रात्य की स्तुति तथा वर्णन १-९ १६. व्रात्य का वर्णन १-७ १७. व्रात्य का वर्णन १-१० १८. व्रात्य का वर्णन १-५ सोलहवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. जल की स्तुति और वर्णन १-१३ जल के श्रेष्ठ भाग को सागर की ओर प्रेरित करना ६ २. प्रजापति से प्रार्थना १-६ ३. आदित्य का वर्णन १-६ ४. आदित्य का वर्णन १-७ ५. स्वप्न की उत्पत्ति १-१० स्वप्न मृत्यु है २ स्वप्न निर्धनता का पुत्र ६ ६. दुःस्वप्न का नाश १-११ ७. दुःस्वप्न का नाश १-१३ ८. बुरे स्वप्न का नाश १-३३ शत्रु बृहस्पति के बंधन से मुक्त न हो १० ebook converter DEMO Watermarks*
शत्रुओं का वध करके लाए हुए पदार्थ हमारे १६ मृत्यु के पाश ३२ ९. प्रजापति देव की स्तुति १-४ सत्रहवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. इंद्र रूप सूर्य की स्तुति १-३० सूर्य की शक्तियां अनेक हैं ८ परम ऐश्वर्य वाले सूर्य का वर्णन १३ सूर्य देव सब के कल्याणकारी २६ अठारहवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. यमयमी संवाद एवं अग्नि आदि देवों की स्तुति १-६१ भाई और बहन पर आक्षेप १२ देवों ने जल, वायु और ओषधि तत्त्व को पृथ्वी पर स्थापित किया १७ सौमाग्नि के सिद्ध होने पर अग्निष्टोम आदि कर्म २१ अग्नि की प्रशंसा २२ आकाश तथा पृथ्वी मुख्य तथा सत्यवाणी हैं २९ मित्र एवं वरुण देवता से प्रार्थना ३९ पितरों द्वारा सरस्वती का आह्वान ४१ दाह संस्कार ६१ २. यम आदि की स्तुति १-६० जातवेद अग्नि की स्तुति ५ प्रेत का वर्णन ७ कुत्ते यमपुर के रक्षक १२ अनंत द्रष्टा ऋषि १८ सूर्य के पुत्र यम ३२ यम का वचन ३७ श्मशान भूमि ३८ मृतक का श्राद्ध ५० ३. यम की स्तुति १-७३ काई और बेंत में जल का सार ५ अग्नियों का वर्णन ६ ebook converter DEMO Watermarks*
प्रेत का वर्णन ७ पितृ याग नामक कर्म १४ महर्षियों से सुख की कामना १६ देवमाता अदिति की प्रशंसा २७ भू देवता की प्रशंसा ५० शीतकारिणी जड़ीबूटियां और मंडूकपर्णी ओषधि से व्याप्त पृथ्वी ६० वनस्पति में अस्थिरूप पुरुष ढांचा ७० ४. अग्नि की स्तुति १-८९ अग्नि, वायु और सूर्य का स्वर्ग में निवास ४ प्रेत का संस्कार १६ वैश्वानर अग्नि द्वारा पितरों का पोषण ३५ दाह संस्कार करने वाले पुरुषों द्वारा सरस्वती का आह्वान ४५ सोमरस प्राप्त करने वाले अधिकारी पितर ६३ अग्नि, पितरों और यम के लिए नमस्कार ७२ प्रकाशमान अग्नि की स्तुति ८८ उन्नीसवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. देवों के उद्देश्य से यज्ञ में आहुति १-३ आहुतियों से यज्ञ की रक्षा की कामना २ २. कल्याणकारी जलों का वर्णन १-५ जलों की वंदना ३ ३. अग्नि देव की स्तुति १-४ अग्नि हर वस्तु में विद्यमान है २ अग्नि की महिमा ३ ४. अग्नि की स्तुति १-४ सरस्वती की कामना २ बृहस्पति का आह्वान ३ ५. देवताओं के स्वामी इंद्र की स्तुति १ ६. नारायण नाम के पुरुष की स्तुति १-१६ यज्ञ पुरुष की कल्पना ५ ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र की उत्पत्ति ६ चंद्रमा और सूर्य की उत्पत्ति ७ अंतरिक्षलोक, स्वर्गलोक, भूमि और दिशाओं की उत्पत्ति ८ ebook converter DEMO Watermarks*
विराट की उत्पत्ति ९ घोड़ों आदि की उत्पत्ति १२ अश्वमेध यज्ञ १५ ७. नक्षत्रों की स्तुति १-५ विभिन्न नक्षत्रों के अनुकूल होने की कामना २ ८. नक्षत्रों की स्तुति १-७ अट्ठाईस नक्षत्र २ नक्षत्रों के देवताओं का अभिनंदन ३ इंद्र की स्तुति ६ ९. देवों की स्तुति १-१४ ज्ञानेंद्रियों का वर्णन ५ शांति की कामना ९ १०. इंद्र और अग्नि की स्तुति १-१० सभी देवों से सुख की याचना ४ सोम ७ ११. सत्य पालक देवों और पितरों की स्तुति १-६ १२. उषा की प्रशंसा १ १३. इंद्र की प्रशंसा १-११ इंद्र की सहायता से शत्रु विजय की कामना ३ शत्रु को नष्ट करने वाले बृहस्पति ८ १४. द्यावा और पृथ्वी की स्तुति १ १५. अभय करने वाले इंद्र आदि की प्रशंसा १-६ कर्मों की सिद्धि हेतु इंद्र से प्रार्थना ३ १६. सविता देव की स्तुति १-२ अश्विनीकुमारों की स्तुति ३ १७. पृथ्वी की स्तुति १-१० अंतरिक्ष का स्थायी देवता २ सोम व रुद्र की स्तुति ३ १८. शत्रुओं के विनाश की कामना १-१० वायु से शत्रु विनाश की कामना २ १९. मित्र नाम वाले अग्नि आदि देवों की स्तुति १-११ वायु द्वारा पुर की रक्षा ३ २०. इंद्र, अग्नि, सविता आदि देवों की स्तुति १-४ सभी प्राणियों के पालनकर्ता प्रजापति ३ २१. छंदों के लिए आहुति १ २२. अंगिरा गोत्र वाले ऋषियों के लिए आहुति १-२१ छठे के लिए आहुति २ २३. ऋषियों के लिए आहुति १-३० पांच ऋचाओं की रचना करने करने ebook converter DEMO Watermarks*
वाले ऋषियों को आहुति २ ब्रह्मा का वर्णन ३० २४. शत्रु विनाशकर्ता ब्रह्मणस्पति की स्तुति १-८ इंद्र की स्तुति २ देवों से प्रार्थना ४ २५. शक्तिशाली अश्व की कामना १ २६. अग्नि से उत्पन्न स्वर्ण को धारण करने वाले पुरुष का वर्णन १-४ २७. विवृत नामक मणि का वर्णन १-१५ सोम आदि देवों की स्तुति ३ मणिधारक पुरुष ८ आदित्य नाम के देव की प्रशंसा ११ २८. दर्भमणि का वर्णन व स्तुति १-१० द्वेष करने वालों के विनाश के लिए प्रार्थना २ २९. दर्भमणि की स्तुति तथा वर्णन १-९ सेना एकत्र करने वालों के नाश की कामना २ ३०. दर्भमणि की स्तुति १-५ दर्भमणि की गांठों में सुरक्षा कवच २ ३१. औदुंबरमणि की स्तुति १-१४ पुरुषों, पशुओं, अन्न तथा ओषधियों की अधिकता की कामना ४ सरस्वती देवी की स्तुति १० ३२. उग्र ओषधि दर्भ का वर्णन १-१० ३३. सौ गांठों वाली दर्भ ओषधि की स्तुति १-५ दर्भ नाम का रक्षा साधन शक्ति संपन्न ४ ३४. जंगिड़ नामक जड़ीबूटी का वर्णन १-१० जंगिड़ मणि की महिमा २ ३५. महा रोग नाशक जंगिड़ मणि का वर्णन १-५ ३६. राजयक्ष्मा अर्थात् टीबी रोग नाशक शतवार ओषधि का वर्णन १-६ पागलपन व अन्यरोगों का निवारण ६ ३७. अग्नि की स्तुति १-४ प्रसन्नता के लिए यज्ञ ४ ३८. गुग्गुलु नाम की ओषधि का वर्णन १-३ ३९. कूठ नामक विशेष ओषधि का वर्णन १-१० स्वर्ग में देवों का घर पीपल वृक्ष ६ ४०. दोषों को दूर करने के लिए बृहस्पति की स्तुति १-४ जल देवता की प्रशंसा २ ebook converter DEMO Watermarks*
द्यावा पृथ्वी की प्रशंसा ३ अश्विनीकुमारों की प्रशंसा ४ ४१. तप की दीक्षा १ ४२. ब्रह्म का वर्णन १-४ इंद्र की प्रशंसा ३ ४३. अग्नि आदि देवों की स्तुति १-८ सगुण ब्रह्म का स्वरूप जानने वाले कहां जाते हैं २ ४४. आंजन का वर्णन तथा स्तुति १-१० प्राण रक्षक आंजन ४ राजा वरुण की स्तुति ८ ४५. आंजन का वर्णन और स्तुति १-१० अग्नि की स्तुति ६ इंद्र की प्रशंसा ७ भगदेव की स्तुति ९ ४६. आस्तृत मणि का वर्णन तथा स्तुति १-७ ४७. नीलवर्ण के अंधकार वाली रात्रि का वर्णन १-९ कल्याण कारिणी रात्रि २ रात्रि के गण देवता ४ ४८. रात्रि का वर्णन तथा प्रशंसा १-६ उषःकाल की कामना ३ ४९. रात्रि का वर्णन व स्तुति १-१० ५०. रात्रि का वर्णन व वंदना १-७ ५१. कर्म का अनुष्ठान करने का इच्छुक १-२ ५२. काम की स्तुति १-५ काम से मित्र के समान आचरण करने की इच्छा २ ५३. काल का वर्णन १-१० काल रूप परमात्मा २ सूर्य का संसार को प्रकाशित करना ६ ५४. काल का वर्णन १-५ सभी की गति का कारण काल २ ५५. अग्नि देव की स्तुति १-६ संपूर्ण अन्न और जीवन की कामना ६ ५६. बुरे स्वप्न के अभिमानी क्रूर पिशाच का वर्णन १-६ स्वप्न से बचने का उपाय वरुण ने आदित्यों को बताया ४ ५७. दुःस्वप्न नाशन १-५ ५८. परमात्मा से संबंधित ज्ञान १-६ आकाश और पृथ्वी से तेज की याचना ३ इंद्रियों को निर्देश ४ ebook converter DEMO Watermarks*
५९. अग्नि की स्तुति १-३ ६०. शारीरिक स्वास्थ्य की कामना १-२ ६१. अग्नि की स्तुति १ ६२. अग्नि की स्तुति १ ६३. ब्रह्मणस्पति की स्तुति १ ६४. जातवेद अग्नि की स्तुति १-४ ६५. सूर्य की प्रशंसा १ ६६. जातवेद सूर्य की वंदना १ ६७. सूर्य देव की स्तुति १-८ ६८. व्यान और प्राण वायु के मूल आधार का विस्तार १ ६९. इंद्र आदि देवगण की स्तुति १-४ ७०. इंद्र की स्तुति १ ७१. सावित्री देवी की स्तुति १ ७२. देवों से मनचाहे कर्म के फल की याचना १ बीसवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. इंद्र से सोम पीने का अनुरोध १-३ वेद मंत्रों द्वारा अग्नि देव की स्तुति ३ २. अग्नि, मरुत एवं इंद्र देव की स्तुति १-४ द्रविणोदा से सोमपान करने का अनुरोध ४ ३. इंद्र की स्तुति १-३ ४. इंद्र से सोमरस पीने का अनुरोध १-३ ५. इंद्र से सोम प्राप्त करने का अनुरोध १-७ इंद्र से यज्ञ में आने का आग्रह ७ ६. कामनाओं की वर्षा करने वाले इंद्र से मधुर सोम पान करने का आग्रह १-९ मरुतों के स्वामी इंद्र की स्तुति ३ ७. इंद्र की स्तुति १-४ ८. इंद्र से सोम पीने का आग्रह १-३ ९. दर्शनीय और दुःख विनाशक इंद्र की स्तुति १-४ उत्तम अन्न की याचना ३ १०. इंद्र की स्तुति १-२ ११. इंद्र के कार्यों का वर्णन १-११ ebook converter DEMO Watermarks*
इंद्र स्वर्ग प्राप्त कराने शत्रुओं का विनाश करने वाले हैं ४ स्तुति कर्ताओं को धन देने वाले इंद्र ७ इंद्र द्वारा वनस्पतियों एवं दिवसों की रचना १० १२. इंद्र की स्तुति १-७ १३. बृहस्पति देव और इंद्र से यज्ञशाला में आने के लिए आग्रह १-४ अग्नि से यज्ञ में आने का आग्रह ४ १४. रक्षा की कामना से इंद्र का आह्वान १-४ १५. इंद्र की स्तुति १-६ इंद्र के यज्ञ का स्थान सारा जगत् ३ १६. बृहस्पति देव की प्रशंसा १-१२ बृहस्पति ने छिपी हुई गाएं बाहर निकालीं ४ १७. इंद्र की स्तुति १-१२ इंद्र से सोमरस पीने का आग्रह ३ बृहस्पति देव की प्रशंसा ११ १८. वज्रधारी इंद्र की स्तुति १-६ १९. इंद्र की स्तुति १-७ २०. इंद्र की स्तुति १-७ पांच वर्णों में व्याप्त बल की कामना २ २१. इंद्र की स्तुति १-११ २२. वर्षा करने वाले इंद्र की प्रशंसा १-६ २३. इंद्र से यज्ञ में आने का आग्रह १-९ २४. इंद्र की स्तुति १-९ इंद्र को सोम पान के लिए बुलावा ४ धनों के विजेता इंद्र ६ २५. इंद्र की महिमा का गान १-७ अविनाशी इंद्र का पूजन ५ २६. इंद्र की स्तुति १-६ अज्ञानी को ज्ञान देने वाले सूर्य का उदय ६ २७. इंद्र की स्तुति १-६ २८. इंद्र के कार्यों का वर्णन १-४ २९. इंद्र की स्तुति तथा वर्णन १-५ ३०. इंद्र के अश्वों का वर्णन १-५ इंद्र के सुंदर शरीर व शस्त्रों का वर्णन ३ इंद्र के केश ५ ३१. अश्वों द्वारा इंद्र को यज्ञ में लाया जाना १-५ इंद्र का निवास ५ ebook converter DEMO Watermarks*
३२. इंद्र की महिमा १-३ ३३. इंद्र के लिए सोम रस का संस्कार १-३ ३४. इंद्र के बल की महिमा १-१८ शंबर असुर का वध ११ ३५. इंद्र की स्तुति १-१६ महान् इंद्र के असाधारण कर्म का वर्णन ७ ३६. इंद्र की स्तुति १-११ धन की याचना ३ ३७. इंद्र की स्तुति का वर्णन १-११ इंद्र का वज्र ३ ३८. इंद्र से सोम रस पीने का आग्रह १-६ इंद्र का पूजन ४ ३९. इंद्र का आह्वान १-५ ४०. इंद्र की महिमा का गुणगान १-३ ४१. बलशाली इंद्र का वर्णन १-३ ४२. इंद्र की शक्ति १-३ ४३. इंद्र से शत्रु विनाश की कामना १-३ ४४. इंद्र की स्तुति १-३ ४५. इंद्र को पास बुलाने का आग्रह १-३ ४६. इंद्र की महिमा १-३ ४७. इंद्र का वर्णन व स्तुति १-२१ इंद्र के रथ में घोड़ों को जोड़ना ११ ४८. इंद्र की स्तुति १-६ सूर्य की किरणों के तीस मुहूर्त दीप्त ६ ४९. इंद्र की स्तुति १-७ ५०. इंद्र की महिमा का गुणगान १-२ ५१. इंद्र के आयुधों का वर्णन १-४ ५२. सोमरस १-३ ५३. इंद्र से यज्ञ में आने का अनुरोध १-३ ५४. इंद्र से यज्ञ में आने का अनुरोध १-३ ५५. इंद्र को यज्ञ में बुलाने का संकल्प १-३ ५६. इंद्र की स्तुति और वर्णन १-६ ५७. रक्षा के लिए इंद्र का आह्वान १-१६ ५८. इंद्र की महिमा की प्रशंसा १-४ ५९. इंद्र की स्तुति १-४ इंद्र का यज्ञ भाग ३ ६०. अन्न एवं धन के स्वामी इंद्र की प्रशंसा १-६ ebook converter DEMO Watermarks*
इंद्र को प्रिय लगने वाली स्तुतियां ६ ६१. इंद्र की हवि से पूजा १-६ ६२. इंद्र से रक्षा की कामना १-१० इंद्र की स्तुति ४ ६३. इंद्र की स्तुति १-९ ६४. स्वर्ग के स्वामी इंद्र की स्तुति १-६ ६५. इंद्र की स्तुति १-३ ६६. इंद्र का यज्ञ में बैठना १-३ ६७. इंद्र की महिमा का गुणगान १-७ अग्नि की स्तुति ३ ६८. रक्षा के लिए इंद्र का आह्वान १-१२ यज्ञशाला में इंद्र का गान ११ ६९. इंद्र का चिंतन १-१२ सूर्य रूप इंद्र ११ ७०. इंद्र की स्तुति १-२० इंद्र की महिमा १२ ७१. इंद्र की महिमा का वर्णन १-१६ शत्रुओं द्वारा इंद्र के बल की प्रशंसा १६ ७२. इंद्र की स्तुति और वर्णन १-३ ७३. इंद्र की प्रशंसा १-६ हवि रूप अन्न का सेवन ३ इंद्र द्वारा दुष्कर्म करने वालों का वध ६ ७४. इंद्र की स्तुति १-७ पाप वृत्ति वाले राक्षसों के वध की कामना ५ ७५. गोदान के अवसर पर अन्न की कामना १-३ ७६. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-८ इंद्र की प्रशंसा ३ ७७. इंद्र की प्रशंसा १-८ इंद्र हेतु मंत्रों के समूह का उच्चारण २ मंत्रों के द्वारा दर्शनीय स्वर्ग का ज्ञान ३ ७८. सोमरस का संस्कार और इंद्र की स्तुति १-३ ७९. इंद्र की स्तुति १-२ ८०. इंद्र की स्तुति १-२ ८१. इंद्र के समान कोई महान नहीं १-२ ८२. इंद्र की स्तुति १-२ ८३. इंद्र से मंगलकारी घर की कामना १-२ ८४. इंद्र की स्तुति का परामर्श १-३ ebook converter DEMO Watermarks*
८५. इंद्र की स्तुति करने की प्रेरणा १-४ ८६. इंद्र की स्तुति ३ ८७. इंद्र की स्तुति १-७ बृहस्पति की स्तुति ६ ८८. बृहस्पति देव की स्तुति १-६ हवियों और नमस्कारों के द्वारा बृहस्पति की पूजा ६ ८९. इंद्र की स्तुति १-११ तीव्र स्वाद वाला सोमरस ८ बृहस्पति देव से रक्षा की कामना ११ ९०. बृहस्पति की स्तुति १-३ विशाल गोशालाएं ३ ९१. बृहस्पति देव की स्तुति १-१२ बृहस्पति स्तुतिकर्ता के रक्षक ११ इंद्र द्वारा मेघ पर प्रहार १२ ९२. इंद्र की स्तुति १-२१ भार को संभालने वाले इंद्र ११ वृद्धि की कामना २१ ९३. इंद्र की स्तुति १-८ ९४. इंद्र से शत्रु के विनाश का आग्रह १-११ हिंसक शत्रु से रक्षा की कामना ११ ९५. सोमरस पान १-४ इंद्र के बल की पूजा का परामर्श २ ९६. इंद्र की स्तुति १-२४ सोम का संस्कार न करने वाला प्रहार के योग्य ४ रोगी की चिरायु की कामना ९ अग्नि देव की स्तुति ११ यक्ष्मा रोग को नष्ट करना १९ ९७. इंद्र की प्रशंसा १-३ ९८. इंद्र की स्तुति १-२ ९९. इंद्र की स्तुति १-२ १००. इंद्र की स्तुति १-३ १०१. अग्नि की स्तुति १-३ १०२. अग्नि की स्तुति १-३ १०३. अग्नि की स्तुति १-३ १०४. इंद्र के लिए प्रशंसा मंत्रोच्चारण १-४ अग्नि की स्तुति ४ १०५. इंद्र की स्तुति १-५ वृत्र के हंता इंद्र ४ ebook converter DEMO Watermarks*
१०६. इंद्र की स्तुति १-३ १०७. इंद्र और सूर्य की प्रशंसा १-१५ रणभूमि में विरोधियों की हिंसा ८ सूर्य और उषादेवी १५ १०८. इंद्र की स्तुति १-३ १०९. इंद्र की स्तुति १-३ सोम का संस्कार ३ ११०. इंद्र की पूजा १-३ १११. इंद्र की स्तुति १-३ सोम का संस्कार ३ ११२. सूर्य की प्रशंसा करने वाले इंद्र १-३ ११३. इंद्र के हितकारी कार्य १-२ ११४. इंद्र की स्तुति १-२ ११५. इंद्र की स्तुति १-३ ११६. इंद्र की स्तुति १-२ ११७. इंद्र से सोमरस पान का अनुरोध १-३ ११८. इंद्र की स्तुति १-४ ११९. प्राचीन स्तोत्र के द्वारा इंद्र की स्तुति १-२ १२०. इंद्र से यज्ञ में पधारने का अनुरोध १-२ १२१. स्वर्ग के सृष्टा इंद्र की स्तुति १-३ १२२. इंद्र की स्तुति १-३ १२३. मित्र व वरुण की महिमा का गान १-२ १२४. इंद्र की स्तुति १-६ देवत्व की रक्षा के लिए राक्षसों का वध ५ १२५. इंद्र से चारों दिशाओं से शत्रु को रोकने का आग्रह १-७ इंद्र के सहायक अश्विनीकुमार ४ १२६. इंद्र की स्तुति १-२३ यज्ञ में नारी और पुरुष एक साथ १० इंद्राणी की प्रशंसा ११ वृषाकपि की प्रशंसा १३ १२७. मंत्र उच्चारण १-१४ कुंता सूक्त के वैश्वानर की मंगलमयी स्तुति ७ इंद्र की स्तुति १३ १२८. इंद्र की स्तुति १-१४ १२९. दान और साधु १-२० १३०. प्रकृति का पोषक १-२० १३१. परम तत्त्व १-२० ebook converter DEMO Watermarks*
१३२. रामतोरई का वर्णन १-१६ १३३. असत्य से मुक्ति १-६ १३४. चार दिशाएं १-६ १३५. इंद्र की स्तुति १-१३ १३६. वनस्पति का वर्णन १-१६ महान् अग्नि का कथन ५ १३७. इंद्र का वर्णन व स्तुति १-१४ सोमरस का शोधन ५ इंद्र द्वारा पृथ्वी पर जल वाली शक्तियों की स्थापना ७ १३८. इंद्र की स्तुति १-३ अश्विनीकुमारों की स्तुति २ १३९. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-५ १४०. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-५ १४१. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-५ १४२. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-६ १४३. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-९