कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)
Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary
कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा
चतुर्थ खंड २२७ पुहुती वेगि नयरि योगिनी, असपति रायि वात सवि सुणी । पातसाह मनि आणइ शोक, ततपिण जोवा आवइ लोक ॥ ३१७ ददा सनावरि तीणइ कालि, मस्तक धरिउं कनकमइ थालि । असपति राय तणी कुंअरी, जोवा आवी अंतेउरी ॥ ३१८ दीठउं वीरवदन तिणि ठाइ, पित्रीतेज न सहिणउं जाइ । पामइ उदय जिसउ अकलंक, जाणे पूनिम तणउ मयंक ॥ ३१९ जिस्यां कमलयुग नयन विशाल, तेजि आगिलं दीसइ भाल । अंतेउरी भणइ किरतारि, इस्या पुरुप सिरज्या संसारि ॥ ३२० लागूं वली अणूरूं मानि, जोतां आवइ मरण निदानि । कुंअरी भणइ प्रतिज्ञा जाणि, आगइ वचन दीउं चहूआणि ॥ ३२१ ३१७ पुहुती-पुहती A, पुहुति D, पहुती J. वेगि-वेंग D, वैगि L. नयरि-(...) A, नगर C, नयर D, नईरि L. योगिनी-योगनी C K, जोगिनी D. रायि-राय A, राइ B, राई J. सवि-इम A, ईम J. सुणी-सुंनि D. पातसाह-पातशाह B J, पातसाहि C, पातिसाह K. आणइ-आणि B, आणिड C, आगइ D K, आणि J. शोक-सोक C. ततपिण-ततसिण A, ततपिणि B J, ततक्षण C, ततखिणि L. जोवा-जोइवा K. आवइ-आवि B C D, आवेउ J. ३१८ ददा-ददां D K. सनावरि-सुनावर A, सनावर B C, सनावर D, सनाउरा J, सनिवर K. तीणइ- तीणि A, तेणि B, तिणि C J, तेगइ D, तीणई K, तीर्ण L. मस्तक-(..)क A, मुस्तक B, मस्त J. धरिउं- कउं B, धरूं D, कीऊं J, करुं K, दरिउं L. कनकमइ-कनकभि B J, कनकनि C, कनकनइ L. थालि-थाल K. कुंअरी-कुंयरी A B D, कुंअरी J. आवी-आवि C J, आवई D, आवइ K. अंतेउरी-अंतेउरि D, अंतेउरी L. ३१९ दीठउं-दीठउ A, दीठं B C, दीठं K, दीठऊ L. वीरवदन-वदनवीर B, बिरवदन D. तिणि-तीणि B, तेणि C D, तीणं L. ठाइ-ठाय C D J. पित्री-छत्री A, किंनी C. न-नइ D, नं L. सहिणउं em-सहणं A, सहिणु B, रहिणुं C D, सहिन्नुं J L, सहिणउ K. जाइ-जा (.) A, जाई C, जाय J. पामइ-पाम्यइ A, पामिउ B, पांम्यु C, पामि J, पामइ K. उदय-उदय C, उदइ K. जिसउ-जिसु A, जिम B, जिस्यु C, जसिउं D, जिसिउ J, जिशु L. अकलंक-निरलंक B C, अकरक J, कलंक L. जाणे em-जाणे A C J K L, जिसिउ B, जाणि D. पूनिम-पुनिम A, पुंनिम D. तणउ-तणु B C D J L. K interpolates after iv qr: दीठउ वीरवदन तिणि ठाइ. ३२० जिस्यां-जिसां A, जिसा B, यस्या C, जिसा J, जिसा K, जिस्या L. कमल-कमलि C. युग-युगल B C, वे J. नयन-नयग C J. विशाल-विसाल A C, विशाला K. तेजि-तिस्यूं B, तेज C D J, तियुं दीमइ K. आगिलं-आगिलुं B K, आगलं C D, आलिउं J, आग्लूं L. दीसइ-दीत्ति B C J, दीतई D,...K. भाल- भालं L. अंतेउरी-अतिउरी D. भणइ-(.)न्ह A, भणि B J. किरतारि em-करतार A, किरतार B C D J, करतारि K, किरनारि L. इस्या-इमा A, इशा J K, इरया L. पुरुप-पूरुष D, पुरिप K, पुरप L. सिरज्या- सिरज्या A, सरज्या B C J. संसारि-समार B. ३२१ लागूं-लागुं D K. अणूरूं-अणूहं A, अनूरि C, अणूंह D, अणूंहं J, अनुहं K. मानि-मानि C D J, मानि L. जोतां-जे ता J, येनुं K, योतां L. आवइ-आवि B C J. निदानि-निदानि A C, निदान D. कुंअरी- शुयरी A, कुंयरी B, कुंयरि D, कुअरी K. भणइ-भणि B C J. प्रतिज्ञा-प्रतज्ञा A, प्रतंन्या K, प्रतिन्या L. जाणि-जांणि A, जाणे B, जाणी K. आगइ-आगि B C J. वचन-(...) A. दीउं-दीउ A, दिउं D, दीऊं J, दियउ K, रपुं L. चहूआणि-चहुयाणि A B, चहुंआणि D, बहुआणि J, चहुअनि K, चहुआनि L.
२२८ कान्हडदे प्रबन्ध वीर वचन लोपइ आपणूं, जे मुष नही जोउं कुंअरी तणउं ॥ ३२२ ॥ दूहा ॥ जे सुकुलीणा साहसी, ते भरणि न मूंकई माण । मस्तक ऊपराठउं थयुं वीर तणउं चंहूआण ॥ ३२३ सिद्धि निरंतर ते लहइ, सत्त न छंडइ जेउ । मरण पूठि पाम्यउ वली कीरति वीरमदेउ ॥ ३२४ एक असंभव ते भणउं, जे नीर तस्या पाषाण । मरण पूठि मस्तक फिरिउं, बीजूं ए परमाण ॥ ३२५ ॥ राग मालपसू सामेरी ॥ पूरव प्रेम संभारीउ, आंसूडे भीनउं हार जी । गुण फीटी अवगुण थया, अम्ह कहि कारणि सिणगार जी ॥ ३२६ ३२२ वचन-वत्त A. लोपइ-न लोपइ A, लोपि B, पालिउं C, न लोपई D, लोपि J. आपणूं-आपणू A, आपणु C D, आपणउ K. जे-...C D J L. मुष-मुख B L. नही-न A B, नवि C. जोउं-जोयुं C D, जोरूं J L, जोयु K. कुंअरी-कुयरी A, कुमरी B C, कुंमरी D, कुंअरी L. तणउं-तणू B J L, तणुं C D, तणउ K. After 322 C interpolates: एह वात असंभव हुई मूआ पछी मुष जोयुं नही; D interpolates माणसनु तु ए विवहार बोल वाप एक ज सार. ३२३ दूहा-दुहा: D, ...L. जे-ये C सुकुलीणा-सुकलीणा A B J, राकुलीण नि C, सुकुलीणां D, सकुडीणी K. साहसी-साहशी L. ते-...B C J. भरणि-मरण D J K. मूंकई em-मूकइ A, मूंकि B C J, मूंकई D, मुंकइ K, मूकई L. माण-माण C J K. मस्तक-म (..) A, मुस्तक B. ऊपराठउं-ऊफरांटिउं B, ऊफराटउं C, ऊपराहुं D, ऊफरांटउं J, उपराठउ K. थयुं-थउं A, थयउ K. तणउं-तणू B J L, तणुं C D, तणउ K. चंहूआण-चहुआण A B, चहूआण D J, चहुंआण K, चहूंआग L. ३२४ सिद्धि-सिध D, सिधि K. निरंतर-निरंतिर K. ते-जे B L. लहइ-सहि B C J L. सत्त-चत A C, सत्य B K. छंडइ-छंडि B J, चूकि C, छाडइ D. जेउ-जेह A, तेउ C J, देउ L. पूठि-पछी C, पूंठी D, पूंठिं J पाम्यउ em-पाम्यु A, पाम्यूं B, पांस्यु प्रीष C, पामिउ D, पाम्युं J, पांम्यउ K, पामिज L. वली- वलि D. वीरमदेउ-वीरमदेय A, विरमदेउं D, वीरमदेऊ J. ३२५ ते-(.) A, वात K, ता L. भणउं-भणं B J, भणुं C D, हुआ K, गिणुं L. नीर-पाणीइ C, नीरि L. तस्या-तरीया A, तरिया B, तस्यों L. पाषाण-पाषांण C D. मरण-मंरण B, मूआ C. पूठि-पूंठि C. मस्तक-मुस्तक B फिरिउं-फरिउं C D, फिरिउ J, फिरतुं K, फिरिजं L. बीजूं-षीजूं C D, षीजतु K. ए-एह C, ते L. परमाण-परिमाण A, परिमांण C J, परमाण D. ३२६ राग-...A, हवई गीत ॥ राग L. मालपसू-मालपीसू A, मावसू B, मालपशू K. सामेरी-सामेरी राग A, सामिरी L C omits the entire song, i. e. vss 326-329. प्रेम-प्रेन K. संभारीउ- संभारिउ A, समारीयउ K. आंसूडे-अं (.) दे A, आंसुडे D, आंसुअडे J. भीनउ em-मीनउं A, मीनू B J L, मीनुं D K. गुण-गुंण D. अवगुण-अवगुंण D. थया-ध्या L. अम्ह-इम B. कारणि-करणि सवि B, कारण D J. सिणगार जी-शिणगार जी K L.
चतुर्थ खंड २२९ ॥ द्रुपद ॥ सगुण सलूणा राउल रुमणुं किस्तूं । हूं ता प्रेमगहेलडी, तुं सोनिगिरउ चहूआण जी ॥ सगुण ॥ ३२७ तूं तां प्राणच माहरउ, हूं ताहरडी घरि नारि जी । जनम एक अंतरि गयउ, सो नेहउ म वीसारि जी ॥ सगुण ॥ ३२८ हीयडलूं घणूं गहिवरिउं, तुं सुणि न अम्हारा नाथ जी । तुं अमरापुरि संचरयउ, हूं मरणि न मेलहं साथ जी ॥ सगुण ॥ ३२९ ॥ चउपई ॥ कुंअरी कारण हीयडइ धरइ, थई ऊपराठी आंसूं भरइ । कुंअरी तणउं अंग पठमल्हइ, लिप्यउं विधात्रा ते किम टलइ ॥ ३३० ३२७ द्रुपद-...A B D J K. सगुण-सुगन A B, सुपन J L. सलूणा-सइँणा A L, सलूणहा K. राउल-राउत मूं B. रुमणुं-रुमणें A, रुमणुं D E, म्मन्डा L. किस्तूं-किम्ं A, इमं यौं B, किस्तूं J, किसूं K, किस्यां L. हूं-हुं D E. ता-त्रां B J L. गहेलडी-गहेल (.) A, गहितडी K L. तूं-तूं A D, तु K. सोनिगिरउ-सोनगिर B D J, सोनंगिर K, सोनिगँगउ L. चहूआण जी-चहूवाण जी A B, चव्हआन जीं D, चहूह्याण जी J K, चाहूआन जीं L. सगुण-सुगुन• भारनी D. ३२८ तूं-तुं A B K. तां-तु B, ता K. प्राणच-प्रणह D, प्रंणव J, प्रणव K. माहरत-माहर वौं B, माहरू D L, माहरा J, महरूं K. हूं-हुं A B K, हूं ता D, हूं दा J. ताहरडी-ताहरी B D J. घरि-धन A, घर J L. A B omit vs 328 b. अंतरि-अंदर K. गयउ-गयु D J L. सो नेहडु-गुनेह K, सनेहउ L. म-मोउउ K, में L. वीसारि जी-वीस्तरी जी D, वीसारि J, सचार वौं K. सगुण-सुगुन राउल• A, सुग B, सगुण D, सगुन• J, ...K, मग• L. ३२९ हीयडलूं-अच्चीज हरेंवहं B, हरेंवउहं D, हरेंनडहं J, हीअडलु K, हँइँवडूं L. घणूं-धण A L, घउं D K. गहिवरिउं-गहवरिउं A, गहिवरु वौं B, गहवइउं D, गहिवरुं K, गहिवतिउ L. सुणि-(..) A. न- नि J, नं L. अम्हारा-अम्हारा A, अन्दरा K. जी-...J. तुं-तूं J. संचरयउ-कांचरउ यौं B, काचरिड D J, सचरीउं L. हूं-नु B, हूं J L. मरणि-मरण A, मरण D J K L. मेलहूं-मेटीं B, मेलहुं D, मेरहूं J, म्हेहूं K, मेल्हं L. साथ-साधि A. जी-...J. सगुण-सुगुन राउल• A, सगुन• B L, सुग• D. ३३० चउपई-तुरै B J, यु• C, चौपई L. कुंअरी-कुंदरी A B, कुंमरी D, कुंम्भी J, कुम्त्री K. K transp as: कारण कुअरी. हीयडइ-हैवडि B, हैंडि C, हीवड D, हीअडे J, हियद K, हेड़ L. धरइ- धरी A, घरेइ B, या पाठ D, धरि J. ऊपराठी-(.) पराठी A, कचराठी B C J, उपराली D. आंसूं-अन्सु D, असू L. भरइ-घरेइ B, भरि C J, भरउ D, बिरइ K. कुंअरी-कुवरी A, कुंवरी B, कुंमरे D, कुंवारी J K. तणउं em-तणूं A B J L, तणुं C D, तणट K. पठमल्हइ-(.) म्भलए A, पटमल्हिए B, पतम्लवि C J. लिप्यउं-किंपुं B, तिप्युं C D K, लपिउं J, टिपल्हं L. विधात्रा-विवादा B C D, विधाता L. ते-ए J, ...L. किम-नवि A. टलइ-रलिह B, टलि C J, न टल्यं L.
२३० कान्हडदे प्रबन्ध यमुना नदी जई तिणि वार, मस्तक तणु करिउ संस्कार । मरण भणी एकमनी थई, मा मंदिरि मोकलावा गई ॥ पातसाहनइ चलणे लागि, वेगि संचरी आयस मागि ॥ ३३१ अबला अंगि एतली आहि, झंपायुं जिमनाजल माहि । नरनारी वे पुण्यप्रसंगि, देवलोक पाम्यां मनरंगि ॥ ३३२ आगइ अवधि कही कुंअरी, वचन सवे हईआ मांहि धरी । आठ मास अवधि परिमाण, पाम्यउ मरण पछइ सुरताण ॥ ३३३ कान्ह तणउ उत्तम अवतार, कलियुगि पट दर्शन दातार । तीणइ वंशि वीरमदे नंद, मेगलदेवि दीउ आणंद ॥ ३३४ सोनिगिरां कुलि साहस घणउं, अंबराज मेगलदे तणउ । पदमनाभ मति बोलइ इसी, आंबा तणउ पुत्र पेतसी ॥ ३३५ ३३१ यमुना-यमना A, यमुना D, यंमुना J, जिमुना L. जई-गई B, जाई K. तिणि-तिण A, तेणी C' तेणि D, तीणी L. वार-वारि A B J. मस्तक तणु-वीर मस्तक B, मस्तक तणुं D, मस्तक तण्वउ K. करिउ- कीउ A J, करि B, करिउं D, करवउ K. संस्कार-सं (.) र A, संचकार B L, ससकार C, संस्कारि D. थई-भई C, थइ D, होई J, हुई K. मा-माय J. मंदिरि-मंदिर C D K, मंदर L. मोकलावा-मोकलावी K, मोकलामण L. पातसाहनइ-पातसाइने B C D L, पातशाहनि J, पातिसाहने K. संचरी-साचरी D J. आयस-यायस A, आइस B, याजस C, यमुना K. ३३२ अबला-अवळा K. अंगि-अंग L. एतली-(..) ली A, एतलि D. आहि-आहि C. झंपायुं- झंपायु A, संपाविउं B, जइ झंपायुं C, झंपाय्यू K, झंपाविऊं L. जिमना-यमना B, यमुना C D J K, जिमुना L. जल-...C. माहि-मांहि B C J. वे-वि J. c omits 332 b. पुण्य-पुंन्य A, पुन्य L. प्रसंगि-प्रशंगि K. देवलोक-देवलोकि B J K, देवलोके D. पाम्यां-पाम्या B L, पहुता D, पहुतां J, पाम्या K. ३३३ L omits vs 333. आगइ-आगि B C J. कुंअरी-कुंयरी A B D, कूंअरी J. हईआ-ही(.) A, हैया B, हीया D, हीअडा J, हिआ K. मांहि-(.) हि A, माहि B K, माही D. आठ-अठ K. मास- मासि D J. परिमाण-परमाण B, परिमाण C D, परिमाणि J, परमाणं K. पाम्यउ em-पामूं A, पामिउ B, पाम्यु C D, पाम्युं J, पांम्यउ K. मरण-अमर D. पछइ-पछि B C J. सुरताण-सुरतान D K, सुरतानि J. ३३४ कान्ह-कान्हड A, कांह्र C L, कांहान J, कान्हड K. तणउ-तण A, तणु B C D J L. उत्तम- उतम A, उत्तम C, उसिम K. अवतार-अवतारि K. कलियुगि-कलियुग B K, कुल्युगि C, कुलियुगि D, कलयुगि J, कालियुगि L. पट-पट्ट A B. दर्शन-दरसन A B, दरसण C, दरशिन L. तीणइ-तेणि B C, तिणि J, तींणइ K, तीन L. वंशि-(..) A, दिवसि C, वंसि D, वंश J. मेगलदेवि-मेगलदेव A, भयगलदेवि J, मात्नदेवि K, मेलगदेवि L. दीउ-हूउ A, थयु B, जयउ K, द्यु L. आणंद-आनंद C D, अणंद L. ३३५ सोनिगिरां-सोनगिरा B C J, सोनिगीरी D, सोनिगरां K. साहस-सहस K. घणउं-घणं B, घणुं C D L, पणु J, घणउ K. K omits ii qr. अंबराज-अलंबराज B, शंकुराज D. मेगलदे-मेतामदे D, मयगलदे J, मेटिगदे L. तणउ-तणूं B, तणु C J, ततुं D L. J omits vs 335 b. पदमनाभ- पद्मनाम B L, पदमनामि K. मति-गुणि L. बोलइ-पूर A, बोलि B C. तणउ-तणु A B L. पुत्र-(..) A. पेतसी-पेमसी C.
चतुर्थ खंड २३१ लिष्मीवंत पेतसी तणउ, अपइराज सोनिगिरउ भणं । ब्राह्मण तणा कराव्या ज्याग, सत्रा लाप जिणि दीधा त्याग ॥ ३३६ अपयराज केतसूं वपाण, जिणि सवि सांभल्यां पुराण । कीरति पुण्य तणी विस्तरी, विष्णु भगति जिणि साची करी ॥ ३३७ भोजन वारि नितु अपइराज, अतिथि भणी मूकावी बाज । जनम लगइ जयवंतउ सुण्णउ, परनारीसहोदर भण्णउ ॥ ३३८ अपइराज उत्तम अवतार, जेहनां पुण्य न लाभइ पार । जीणइ कीरति कान्हडदे तणी, अपइराजि अजून्याली घणी ॥ ३३९ वीसलनगरउ नागर एक, पदमनाभ कवि पुण्यविवेक । एहवुं विरद आदरइ अनी, लहइ बुद्धि कविजनरंजनी ॥ ३४० ३३६ लिष्मीवंत-लक्ष्मीवंत A L, लषमीचंद B, ल्यमीवंत C, लषिमीवंत J. पेतसी तणउ-तणु षेतसी तणु B,
२३२ कान्हडदे प्रबन्ध माइ भारती तणइ पसाइ, अक्षरबंध बुद्धिरस थाइ । अपइराज सीपामण सरी, पदमनाभ कीरति विस्तरी ॥ ३४१ सांभलतां सरीर उल्हसइ, चउपई बंध इसी इग्यारसइ । च्यारि पंड जिस्यां नवनीत, दूहा चउपई मधुरां गीत ॥ ३४२ पंचचालीसउ पूठि वरीस, मास मागसिर पूनिम दीस । संवत पंनर बारोतरउ, तिणि दिनि सोमवार विस्तरु ॥ ३४३ जालहुर गढ उत्तम ठाउ, राउल कान्ह मालदे राउ । पदमनाभ मति आणी नवी, तेह तणी कीरति वर्णवी ॥ ३४४ एकचित्ति जे नर सांभलइ, तेह तणां सवि दुकृत टलइ । जे फल लाभइ दीधइ दानि, जे फल गंगा तणइ स्नानि ॥ ३४५ ३४१ माइ-माय C D, माता J. भारती-भगवति J. तणइ-तणि B C J. पसाइ-पसाय B C D, सुपसाय J, पंसाइ L. अक्षरबंध-अक्षरविधि B, क्षयरबंध K. बुद्धिरस-बंधिरस B, वाधिउ रस C, बुद्धि तिणि J, युधि रस K L. थाइ-धाय C D J. अपइराज-आपिराज B, अधिराज C, अयवराजि D, अयवराज J, आपइराज L. सीपामण-(.) पामन A, सीपांमण C D, शीपामणि K, शीपामण L. सरी-सरि D. पदमनाभ-पद्मनाभ B, पंदमनाभि K, पद्मनाभि L. कीरति-किरति D. विस्तरी-वीस्तरी D. ३४२ J omits vs 342 a. सांभलतां-सोभलता K. सरीर-शिरीर A, शरीर B, सरिर D, शिरीर L. उल्हसइ-उल्हसिइ B, उलसि C, उल्हसे D, उल्हास K, उल्हसइ L. चउपई-चुपई B C, चूपई D, चउपई K, चुपइ L. बंध-बांधी C. इसी-इशी A, असी B C, सइ K, इसी L. इग्यारसइ-नुबसई A, सातसि B, नवति C, सातसइ D, ग्यारिसइ L. च्यारि-च्यार C K. जिस्यां-जिंसा A, जसया B, जसया C, जेस्या D, जिस्या J, जईसां L. नवनीत-निशि दीस B. दूहा-दू(.) A. चउपई-(.) उपई A, चुपई B C L, चूपई D, जुपै J, चउपही K. मधुरां-सुधरा A, मधुरा D, मजुरा K L. Note-L ms ends here; its last folio is lost. ३४३ पंचचालीसउ-पंचतलीसु A, पंचतालीश B, पंचतीजमुं D, पंचतालीसम J. पूठि-पूंठि D. मागसिर- मागशिर D, मागशिरि J. पूनिम-पूंनिम A. संवत-सर्वत D. पंनर-१५ पनर A, पनर J, १५ K. बारोतरउ- बारोतह B J, बारोतहरू D, १२ तरह K. तिणि-तिनि B, निणइ D. दिनि-दिवसि J, दिन K. सोमवार- सोमवारु B. विस्तरु-(..)रु A, विस्तरइ K. C reads vs 343 as below and places it after vs 344 : संवत पनर १५१२ बारोतर सार माइ मास पुंन्यम सोमवार । जाल्लुर गढ घण उलट धरी गायु कान्ह विरोधि करी ॥ ३४४ जालहुर-जालेर A, जालोहर B, जाल्होर C, जाह्लुर D, जालउर K. उत्तम-उतम A, उत्तिम K. ठाउ-ठाम A B, ठांम J K. राउल-राय J. कान्ह-कांन्ह A, कान्हर D, कान्हडदे J. राउ-नाम B, नांम J K. ii qr in C is : राज करि कान्हडदे राउ. पद्मनाभ-पमनाम B, पदमनाभि K. आणी-आणइ A D, आणि C J, आणी K. B transp as : कीरति तेह तणी. वर्णवी-वरणवी C. ३४५ J omits vss 345-350. चित्ति-विति A, चित B C D. जे-(.) A. सांभलइ-हांभलिइ B, सांभडि C. दुकृत-दुःकृत B C D टलइ-टटिइ B, टनि C. लाभइ-लाभि B C. दीधइ-दीषि B C. दानि- दॉनि A, दोन C K. गंगा-गंग B D. तणइ-तणि B, तेणइ D. स्नानि-शनानि A K. iv qr in C is : ए सामडि हुइ गंगस्नान.
चतुर्थ खंड २३३ जे फल हुइ तप कीधइ सदा, जे फल हुइ दर्शानि नरवदा । जे फल सत्य वचन प्रमाण, जे फल हुइ सांभलीइ पुराण ॥ ३४६ जे फल पामइ तपसी सवे, जे फल हुइ वांद छोडवे । जे फल पामइ कीधइ यागि, जे फल भेट्यां हुइ मियागि ॥ ३४७ जे फल पामइ गंगाद्वारि, जे फल हुइ मेटि केदारि । जे फल हुइ विद्या उद्धरी, जे फल भेट्यां गोदावरी ॥ ३४८ जे फल नारायण दीठइ नेत्रि, जे फल हुइ दानि कुरुपेत्रि । जे फल पामइ साहसि सती, जे फल हुइ नाहां गोमती ॥ ३४९ जे फल लहइ द्वारिकां छमासि, जे फल भेट्यां हुइ प्रभासि । जे फल हुइ मुगतिपुरी साति, रामनाम उच्चरइ प्रभाति ॥ ३५० कान्हडचरिय जि को नर भणइ, एकचित्ति जि को नर सुणइ । तीरथफल बोल्युं जेतलूं, पामइ पुण्य सवे तेतलूं ॥ ३५१ ३४६ हुइ-बइ K. कीधइ-कीइ A, कीधिइ B, कीधि C. सदा-छमा A, वली C D K. फल-पल K. हुइ-हुई K. दर्शानि-आबू A, दर्शन B K, महादानि C. नरवदा-नर्वदा B, मिली C, नीर्मली D, निरमली K. प्रमाण-परमाण B, प्रमाण C D, परगाण K. हुइ-हूइ K. सांभलीइ-सामलि B C D, सोभ...K. K MS ends here; its last folio is lost. पुराण-पुराणि B, पुराम D. ३४७ पामइ-पामइ A, लहि B, हुइ C, लही D. तपसी-तपर्सी C, तापसि D. हुइ-हुई D. वांद-वाध A, बंद B D, बंदी C. छोडवे-( . )उवे A, छोडवि B. पामइ-पामइ A, पामि B, पामिई D. कीधइ-दीघि B, किधइ D. यागि-ज्यागि D. भेट्यां हुइ-हुइ भेटि B. प्रियागि-प्राग B. C reads as 347 b: जे फल हुइ गया प्रयागि गड जाल्हुर कान्हडदे राजि. ३४८ C omits vs 348. पामइ em-हुइ A, पानि B, पामई D. मेटि-पाम्यइ A, मेटे D. उद्धरी- ऊ( . )री A, उधरि D. भेट्यां-मेटीया A, भेटिइ B. गोदावरी-गोदावरि D. ३४९ जे-जें B. फल-... C D दीठइ-दीठि B C. नेत्रि-नेन D. जे फल हुइ-जे० (=जे फल हुइ) B. दानि-दानि A, दान C, दान D कुरुपेत्रि-कुरुक्षेत्रि B, कुरुपेत्र D. जे फल पामइ-जे० B, जे फल पामि C, जे फल पांमई D. साहसि-साहस B. हुइ नाहां-हुइ छांनि A, माह मास B, नाहा हुइ D. गोमती-गोमति D. ३५० C omits vs 350. जे फल-जे० B. लहइ-लहि B, हुइ D. छमासि-छम्मास B, पट मासि D. ii qr in A is जे फल पामी खामी पाति. B omits ii qr. फल हुइ-फल्इ D. मुगति-मुक्ति B. साति- सात A, तास B. रामनाम-रामनाम D. उच्चरइ-उ( ) A, उचरि B. After 350 b B interpolates विणुभक्ति करिइ दिनराति. ३५१ कान्हडचरिय em-कान्हडचरिय A, कान्हचरित B C D, काहानचरित J. जि-य C, जे D J. को-के A, जे D,...J. नर-... D. भणइ-भणिइ B, भणि C, सांभलि J. एकचित्ति-एकचिति A, चित्त करीनि C. जि-जे A,.. C, जो D. को-के A, . C, क D. नर-श्रवणे C. सुणइ-सुणिइ B, मुणि C, सूणंट D. ii qr in J is: तेह तणी आशा सवि फलि J omits vs 351b तीरथ-तीर्थ D. फल-भि B, पुण्य C. बोल्युं- बोल्या B, बोल्युं C, बोल्यूं D. जेतलूं-जेतला B, जेतलुं C D. पामइ-पामई A, पामि B C, पांमइ D. पुण्य-पूण्य D. सवे-सर्व B. तेतलूं-तेतला B, वेतलुं C D. 30
२३४ कान्हडदे प्रबन्ध प्रेम संगि सवि सज्जन मिलइ, आसं मनोरथ सहूइ फलइ । प्राकृतबंध कवित मति करी, कलियुगि कथा अभय विस्तरी ॥ ३५२ चाहूआणकुलि कीरति घणी, पूगउ आस सविकहि तणी । पदमनाभ पंडित मति कही, चउथा पंड समाप्ति हुई ॥ ३५३ ३५२ C J omit vs 352 a. प्रेम-पुष्पि B, प्रेम D. संगि-( . ) गि A, संग B. सवि-सवे D. सज्जन-सजन A, जन D. मिलइ-मिलहं A, मलिइ B. आस-पुष्पि आस B, पूज्येइ आस D. सहूइ-...B D. फलइ-फलिइ B. प्राकृतबंध-प्राकृतबंधे D. कवित-क्ति J. मति करी-सुखरी A, मति धरी B. कलियुगि-कुलयुग C, कुलकुनि D, कलयुगि J. अभय-उभय B J, अभिनव C. विस्तरी-विस्तारे D. ३५३ चाहूआण em-चाहूयाग A
प रि शि ष्ट APPENDICES
Appendix I Summary of omissions and readings common to the different manuscripts A—Common omissions
[Left Column] Khaṇḍa I—B G K omit vs 35. „ Bhaṭāulī—Order of ll in A B E G K is 49-54, 43-46, 55-58, 47, 48, 59. B H omit l 110. „ A B D H K omit vs 256 b. Khaṇḍa II . Khaṇḍa III—B L omit vs 21. „ B G K „ „ 56. „ A B K „ „ 167 b. „ A B E L „ the interpolated caraṇa preceding vs 244. „ A B D J omit vs 251 b. Khaṇḍa IV—B C D J K L omit vs 41 b. B L „ „ 75 b.
[Right Column] D J reverse the verse-order of vss 16-17 (as 17a, 16a; 16b, 17b.) Order of ll in C D is 43-59. C D J omit ll 60-62, 78-80, 87-88. C D omit ll 115, 122-124. C J give vs 256 b. . C D J omit vs 6. D J „ „ 118. C D J L give vs 167 b. C D J K give the interpolated caraṇa. D J omit vs 62 b. C omits vss 68–70 } D „ vs 68 a } J „ vs 70 b }
परिशिष्ट २३७ C omits vs 99 } J " vs 99 b } D " " 102 b } J " " 102 } C D J omit vss 241-4. C D " " 262-3. C omits vs 266 } D J omit vs 266 b } D J omit vs 267 b. B L omit vs 271 ii qr–272 i qr. | C omits vss 268–274 } D " " 269 b–275 } J " " 268 b–274 } C J L omit vs 276. C D " " 277 b. C omits vss 279–280 } D " " 279–281 a } J " vs 280 } D omits vss 284–5 } J " vs 284 b } C J omit vss 300–304. A B omit vs 328 b. C J omit vs 352 a. C D J " " 353 b.
२३८ B-Common Readings vs no A K B E G(H) L I 35 omits omits · omits · ,, 52 (A MS starts पहिलउ पहिला पहिला ,, 53 from vs 62) हिवडं छल नवि छांडूं हवि छल नवि छांडूं हिवडां छल नवि छाडू ,, 62 फोट पाडि पाणि फोट ,, 66 मेलिउ मेल्यउ डीधु दीठउ ,, 70 थाइ अतिहि थोर थोर ,, 74 हुइ ढाक हुई ढाक हवंआडक हइ दफि ,, 75 पजूर वनफल नीलां बिजूरां केलिहरा पजूरां थहु केला (E MS starts from vs 83) बीजोरां केलिहरां ,, 85 असण आसणि असन असणि असण ,, 87 चिहुं दिसि चिहुं दिति निहुं दिसि निहुसई चिहोसइ ,, 90 जे हुंतउ जे हूंंतउ बीजि बीहि जाणे बीजई दी बीजि दी ,, 96 भाजई भागइ नांगी नांगइ नांगइ ,, 97 देव गया देव गया देवि लीउ देवउल दैव लीउ ,, 113 प्रधान प्रियाण · प्रधान प्रधान ,, 114 जीता गीता जीता लीधा लीधा ,, 118 गंगा गोरी गंगा गौरी गग ,, 123 थोडइ उच्छइ तुछ तछ तुछ ,, 135 सोलंकी सोलंकी शोभतु · · ,, 143 कइ कांहड टलतुं टलतउ कुणहीनइ टलतु हूं साचि · टलतु नाह्ल ,, 164 उल्बइ बइसी उलंबइ बइसी उलवि बिसी · उलवइ थयसी ,, 177 विगूपत बिगूबतां विगूचत बिफ्त बिगूपति ,, 183 करी सजाई पहुर पाछिल्द तेथ्या राउत्त रांणा करी सजाई पहुर पाछिल्ह तेथ्या राउत रांणां करी सजाई पुहुरि पाछलि तेथ्या राउत राणा करी सजाई पहुर पाछिल्ह तेठिया राउत राणा करी सजाइ पुहर पाछलि तेथ्या राउत राणा ,, 214 वह्नाइ होई जाणिइ ति लहीइ जगाइ ,, 216 कीधा गाला गाला गाला गाला ,, 256 b omits omits omits (E MS stops at I 242) omits II 7 · भणइ खस्या भनि ह्मा भनि ल्शा ,, 24 बोलाव्वउ आव्यउ आन्यु विउ ,, 29 चूह कूंच मूंड वूह (L MS starts from vs 99) ,, 42 इम बोलइ इम जोयुं इम जोइ मेजोहरि ,, 43 बाइह थाइह वाहि नाहि ,, 45 अचाला अवला नि अप्तु अवाला ,, 99 धान भान कण कण धान
परिशिष्ट २३९ C | D | J | F सूर धीर अनइ सपराण | अलूयांन बलवंतु बंदउ | अलूपान बलवंतु बांदु | अलूअपान वलअंतु धंदउ पातसाहि तब तेड्ड | महुल मांहि तेडावड | महल मांहि ते तेड्ड | मुहलि आगिलइ तेडउ अन्ने | साहमा | साहमु | हवि बल न छांडुं | छयल भगइ नवि छांडउं | छिल भणि नवि छांडहं | पहिला | | | छयल भणइ नवि छांडं पोलि | छीहं | छीहूं | वीठउ | दिठउ | दीठउ | धणुं | धार | गोर | हुई हाक | हीया द्रगि | हईया भ्रगि | बीजोरां | बीजोरा | बीजोरा | नालिकेरं | केलेहरा | केलिहरां | असूर | कटक | कटक | चिहूं पथि | चिहु दसि | चिहुं दिसि | चिहंसइ जे कहीइं | जे
२४० कान्हडदे प्रबन्ध
| vs no | A | K | B | E | G (H) | L |
|---|---|---|---|---|---|---|
| II 109 | जागइ | जाई | जागि | जानि | जागो | |
| ,, 111 | नइ | नइं | नि | भनि | नइ | |
| ,, 113 | झडपीनइ | झडपीनइ | झडप देईनिइ | ऊठीनइ | ते झडपई | |
| ,, 116 | पाउल | पाउल | पाउल | पाडल | बाला | |
| ,, 122 | प्रतापि | प्रशाद | प्रतापि | प्रतापि | प्रतापि | |
| ,, 126 | धाइ | धाई | धाइ | आवि | धाइ | |
| ,, 128 | पडत | पडतउ | परतु | फिरतु | फिरितो | |
| ,, 150 | कान्हडदेय | काल्हि तुम्हे देव | कालि तुम्ह तेउ | कालि तम तेह | वान्धडदेय | |
| ,, 152 | प्रभाचि | प्रमाणइ | प्रभाचि | प्रवाहि | प्रमाण | |
| ,, 164 | मोटा | लोहे | टोले | टोलि | मोटा | |
| ,, 165 | देवासुरि | असुर सातिल | देव असुर | देवासुर | देव असुरा | |
| III 8 | हठ | नेडि | वेडि | वेडि | हठि | |
| ,, 17 | जिसउ | जिसउ | किसु | जासिडे | किसउ | |
| ,, 18 | पालटुं | छंडायुं | पालटउं | पालटुं | पालटुं | |
| ,, 20 | घण | घण | भड | भड | भड | |
| ,, 31 | कीजइ | कीजइ | कीजि | दीजि | कीजइ | |
| ,, 40 | नाची | वादी | वाची | वाची | वाची | |
| ,, 43 | बापल | बापिल | धावल | थापड | धापल | |
| ,, 99 | वीधइ | वीध्या | आहाणि | आहांगइ | हणायइ | |
| ,, 127 | कड | कई | कि | कई | कड | |
| ,, 141 | रहइ | रह | रहि | रहइ | पसीयइ | |
| ,, 144 | सामलइ | सामलइ | सांसहि | सांसह | सासइ | |
| ,, 153 | फूलबी ए | मुंदबी ए | फुटबी रे | (E MS | फूदबी ए | सीयल |
| ,, 167 | वूठउ | वूठउ | फूटु | starts | (H MS ends) | छूटा |
| ,, 174 | दीऊं | हूउ | दीयूँ | again | दिया | |
| from | ||||||
| vs 175) | ||||||
| ,, 200 | देवराज | देवराज | देवराज | देवराज राय | देवराज | |
| ,, 210 | साची | साची | साची | साचु | साची | |
| ,, 215 | . | विगास्यउ | वालिन | विणासिउ | चालतउ | |
| ,, 225 | . | फूटइ | छूटूं | फूटउं | छूटं | |
| ,, 227 | कमले | कमले | कमले | किमले | कमले | |
| ,, 240 | गयणंगणि | ऊगमतउ | गयणंगणि | गयणंगणि | गयणंगण | |
| ,, 242 | पूतली | पूतली | फूदडी | फूली | पूतली | |
| ,, 244 | omits | राजरिधि दीठी | omits | omits | omits | |
| [interpolated | निरमली राय | |||||
| carana] | तणउ सिंहासण | |||||
| वडी | ||||||
| ,, 247 | अलीया | आलिआ | आळीया | आळीआ | राडंपीया | |
| IV 8 | मूहैर | जेसलमेर | . | मूसलेर | मूहेर | |
| ,, 19 | छोइ पंकि | छोइ पखित | पटणीबट | पीटइर | पीटणीपाट | |
| ,, 41b | एसी अवधि बरतइ | omits | omits | इसी अवधि | omits | |
| राउली त्रिण वार | बरतइ राउली | |||||
| घोडा जाउली | त्रिणि धार | |||||
| घोडा जाउली |
परिशिष्ट २४१ C D J F जाइ जाइ तिहां अस्या इस्या ईम योध झटपीनि जो झटपीनइं योध झटपीनि पात्र पात्रज पात्र प्रसादि प्रसादि प्रसादि दाढि दाल्ह धाइ पडतु पडनु पडतु कालि तुम्ह तेह कालि तुम्ह तेउ कालि तुम्ह तेह प्रभाषि प्रभाषि प्रभावि टोले टोडे रोलि गुंव असुरां वासुदेव असुर वासुदेव असुर वेढि वेडि वेडि क्सिउ इसिउ जिसिउ छंडावुं छंडावु छंडावूं भड भड भड दीजि दीनइ दीजि काढि काढी काढी थारट वारड थारड बीधि विधीइ बीधि ई केइ हूं पिसीइ राहि रहि
- सांभलइ मांग्यु
- फूटरी रे कूणडा रे वूढो वूठउ वूढा हूर्डे हुइ हवं देवराजि महीपाल महीपाल साची भलेरी भलेरी घांटिंतु चालिनुं चालिनुं फूटि फूटइ फूटि घूमरि घुंमरि मलिष्ठि उगमंतु छगमंतु उगमणु फूंदरी भूमंदरि सुंदरी राजरिद्धि दीठी निरमली राजरद्धि दीठी निरमळी राजरिद्धि रीठी निरमनी राय तणं सिहासन बली राय तणं सिहासन वली राय तणं सिंहासन बळी दीआ दीदां दीया मूलेर रानेर रानेर गुप्सत क्षेपंकिया क्षेपयक्ति omits omits omits 31
२४२ कान्हडदे प्रबन्ध
| vs no | A | K | B | E | G (H) | L |
|---|---|---|---|---|---|---|
| IV 46<br>[interpolated<br>caraṇa<br>after<br>46 b] | · | · | · | [E ms ends<br>at vs 61] | ||
| „ 66 | भाव्या | जाई | साथि | - आवइ | ||
| „ 225 | चउवीसइ सइ | चउवीस सइ | सातवीस | संतावीस | ||
| „ 287 | पक्ष | पंथ | पथि | पक्षि | ||
| „ 297 a | ह्यु सनाह थाउ ।<br>असवार सात सहस<br>पायरउ तुपार | लिया संनाह<br>थया असवार<br>सात सहिस<br>पाषरा तोपार | omits | omits |
परिशिष्ट २४३ C | D | J | F | भला भलेरा देशइ हाथि | भला भाला ते दीसि हाथि | | वयरी सिउंडं ते वाहइ वाय | वियरीशू ते वाहि वाय | सजाइ | जाय | जाए | चउबीससिं | खुबीमसई | खुवीससई | पंचे | | पंच | omits | omits | omits |
-त्या vs -द्या: look at 'त्या' in "प्रतन्या" (wait, प्रतन्या has न्य, not त्य). Look at 'द्य' in "adopted" (English) or Sanskrit: Wait, in "प्रकिन्त्या", let's look at the character: 'प्र' 'क' with 'ि' = 'कि' 'न्' + 'त' + 'य' + 'ा' = 'न्त्या'. Notice how 'त' and 'य' join in Devanagari: 'त्य'. With 'न्' in front: 'न्त्य'. Yes! It is 'प्रकिन्त्या'!
Let's do a final review of the text line by line to ensure 100% fidelity to the printed page.
Line 1: Appendix II Line 2: Critical Notes on the Readings adopted Line 3: in the present edition Line 4: Khaṇḍa I Line 5: Verse Line 6: 5 जाल्हुरउ emended (cf. जाल्हदहउ F) preferable in the context; it is Line 7: an adjective qualifying सामतसीसुत (कान्हडदेउ). Line 8: 14 प्रतन्या CK (FJ)¹ is the proper OWR form; प्रतिज्ञा BD, प्रतज्ञा G are scribal Line 9: restorations. Line 10: 15 महुतइ K preferred to महितइ FG (BDJ
परिशिष्ट २४५ Khaṇḍa I Verse 53 हिंवडां छल नवि छांडूं BGK preferable to DJF reading [छयल भणइ नवि छांडउं], being more relevant in the context and also more representative. 57 यांद BJ (K) pref. (cf. बंधीवाल I 154; चंदिण I 236, III 187); यांन CDG (F) also is acceptable. 59 बाउसू K is the original reading (cf. वावसू F, वायसू G) > बायस a corruption. 60 मागनिसार emended from BD; मारनिसार C (FJ) is also acceptable. 62 पांढि K (B) pref. for rhyme; कोट AG is also acceptable. 66 मेल्यउ K (A) pref. as more fitting in the context; दीठउं C (DGJ), however, is also acceptable. 70 धार D is the original reading > धाइ A, धार I₁ (ख), घोर G, गोर J, चोर B. 71 धीचउ A (BK) preferred to कीचउ D (CJG) as a more representative reading. 74 हूहं डाक CK (A) pref. to हईंआढक B or हीयादानि D (J), as a metrically more correct reading. (cf. I 200; III 73) 75 पिजूंरां K is pref. to पजूरां B as a Rājasthānī form. केलिहरा KJ is the original form > केलहिरां G and केल्हेहरा D. 82 a Note—B reading वाजि वाजां अनि जुद हुआं सुहड संज्या मेल्लाबि is an interest- ing example of scribal emendation of the text which was not properly understood by the scribe. The correct meaning of the words वाजा and जेटूआ in the original has eluded the scribe, who by false analogy understood वाजा as 'musical instruments' and so emended the preceding word वाला into वाजि. Similarly जेटूआ has been read by him as जेह्या and then misconstrued by him as a contraction of जेइ हुआ, which he promptly restored to जुद हुआ. In this context चूड़ासमा would be entirely out of place, and is there- fore, emended to सुहड संज्या, which is phonetically similar and suitable to the context of the scribal restoration. There are several examples of such scribal emendations, unconscious or deliberately made by the scribe either due to misreading or misunderstanding the original text or merely with a view to improve it. Often an ordinary scribe like that of DG or KL happens to preserve the text better than a sophis- ticated one like that of J or C or B. 85 ऊलप्या D (J) pref. to उलट्टई A, and धमुक्या DK pref. to ध्राम्हरुइ A, धम्मुक्कि BC, as the context requires a verb in the past tense. 89 याल्ति K appears to be the original reading > चाल्ति D, वाल्त FG. पापलि (फेरी) ABFK pref. to पापरीया CJ, पापरीए D (E), पापरा G, as more representative (cf. पापलि फिरी III 181).
२४६ कान्हडदे प्रबन्ध Khaṇḍa I Verse 96 हलहल ACD pref. (cf. I 93); ल्ह ल्ह FGK (E) is also acceptable. • नांगइ DEG (JBC) (= defacing)¹ is the original reading > लांगइ F, ( भांजइ A, भागई K. ) 97 कविलास AK pref. as a Rājasthānī form; it also rhymes better. किलास E is another Rājasthānī variant. 100 त्रीवल (= 'three pairs of bullocks')—failing to grasp the meaning, J emends the reading by substituting a Sanskritized variant, वृषभ. 103 कोलाहल ABCK pref. as a more representative reading; हालाहल D, or होलाइल E (FG) (cf. हालल्लोल I 73) is also possible. 111 तेजी BFG (A) pref; तुरी CJK (DE) is also acceptable. 114 मुहिम em. should be the original reading > महिम BK, महम् A (F), मुहि G (D). 116 मिलवा ABFG pref. to मत्वा CDE as the Rājasthānī form. 118 कुणि A (K) pref. > कणि BCE, किणि D, which also, are acceptable. 121 त्रिहुं ABDJK (CGEF). I (Derūsari) emends it as बिहुं। 129 नेस DEFG pref. as more representative, and also as rhyming with देस just preceding. From नेस > रेस A. 131 संभालउ JK (cf. संभालु B, सामलयो G) pref. to संभाले ACF, संभलावे D, as the context requires here a verb in the Imperative. 134 लिगारइ pref. as a Rājasthānī form. 135 साल्हु सोभनु बलवंत राउत restored; cf. साल्हउ सोभउ अति बलवंत III 35. 136 तुरक A pref. to avoid tautological repetition with दल, 136 iii qr, and कटक, 137 i qr. 140 मन AF pref. as the original reading (cf. मन ADFJE I 151; मल ABL IV 176); मत GK is also possible. 145 आयसि D (F) is the original reading > variants आइस A, आवस GK, which drop the case-termination. 149 फूटइवाज em. from KACDFG is the original reading > फूट्या व्याज B, a mislection, and मूंषि वल्ला J, an unwarranted restoration. 154 टाडि F pref. to दाडि ABJK as it rhymes with ताडि in the next caraṇa. 161 मुष A pref. as a Rājasthānī form. 177 विगुत्तां DK (B) is the original reading > विगूपन A, विगूपनि G, वियोगनं F. 181 रानाहु BDG is accepted (cf. सन्नाह C); रानाइ AK (JF) is also possible. सान्यां बान अपार ABEG is more representative than बांन न लभइ पार D (CJ) and also avoids repetition with ii qr preceding. 182 तउ pref. to इनइ तु E or इवि तु CDGJ for metrical reasons. ¹ नांगइ = व्यङ्गयति, अनङ्गीकरोति; cf Bālaśikṣā of Saṁgrāmasiṁha; 'Prācīna Gujarātī Gadya Sandarbha', p. 212