ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
१. अग्नि का वर्णन १-१२ बढ़ना, मुक्त होना प्रकट करना, मन का जाना, उत्पन्न होना, बैठना, स्तुति, सुखकर, तेजों को हराना १-९ बलि, देवों को लाना, स्तुति १०-१२ २. अग्नि का वर्णन १-१२ गुफा में रखना, उत्पत्ति, स्तुति, युवा बनना, प्रार्थना १-५ छिपाना, शुनःशेप, व्रत पालक, चमकना ६-९ उत्पत्ति, स्तुतियां बनाना, धन पर अधिकार १०-१२ ३. अग्नि की स्तुति १-१२ अनुगमन, अर्यमा, गोपनीय उदक, दर्शनीय, शत्रु-नाश, प्रज्वलित करना, पापी के नाशार्थ प्रार्थना १-७ दूत बनाना, पाप से अलग करने की प्रार्थना ८-९ स्वीकारना, भागना, अपराध १०-१२ ४. अग्नि की स्तुति १-११ स्तुति, हव्यवाहक, बंटवारा १-३ आह्वान, शत्रुनाश, प्रकाशयुक्त, बल के पुत्र, रक्षार्थ प्रार्थना ४-९ बुलाना, अश्व, पुत्र व अक्षय धन मिलना १०-११ ५. यज्ञशाला का वर्णन १-११ हवन, नराशंस, सुखदाता, स्तुति, साधन, यज्ञ निर्माता १-६ चलना, सुखकारी देवियां, व्याप्त होना, हव्य ले जाने की प्रार्थना, प्रसन्न करना ७-११ ६. अग्नि की स्तुति १-१० आश्रयदाता, निवासदाता, अन्न व पुत्र देना, प्रकाशमान, प्रजापालक, अन्न लाने की प्रार्थना १-७ अन्न मांगना, मुख में चमस, पास जाना ८-१० ebook converter DEMO Watermarks*
७. अग्नि का वर्णन १-१० मित्ररूप, प्रसन्न होना, हव्य स्वीकारना १-३ वनस्पतियां जलाना, चढ़ना ४-५ जानना, छिन्न-भिन्न करना, स्तुतियां, घृतभोजी, पशु प्राप्ति ६-१० ८. अग्नि की स्तुति १-७ वरेण्य, स्थान देना, विवेचक, समीप जाना १-४ स्वामी बनना, धारण करना, सिंचित ५-७ ९. अग्नि की स्तुति १-७ स्तुति, बुलाना, जन्म देना, कठिनाई, लपटें फैलाना, पापों से पार होने व समृद्ध बनाने की प्रार्थना १-७ १०. अग्नि की स्तुति १-७ अबाधगति, बल स्थित, धन व कीर्ति की प्राप्ति १-४ सर्वत्र जाना, रक्षा व समृद्धि हेतु प्रार्थना ५-७ ११. अग्नि का वर्णन १-६ रक्षक, धुएं का स्थित होना, दूत, बढ़ाने की प्रार्थना, अरणि मंथन १-६ १२. अग्नि की स्तुति १-६ कामनापूरक, दीप्तिशाली, भक्तस्वामी, सेवक, शत्रु-संहार, घर मिलना १-६ १३. अग्नि की स्तुति १-६ रक्षार्थ पूजन, दीप्तिशाली, स्तुति, विस्तार करना, बल-धन मांगना १-६ १४. अग्नि का वर्णन १-६ अमर, स्तुति, प्रकाशित होना, क्रांतदर्शी, वर्धन १-६ १५. अग्नि का वर्णन १-५ स्तुति-रचना, देवप्राप्ति, पापरहित बनाना, धारण करना १-५ ebook converter DEMO Watermarks*
१६. अग्नि का वर्णन १-५ अन्न देना, धन प्राप्ति, आघात, ग्रहण, स्तुति १-५ १७. अग्नि का वर्णन १-५ आह्वान, यशस्वी, व्याप्त करना, रथ व धन प्राप्ति, धन याचना १-५ १८. अग्नि का वर्णन १-५ कामना, स्तुति, आह्वान, अन्न रखना, घोड़े देना १-५ १९. अग्नि का वर्णन १-५ देखना, रक्षा करना, शक्ति बढ़ाना, स्तोत्र सुनने एवं सामने आने की प्रार्थना १-५ २०. अग्नि की स्तुति १-४ प्रार्थना, वरण, रक्षार्थ स्तुति १-४ २१. अग्नि की स्तुति १-४ प्रज्वलित करना, सुच से प्राप्ति, सेवा, सस ऋषि १-४ २२. अग्नि का वर्णन १-४ पूज्य, साधन, अलंकृत १-४ २३. अग्नि की स्तुति १-४ बलशाली व शत्रुजेता पुत्र मांगना, धन व प्रकाश हेतु प्रार्थना १-४ २४. अग्नि का वर्णन १-४ समीपवर्ती बनने, धन देने, पुकार सुनने की प्रार्थना, पुत्र याचना १-४ २५. अग्नि की स्तुति १-९ रक्षार्थ प्रार्थना, प्रशंसित, धनयाचना, प्रविष्ट १-४ शत्रुजयी पुत्र की कामना, स्तोत्र, शब्द करना, वंदना ५-९ २६. अग्नि की स्तुति १-९ दीप्तिशाली, लपटों वाले, प्रज्वलित करना, प्रार्थना, बल मांगना १-४ ebook converter DEMO Watermarks*
यज्ञकर्म, बढ़ाना, वाहक ५-७ हवि पहुंचाने व कुशों पर बैठने की प्रार्थना ८-९ २७. अग्नि की स्तुति १-६ त्र्यरुण, बैलों का प्रसन्न होना, धन याचना १-६ २८. अग्नि का वर्णन १-६ विश्ववारा, रक्षक, शत्रुनाशार्थ स्तुति, यज्ञयुक्त, वरण का आग्रह १-६ २९. इंद्र एवं मरुतों की स्तुति १-१५ तेज धारण, स्तुति, अहि का वध, स्तंभित करना, एतश, पकाना, मांस भक्षण, आह्वान १-८ कुत्स, शुष्ण व दस्युओं का वध, पहिया देना, पिप्रु असुर, गाय छुड़ाना ९-१२ धनस्वामी, निर्माण, स्तोत्र, सामान देना १३-१५ ३०. इंद्र एवं अग्नि की स्तुति १-१५ घर जाना, भयानक स्थान देखना, पर्वत तोड़ना, गो प्राप्ति १-४ डरना, प्रशंसा, नमुचि-वध ५-७ बादल नष्ट करना, सुंदरियां घर में रखना, मिलाना, वभ्रु की गाएं, राजा ऋणंचय ८-१५ गाएं मिलना, गाएं ३१. इंद्र की स्तुति १-१३ चलना, पत्नीयुक्त करना, योग्य बनाना, जल धारण १-६ अधिकार करना, घर पहुंचाना, अंधकार मिटाना, घोड़े मिलना, अवस्यु, गतिहीन करना ७-११ धन देने आना, स्तुति १२-१३ ३२. इंद्र का वर्णन १-१२ मार्गे खोलना, प्रसिद्ध बनाना, उत्पत्ति, मेघ-रक्षक, कर्म जानना, वृत्रवध, निम्न ebook converter DEMO Watermarks*
बनाना १-७ धन छीनना, नीचा होना, कल्याणकारी, प्रेरक ९-१२ ३३. इंद्र की स्तुति १-१० स्तुति बोलना, जीत प्रार्थना, रथ हांकना, नाम मिटाना, बल बढ़ाना, प्रशंसा, रक्षार्थ प्रार्थना १-७ रथ खींचने का अनुरोध ८ ढोने का आग्रह, धन याचना ९-१० ३४. इंद्र का वर्णन १-९ स्तुत, पेट भरना, दीप्तिशाली बनना, भागना, वश में रखना १-६ धन व गाएं देना, अत्रि की स्तुति ७-९ ३५. इंद्र की स्तुति १-८ अजेय, रक्षार्थ प्रार्थना, पुकारना, कामवर्षी १-४ भ्रमण, आह्वान, अग्रगंता, धन अर्पण ५-८ ३६. इंद्र की स्तुति १-६ उत्तम गति, आहूत १-२ पुरावसु ऋषि, धन बांटना ३-४ वृष्टिकारी, राजा श्रुतरथ ५-६ ३७. इंद्र का वर्णन १-५ प्रयत्न करना, स्तुति, महिषी लाना १-३ साथ चलना, प्रिय बनना ४-५ ३८. इंद्र की स्तुति १-५ महानता, अन्नदाता, समर्थ, इच्छा, शतक्रतु १-५ ३९. इंद्र की स्तुति १-५ ebook converter DEMO Watermarks*
स्वामी, अन्न हेतु आग्रह १-२ प्रसिद्ध, स्तुति, अत्रि ऋषि ३-५ ४०. इंद्र व सूर्य की स्तुति १-९ शत्रुहंता, आनंददाता, सोमपान व प्रसन्न होने का आग्रह, अंधकार, माया भगाना, वार्तालाप १-७ माया स्वतंत्र करना ८-९ ४१. विश्वेदेव की स्तुति १-२० रक्षा करने, सेवा स्वीकारने, सुंदर स्तोत्र एवं हव्य बनाने की प्रार्थना १-३ अत्रि ४-५ बैठाने का आग्रह, हव्य देना, स्तुति ६-८ अनुकूल बनने की प्रार्थना, स्तुति, रक्षा प्रार्थना ९-११ देवों की स्तुति, आहुतियां देना १२-१४ भूमि की स्तुति, शत्रुनाशक, संतान व अन्न हेतु सेवा १५-१७ उपस्थित होने की प्रार्थना, यज्ञ की प्रशंसा, रक्षार्थ प्रार्थना १८-२० ४२. विश्वेदेव की स्तुति १-१८ प्रार्थना, वरुण, सोना मांगना, यज्ञयोग्य देवों से मिलना १-४ त्वष्टा, ऋभुक्षा, वाज, कर्मकथन, सुखदाता ५-७ पुत्रवान बनना, अव्रती, निंदक आदि को अंधकार में डालने की प्रार्थना, ओषधि- स्वामी, राका, रूप देना, जलनिर्माता, प्रकाशित करते हुए चलना ८-१४ धनाभिलाषी, दुर्बुद्धि में न डालने व सुख भोगने की प्रार्थना, सौभाग्य याचना १५-१८ ४३. विश्वेदेव की स्तुति १-१७ आह्वान, इच्छा, सोम देना, मधुर रस टपकाना, सोमरस निचोड़ना १-५ हव्य वहन की प्रार्थना, पात्र रखना, यज्ञ में लाना, स्तुतियों को सुनने व अर्थ जानने की प्रार्थना ६-११ ebook converter DEMO Watermarks*
अन्नधारक, पोषण, अन्न भेंट, वीर पुत्र याचना १२-१७ ४४. विभिन्न देवों का वर्णन १-१५ अंतरात्मा, मायाहीन १-२ अजर, जल चुराना, शोभा पाना ३-५ स्थिर करना, अभिलाषा, सुख मांगना, स्तुति, अन्नपूर्ति, मद प्राप्ति, सदापृण, यजत आदि ऋषि ६-१३ कामना, स्तोत्र प्राप्ति १४-१५ ४५. विभिन्न देवों की स्तुति १-११ वज्र फेंकना, स्थिरता, बरसना, बुलाना १-५ द्वार खुलना, पूजा, सरमा, पहुंचना, झुकना, रक्षित होने व पाप लांघने में समर्थ होने की प्रार्थना ६-११ ४६. विभिन्न देवों का वर्णन १-८ भारवहन, प्रार्थना, आह्वान, सुख व धन याचना, अदिति, सुख मांगना, हव्य भक्षण की प्रार्थना १-८ ४७. विभिन्न देवों का वर्णन १-७ स्वर्ग से आना, गतिशील होना, रथ का प्रवेश १-३ प्रेरणा, स्तुत्य, कपड़े बुनना, नमस्कार ४-७ ४८. विभिन्न देवों का वर्णन १-५ विस्तार करना, ढकना १-२ घूमना, धन देना, सुशोभित होना ३-५ ४९. विभिन्न देवों का वर्णन १-५ मित्रता, प्रशंसा का आग्रह, लकड़ी खाना व तेज फैलाना १-३ तिरस्कार न होना, प्रसन्न होने की प्रार्थना ४-५ ५०. विभिन्न देवों का वर्णन १-५ ebook converter DEMO Watermarks*
याचना, स्तुतियां, यज्ञनेता १-३ यूप, स्तुति ४-५ ५१. अग्नि, इंद्र वायु एवं अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१५ सोमपान हेतु आग्रह, प्रिय होना, १-४ आह्वान, योग्य होना, दही मिला सोमरस ५-७ मित्रता, आह्वान ८-१० पाप से बचाने की प्रार्थना ११-१३ धन की स्वामिनी, कल्याण व बंधुमित्रों से मिलन कराने हेतु प्रार्थना १४-१५ ५२. मरुद्गण का वर्णन १-१७ प्रसन्न होना, भ्रमणकर्त्ता, स्तुत्य, हव्य देना, १-४ नेता, आयुध ५-६ मरुद्गण, परिश्रम करना, घिरना, यज्ञ धारण हेतु प्रार्थना ७-१० दर्शनीय, कूपनिर्माण, निर्माता, आह्वान ११-१४ दान प्राप्ति, पृश्नि, रुद्र, गाएं देना १५-१७ ५३. मरुद्गण की स्तुति १-१६ पृश्नि, वर्षाकारी १-२ स्तुति, प्रमुदित होना, बरसना, आकाश जाना ३-७ आह्वान, नदियां, प्रशंसा ८-१० अनुगमन, हविदाता, बीजदाता, जल, गाय आदि मांगना ११-१४ कृपापात्र, स्तुति हेतु आग्रह १५-१६ ५४. मरुद्गण का वर्णन १-१५ तेजस्वी, जल गिरना, बल संपन्न, सर्वथा समर्थ १-४ पर्वत तोड़ना, धन याचना, संरक्षण ५-७ ebook converter DEMO Watermarks*
सींचना, वर्षा करना मार्ग पार, करना, सुनहरी पगड़ी ८-१२ अक्षय, राजा श्यावाश्व, धन याचना १३-१५ ५५. मरुतों की स्तुति १-१० अन्न धारण, असीमित ज्ञान, अतिशय १-४ जलहीन न होना, बुंदकियों वाली घोड़ियां, फैलना, पीछे चलना, पाप से बचाने हेतु प्रार्थना ५-९ ५६. अग्नि एवं मरुतों की स्तुति १-९ आह्वान १-२ समूह का आना, शत्रुनाश, आह्वान, घोड़े जोड़ने हेतु प्रार्थना, देर न करना ३-९ ५७. मरुतों की स्तुति १-८ जल पहुंचाना, आह्वान, वनों का कांपना, विस्तृत होना १-४ अमृत प्राप्ति, आयुध धारण करना, उत्तम संतान, धन व वर्षा हेतु प्रार्थना ५-८ ५८. मरुतों की स्तुति १-८ प्रभासंपन्न, दीप्तिशाली, आह्वान, शत्रुनाशक, पुत्र हेतु प्रार्थना, गरजना, गर्भधारण, धनस्वामी १-८ ५९. मरुतों की स्तुति १-८ स्तुति, दिखाई देना, ज्ञाता, वृष्टि, युद्ध करना, हितकारी १-६ पानी गिराना, वर्षा हेतु प्रार्थना ७-८ ६०. अग्नि एवं मरुतों की स्तुति १-८ स्तुति, बलसंपन्न, शब्द करना, स्वर्ग का कांपना १-३ शोभा धारण करना, नित्य युवा, आह्वान, शत्रुनाश व सोमपानार्थ प्रार्थना ४-८ ६१. मरुद्गण की स्तुति एवं रानी शशीयसी का वर्णन १-१९ अकेले आना, लगाम दिखना, कोड़े लगना, हितकारी, रानी शशीयसी, महानता १-६ ebook converter DEMO Watermarks*
दान का विचार, समान, मार्ग बताना, संपत्ति देना, स्तुतियां, चमकना ७-१२ बाधाहीन गति, प्रसन्न होना, स्वर्ग, धन मांगना १३-१६ रथवीति, सूचना पहुंचाने हेतु प्रार्थना १७-१९ ६२. मित्र एवं मरुत् का वर्णन १-९ सूर्यमंडल, चमकीला बनाना, आकाश, नदियों का बहना १-४ अन्नस्वामी, पापत्राता, स्वर्णरथ, ५-७ लोहे की कील, विश्वरक्षक ८-९ ६३. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-७ रथ पर बैठना, शासन करना, आह्वान १-३ करना, घोड़े जोड़ना, भ्रमण, गरजना, यज्ञरक्षा ४-७ ६४. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-७ आह्वान, जाना, घर में सुख मिलने की प्रार्थना १-३ धन प्राप्ति की आशा, आह्वान ४-५ अन्नधारक, निकट आने की प्रार्थना ६-७ ६५. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-६ स्तुति जानना, घूमना, रक्षार्थ प्रार्थना, उपाय बताना, रक्षार्थ प्रार्थना १-६ ६६. मित्र, वरुण एवं धरती की स्तुति १-६ शत्रुनाशक, शक्ति, रक्षा हेतु स्तुति, जल बरसाना, दूरदर्शी १-६ ६७. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-५ हितकारक, कल्याणकारी, भक्तरक्षक, मार्ग दिखलाना, शरण लेना १-५ ६८. मित्र एवं वरुण का वर्णन १-५ आह्वान, प्रशंसनीय, दानदाता, बढ़ना, रथ १-५ ६९. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-४ ebook converter DEMO Watermarks*
कर्मरक्षक, जलधारक, स्तुति, भूलोकधारक १-४ ७०. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-४ सुमति, अन्न याचना, शत्रुसंहार करने व आत्मनिर्भर बनाने की प्रार्थना १-४ ७१. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-३ आह्वान, कर्म सफल बनाने व सोमपान का आग्रह १-३ ७२. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-३ आह्वान, यज्ञकर्मों में लगना, सोमपान का अनुरोध १-३ ७३. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१० आह्वान, बुलाना, लोकभ्रमण, अन्न मांगना, किरणों का बिखरना, स्तुति, अत्रि, भरण, प्रार्थना, स्तुतियां १-१० ७४. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१० सेवा करना, सहायक की इच्छा, वृष्टि की प्रार्थना, युवा बनाना, आह्वान, शिरोधार्य, विषय, हव्य १-१० ७५. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-९ मधु-विद्याज्ञाता, स्वर्ण रथ, अन्नयुक्त, स्तुति, हव्य देना, च्यवन ऋषि, विचित्र रूप वाले, आह्वान, अवस्यु ऋषि, नाशहीन रथ १-९ ७६. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-५ प्रज्वलित होना, आह्वान, रक्षार्थ प्रार्थना, घर, सौभाग्य मांगना १-५ ७७. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-५ यज्ञधारक, तृप्त करना, दुर्गम मार्ग पार करना, संतान का पालन, सौभाग्य मांगना १-५ ७८. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-९ आह्वान, गौरमृग, घरदाता, रक्षार्थ प्रार्थना, सप्तवध्रि ऋषि, बंद संदूक, गतिशील होने की प्रार्थना, जरायु, जीवधारी १-९ ebook converter DEMO Watermarks*
७९. उषा की स्तुति १-१० अश्व देने वाली, सत्यश्रवा, अंधकार हरने की प्रार्थना, स्मरण करना, स्तुति, अन्न मांगना, स्तुति, गाएं, धन याचना, ताप न देने का आग्रह, हिंसा न करना १-१० ८०. उषा का वर्णन १-६ महती, प्रकाश फैलाना, धन स्थायी करना, भली प्रकार चलना, उपस्थित होना, प्रकाश बिखेरना १-६ ८१. सविता की स्तुति १-५ कार्यों में लगना, प्रकाश फैलाना, सीमित, मित्र बनना, श्यावाश्व ऋषि १-५ ८२. सविता की स्तुति १-९ प्रार्थना, ऐश्वर्य, कामना, दरिद्रता, अमंगल भगाने की प्रार्थना, धन धारण हेतु प्रार्थना, सेवा, प्रेरणा १-९ ८३. पर्जन्य की स्तुति १-१० गर्भधारण, भागना, वर्षायुक्त करना, गरजना-टपकना, झुकना, पालक, जल धारण हेतु प्रार्थना, मुदित होना, स्तुतियां मिलना १-१० ८४. पृथिवी की स्तुति १-३ प्रसन्न करना, बादलों को फेंकना, वनस्पतियां धारण करना १-३ ८५. वरुण की स्तुति १-८ विस्तृत करना, सोमलता का विस्तार, धरती को गीला करना, बादल शिथिल करना, नापना, विरोधहीन स्तुति, अपराध नष्ट करने व प्रिय बनाने की प्रार्थना १-८ ८६. इंद्र व अग्नि का वर्णन १-६ तर्क काटना, स्तुति, वज्र, प्रशंसनीय, अश्व हेतु स्तुति, अन्न मांगना १-६ ८७. मरुद्गण का वर्णन १-९ एवयामरुत्, स्थिर होना, पुकार सुनना, बल व तेजयुक्त, अपार महिमा, विस्तृत गृह, पाप भगाने व निंदकों को वश में करने की प्रार्थना १-९ ebook converter DEMO Watermarks*
षष्ठम मंडल सूक्त विषय मंत्र सं. १. अग्नि की स्तुति १-१३ प्रार्थना, अनुगमन, अन्न-धन हेतु स्तुति, माता-पिता, आनंददाता, स्तुति १-८ क्रांतदर्शी, सेवा, अन्न व धन के लिए प्रार्थना, सौभाग्य व धन हेतु स्तुति ९-१३ २. अग्नि की स्तुति १-११ अन्न मांगना, सेवा करना, आह्वान व घर याचना १-५ दीप्तियुक्त, पालक, अरणि में वास, ज्वालाएं, समृद्धि व गृह हेतु स्तुति ६-११ ३. अग्नि की स्तुति १-८ दीर्घायु, शांत बनाना, ज्वालाएं, तीक्ष्ण, विचित्र गति, तेजस्वी, वेगशाली १-८ ४. अग्नि का वर्णन १-८ यज्ञपूर्ण करने व अन्न हेतु स्तुति १-२ पवित्रकर्त्ता, अन्नदाता, स्तुति, अंधकारनाशक ३-६ गतिशील, शतायु हेतु स्तुति ७-८ ५. अग्नि की स्तुति १-७ धनदाता, स्थापित, शत्रुनाशार्थ स्तुति, अन्न ओर धन याचना १-७ ६. अग्नि की स्तुति १-७ होता, युवा, ज्वालाएं, वनदाहक, शत्रुनाश हेतु प्रार्थना, अन्न, धन, संतान याचना १-७ ७. अग्नि की स्तुति १-७ उत्पत्ति, धन में वास, धन हेतु स्तुति, अमरपद दाता, सूर्य की स्थापना, उच्चस्थल, पालक १-७ ८. अग्नि का वर्णन १-७ ebook converter DEMO Watermarks*
व्याप्त, व्रतरक्षक, शक्तिधारक, अर्चनीय स्वामी, अजर, पुत्र, धन याचना, रक्षार्थ स्तुति १-७ ९. अग्नि का वर्णन १-७ अंधकारनाशक, ताना-बाना, ज्ञाता, होता, अमर, प्रधानकर्त्ता, उत्सुक बुद्धि, नमस्कार १-७ १०. अग्नि का वर्णन १-७ दीप्तिशाली, भेंट देना, समृद्धि एवं गोशाला दाता, अंधकारनाशक १-४ अन्न, धन, बल याचना, शतायु हेतु स्तुति ५-७ ११. अग्नि की स्तुति १-६ यज्ञकर्त्ता, ज्वाला, अंगिरा, भरद्वाज, वेदी में वास, धन प्राप्ति व शत्रु से दूर रखने हेतु प्रार्थना १-६ १२. अग्नि का वर्णन १-६ यज्ञस्वामी, हव्य पहुंचाने हेतु प्रार्थना, ज्ञान कराने वाली, जातवेद, सुशोभित, संतान याचना १-६ १३. अग्नि की स्तुति १-६ धन की उत्पत्ति, धन मांगना, ज्ञानसंपन्न, संपत्ति पाना, अन्न मांगना, संतान के साथ जीने की प्रार्थना १-६ १४. अग्नि की स्तुति १-६ शत्रु-धन की प्राप्ति, कुशल, यज्ञहीन, शत्रुनाशक, रक्षक, दीप्तिसंपन्न १-६ १५. अग्नि का वर्णन १-१९ प्रजारक्षक, स्तुत्य, भरद्वाज, एतश, पूज्य, क्रांतदर्शी, पालक, सुख याचना, यजन, अभिलाषापूरक, यज्ञकर्ता, गृहस्वामी, सर्वव्यापक, रक्षार्थ प्रार्थना १-१५ देवप्रमुख, मंथन, आह्वान, गार्हपत्य यज्ञ १६-१९ १६. अग्नि की स्तुति १-४८ होता बनाना, हव्य, यज्ञ विधाता, यजन १-४ ebook converter DEMO Watermarks*
सुख व हेतु प्रार्थना भरद्वाज, स्तुति, दर्शनीय तेज, विद्वान्, स्तुति, बढ़ाना, धन मांगना ५-१२ अग्नि मंथन, दध्यङ् प्रज्वलन, स्तुतियां १३-१६ अनुग्रह, दृष्टिरक्षार्थ याचना, पालक, महिमा, विस्तार करना, शत्रुनाशक, देवदूत, पवित्रकर्मा, अन्नदाता १७-२८ जातवेद, विशेषद्रष्टा, रक्षा, याचना, स्तुति, शत्रुनाशार्थ प्रार्थना २९-३४ शत्रुनाश, अन्न, संतान प्राप्ति हेतु प्रार्थना, शरण लेना, तेज सींग ३५-३९ अग्नि पकड़ना, हव्य, सुखकर, आह्वान, दीप्ति संपन्न, यजन योग्य, ऋचाएं, स्तुति ४०-४८ १७. इंद्र की स्तुति १-१५ गाएं खोजना, शत्रुरक्षक, अन्न हेतु प्रार्थना, सर्वगुणी १-४ स्थापक, दुधारू बनाना, धरती को पूर्ण बनाना ५-७ अग्रणी, वृत्रवध, वज्र बनाना, भैंसे पकाना, नदियां मुक्त करना ८-१२ स्तुतियां, बल, अन्न प्राप्ति व सौ वर्ष तक प्रसन्न रहने के लिए प्रार्थना १३-१५ १८. इंद्र की स्तुति १-१५ इच्छापूरक, सोमपानकर्त्ता, पुत्र देना, वासदाता, शत्रुनाशक १-४ बल असुर का वध, नगरों का नाश ५ वंदनीय, चुमुरि, पिप्रु, शंबर, शुष्ण व धुनि का वध, माया-नाशक, महिमा ६-१२ कुत्स, आयु एवं दिवोदास १३ धन प्राप्ति हेतु प्रार्थना, स्तोत्र के जनक १४-१५ १९. इंद्र की स्तुति १-१३ अपराजित, युद्ध संचालन, आह्वान, धनस्वामी, धन, पुत्र व पौत्र हेतु प्रार्थना १-१० आह्वान, धन से प्रसन्नता मांगना ११-१३ २०. इंद्र की स्तुति १-१३ ebook converter DEMO Watermarks*
धनस्वामी, वृत्रसंहारक, सोम के राजा १-३ पणि की सेनाएं, शुष्ण, निमि, नगरों का नाश ४-७ सुखदाता, अपराजित, नगरों का नाश ८-१० उशना को बढ़ाना ११ यदु व तुर्वसु को सागर पार कराना १२ धुनि व चुमुरि को सुलाना १३ २१. इंद्र की स्तुति १-१२ शूर, बुद्धिमान्, बलशाली, प्रसिद्ध कर्म १-४ अंगिरा द्वारा स्तुति ५-१० विद्वान्, मार्ग-निर्माता ११-१२ २२. इंद्र का वर्णन १-११ सत्यभाषी, शत्रुहंता, धन याचना, असुरनाशक, शक्तिदाता, वृत्रनाशक १-६ पापों से बचाने, राक्षसों को जलाने व वज्र धारण करने हेतु प्रार्थना ७-९ संपत्ति मांगना, आह्वान १०-११ २३. इंद्र का वर्णन १-१० वैदिक स्तुतियां १ यजमान रक्षक, निवास स्थान व पुत्रदाता २-४ वेदमंत्रों व स्तोत्रों का उच्चारण ५-६ सोमपान हेतु आग्रह, सन्मार्ग प्रेरक ७-१० २४. इंद्र का वर्णन १-१० स्तुति व अन्नस्वामी, शूर, बुद्धिमान्, विलक्षण कर्मकर्त्ता १-५ अन्नेच्छुक, भरद्वाजगोत्रीय ऋषि ६ शरीर वृद्धि, पर्वत का भी सुगम होना ७-८ ebook converter DEMO Watermarks*
अन्न, संतान, रक्षा याचना, सौ वर्ष तक प्रसन्न रहने हेतु प्रार्थना ९-१० २५. इंद्र की स्तुति १-९ अन्न प्राप्ति, शत्रु से रक्षा हेतु स्तुति १-३ विवाद, सर्वजेता, हवनकर्त्ता को धन मिलना ४-६ नेता, देवों से मिला बल, निवास हेतु स्तुति ७-९ २६. इंद्र की स्तुति १-८ अन्न के लिए स्तुति १-३ वृषभ, वेतस और राजा तुजि, तुग्र वध, दिवोदास, शंबर, दभीति, चुमुरि ४-६ बल, सुख व धन मांगना ७-८ २७. इंद्र का वर्णन १-८ सोमपान, धनस्वामी, वरशिख के पुत्रों का वध, यव्यावती नदी, अभ्यवर्ती, चायमान १-८ २८. गायों एवं इंद्र का वर्णन १-८ नाना रंगों वाली गाएं, धन देना, गायों के साथ रहना विशसन संस्कार, इंद्र बनना, बलिष्ठ बनाने की प्रार्थना १-६ साफ पानी पीने का आग्रह, पुष्टि हेतु प्रार्थना ७-८ २९. इंद्र की स्तुति १-६ अनुग्रह, मानवहितकारी, धनदाता, दूध-दही मिला सोमरस, अनंत शक्तिशाली, हरी ठोढ़ी १-६ ३०. इंद्र की स्तुति १-५ धनदाता, असुरनाशक, मार्ग बनाना, सबसे बड़े राजा १-५ ३१. इंद्र की स्तुति १-५ एकमात्र स्वामी, जल बरसाना, कुयव का वध, नगरी-नाशक, रक्षार्थ पुकारना १-५ ३२. इंद्र का वर्णन १-५ ebook converter DEMO Watermarks*
स्तुतियां, मुक्त करना, नगर नाशक, कामपूरक, दक्षिणायन सूर्य १-५ ३३. इंद्र की स्तुति १-५ पुत्र मांगना, अन्न मिलना, धन याचना, गो-स्वामी १-५ ३४. इंद्र का वर्णन १-५ विचारधाराएं, प्रसन्न करना, सोमरस अर्पित, संग्राम-रक्षक १-५ ३५. इंद्र की स्तुति १-५ यज्ञकर्म, धन याचना, गोदाता स्तोत्र, गाय व अन्न मांगना प्रार्थना १-५ ३६. इंद्र का वर्णन १-५ हितकारक, बल पूजा, स्तुतियों का मिलना, धन मांगना, शत्रुधन जीतने के लिए अनुरोध १-५ ३७. इंद्र का वर्णन १-५ स्तुति, सोमरस का बहना, रथ में जुड़े घोड़े, धन, संतान व बलदाता १-५ ३८. इंद्र का वर्णन १-५ सोमपान, प्रेरक स्तुतियां, मास, संवत्सर व दिन, बल, धन, रक्षा हेतु सेवा १-५ ३९. इंद्र की स्तुति १-५ सोमपान का आग्रह, इंद्र-पणि युद्ध १-२ शोभन जन्म वाली, तेज से भरना, सेवक मांगना ३-५ ४०. इंद्र की स्तुति १-५ अन्न याचना, सोमपान, आह्वान, सोमपान का आग्रह, आह्वान १-५ ४१. इंद्र की स्तुति १-५ आह्वान, शत्रुनाश की कामना, सोमरस, आह्वान, रक्षार्थ प्रार्थना १-५ ४२. इंद्र का वर्णन १-४ युद्धनेता, आह्वान, अभिलाषापूरक १-४ ebook converter DEMO Watermarks*
४३. इंद्र की स्तुति १-४ शंबर का वध, सोमपान आग्रह १-४ ४४. इंद्र की स्तुति १-२४ प्रसन्नता देने की कामना १-३ शत्रुजेता, शत्रुधनहर्ता, रक्षक, ४-७ आविर्भूत होने की कामना, धन मांगना, रक्षार्थ प्रार्थना, सोमरस देना, प्रसन्न होने की कामना, धनस्वामी, अभिलाषापूरक ८-२१ आयुध बेकार होना, अमृत मिलना व दूध धारण करना २२-२४ ४५. इंद्र एवं बृहस्पति का वर्णन १-३३ तुर्वश व यदु राजा १ शत्रुओं का धन जीतना २ अनंत रक्षासाधन, बुद्धिदाता, रक्षा, समृद्धि हेतु प्रार्थना ३-६ आह्वान, हाथों में संपत्तियां ७-८ यज्ञस्वामी, अन्न व धन के लिए आह्वान ९-११ जीतने योग्य बनना १२ धन जीतना १३-१६ सुख याचना, असुरसंहारक, आह्वान १७-१९ एकमात्र स्वामी, गोपालक, आह्वान २०-२२ गायों सहित अन्न देने वाले, गाएं को प्रकट करना, गाय-घोड़ा देने वाले बनने का अनुरोध २३-२६ निंदक, गायों का बछड़ों के पास जाना, बृबु, गाएं देना, स्तुतिपात्र, शत्रुनाशक, धन के लिए प्रेरणा का अनुरोध २७-३३ ४६. इंद्र की स्तुति १-१४ आह्वान, स्तुति, पालक १-३ ebook converter DEMO Watermarks*
संतान, अन्न की प्राप्ति व शत्रु की हार हेतु स्तुति ४-६ धन, बल व अन्न की प्राप्ति व शत्रु को जीतने हेतु प्रार्थना ७-९ आक्रमण से बचाने व शत्रु भगाने हेतु स्तुति १०-१२ घोड़ों को आगे बढ़ाने हेतु स्तुति १३-१४ ४७. सोमरस का वर्णन एवं इंद्र की स्तुति १-३१ मधुर सोम, मदमत्त होना, वाणी का तेज होना, जल, दृढ़ करना, स्वर्ग धारण करना १-५ धन देने का आग्रह, भरोसा, अन्न-धन के लिए प्रार्थना ६-९ बुद्धि देने की प्रार्थना, आह्वान, रक्षक १०-१२ शोभन, मिलाना, आगे-पीछे पैर रखना, सेवकों को बुलाना, मित्र १३-१७ रथ, घोड़े, मार्गदर्शन हेतु स्तुति १८-२० शंबर व वर्ची का वध, प्रस्तोक, दिवोदास २१-२३ दान, पूजा, रथ, दिव्य रथ, दुंदुभि २४-२९ दृढ़ता की याचना, गाएं लाने की प्रार्थना ३०-३१ ४८. अग्नि का वर्णन १-२२ प्रिय, रक्षक, अभिलाषापूरक, हव्य अन्न के लिए स्तुति १-४ प्रकट होना, धन हेतु स्तुति, गृहपति, धन के नेता, पालन हेतु प्रार्थना ५-१० बछड़ों को अलगाना, आना, दुधारू गाय, अन्न व धन के लिए मरुतों से याचना ११-१५ शत्रुओं को भगाने, निंदकों का नाश करने हेतु प्रार्थना, मित्रता व अनुग्रह के लिए पूषा की स्तुति १६-१९ मार्गदर्शिका वाणी २० बल धारण, स्वर्ग व धरती की उत्पत्ति २१-२२ ४९. विभिन्न देवों का वर्णन १-१५ ebook converter DEMO Watermarks*