भारतकोश
संग्रह पर लौटें

स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 1)

Swadeshi Utpad Banane Ki Vidhi (Bhag 1)

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 1 · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished79 पृष्ठ

4. सोडियम लारेल सल्फेट - 500 ग्राम

विधि -

सभी सामग्री एक में अच्छी तरह मिलाकर पैकिंग करें।

(13) शैम्पू

सामग्री -

  • 1. सोडियम लारेल सल्फेट - 1 किलो
  • 2. कलर पक्का (पिगमिंट) - 5 ग्राम
  • 3. सुगंध - इच्छानुसार

विधि -

इन सारी चीजों को एक में मिलाकर पैकिंग करें। शैम्पू तैयार है।

(14) हर्बल शैम्पू

सामग्री -

  • 1. रीठा - 50 ग्राम
  • 2. आँवला - 50 ग्राम
  • 3. शिकाकाई - 50 ग्राम
  • 4. संतरा छिलका - 50 ग्राम
  • 5. नागर मोथा - 50 ग्राम
  • 6. सोडियम लारेल सल्फेट - 1 किलो

24

विधि -

  1. 1. 1 से 5 तक की सामग्री को 1 लीटर पानी में रात भर के लिए भिगों दें।
  2. 2. सवेरे इसे इतना उबालिए कि मात्रा 250 ग्राम पानी शेष रहे।
  3. 3. अब इसे कपड़छन करके सोडियम लारेल सल्फेट में मिला दें।
  4. 4. शैम्पू तैयार है।

(15) कामधुने दंतमंजन

(काला दंतमंजन)

सामग्री -

  1. 1. गाय के गोबर के कंड़े के कोयले
  2. 2. का बारीक पाउडर - 1 किलो ग्राम
  3. 3. सादा कपूर (पपड़ी वाला) - 20 ग्राम
  4. 4. अजवायन का सत - 20 ग्राम
  5. 5. सादा नमक (बारीक पाउडर) - 160 ग्राम
  6. 6. सादा पानी - 160 मि. लीटर

विधि -

  1. 1. कंड़े का कोयला बनाना - गोबर के कंड़ों को साफ-सुथरी जगह या कढ़ाई में रखकर जलाएं। जब आधे जल जाएं तो किसी साफ बर्तन/नाँद से ढक दें तथा आसपास की हवा बंद करने के लिए टाट या बोरी से किनारों को दबा दें। लगभग आधा-एक घण्टे बाद खोलकर, कोयला निकाल लें। कच्चा कंड़ा या जली सफेद राख काम में न लेवें। थोड़े दंत मंजन के लिए छोटी कढ़ाई का प्रयोग करना चाहिए। यदि ज्यादा मात्रा बनानी है

25

तो जमीन में गड़ढा खोदकर, ईंट, सीमेन्ट से प्लास्टर कर भट्टी बनानकर उसे कोयला बनाने के काम लाया जाता है।

  1. 2. इस तरह बने कोयले को खरल में बारीक पीसकर, सूती के बारीक कपड़े से रगड़कर छानकर बहुत बारीक पाउडर बना लें।
  2. 3. उपरोक्त मात्रानुसार कपूर और अजवायन के सत को एक शीशी में मिलाकर 1 घण्टा रखें। यह अपने आप घुलकर 40 मि.ली. कपूर का तेल बन जाएगा। कुछ कमी रहे तो अच्छी तरह हिलाकर ठीक कर लें।
  3. 4. कपूर के 40 मि.ली. लीटर तेल को उपरोक्त 1 किलो कोयले के पाउडर में डाल दें।
  4. 5. फिर सादा नमक पानी में मिलाकर (उपरोक्त मात्रा अनुसार) गर्म करके पूरा नमक घोल दें।
  5. 6. अब तीनों चीजों (कोयला, कपूर तेल, नमक का घोल) को किसी साफ बर्तन अथवा कढ़ाई में अच्छई तरह हाथों से मलकर मिलाएं। तत्पश्चात् इसे आधआ घण्टे तक खरल में रगड़ें और बहुत ही बारीक पाउडर बनाएं।
  6. 7. तैयार मंजन पाउडर को शीशियों में पैक करें, इसे सूखने न दें, नमी की स्थिति में ही पैक करें।

(16) हर्बल दंतमंजन

(लाल दंतमंजन)

सामग्री -

1. गेरू-500 ग्राम
2. फिटकरी-15 ग्राम
3. दाल चीनी-15 ग्राम

26

4. पिपरमेंट-10 ग्राम
5. सेंधा नमक-15 ग्राम
6. काली मिर्च-10-15 ग्राम
7. लौंग-10-15 ग्राम
8. इलायची-5 नग
9. कपूर-2 ग्राम (छोटी पुड़िया)

विधि -

  1. 1. फिटकरी को गरम तवे पर रखकर भून लें। भूनने पर यह फूलकर बताशे के समान हो जाती है।
  2. 2. इसके पश्चात् फिटकरी तथा अन्य सभी सामान को अलग-अलग पीसकर मैदा छानने वाली छलनी से छान लें।
  3. 3. छानने के पश्चात् सभी सामान को अच्छी तरह एक साथ मिक्स कर लें तथा इच्छानुसार शीशियों में पैकिंग कर लें।

नोट - यदि सफेद दंत मंजन बनाना हो तो गेरु के स्थान पर सफेद खड़िया मिट्टी या चाक मिट्टी पाउडर इस्तेमाल किया जा सकता है। अन्य सामान व विधि वैसी है रहेगी।

(17) दंतमंजन (सफेद)

सामग्री -

1. आरारोट-1 किलो
2. सैक्रिन-10 ग्राम
3. अमृतधारा-30 ग्राम

27

विधि -

सभी सामग्री अच्छी तरह एक बर्तन में मिला लें और डिब्बों में पैक कर दें।

(18) दंतमंजन (काला)

सामग्री -

1. बबूल की लकड़ी का कोयला पाउडर-500 ग्राम
2. चाइना क्ले मिट्टी-500 ग्राम
3. नमक-100 ग्राम
4. फिटकरी-100 ग्राम
5. अमृतधारा-30 ग्राम

विधि -

कपडछन कोयला पाउडर में शेष सभी चीजें अच्छी तरह मिलाकर डिब्बों में भरें।

(19) दूधपेस्ट

सामग्री -

1. टैरिक एसिड-100 ग्राम
2. कास्टिक सोडा-10 ग्राम
3. सैक्रीन-2 ग्राम
4. बोरेक्स पाउडर (सुहागी)-5 ग्राम
5. चाइना क्ले मिट्टी-10 ग्राम
6. टिटैनियम-2 ग्राम
7. अमृतधारा-3 ग्राम

28

विधि -

  1. 1. एल्युमीनियम बर्तन में टैरिक एसिड को गरम करें।
  2. 2. एक अन्य प्लास्टिक बर्तन में 50 ग्राम पानी लेकर उसमें कास्टिक सोडा मिलाएं।
  3. 3. टैरिक एसिड गरम हो जाए तो नीचे उतार लें तथा उसमें पानी मिश्रित कास्टिक सोडा को धीरे-धीरे मिलाते हुए खूब घोटें।
  4. 4. इसके बाद अन्य सारी चीजें भी अच्छी तरह घोंटते हुए मिलाएं।
  5. 5. इस तैयार ट्यूबपेस्ट को बोलतों में रख लें अथवा ट्यूब में भरना हो तो भराई की मशीन का इस्तेमाल करें। पेस्ट और बेहतर दर्जे का बनाना चाहें तो इसमें लौंग का तेल, सुगंध, रंग आदि मिला सकते हैं।

(20) संडास की सफाई का एसिड

(लैट्रिन एसिड)

सामग्री -

  1. 1. हाइड्रोक्लोरिक एसिड - 35 लीटर
  2. 2. जंग खाया लोहा - 500 ग्राम
  3. 3. पानी - आवश्यकतानुसार

विधि -

सर्वप्रथम जंग खाए लोहे को एसिड में डालकर 4-6 दिन के लिए बंद कर दें। अब जितना हल्का करना हो उतना पानी मिलाकर बोतलों में भर दें।

सावधानियाँ -

  1. 1. हाइड्रोक्लोरिक एसिड प्लास्टिक कैन में ही रखें।
  2. 2. बोतलों को हमेशा कसकर बंद रखें।

29

(21) फिनाइल

सामग्री -

1. गंदा विरोजा (रोजिन)-18 किलो
2. कास्टिक सोडा-2 किलो
3. क्रियासोट ऑयल-20 लीटर
4. पानी-112 लीटर

विधि -

  1. 1. सर्वप्रथम रोजिन को लोहे के बर्तन में गर्म करें तथा गर्म हो जाने के बाद आग बुझा दें।
  2. 2. अब 12 ली. पानी में कास्टिक सोडा अच्छी तरह मिलाने के बाद इसमें रोजिन मिलाते हुए खूब घोंटिए।
  3. 3. एकसार पेस्ट तैयार हो जाए तो इसमें क्रियासोट ऑयल मिलाकर बाद में 100 लीटर पानी मिलाइए। बोतल, डिब्बे आदि में इस तैयार फिनाइल को भरकर सुरक्षित करें।

सावधानियाँ -

  1. 1. हाइड्रोक्लोरिक एसिड प्लास्टिक कैन में ही रखें।
  2. 2. बोतलों को हमेशा कसकर बंद रखें।

30

(22) नील (पाउडर)

सामग्री -

1. सोडियम लारेल सल्फेट-1 किलो
2. ब्लू कलर (पिंगमिंट पक्का कलर)-100 ग्राम
3. बोरेक्स पाउडर-100 ग्राम

विधि -

सबको अच्छी तरह मिला लें, नील तैयार है।

(23) नील (लिक्विड)

सामग्री -

1. ब्लू पाउडर (एसिड वायलेट)-25 ग्राम
2. पानी-1 लीटर

विधि -

दोनों सामग्री किसी बाल्टी में अच्छी तरह मिला लीजिए, नील तैयार हो जाएगा।

(24) विशेष सुगन्धित अगरबत्ती

सामग्री -

1. लकड़ी का कोयला पाउडर-2 किलो
2. मैदा लकड़ी पाउडर-1 किलो
3. लकड़ी का बुरादा-500 ग्राम
4. बाँस की सीक-1.5 किलो

31

  • 5. हीना पाउडर या कोयला पाउडर - 1.5 किलो (रोलिंग हेतू)
    • 6. रोलिंग पेपर - 1.5 किलो

सेण्ट की सामग्री

  • 1. डी.ई.पी. ऑयल - 5 किलो
  • 2. सेंट - 500 ग्राम
  • 3. फैन्सी बकेट सेंट - 25 ग्राम
  • 4. प्लेन अगरबती सूखी - जितनी लगेँ (6 किलो)
  • 5. जिलेटिन पेपर (पैकिंग के लिए)

विधि -

  1. 1. ऊपर के तीनों (क्र. 1 से 3) सूखे पाउडर को अच्छी तरह मिलाकर डिब्बे में भरकर रखें। अब जितनी अगरबती बनानी हो उतना ही मसाला (मिश्रण पाउडर) लेकर ठण्डे पानी से रोटी के आटे की तरह गूँथें।
  2. 2. गूँथने के बाद गीला मसाला को उसी बर्तन में 15-20 बार ऊपर से पटकें। मसाला तैयार हो जाने के बाद अगरबती बनाने के लिए पटरे के बीच में थोड़ा रोलिंग पाउडर रखें। बाँस की सीक में थोड़ा गीला मसाला लेपटकर और हाथ में रोलिंग पाउडर रखें। बाँस की सीक में थोड़ा गीला मसाला लपेटकर और हाथ में रोलिंग का पाउडर लगाकर हाथ व पटरे की सहायता से अगरबती पर गोलाई में लपेटें अर्थात् हथेली की सहायता से पटरे पर सावधानी से हल्के - हल्के बेलें, ताकि सीक पर मसाला गोलाई में समान रूप से चिपट जाय।

अगरबती बनाने के बाद उसे छाया में ही सुखाएं। अच्छी तरह सूख जाने के बाद सेंट में डुबोएं।

सेंट में डुबाने की विधि -

32

सेंट को डी.ई.पी. ऑयल में मिलाकर, गहरे डिब्बे में रख दें। सूखी प्लेन अगरबती का सीक वाला भाग मुट्ठी में पकड़कर सेंट में डुबोएं। सेंट में डुबोने के तुरंत बाद बाहर निकालकर किसी चौड़े बर्तन या चौड़ी परात में अगरबती खड़ी कर दें। सेंट पूरा खत्म हो जाने के बाद बंद डिब्बे में प्लास्टिक या जिलेटिन पेपर से ढँककर रख दें। दूसरे दिन 20-25 ग्राम तौल के अनुसार जिलेटिन पेपर में पैकिंग करें।

सावधानियाँ -

  1. 1. अगरबती बनाते समय रोलिंग का पाउडर कम मात्रा में लें।
  2. 2. अगरबती बनाने के बाद छाया में ही सुखाएं।
  3. 3. पैकिंग करने से पहले 15-20 मिनट धूम में सुखा लें।
  4. 4. सेंटेड अगरबती को धूप में नहीं सुखाया जाता है।

(25) शाकल्य अगरबती

(हवन सामग्री का अगरबती)

सामग्री -

1. हवन सामग्री पाउडर-1 किलो
2. मैदा लकड़ी (पाउडर)-1 किलो
3. लकड़ी कोयला-400 ग्राम
4. हीना गाद-100 ग्राम
5. मस्क अम्ब्रेड-5 ग्राम
6. अम्बर सालिड-5 ग्राम

33

7. वेनेलिन-5 ग्राम
8. रोज क्रिस्टल-5 ग्राम
9. सीक-1 किलो
10. हवन सामग्री पाउडर-1 किलो रोलिंग के लिए
11. बटर पेपर-पैकिंग के लिए

विधि -

  1. 1. ऊपर के तीनों (क्र. 1 से 3) सूखे पाउडर में हीनागाद, मस्क अम्ब्रेड, अम्बर सालिड, वेनेलिन और रोज क्रिस्टल को महीन पीसकर अच्छी तरह मिलाकर डिब्बे में भरकर बंद करके रख दें। जब जितनी अगरबत्ती बनानी हो, उतना ही मसाला (मिश्रण) लेकर ठण्डे पानी में रोटी के आटे की तरह गूँथें।
  2. 2. मसाला तैयार हो जाने के बाद अगरबत्ती बनाने व बेलने की विधि सेंटेड अगरबत्ती की विधि अनुसार ही है।
  3. 3. यदि सुगंधित मसाला (क्रं. 4 से 8 तक) न मिले तो नागरमोथा 50 ग्राम, कपूर कचरी 5 ग्राम एवं खस 5 ग्राम लें तथा इन सबको पीसकर मसाले में मिला सकते हैं।

(26) चन्दन अगरबत्ती

सामग्री -

1. चंदन पाउडर-1 किलो
2. मैदा लकड़ी पाउडर-1 किलो
3. कोयला पाउडर-400 ग्राम
4. बाँस की सीक-1 किलो

34

5. चंदन पाउडर-1 किलो
6. बटर पेपर-पैकिंग हेतु

विधि -

चंदन अगरबत्ती बनाने की विधि हवन सामग्री की अगरबत्ती जैसी ही है।

(27) साधारण अगरबत्ती

सामग्री -

1. मैदा लकड़ी-1 किलो
2. कोयला पाउडर-100 ग्राम
3. बाँस की तीलियाँ-आवश्यकताभर
4. सुगन्धि-आवश्यकताभर
5. वाइटेल (स्विंडल आइल)-आवश्यकताभर

विधि -

  1. 1. मैदा लकड़ी में कोयला पाउडर मिलाकर आटे की तरह लेईनुमा मॉडिए।
  2. 2. इस लेई को लकड़ी के पाटे पर फैलाकर इस पर बाँस की तीलियों को रगड़ें, ताकि तीलियों में लेई चिपक जाए। ऊपर से अतिरिक्त कोयला पाउडर लगाते जाएं।
  3. 3. सूखने के बाद वाइटेल में सुगंध मिलाकर तीलियों पर छिड़ककर 24 घण्टे के लिए एअरटाइट बंद रखें, फिर पैकिंग कर दें।

सूचना - सादी अगरबत्ती बाजार में तैयार बनी बनाई भी मिलती है। चाहें तो इसे लेकर वाइटेल और सुगंध मिलाकर पैकिंग कर सकते हैं।

35

(28) गीली अगरबती

सामग्री -

1. मैदा लकड़ी-1 किलो
2. चन्दन पाउडर-आवश्यकतानुसार
3. गुड़-आवश्यकतानुसार
4. शहद-आवश्यकतानुसार
5. सुगंध-आवश्यकतानुसार
6. बाँस की मोटी तीलियाँ-आवश्यकतानुसार

विधि -

  1. 1. मैदा लकड़ी, गुड़, शहद व चंदन को आटे की तरह माँड़ें। इसे पिछले फार्मूले की तरह तीलियों पर रगड़कर चिपकाएं।
  2. 2. बाद में चंदन पाउडर में लाल या हरा कलर मिलाकर इस पर तीलियाँ घुमाएं।

(29) अमृतधारा

सामग्री -

1. ठंडई (मेन्थोल-पिपरमिंट-मनफूल)-10 ग्राम
2. भीमसेनी कपूर-10 ग्राम
3. अजवाइन फूल-10 ग्राम

विधि -

तीनों चीजों को बोतल में मिलाने पर लिक्विड (द्रवरूप) बन जाता है।

इसे अमृतधारा (पिपरमिंट ऑयल) के नाम से जाना जाता है। यह बहुत से फार्मूलों में उपयोगी है।

36

(30) स्नो

सामग्री -

1. टैरिक एसिड-100 ग्राम
2. कास्टिक सोडा-10 ग्राम
3. बोरेक्स-5 ग्राम
4. लेवेण्डर सेण्ट-आवश्यकतानुसार

विधि-

  1. 1. कास्टिक में 50 ग्राम पानी मिलाकर बोरेक्स पाउडर मिला दें।
  2. 2. अब टैरिक एसिड को हल्का सा गर्म करके एक एल्यूमीनियम के बर्तन में इसमें कास्टिक व बोरेक्स का मिश्रण मिलाते हुए पानी डालकर खूब घोंटिए।
  3. 3. बाद में लेवेण्डर सेण्ट मिलाकर पैकिंग करें।

(31) टेलकम पाउडर

सामग्री -

शंखजीरा पाउडर सुपर-1 किलो
गुलाबी कलर-आवश्यकतानुसार
गुलाबी सेण्ट-आवश्यकतानुसार

विधि -

सब अच्छी तरह एकसार मिलाकर डिब्बों में पैक कर दें।

37

(32) कुंकुम

सामग्री -

1. हल्दी-1 किलो
2. चूना-25 ग्राम

विधि -

चूना 100 ग्राम पानी में मिलाइए। चूने का पानी निथारकर हल्दी में मिलाकर घोंटिए और रात भर पड़ा रहने दें, सवेरे कुंकुम तैयार हो जाएगा।

(33) नेल पालिश

सामग्री -

एन्सीथिनर-1 लीटर
चन्द्रस-100 ग्राम
चपड़ा लाख-100 ग्राम
कलर-आवश्यकतानुसार

विधि -

चपड़ा लाख व चन्द्रस एन्सीथिनर में घोलकर कलर मिला दें। नेल पालिश तैयार है।

(34) गीला कुंकुम (गंध कुंकुम)

सामग्री -

सी.एम.सी.-100 ग्राम

38

पानी-200 ग्राम
कलर-आवश्यकतानुसार

विधि -

पानी में सी.एम.सी. मिलाकर अच्छी तरह घोंटिए। एकरस होने के बाद कलर डालिए।

(35) चाय मसाला

सामग्री -

1. सौंठ-100 ग्राम
2. लौंग-5 ग्राम
3. काली मिर्च-50 ग्राम
4. इलायची-5 ग्राम
5. कलमी-5 ग्राम

विधि -

इन सबको कूटकर चाय में मिलाएं, चाय स्वादिष्ट बनेगी।

(36) विक्स

सामग्री -

1. पैट्रोलियम जैली (बिना चिपचिपाहट की)-200 ग्राम
2. अमृतधारा-30 ग्राम

39

विधि -

दोनों चीजें एक में अच्छी तरह मिला दें। विल्स तैयार है। इसी तरह कमर दर्द आदि में प्रयोग किए जाने वाले “मूव” आदी बनते हैं।

(37) बाम

सामग्री -

1. पीला पैट्रोलियम जैली-200 ग्राम
2. अमोनिया-5 ग्राम
3. लौंग तेल-5 ग्राम

विधि -

सभी चीजें एक में मिला लें, बाम तैयार हो जाएगा।

(38) कफ सिरप

सामग्री -

1. शक्कर-1 किलो
2. पानी-3 लीटर
3. खाने का कलर लाल-आवश्यकतानुसार
4. अमृतधारा-30 ग्राम
5. ग्लिसरीन-5 ग्राम

विधि -

शक्कर और पानी गर्म करके बगैर तार की चाशनी बनाएं तथा ठण्डा होने के बाद अन्य चीजें मिला दें।

40

(39) सर्दी, कफ, खाँसी के लिए स्पेशल काढ़ा (सीरप)

सामग्री -

1. सौंठ-10 ग्राम
2. कलमी-10 ग्राम
3. लौंग-2 ग्राम
4. जायफल-एक टुकड़ा
5. काली मिर्च-10 ग्राम
6. इलायची-2 ग्राम
7. तुलसी पत्ता-10 ग्राम

विधि -

  1. 1. सबका बारीक चूर्ण बनाकर 500 ग्राम पानी में एक घण्टे तक भिगोकर रखें।
  2. 2. बाद में सिगडी पर उबालिए। जब मात्र 200 ग्राम पानी शेष रह जाए तो इसे कपड़छन कर लें। ठण्डा होने पर इस काढ़े में 10 ग्राम अमृतधारा मिलाकर शीशी में भर लें।

इसे दो चम्मच की मात्रा में दिन में तीन बार लेना चाहिए।

(40) वातनाशक तेल

सामग्री -

  1. 1. खोपरा तेल (ग्रीष्म ऋतु में) - 200 ग्राम
  2. 2. सरसों का तेल (शीत ऋतु में) - 200 ग्राम
  3. 3. अमृतधारा - 30 ग्राम

41

विधि -

  1. 1. दोनों को एक में मिलाकर 24 घण्टे के लिए बोतल में बंद करके रखें, गुणकारी वातनाशक तेल तैयार है।
  2. 2. इस तेल की मालिश सोते समय करनी चाहिए तथा मलिश के बाद कंबल ओढ़कर सोना चाहिए।

(41) बिवाई मलहम

सामग्री -

  1. 1. आमसुल तेल - 100 ग्राम
  2. 2. खोपरा तेल - 100 ग्राम
  3. 3. तेल का पीला कलर - 1 ग्राम

विधि -

आमसुल तेल को गर्म करके इसमें खोपरा तेल व कलर मिलाकर ठण्डा होने दीजिए। ठण्डा होने के बाद डिबियों में पैकिंग करिए।

(42) स्याही

सामग्री -

  1. 1. स्याही कलर - 6 ग्राम
  2. 2. पानी - 750 ग्राम
  3. 3. हाइड्रोकलोरिक एसिड - 3 ग्राम

42

4. सी.एम.सी. - 3 ग्राम

विधि -

इन सारी चीजों को मिलाकर बोतलों में पैक करें।

नोट - साहेन्द्री केमिकल्स, पूना का कलर इस्तेमाल करें।

(43) स्टाम्प पैड की स्याही

सामग्री -

1. जामली कलर-10 ग्राम
2. पानी-500 मि.ली
3. ग्लिसरीन-25 ग्राम

विधि -

सबको मिलाकर बोतलबंद कर लें।

(44) चॉकलेट

सामग्री -

1. दूध का खोवा-1 किलो
2. शक्कर-1 किलो
3. कॉफी पाउडर-आवश्यकतानुसार
4. देशी घी-आवश्यकतानुसार

विधि -

43