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ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

४१. वरुण का वर्णन १-१० पशुरक्षक, प्रशंसा, नाभाक ऋषि, आलिंगन, संसार, धरती निर्माता, काव्य पोषण, काव्य स्थित होना, शत्रुनाशार्थ प्रार्थना १-७ माया का नाश, वरुण का स्थान, द्यावा-पृथिवी के धारक ८-१० ४२. वरुण व अश्विनीकुमारों की स्तुति १-६ सम्राट् बनना, अमृतरक्षक, नाव, सोमपान व शत्रुनाशार्थ प्रार्थना १-६ ४३. अग्नि की स्तुति १-३३ बुद्धिमान्, जातवेद, वनभक्षण, अलग जाना, झंडा, काली धूल, शांत न होना, झुकाना १-८ प्रवेश, स्रुच, सेवा, याचना, आह्वान, सखा, हव्यदाता, अश्वस्वामी ९-१६ स्तुतियों का जाना, प्रसन्न करना, स्तुति, आह्वान शत्रुनाशक स्तुति १७-२४ हितकारी, द्वेषियों के संहारक, मनु द्वारा प्रज्वलित, आह्वान अन्न देना, तत्त्वद्रष्टा २५-३० याचना, अंधकारनाशक, धन याचना ३१-३३ ४४. अग्नि की स्तुति १-३० प्रिय, कामना हेतु प्रार्थना, स्थापना, किरणों का उठना, धनयुक्त, स्रुच, स्तुति, सेवित, श्रेष्ठ अग्नि, आह्वान, वस्तुएं मांगना, शक्ति से उत्पन्न, मेधावियों के संग बढ़ना, आह्वान, बैठना, धन मिलना १-१५ कूबड़, प्रेरित करना, धनस्वामी, प्रसन्न करना, कामना, मेधावी, मित्रता जानने का आग्रह, आशीर्वाद सत्य होने हेतु प्रार्थना, अनुग्रह में रहने की प्रार्थना, स्तुतियों का पहुंचना १६-२५ नित्यतरुण, यज्ञनेता, पवित्रकर्त्ता, जागृत रहना, उमर बढ़ाने की प्रार्थना २६-३० ४५. इंद्र का वर्णन व स्तुति १-४२ कुश बिछाना, समिधाएं, झुकाना, बाण उठाना, दृढ़ करना, प्रधान रथी, अन्नदाता बनने, रथ लाने व पास जाने की प्रार्थना १-१० उपद्रवहीन, सुखसाधन देना, रक्षक, वस्तुएं मांगना, धन लाने हेतु प्रार्थना, पशु देखना, ebook converter DEMO Watermarks*

आह्वान, पुकार सुनने, गाय देने के लिए जागने की प्रार्थना, बलपति ११-२० अजेय, सोमरस देना, धन प्राप्ति, कद्रु ऋषि, अहन्वाय्य, स्तुति, प्रशंसा, मार्ग बनाना २१-३० सुख मांगना, प्रसिद्ध होना, शोभन प्रसिद्धियां, शूर, पापनाशी, बात कहना, एवार, धन देना, धन लाने की प्रार्थना ३१-४२ ४६. इंद्र, वायु एवं सोमरस की स्तुति १-३३ अश्वस्वामी, धनदाता, स्तुतिगान, मरुद्गण, यज्ञ पूरा होना, बढ़ना, धन मांगना, सेना, धन छीनना, आह्वान, वस्तुएं देना, आह्वान १-१२ आगे रहना, शत्रुजेता, अन्न, धन एवं पुत्रादि हेतु प्रार्थना, शत्रुरोधी, गुणगान, गिरना, दुर्बुद्धिनाशक, सहनशील १३-२० पृथुश्रवा, वश, रथ खींचना, कीर्ति मिलना, स्तुति, मिलना, अक्ष, नहुष आदि, अन्न भेजना, गो-प्राप्ति २१-२९ बैल का आना, पृथुश्रवा, गो व अश्व प्राप्ति, युवती को लाना ३०-३३ ४७. मित्र, वरुण, आदित्य एवं उषा की स्तुति १-१८ शोभन रक्षाएं, सुख व धन मांगना १-७ पाप रक्षार्थ प्रार्थना, माता अदिति, सेवनीय, शोभन मार्ग पर ले जाने, शोभनपुत्र देने, पापों से दूर रखने, कष्ट से बचाने हेतु प्रार्थना व बुरे स्थानों को दूर करने व बुरे सपनों से बचाने की देवों से प्रार्थना ८-१८ ४८. सोम की स्तुति १-१५ घूमना, धन वहन की प्रार्थना, अमर सोम, आयु बढ़ाने, व्यभिचार से बचाने व धनी बनाने की प्रार्थना, आयु बढ़ाने का आग्रह, शत्रु का जाना, सुख याचना, सखा सोम १-१० आयु बढ़ना, हृदय में प्रवेश, विस्तार करना, स्तुतियां बोलने व रक्षार्थ प्रार्थना ११-१५ ४९. अग्नि की स्तुति १-२० वरण, स्तुति, मननीय स्तोत्र, यजमान, रक्षक, पवित्र, पूजक रक्षार्थ प्रार्थना, शक्तिस्वामी, यजन १-१० ebook converter DEMO Watermarks*

प्रशंसनीय धन मांगना, कंपित करना, धन मांगना, जलाना, स्तुति, आह्वान, स्तुति, प्रजापालक, पीड़ा से बचाने की प्रार्थना ११-२० ५०. इंद्र की स्तुति एवं वर्णन १-१८ आह्वान, संस्कार, धनी, सत्यरक्षक, शूर, स्वर्णदेह, धन व पशु देने की प्रार्थना १-७ नगर भेदक, आनंद की प्राप्ति, धनस्वामी, मित्र बनाना, मिलाना, धनस्वामी, बुलाना, वृत्रहंता, रक्षार्थ प्रार्थना, मिलना ८-१८ ५१. इंद्र की स्तुति १-१२ बढ़ाना, अद्वितीय, स्तुत्य, कल्याणकारी, फलदाता, मित्र बनाना १-६ स्तुत, स्तुति, ज्ञान कराना, सुख, प्रशंसा, अवध्य ७-१२ ५२. इंद्र का वर्णन एवं स्तुति १-१२ आना, स्वर्ग निर्माता, स्तुति, सुखकर, शक्तियां १-६ स्तुति, जौ खाना, रक्षाभिलाषी, तेजस्वी, आना ७-१२ ५३. इंद्र की स्तुति १-१२ धन मांगना, प्रतिद्वंद्वी नहीं, अन्नराजा, आह्वान, भेदन, आह्वान, १-६ नित्य युवक, वृष्टिकारक, वृत्रहंता, सोमपान का आग्रह, आह्वान ७-१२ ५४. इंद्र की स्तुति १-१२ आह्वान, स्वर्गदाता, आह्वान, वहन हेतु प्रार्थना, बुलाना १-७ सोमरस निचोड़ना, यश याचना, गोदाता, विस्तृत, अन्न प्राप्ति ८-१२ ५५. इंद्र का वर्णन एवं स्तुति १-१५ आह्वान, धनदाता, वृत्रनाशक, कामनाएं पूरी करना, समर्पण, धन देना १-६ आह्वान, पुरुषार्थ, ताड़न, स्तुति, मार्गज्ञाता, पलायन ७-१५ ५६. आदित्य, वरुण, मित्र, अर्यमा व अदिति की स्तुति १-२१ रक्षा याचना, ज्ञाता, स्तुत्य धन, रक्षार्थ प्रार्थना आह्वान, पुण्य, प्रसिद्ध, रक्षा-इच्छुक, स्तुति, पुत्र को न मारने की प्रार्थना १-११ ebook converter DEMO Watermarks*

अदिति, रक्षक, फंसना, शोभनदाता १२-१६ छोड़ना, अतुलनीय वेग, रक्षण व पापियों के नाश की प्रार्थना १७-२१ ५७. इंद्र की स्तुति १-१९ बुलाना, व्याप्त करना, वज्र पकड़ना, बुलाना, आह्वान, शक्तिशाली, वज्रधारी, याचना, निर्माण, हर्षकारक १-११ धन याचना प्रार्थना, पास आना, अश्व प्राप्ति १२-१६ अश्व-ग्रहण, सुंदर लगाम वाले घोड़े व घोड़ियां, निंदा वचन न बोलना १७-१९ ५८. वरुण एवं इंद्र का वर्णन १-१८ सत्कार करना, आह्वान, मिलाना, गोपालक, हरे अश्व, दूध देना, सखा आदित्य, पूजा, शब्द करना, सोमरस ले जाने का आग्रह १-१० स्तुति, नदियों का गिरना, मुक्त, मेघभेदन, रथ पर बैठना ११-१५ रथ मिलना, धन प्राप्ति, प्रियमैध ऋषि १६-१८ ५९. इंद्र का वर्णन १-१५ स्तुति, स्वभाव, स्तुत्य, स्तुति, सीमा बनाना असंभव, सेना जीतना, यज्ञ में आना, पूज्य १-८ शूर, प्रसन्न होना, प्रेरित करना, शक्तिशाली, झुकाना, बछड़े देना, धनी ९-१५ ६०. अग्नि का वर्णन १-१५ रक्षार्थ प्रार्थना, तेजस्वी होना, धन याचना, हव्यदाता, प्रेरणा, धन प्राप्ति १-६ जातवेद, धनस्वामी, धन मांगना, प्रशंसित, दो रूप, स्तुति, धन व घर मांगना, स्तुति ७-१५ ६१. अग्नि का वर्णन १-१८ सेवा, पास बैठना, लेना, चढ़ना, कामना, रथ, जल का दोहन १-७ याचना, पूजा, मधु, सिक्त करना, सोने के कान ८-१२ दूध सींचने का आग्रह, मिलना, पोषण, दोहन, सोमरस लेना, दवा, हव्य १३-१८

६२. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१८ उन्नत बनने का आग्रह, आह्वान, अत्रि, पास जाना, घर बनाना, उष्णता से रक्षा की प्रार्थना, सप्तवध्रि, पुनः सुलाना, आह्वान १-१० अनुरोध, समान होना, घूमना, आह्वान, रक्षार्थ पास रहने की प्रार्थना, प्रकाश फैलाना, अंधकार का नाश, संदूक जलाना ११-१८ ६३. अग्नि का वर्णन, अग्नि एवं जल की स्तुति १-१५ गूढ़वचन, स्तुति, प्रशंसक, श्रुतर्वा व ऋक्षपुत्र, अमर, स्तुति, अर्पण, सुखकर स्तुति, अन्नयुक्त १-९ पालक, गोपवन ऋषि, स्तुति, शीश छूना, भुज्यु, श्रुतर्वा १०-१५ ६४. अग्नि की स्तुति १-१६ रथ जोड़ने का आग्रह, वरणीय धन, सत्ययुक्त, मेधावी, गतिशील, शोभन, पणि, परिचारिकाएं न छोड़ने का आग्रह, बाधा न पहुंचाने की प्रार्थना १-९ नमस्कार, धन देने, शत्रुधन जीतने, बल व वेग बढ़ाने की प्रार्थना १०-१३ अग्नि का जाना, सेना रक्षा हेतु प्रार्थना, पालक १४-१६ ६५. अग्नि की स्तुति १-१२ आह्वान, सिर काटना, जल बनाना, स्वर्ग जीतना, आह्वान १-५ आह्वान, वज्र को तेज करने व जबड़े कंपाने की प्रार्थना, विनाशक, स्तुति ६-१२ ६६. इंद्र का वर्णन एवं स्तुति १-११ पूछना, माता शवसी, ऊर्णनाभ, अहीशुव आदि, खींचना, संहार, मंत्रपान, मेघ को मारना, बादल छेदना, फलक १-७ विशाल पर्वत बनाना, जल देना, बाण ८-११ ६७. इंद्र का वर्णन एवं स्तुति १-१० गाएं, घोड़े, तेल व गहने मांगना, सहायक, शक्तिशाली, अजेय १-६ वृत्रहंता, शोभन-दान, समीप जाना, दरांत ७-१० ebook converter DEMO Watermarks*

६८. सोम की स्तुति १-९ पूज्य, लूले का चलना, रक्षक, अलग करने की प्रार्थना, कामनाएं पूरी होना १-५ प्रेरणा, सुखदाता, सोम, हिंसकों को मारने की प्रार्थना ६-९ ६९. इंद्र की स्तुति १-१० सुखदाता, सुख मांगना, धन याचना, शत्रुहंता, विजयार्थ प्रार्थना १-६ धन याचना, रक्षक, एकद्यु ऋषि ७-१० ७०. इंद्र की स्तुति १-९ स्तुत्य, जानना, शूर, दीप्तिशाली, कृपार्थ, धन मांगना, शत्रुधर्षक, धन याचना १-७ धन व अन्न याचना ८-९ ७१. इंद्र की स्तुति १-९ आह्वान, प्रसन्न होने की प्रार्थना, बुलाना १-४ सोमरस निचोड़ना, सोमपान हेतु प्रार्थना, चमू पात्र में सोमरस, स्वामी ५-९ ७२. विभिन्न देवों की स्तुति १-९ रक्षार्थ प्रार्थना, धनवर्धक, यज्ञनेता १-३ धन मांगना, ज्ञानी, आह्वान, शोभनदाता ४-९ ७३. अग्नि की स्तुति १-९ स्तुति, रक्षार्थ प्रार्थना, वरेण्य व शत्रुओं के अपमानकर्त्ता १-४ बलपुत्र, घर-अन्न मांगना, गोलाभ, पूजन, बढ़ना ५-९ ७४. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-९ आह्वान, पुकार सुनने की प्रार्थना, कृष्ण ऋषि, आह्वान १-४ घर, आह्वान, कामपूरक, आने की प्रार्थना ५-९ ७५. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-५ विश्वक, ऋषि, विमना, विष्णायु, अश्वक ऋषि, ऋजीश, शत्रुजेता १-५ ebook converter DEMO Watermarks*

७६. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-६ आह्वान, सोमपान हेतु आह्वान, अन्न हेतु बुलाना १-६ ७७. इंद्र का वर्णन व स्तुति १-६ बुलाना, गाएं व अन्न मांगना, रोकने में असमर्थ, शत्रुसंहार १-४ द्युलोक से भी महान्, धनस्वामी ५-६ ७८. मरुतों एवं इंद्र की स्तुति १-७ सूर्य बनाना, मित्रता, वृत्रनाश, महान् अन्न, धरती दृढ़ करना, हराना, दुधारू बनाना, सूर्य १-७ ७९. इंद्र की स्तुति १-६ बुलाने योग्य, धनदाता, स्तुति, संहारक, शक्तिस्वामी, धन मांगना १-६ ८०. इंद्र की स्तुति १-७ अपाला, सोमपान हेतु जाना, कामना, धनयाचना, खेत उपजाऊ बनाने व बाल उगाने की प्रार्थना, प्रभावान करना १-७ ८१. इंद्र की स्तुति १-३३ धनदाता, आहूत, अन्नदाता, सुदक्ष ऋषि, बढ़ाना, हराना, व्याप्त, आह्वान, शत्रुनाशक, शत्रुओं का धन देने व पास आने की प्रार्थना १-१० वज्रधारी, प्रसन्न करना, इच्छाएं रखना, बलपुत्र, भयानक प्रसन्न बनाने की प्रार्थना, बलदाता, दर्शनीय, स्तुति, बुलाना, विस्तार, इंद्र से बढ़कर न होना, प्रवेश ११-२३ पर्याप्त होना, श्रुतकक्ष, दानशील, धन मांगना, शूर, धनधारक, अन्नस्वामी, अधिकारी न बनने की प्रार्थना, सबके इंद्र, स्तुतियों द्वारा सेवा २४-३३ ८२. इंद्र का वर्णन व स्तुति १-३४ हितैषी, मेघ हनन, धन मांगना, सज्जनपालक, सामने जाना, आह्वान, तेजस्वी, दीप्तिशाली, स्तुत, विरोध न होना, पूजा १-१२ दूध धारण, बली, भागना, अजातशत्रु, शक्तिशाली, कामनापूरक, सोमपान, रमण, धन मांगना, पास जाना, विसर्जन, हरि नामक घोड़े १३-२४ ebook converter DEMO Watermarks*

कुशा बिछाना, बल, रत्न, सुख, अन्न व मंगल, याचना, आह्वान, शतक्रतु, वृत्रहंता, ऋषि ऋभुक्षा व ऋभु २५-३४ ८३. मरुद्गण का वर्णन १-१२ सोमपान, व्रत धारण, स्तुति, सोमपान, प्रशंसा १-६ बुद्धिमान्, दीप्तिशाली, विस्तृत करना, बुलाना, स्तब्ध करना, बुलाना ७-१२ ८४. इंद्र की स्तुति १-९ स्तुतिपात्र, चरु-पुरोडाश, आने व सोमपान हेतु प्रार्थना, तिरश्ची ऋषि १-४ स्तुतिवचन का निर्माण, सेवा, दशापवित्र, आह्वान, शत्रुघातक ५-९ ८५. इंद्र का वर्णन १-२१ गति बढ़ाना, पर्वत तोड़ना, निकट पहुंचना, मानना, स्तुति, जीवोत्पत्ति, शत्रुजेता, बढ़ाना, तेज आयुध १-८ असुरों को भगाने व धन हेतु प्रार्थना, सेना का संहार, बुलाना, सहायता, आनंद देना, जल जीतना, शत्रुनाशक, रक्षक, बुलाने योग्य बनना ९-२१ ८६. इंद्र की स्तुति १-१५ धन छीनना, पणि, भेजने की प्रार्थना, वृत्रहंता, आह्वान, शक्तिस्वामी, रक्षा करने व साथ बैठने की प्रार्थना १-८ सर्वजेता, शक्तिशाली बनाना, स्तुति, बलशाली, वज्रधारी ९-१५ ८७. इंद्र की स्तुति १-१२ मेधावी, तेजस्वी बनाना, मित्रता हेतु यत्न, स्वर्गस्वामी, शत्रुनगरियों के नाशक, स्तोत्र भेजना, बढ़ाना १-८ जोड़ना, बल व धन याचना ९-१२ ८८. इंद्र की स्तुति १-८ सोमपान, निचोड़ना, धन उत्पत्ति, पापहीन धन देना, हराना १-५ सेना का नाश, शत्रुजेता, बुलाना ६-८ ebook converter DEMO Watermarks*

८९. इंद्र की स्तुति १-१२ शत्रुजेता, भाग रखना, नेम ऋषि, बढ़ाना, रोना, प्रकट करना, शरभ, वज्र मारना, सोम लाना, वज्र प्राप्ति १-९ जल दुहना, वाणी की उत्पत्ति, पराक्रम दिखाने की प्रार्थना १०-१२ ९०. मित्र, वरुण, अश्विनीकुमारों एवं सूर्या की स्तुति १-१६ हवि बनाना, कर्म करना, देवदूत, नशीला सोम, रक्षा याचना, प्रशंसा करने का आग्रह, स्थान देखना, आह्वान १-८ निश्चित करना, हव्य ले जाना, प्रशंसा उपदेशक, उषा का दिखाई देना, स्थित होना, गोवध न करने का आग्रह, दीप्तिशाली ९-१६ ९१. अग्नि का वर्णन व स्तुति १-२२ अन्न देना, दीप्तिशाली, अतिशय युवा, बुलाना, आह्वान, सागरवासी, निकट आने व कर्त्तव्यों को बढ़ाने का आग्रह, आह्वान, यशस्वी, प्रज्वलित होना, स्तोता १-१२ सेवा करना, अग्नि में जल का होना, रक्षायुक्त होना, आह्वान, अग्नि की उत्पत्ति, देवों का चारों ओर बैठना, धारण करना १३-१९ लकड़ियां धारण, काठ, बढ़ाना २०-२२ ९२. अग्नि व मरुद्गण की स्तुति १-१४ स्तुतियों का जाना, स्वर्ग में रहना, कांपना, वीरपुत्र मिलना, शत्रु का अन्न नष्ट करना, पात्र मिलना, दर्शनीय, दाताश्रेष्ठ, यशदाता १-९ अतिप्रिय, धन न लाना, स्तुत, स्तुति, सोमपान हेतु प्रार्थना १०-१४ नवम मंडल सूक्त विषय मंत्र सं. १. सोम की स्तुति १-१० सोम निचोड़ना, बैठना, अतिशय दाता, बल व अन्न मांगना, सेवा करना, दशापवित्र दस उंगलियां, तीन जगह, रहना, शुद्धि, धन प्राप्ति १-१० ebook converter DEMO Watermarks*

२. सोम की स्तुति १-१० प्रवेशार्थ प्रार्थना, सर्वधारक, जल ढकना, जल का आना, शुद्ध होना, रोना व सुशोभित होना, याचना, मादक के गिरने की प्रार्थना, संतान व अन्न आदि के दाता १-१० ३. सोम का वर्णन १-१० कलश की ओर जाना, अजेय, सजाना, इच्छा, अभिलाषापूरक, जल में प्रवेश १-६ स्वर्ग जाना, पवमान, दशापवित्र, गिरना ७-१० ४. सोम की स्तुति १-१० सेवा का आग्रह, सौभाग्य याचना, कल्याण व मंगल की प्रार्थना, सूर्य देखने की कामना १-६ धन मांगना, बढ़ाना, सर्वत्र जाना ७-१० ५. सोम का वर्णन १-११ विराजमान होना, बढ़ना, सुशोभित होना, बल से जाना, चढ़ना, अभिलाषा, बुलाना १-७ आह्वान, त्वष्टा, संस्कार करने व देवों से सोम की ओर जाने की प्रार्थना ८-११ ६. सोम की स्तुति का वर्णन १-९ अभिलाषापूरक, घोड़े, अन्न व बल मांगना, अनुगमन, सेवा करना, मिलाने का आग्रह १-६ तृप्ति, यज्ञ की आत्मा, शब्द भरना ७-९ ७. सोम का वर्णन १-९ यज्ञमार्ग, नहाना, शब्द करना १-३ स्तुतियां जानना, प्रेरणा, स्तुतियां सुनना, देवों की प्राप्ति, मिलना, अन्न व धन याचना ४-९ ८. सोम का वर्णन १-९ बल बढ़ाना, स्थित होना, अभिलषित बनना, सेवा १-४

मिलाना, ढकना, शत्रुओं का नाश करने, शक्ति देने, संतान व अन्न हेतु प्रार्थना ५-९ ९. सोम की स्तुति १-९ मेधावी, आह्वान, प्रकाशन, प्रसन्न करना १-४ उंगलियां धारण करना, नदियां देखना, राक्षसों को मारने, प्रकाश फैलाने, बुद्धि देने व मनोरथ पूरा करने की प्रार्थना ५-९ १०. सोम का वर्णन १-९ आना, सोम उठाना, संस्कृत होना, धारा में चलना, शब्द करना, द्वार खोलना, बैठना, दुहना, दीप्तिशाली १-९ ११. सोम की स्तुति १-९ जाने के इच्छुक, दूध मिलाना, सुख मांगना, बलशाली, पावन बनाने का आग्रह १-५ प्रस्तुत करने का आग्रह, संतुष्टिकारक, पात्रों में भरना, बल व धन मांगना ६-९ १२. सोम का वर्णन १-९ निर्माण, आह्वान, वाणी, पूजित होना, प्रवेश १-५ शब्द करना, यज्ञ-वास, स्थान प्राप्ति, घर मांगना ६-९ १३. सोम की स्तुति १-९ जाना, शोधक, टपकना, धारा गिराने, धन व शक्ति देने की प्रार्थना १-५ दशापवित्र, धारण करना, शत्रु-वध करने व बैठने की प्रार्थना ६-९ १४. सोम का वर्णन १-८ बहना, अलंकृत करना, मुदित, टपकना, मसलना १-५ तिरछा चलना, पीठ पर चढ़ना, आह्वान ६-८ १५. सोम का वर्णन १-८ स्वर्ग जाना, इच्छा, सोम को देना, कंपाना, जाना १-५ लांघना, निचोड़ना, मसलना ६-८ ebook converter DEMO Watermarks*

१६. सोम की स्तुति व वर्णन १-८ चलना, मिलाना, अजेय, पहुंचना १-४ जाना, रहना, दशापवित्र ५-८ १७. सोम का वर्णन व स्तुति १-८ जाना, गिरना, दशापवित्र, बढ़ना १-४ प्रकाशन, स्तुति, शुद्ध करना, पेय बनने की प्रार्थना ५-८ १८. सोम की स्तुति १-७ सर्वोत्तम, मेधावी, प्राप्त करना, धन देना १-४ दुहना, ढकना, शब्द करना ५-७ १९. सोम का वर्णन १-७ धन, गोपालक, बैठना, सारवान् होने की कामना, रस दुहना १-५ वस्तुएं लाने व तेजनाशार्थ प्रार्थना ६-७ २०. सोम की स्तुति १-७ हराना, अन्न देना, धन व रस मांगना, अनोखा, रगड़ना, दानदाता ५-७ २१. सोम की स्तुति १-७ जाना, अन्न देना, टपकना, ले जाना धन मांगना, प्रेरणा १-७ २२. सोम का वर्णन १-७ नीचे जाना, निकलना, व्याप्त करना, न थकना १-४ सोम प्राप्ति, शब्द करना ५-७ २३. सोम का वर्णन एवं स्तुति १-७ स्तुतियां, जाना, धन, घर व अन्न मांगना, क्षीण होना, बचाना, अभिलाषी, शत्रु- वध १-७ २४. सोम का वर्णन एवं स्तुति १-७ ebook converter DEMO Watermarks*

मसलना, व्याप्त करना, पास पहुंचना, शत्रुजेता, पर्याप्त होना, शत्रु-वध, तृप्तिकारक १-७ २५. सोम का वर्णन १-६ साधक, पकड़ा जाना, सर्वप्रिय जाना, क्रांतप्रज्ञा १-६ २६. सोम का वर्णन १-६ मसलना, स्तुति, स्वर्ग भेजना, बढ़ाना, प्रेरणा, बढ़ना १-६ २७. सोम का वर्णन १-६ मेधावी, शक्तिदाता, सर्वज्ञ, शब्द करना, छोड़ना, इंद्र मिलना १-६ २८. सोम का वर्णन १-६ चलना-गिरना, शोभा पाना, कामपूरक, सर्वद्रष्टा, पापनाशक १-६ २९. सोम की स्तुति १-६ बहना, शुद्ध करना, स्तुत्य, शत्रु भगाने व रक्षार्थ आग्रह, बल लाने की प्रार्थना १-६ ३०. सोम का वर्णन १-६ ध्वनि करना, दीप्तिशाली, विरोधियों के बलक्षरण हेतु प्रार्थना, टपकना, कूटना, नशीला सोम १-६ ३१. सोम की स्तुति १-६ जाना, बढ़ाने की प्रार्थना, वायु से तृप्त होना, अन्नदाता बनने की प्रार्थना, दूध-दही देना, कामना १-६ ३२. सोम का वर्णन एवं स्तुति १-६ जाना, कुचलना, प्रवेश, बैठने हेतु जाना, प्रशंसा, अन्न-धन व बुद्धि देने की प्रार्थना १-६ ३३. सोम का वर्णन एवं स्तुति १-६ नीचे जाना, अमृतधारा, पास जाना, स्तुतियां, कामना पूर्ति हेतु प्रार्थना १-६ ३४. सोम का वर्णन १-६ ebook converter DEMO Watermarks*

शिथिल बनाना, पास जाना, दुहना, शुद्ध होना, दुहना, मिलना १-६ ३५. सोम की स्तुति एवं वर्णन १-६ धन मांगना, कंपाना, धन, अन्न व स्थान देना, पालक १-६ ३६. सोम की स्तुति एवं वर्णन १-६ गति करना, देवाभिलाषी, प्रेरणार्थ प्रार्थना, छनना, धन, पशु आदि मांगना १-६ ३७. सोम का वर्णन १-६ प्रवेश, सर्वद्रष्टा, प्रकाशन, अजेय, महान् १-६ ३८. सोम का वर्णन १-६ जाना, कुचलना, शुद्ध करना, बैठना, प्रवेश, जाना १-६ ३९. सोम की स्तुति एवं वर्णन १-६ बुद्धिमान्, बरसने की प्रार्थना, दीप्त बनाना, टपकना १-६ ४०. सोम की स्तुति १-६ अलंकृत करना, बैठना, धन लाने की प्रार्थना, दीप्तिशाली, धन, अन्न व पुत्र मांगना १-६ ४१. सोम का वर्णन एवं स्तुति १-६ दीप्तिशाली, प्रशंसा करना, शब्द सुनाई देना, पशु, बल, धन लाने, द्यावा-पृथिवी को पूर्ण करने व धारा पूर्ण करने की प्रार्थना १-६ ४२. सोम का वर्णन व स्तुति १-६ ढकना, गिरना, निचोड़ना, सींचना, जाना, धन व अन्न मांगना १-६ ४३. सोम का वर्णन व स्तुति १-६ मिलाना, दीप्तिशाली बनाना, जाना, धन मांगना, शब्द करना, पुत्र याचना १-६ ४४. सोम का वर्णन व स्तुति १-६ आना, विस्तार, जाना, सेवा करना, प्रेरणा, अन्न व बल जीतने की प्रार्थना १-६ ebook converter DEMO Watermarks*

४५. सोम का वर्णन व स्तुति १-६ द्रष्टा, पेय होना, शुद्ध करना, पास जाना, वर्णन १-६ ४६. सोम का वर्णन १-६ तैयार करना, वायु प्राप्ति, प्रसन्न करना, हाथ, मार्ग प्रदाता, पवित्र करना १-६ ४७. सोम का वर्णन १-५ शब्द करना, ऋण चुकाना, धनदाता, कामना, शत्रुधन देना १-५ ४८. सोम की स्तुति व वर्णन १-५ धन याचना, प्रशंसनीय, स्वर्ग से लाना, यज्ञरक्षक, महत्त्व पाना १-५ ४९. सोम की स्तुति १-५ अन्न देने, टपकने, बरसने व देव द्वारा शब्द सुनने की प्रार्थना, टपकना १-५ ५०. सोम की स्तुति १-५ वेग से चलना, निकलना, रखना, नशीले, मादक १-५ ५१. सोम का वर्णन १-५ दशापवित्र, अमृतवत्, ग्रहण करना, पास जाना, बुद्धिमान् १-५ ५२. सोम की स्तुति १-५ दीप्तिशाली, दशापवित्र, बहने वाले, आहूत, धनदाता १-५ ५३. सोम की स्तुति १-४ वेग का उठना, स्तुति, कर्म न सहा जाना, मादक सोम १-४ ५४. सोम का वर्णन १-४ दुहना, संसार देखना, लोकों के ऊपर रहना, इंद्राभिलाषी १-४ ५५. सोम की स्तुति १-४ संपत्तियां देने, कुशों पर बैठने व टपकने की प्रार्थना, शत्रुहंता १-४ ५६. सोम का वर्णन व स्तुति १-४ ebook converter DEMO Watermarks*

अन्न देना, सौ धाराएं, मसलना, पाप से बचाने की प्रार्थना १-४ ५७. सोम की स्तुति १-४ अन्न देना, आना, बैठना, संपत्तियों को लाने की प्रार्थना १-४ ५८. सोम की प्रार्थना १-४ पापत्राता, गति करना, धन व वस्त्र लेना, चलना १-४ ५९. सोम की स्तुति १-४ धनजेता, बहने व कुशों पर बैठने की प्रार्थना, शत्रुजेता १-४ ६०. सोम की स्तुति १-४ स्तुति का आग्रह, शुद्ध करना, जाना, अन्न मांगना १-४ ६१. सोम की स्तुति १-३० गिरने की प्रार्थना, शंबर, यदु, तुर्वश, अन्न मांगना, मित्रता करने, सुखी बनाने व धन लाने की प्रार्थना, मिलना, टपकने की प्रार्थना १-९ द्युलोक में अन्न व धन प्राप्ति, गिरने की प्रार्थना, पास जाना, बढ़ाने की प्रार्थना, सुख देने की प्रार्थना, वैश्वानर का जन्म, जाना, दर्शनीय, राक्षसहंता १०-१९ संग्राम में भाग लेना, मिश्रित, रक्षा करना, अमहीयु, धारा में गिरना, संतानयुक्त यश मांगना, धनदाता, टपकने की प्रार्थना २०-२८ वध करने की कामना, निंदा से बचाने की प्रार्थना २९-३० ६२. सोम की स्तुति एवं वर्णन १-३० ले जाना, पापनाशक, सुखदाता, बैठना, अन्न स्वादिष्ट बनाना, सजाना, धाराएं बनाना, टपकने व दूध, घी बरसाने की प्रार्थना, विशेषद्रष्टा, धन देना १-११ धन मांगना, बहना, टपकना, यज्ञ में जाना, बैठने जाना, रथ जोतना, शक्तिशाली, निडर बैठना, दुहना, देवप्रिय, धारा बनाना १२-२२ मिलना, अन्न देने, फल देने व बरसने की प्रार्थना, आज्ञा पालन, जाना, शुद्ध करने का आग्रह, बैठना २३-३० ६३. सोम की स्तुति एवं वर्णन १-३० ebook converter DEMO Watermarks*

धन मांगना, मादक, गिरना, धावा बोलना, प्रेरक, स्थान प्राप्ति, हितकारी जल, घोड़े जोड़ना, एतश, सींचने की प्रार्थना, शत्रु, अक्षय धन, अन्न, बल मांगना १-१२ तेजस्वी, गिरना, टपकना, मादक, मसलना, धन मांगना, सींचने का आग्रह, मसलना, प्रेरणा, दीप्तिशाली, प्रशंसनीय धन, शत्रुनाशक, राक्षसों के नाश की प्रार्थना, सोम बनाना, निर्माण, शत्रुओं, राक्षसों का वध करने, श्रेष्ठ बल व धन याचना १३-३० ६४. सोम की स्तुति १-३० कर्म धारण, अभिलाषापूरक, हिनहिनाना, पशु व संतान मांगना, निर्माण, छनना, धन मांगना, धाराओं का बनना, धन याचना, शब्द करना, बढ़ाना, बैठना १-११ देवाभिलाषी, गायों के समीप आने, अन्न, धन देने व इंद्र के स्थान पर जाने की प्रार्थना १२-१५ बनना, जाना, घर-रक्षार्थ प्रार्थना, जलवास, यज्ञ छोड़ना, नरक में डूबना, टपकने की प्रार्थना, मसलना, अर्यमा आदि, सोमपान, पवित्र सोम १६-२५ वाणी देने व द्रोणकलश में जाने की प्रार्थना, मिलना, चलना २६-३० ६५. सोम की स्तुति १-३० दीप्तिशाली, धन देने व वर्षा भेजने की प्रार्थना, बुलाना, शोभन-आयुध, भरना, व्यश्व ऋषि, अवरोधक, वरण, धन देना, धारक, सर्वद्रष्टा, ओजस्वी १-१४ दुहना, प्रशंसित, धन-बल मांगना, जाना, बहना, धन व पुत्र मांगना, शुद्ध होना, मसलना १५-३० ६६. सोम एवं अग्नि की स्तुति १-३० प्रार्थना, राजा बनना, सुशोभित होना, आह्वान, विस्तार, शासन मानना, धन देना, प्रशंसा, निचोड़ना, दौड़ना, मसलने की इच्छा, जाना, आना, मित्रता चाहना १-१४ प्रवेश हेतु प्रार्थना, शत्रुधन जीतना, दानी, वरण करना, जीवनरक्षक, याचना, गाएं मांगना, सूर्य के समान देखना, समीप जाना, तेज की उत्पत्ति, गिरना, व्याप्त करना, टपकना, सुख मांगना १५-३० ६७. सोम की स्तुति एवं वर्णन १-३२ धाराएं चाहना, यज्ञधारक, शब्द करना, आह्वान, धन मिलना, धन मांगना, इंद्र प्राप्ति, पवित्र होना, प्रेरणा, यात्रा में रक्षा करने व नारियां देने की प्रार्थना, रत्नदाता, ebook converter DEMO Watermarks*

द्रोणकलश, जाना १-१५ मादक सोम, अन्न मिलना, वायु बनाना, प्रयाण, द्रोणकलश में आने, भय भगाने, पापहीन करने, पवित्र करने व पापों से छुड़ाने की प्रार्थना १६-२७ द्रव डालने की प्रार्थना, निकट जाना, शत्रुनाशार्थ प्रार्थना, अन्न भक्षण, दूध व सोम को दुहना २८-३२ ६८. सोम का वर्णन १-१० टपकाना, धन देना, बल प्राप्ति, रक्षा करना, जलगर्भ, मसलना, अन्न देना १-७ प्रेरणा, शोभित होना, द्यावा-पृथिवी को पुकारना ८-१० ६९. सोम का वर्णन १-१० अर्पण, मुख में पहुंचना, चमकना, स्वयं को ढकना, तेज स्थापित, छनना १-६ पहुंचना, अंगिरा ऋषि, प्रेरणा, सुखदाता ७-१० ७०. सोम का वर्णन १-१० बढ़ना, ढकना, स्तुतियां मिलना, वाक् में रहना, बाधा पहुंचाना, सर्वत्र जाना १-६ शुद्ध करना, ऊंची जगह जाना, मार्ग बताना, शत्रु संहारार्थ प्रार्थना ७-१० ७१. सोम का वर्णन १-९ सूर्य स्थिर करना, शत्रुनाशक, शुद्ध होना, सींचना, पास जाना, स्वर्णिम जगह जाना १-६ सुशोभित होना, गाएं मांगना, ज्ञान कराना ७-९ ७२. सोम का वर्णन व इंद्र की स्तुति १-९ प्रसन्न करना, दुहना, उपेक्षा, लक्ष्य करना, गिरना, आना १-५ उत्तरवेदी, सुख हेतु जाना, धनदाता, आह्वान ६-९ ७३. सोम का वर्णन १-९ मिलना, बढ़ाना, बैठना, वृष्टियुक्त करना, भगाना, उत्पत्ति १-६ स्तुति, पीड़ा देना, जलवास ७-९ ebook converter DEMO Watermarks*

७४. सोम का वर्णन एवं स्तुति १-९ रोना, धारक, मार्ग विस्तृत होना, अमृत उत्पत्ति, शब्द करना १-५ अमृत भरना, उज्ज्वल करना, लांघना, पुत्र प्राप्ति, दौड़ना ६-९ ७५. सोम का वर्णन १-५ टपकना, अजेय, सुशोभित होना, गिरना, प्रेरणा हेतु प्रार्थना १-५ ७६. सोम का वर्णन एवं स्तुति १-५ टपकना, आयुध, अन्नदाता, सोम का कर्म, प्रवेश १-५ ७७. सोम का वर्णन १-५ जाना, मिलना, दर्शनीय, गर्भधारण करना, इधर-उधर जाना १-५ ७८. सोम का वर्णन एवं स्तुति १-५ जाना, स्थित होना, बढ़ाना, पवित्र करना, शुद्ध होना, १-५ ७९. सोम का वर्णन एवं स्तुति १-५ हरितवर्ण, मद टपकाने वाले, शत्रुनाशक, रस निकालना, सोम १-५ ८०. सोम की स्तुति एवं वर्णन १-५ चमकना, प्रशंसा, बढ़ाना, दुहना, जाना १-५ ८१. सोम का वर्णन १-५ उन्मत्त होना, व्याप्त करना, धनी सोम, आह्वान १-५ ८२. सोम का वर्णन एवं स्तुति १-५ दर्शनीय, पूजनीय, मेघपुत्र, सुखदाता, जल का सोम से मिलना १-५ ८३. सोम का वर्णन व स्तुति १-५ विस्तृत, सोमकिरणों का स्थिर होना, पुष्ट करना, जकड़ना, अन्न जीतना १-५ ८४. सोम का वर्णन १-५ विशेषद्रष्टा, व्याप्त होना, प्रसन्न करना, जाना १-५ ebook converter DEMO Watermarks*

८५. सोम का वर्णन व स्तुति १-१२ रोगनाशार्थ प्रार्थना, दक्ष, स्तुति, रस टपकाना, सेवा योग्य, स्वादिष्ट, मसलना १-७ धन जीतने की प्रार्थना, स्थित होना, निचोड़ना, प्रशंसा, रूप देखना ८-१२ ८६. सोम की स्तुति एवं वर्णन १-४८ व्यापक, पास जाना, शुद्ध होना, सेवित, गिरना, निचुड़ना हरा सोम, देवस्थान जाना, धारक, शब्द करना, इंद्र वर्धक वर्षाकारक १-११ युद्ध, दशापवित्र, बहना, युद्ध में जाना, कष्ट न देना, आनाजाना, संतानदाता, अभिलाषापूरक, जल उत्पत्ति, लोककर्त्ता, आरोहण १२-२२ प्रवेश, स्तुति, प्रेरणा, सुगम बनाना, दशापवित्र पर जाना, मसलना, तेजधारी, साधन, अर्पण, रोना, विस्तार, जाना, यज्ञमार्ग, युद्धों में जाना, विशेषद्रष्टा, जनक, जल उद्धारक लोकों में जाने वाले, ज्ञाता, गतिकर्त्ता २३-३९ स्तुतियां, प्रेरणा, मध्य भाग, जाना, बढ़ना, स्तुति, शब्द करना, कामना, मिलाना, प्रशंसनीय ४०-४८ ८७. सोम व इंद्र की स्तुति व सोम का वर्णन १-९ साफ करना, राक्षसनाशक, दूध प्राप्ति, स्थित रहना, शुद्धि, अन्न-धन याचना, दौड़ना, गाएं प्राप्त, सोम का अन्न १-९ ८८. सोम की स्तुति १-८ आह्वान, जीतना, मनोवेगवान्, कर्मकर्त्ता, प्रेरणा १-५ जाना, यज्ञपात्र, पूज्य ६-८ ८९. सोम का वर्णन व स्तुति १-७ बहना, दुहना, पालक, बली बनाना, सेवा करना, धारक, शत्रुनाशक १-७ ९०. सोम का वर्णन व स्तुति १-६ अन्न, धन-रत्न देना, शत्रुजेता, शब्द करना, पापनाशक १-६ ९१. सोम का वर्णन व स्तुति १-६ निर्माण, जाना, कामपूरक, नगरियां नष्ट करने, मार्ग बनाने की प्रार्थना, पुत्र ebook converter DEMO Watermarks*